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हर बार केवल युवाओं को ही परीक्षा क्यों देनी पड़े और सरकारों की परीक्षा क्यों न हो, इसे लेकर तीखे सवाल उठाए गए हैं। नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए यह प्रश्न खड़ा किया गया है कि आखिर क्यों हर बार परीक्षा का सारा सामना युवाओं को ही करना पड़ता है, जबकि सरकारों की कोई परीक्षा नहीं होती।
खबर आज
हर बार केवल युवाओं को ही परीक्षा क्यों देनी पड़े और सरकारों की परीक्षा क्यों न हो, इसे लेकर तीखे सवाल उठाए गए हैं। नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए यह प्रश्न खड़ा किया गया है कि आखिर क्यों हर बार परीक्षा का सारा सामना युवाओं को ही करना पड़ता है, जबकि सरकारों की कोई परीक्षा नहीं होती।
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- हर बार केवल युवाओं को ही परीक्षा क्यों देनी पड़े और सरकारों की परीक्षा क्यों न हो, इसे लेकर तीखे सवाल उठाए गए हैं। नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए यह प्रश्न खड़ा किया गया है कि आखिर क्यों हर बार परीक्षा का सारा सामना युवाओं को ही करना पड़ता है, जबकि सरकारों की कोई परीक्षा नहीं होती।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री रहे धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए चित्रा सरवारा ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और छात्रों-युवाओं के शांतिपूर्ण संघर्ष की जीत करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम यह साबित करता है कि संविधान के दायरे में रहकर जनता जब अपने अधिकारों के लिए संगठित होती है, तो सत्ता को भी जनभावनाओं का सम्मान करना पड़ता है। चित्रा सरवारा ने इस पूरे लोकतांत्रिक संघर्ष के लिए सभी छात्रों, युवाओं और नागरिकों को बधाई भी दी है।1
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों के लंबे समय से चले आ रहे प्रदर्शन के बाद आखिरकार अपना इस्तीफा दे दिया है।1
- हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार पंचकूला में NEET और CBSE के छात्रों के समर्थन में कैंडल मार्च, प्रदर्शन एवं सत्याग्रह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचकूला विधायक चौ चंद्रमोहन और कालका से पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी ने की। प्रदर्शन में जिले के कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। यह प्रदर्शन जंतर-मंतर पर छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में आयोजित किया गया। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि छात्रों की न्यायोचित मांगों के समर्थन में पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराती रहेगी।2
- सस्ते 3-पीस सूट की सबसे बड़ी मार्केट से जुड़ी जानकारी सामने आई है। इस वीडियो को देखने के बाद दर्शकों को अपना कोई भी निर्णय बेहद सावधानीपूर्वक और खुद सोच-समझकर लेने की सलाह दी गई है। इस जानकारी के आधार पर होने वाले किसी भी परिणाम, लाभ या नुकसान के लिए टीम की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। दर्शक इसके परिणाम या किसी भी तरह के नफा-नुकसान के लिए खुद पूरी तरह से जवाबदेह होंगे।1
- हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा लागू किए गए 'न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम' (क्लस्टर सिस्टम) और अपनी 25 सूत्रीय लंबित मांगों के विरोध में प्राथमिक शिक्षकों का आंदोलन बेहद उग्र हो गया है। अपनी मांगों को लेकर 11 जुलाई को कांगड़ा के माता बगलामुखी मंदिर से शुरू हुई प्राथमिक शिक्षक संघ की पदयात्रा विभिन्न जिलों से गुजरते हुए शिमला पहुंच चुकी है। मामले को शांत करने के लिए सरकार ने शिक्षक संघ को शाम पांच बजे मुख्यमंत्री के साथ वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। इसके बावजूद शिक्षकों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक विवादित अधिसूचना को रद्द करने का ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक 26 जुलाई को शिमला के चौड़ा मैदान में प्रस्तावित उनका विशाल धरना-प्रदर्शन तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा। शिक्षकों ने इसे अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक आंदोलन करार दिया है। हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने प्रेसवार्ता कर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में प्राथमिक शिक्षा का मौजूदा मजबूत ढांचा वर्ष 1984 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह की सरकार के दौरान तैयार किया गया था, लेकिन आज उसी पार्टी की सरकार इस ऐतिहासिक ढांचे को मिटाने पर तुली हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि 15 से 20 प्राथमिक स्कूलों को सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल के अधीन करना गुणात्मक सुधार के नाम पर छलावा है, जिसका असल मकसद जेबीटी के 5,000 रिक्त पदों को न भरना है। प्रदेश के करीब 3,000 प्राथमिक विद्यालयों में केवल एक ही शिक्षक तैनात है और 200 स्कूल शिक्षकों की कमी से तालाबंदी झेल रहे हैं। इसके अलावा 50 प्रतिशत से अधिक शिक्षकों को चुनाव व जनगणना जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगा दिया जाता है। इन तमाम विषम परिस्थितियों के बावजूद प्राथमिक शिक्षकों की मेहनत के बल पर हिमाचल प्रदेश ने 'असर' (ASER) रिपोर्ट 2023 में केरल को पछाड़कर देश में पहला स्थान पाया और नेशनल अचीवमेंट सर्वे (NAS) 2024 में तीसरी कक्षा के वर्ग में राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया। संघ अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार इन उपलब्धियों की सराहना करने के बजाय पिछले दो सालों से अंडर-12 खेल गतिविधियों को बंद रखकर बच्चों का विकास रोक रही है। सरकार ने 26 अप्रैल 2025 के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद संघ के आठ पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया और कई पर एफआईआर दर्ज करवा दी। रमेश शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम रद्द नहीं हुआ और जेबीटी से टीजीटी प्रमोशन पर लगी तीन साल की रोक, दो साल बाद हायर ग्रेड पे की बहाली तथा छठे वेतन आयोग व महंगाई भत्ते के बकाए का भुगतान नहीं किया गया, तो संघ वर्ष 2027 तक अनिश्चितकालीन आंदोलन चलाएगा। इस आंदोलन को प्रदेश के 60 हजार बेरोजगार जेबीटी युवाओं और एनटीटी अभ्यर्थियों का भी समर्थन प्राप्त है।1
- हरियाणा के अंबाला में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के सदस्यों के बीच परिवहन मंत्री अनिल विज स्वयं पहुंचे। उन्होंने मौके पर जाकर प्रदर्शनकारी कर्मचारियों से उनका ज्ञापन लिया। इस दौरान विज ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि 15 दिन के भीतर एक बैठक बुलाकर उनकी मांगों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। परिवहन मंत्री से मिले इस आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।1
- अंबाला में एक होटल के बाहर पति-पत्नी के बीच हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। इस दौरान बीच सड़क और होटल के बाहर हुए हंगामे के दौरान पत्नी ने अपने पति को थप्पड़ जड़ दिए।1