मड़ोरा में निर्माणाधीन पंचायत उत्सव भवन का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, गुणवत्ता एवं समयबद्ध निर्माण के दिए निर्देश* जालौन। मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में उरई विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत मडोरा में निर्माणाधीन पंचायत उत्सव भवन का जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता एवं निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण कराने के संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि पंचायत उत्सव भवन ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को विवाह, मुंडन एवं अन्य सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन हेतु सुलभ एवं किफायती स्थान उपलब्ध कराने की परिकल्पना के तहत बनाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन भवन के विभिन्न भागों का अवलोकन करते हुए कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पंचायत उत्सव भवन ग्रामीण क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण जनोपयोगी परियोजना है, जिससे स्थानीय लोगों को सामाजिक आयोजनों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से निर्माण की प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिए कि कार्य को निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराया जाए, ताकि ग्रामीण जनता को शीघ्र इसका लाभ मिल सके। उन्होंने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों तथा नियमित निगरानी पर विशेष बल देते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता से किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं कि जाएगी। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मड़ोरा में निर्माणाधीन पंचायत उत्सव भवन का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, गुणवत्ता एवं समयबद्ध निर्माण के दिए निर्देश* जालौन। मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में उरई विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत मडोरा में निर्माणाधीन पंचायत उत्सव भवन का जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता एवं निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण कराने के संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि पंचायत उत्सव भवन ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को विवाह, मुंडन एवं अन्य सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन हेतु सुलभ एवं किफायती स्थान उपलब्ध कराने की परिकल्पना के तहत बनाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन भवन के विभिन्न भागों का अवलोकन करते हुए कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि
निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पंचायत उत्सव भवन ग्रामीण क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण जनोपयोगी परियोजना है, जिससे स्थानीय लोगों को सामाजिक आयोजनों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से निर्माण की प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिए कि कार्य को निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराया जाए, ताकि ग्रामीण जनता को शीघ्र इसका लाभ मिल सके। उन्होंने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों तथा नियमित निगरानी पर विशेष बल देते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता से किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं कि जाएगी। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- जालौन हिंगुटा गांव में दिखे तीन कबर बिज्जू /ग्रामीणों ने पकड़कर वन विभाग को सौंपा /सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया* *जालौन आबादी में पहुंचे तीन कबर बिज्जू वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू जालौन में तीन /कबर बिज्जू मिलने से मची अफरा-तफरी सुरक्षित जंगल में छोड़े गए* सब दिखाते हैं खबर हम दिखाते हकीकत समीर मंसूरी की कलम से 🖋️ 🖋️ 🖋️ 🖋️ आजाद अहमद व यासीन मंसूरी की रिपोट खबरों का सिलसिला जारी *जालौन हिंगुटा गांव में दिखे तीन कबर बिज्जू /ग्रामीणों ने पकड़कर वन विभाग को सौंपा /सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया* *जालौन आबादी में पहुंचे तीन कबर बिज्जू वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू जालौन में तीन /कबर बिज्जू मिलने से मची अफरा-तफरी सुरक्षित जंगल में छोड़े गए* जनपद जालौन कोंच तहसील क्षेत्र के हिंगुटा गांव में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब गांव के आसपास एक साथ तीन कबर बिज्जू दिखाई दिए अचानक जंगली जीवों के दिखने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया हालांकि लोगों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बिना किसी नुकसान के तीनों कबर बिज्जुओं को सुरक्षित पकड़ लिया आप को बता दें घटना की जानकारी तत्काल वन विभाग को दी गई सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तीनों कबर बिज्जुओं को अपने कब्जे में लेकर उनका निरीक्षण किया इसके बाद वन कर्मियों ने सभी कबर बिज्जुओं को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया जिससे उन्होंने प्राकृतिक आवास में वापस लौट सकें वहीं वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों की सतर्कता की सराहना करते हुए अपील की कि यदि भविष्य में कोई जंगली जीव आबादी वाले क्षेत्र में दिखाई दे तो उसे नुकसान पहुंचाने या मारने की कोशिश न करें इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दें ताकि वन्यजीवों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सके इसी के मद्देनजर रखते हुए हम आप को बता दें कि हाल के दिनों में भोजन और पानी की तलाश में जंगली जीव आबादी वाले इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं फिलहाल तीनों कबर बिज्जुओं को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली4
- Jalaun : DM राजेश पाण्डेय पंहुचे कुकुरगांव स्कूल! बच्चों ने सुनाए पहाड़े और कविता!!. प्राथमिक विद्यालय कुकुरगांव पहुंचे जिलाधिकारी, बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता परखी ब्लैकबोर्ड पर स्वयं प्रश्न, उत्तर लिखवाकर जांची विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, पहाड़े, कविता और अंग्रेजी-हिंदी ज्ञान से हुए संतुष्ट जनपद में प्राथमिक विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने प्राथमिक विद्यालय कुकुरगांव का औचक निरीक्षण कर विद्यालय में संचालित पठन-पाठन व्यवस्था का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सीधे कक्षा में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से संवाद किया तथा उनकी शैक्षणिक दक्षता का स्वयं परीक्षण किया। जिलाधिकारी ने कक्षा 3, 4 एवं 5 के विद्यार्थियों को ब्लैकबोर्ड पर बुलाकर विभिन्न विषयों से संबंधित प्रश्न लिखवाए तथा उनका उत्तर देने के लिए प्रेरित किया। बच्चों ने पूरे आत्मविश्वास और सहजता के साथ सभी प्रश्नों के सही एवं स्पष्ट उत्तर लिखकर अपनी शैक्षणिक तैयारी का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों की समझ, लेखन क्षमता और आत्मविश्वास को देखकर जिलाधिकारी ने उनकी सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों से 13, 14, 15 एवं 19 के पहाड़े भी सुनाए, जिन्हें बच्चों ने बिना किसी हिचकिचाहट के धाराप्रवाह सुनाकर अपनी गणितीय दक्षता का परिचय दिया। इसके अलावा बच्चों ने हिंदी एवं अंग्रेजी में कविताओं का भी प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया, जिससे उनकी भाषाई क्षमता और शिक्षकों द्वारा कराए जा रहे गुणवत्तापूर्ण शिक्षण का सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। जिलाधिकारी ने शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों में बुनियादी शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए नियमित अभ्यास, नवाचारी शिक्षण पद्धति तथा अनुशासित वातावरण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि सभी बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर भविष्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह सहित अध्यापिकाएं मौजूद रहे।1
- डकोर गांव में पेयजल संकट गहराया, ग्रामीणों ने विकासखंड गेट पर किया प्रदर्शन डकोर (जालौन)।भीषण गर्मी और उमस के बीच ग्राम डकोर में पेयजल संकट ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। करीब एक महीने से गांव में पानी की सप्लाई ठप होने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने विकासखंड कार्यालय के गेट के सामने प्रदर्शन कर अपनी गहरी नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि पानी जैसी मूलभूत जरूरत के लिए उन्हें दूर-दराज से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है, जबकि जिम्मेदार विभाग समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, नादयी के पास तालाब के बगल में स्थित पानी की टंकी से पूरे गांव में जलापूर्ति की जाती थी। लंबे समय से सप्लाई बंद होने के कारण घरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। हालात यह हैं कि ग्रामीणों के साथ पशुपालकों को भी पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों को मजबूरी में दूर से पानी लाकर अपनी घरेलू जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में मौजूद पुरानी पानी की टंकी से पहले घर-घर नियमित जलापूर्ति होती थी। यदि पुरानी व्यवस्था को दोबारा चालू कर दिया जाए तो काफी हद तक समस्या का समाधान हो सकता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जल संस्थान की ओर से समस्या का स्थायी समाधान कराने के लिए अपेक्षित पहल नहीं की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ‘नमामि गंगे’ योजना के तहत कभी-कभार पानी आने से समस्या का समाधान नहीं हो सकता। जब तक नियमित रूप से घर-घर पानी नहीं पहुंचेगा, तब तक योजना का वास्तविक लाभ नहीं मिल पाएगा। प्रदर्शन में शामिल राजेंद्र सिंह, बृजेश यादव, ब्रजकिशोर मास्टर, हरिराम वसोर, हल्के सहित दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी जालौन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर पेयजल व्यवस्था बहाल कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द जलापूर्ति बहाल नहीं हुई तो उच्च अधिकारियों के समक्ष दोबारा आवाज उठाई जाएगी। बड़ा सवाल: जब गांव में पुरानी टंकी से पहले घर-घर पानी पहुंचता था, तो आखिर उसे दोबारा चालू कराने में क्या अड़चन है? क्या जिम्मेदार विभाग ग्रामीणों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए अब ठोस कदम उठाएगा?1
- कोंच ब्लॉक में भारतीय किसान यूनियन की मासिक बैठक सम्पन्न, बीडीओ को सौंपा ज्ञापन, किसानों ने विभिन्न समस्याओं के समाधान की उठाई मांग जालौन के कोंच ब्लॉक परिसर में शनिवार दोपहर 12 बजे भारतीय किसान यूनियन की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र के किसानों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर गांवों की मूलभूत समस्याओं पर चर्चा की और उनके शीघ्र समाधान की मांग की। किसानों ने कहा कि लंबे समय से लंबित विकास कार्यों के पूरा न होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैठक में प्रमुख रूप से मांग की गई कि मिलन केंद्र से कौशल किशोर के मकान तक खड़ंजा मार्ग का निर्माण कराया जाए। इसके अलावा क्षेत्र में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने, आत्मकेन्दरी गांव के तालाब की खुदाई कराने तथा ग्राम परैथा स्थित प्राथमिक विद्यालय की खुली नाली को ढकवाने की मांग भी उठाई गई। किसानों ने कहा कि विद्यालय के आसपास खुली नाली होने से बच्चों की सुरक्षा पर खतरा बना रहता है। बैठक में ब्लॉक क्षेत्र में घूम रहे आवारा पशुओं की समस्या पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि आवारा पशुओं को तत्काल पकड़कर गौशालाओं में भेजा जाए। साथ ही गौशालाओं को सुचारु रूप से संचालित रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि पकड़े गए पशुओं को सुरक्षित रखा जा सके। बैठक के अंत में किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो भारतीय किसान यूनियन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।1
- जालौन: कन्हैया होटल में निकला सर्प, मचा हड़कंप, सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा गया जालौन। नगर के कन्हैया होटल में शनिवार को अचानक एक सर्प निकल आने से अफरा-तफरी मच गई। होटल में मौजूद कर्मचारियों और ग्राहकों में कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर सर्प को पकड़ने में प्रशिक्षित व्यक्ति मौके पर पहुंचा और सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाकर सर्प को सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू के बाद सर्प को आबादी से दूर प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित छोड़ दिया गया। इस दौरान होटल परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई और सभी ने राहत की सांस ली। समय रहते सर्प को सुरक्षित पकड़ लिए जाने से किसी प्रकार की जनहानि या अप्रिय घटना नहीं हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में सर्प अक्सर भोजन और सुरक्षित स्थान की तलाश में रिहायशी इलाकों में पहुंच जाते हैं। ऐसे में सर्प दिखाई देने पर घबराने या उसे मारने की बजाय तुरंत वन विभाग अथवा प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना देना चाहिए।1
- जालौन जालौन में दबंगों ने छात्र की घेरकर की पिटाई, स्कूल से लौटते समय कई दबंगों ने छात्र को बेरहमी से पीटा, मारपीट की घटना को अंजाम देकर मौके से दबंग हुए फरार, जालौन में दबंगों ने छात्र की घेरकर की पिटाई, स्कूल से लौटते समय कई दबंगों ने छात्र को बेरहमी से पीटा, मारपीट की घटना को अंजाम देकर मौके से दबंग हुए फरार, दबंगों के हमले में युवक हुआ गंभीर रूप से घायल, मारपीट की लाइव घटना सीसीटीवी कैमरे में हुई कैद, जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र के डिप्टीगंज चौकी क्षेत्र का मामला।1