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न्याय की उम्मीद में, एक महिला जनपद सदस्य के जीवनसाथी ने अपनी पत्नी की सुरक्षित वापसी के लिए रीवा जिले के मनगवां थाने में एक आवेदन प्रस्तुत किया है। इस आवेदन में उन्होंने आरोप लगाया है कि विकास तिवारी ने उनकी पत्नी को जबरन गायब कर दिया है। इस मामले में मनगवां थाना प्रभारी की भूमिका पर प्रश्नचिन्ह लगे हैं, क्योंकि वह कार्रवाई करने में असमर्थ दिखाई दे रहे हैं। महिला जनपद सदस्य के जीवनसाथी ने अपनी पत्नी की सुरक्षित वापसी के लिए रीवा के पुलिस अधीक्षक से भी गुहार लगाई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जनपद पंचायत गंगेव के अध्यक्ष विकास तिवारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है या नहीं। पति को उम्मीद है कि उनकी पत्नी की घर वापसी हो पाएगी, जिससे न्याय की जीत होगी और समाज में एक सकारात्मक संदेश जाएगा।
Surendra prasad Dubey
न्याय की उम्मीद में, एक महिला जनपद सदस्य के जीवनसाथी ने अपनी पत्नी की सुरक्षित वापसी के लिए रीवा जिले के मनगवां थाने में एक आवेदन प्रस्तुत किया है। इस आवेदन में उन्होंने आरोप लगाया है कि विकास तिवारी ने उनकी पत्नी को जबरन गायब कर दिया है। इस मामले में मनगवां थाना प्रभारी की भूमिका पर प्रश्नचिन्ह लगे हैं, क्योंकि वह कार्रवाई करने में असमर्थ दिखाई दे रहे हैं। महिला जनपद सदस्य के जीवनसाथी ने अपनी पत्नी की सुरक्षित वापसी के लिए रीवा के पुलिस अधीक्षक से भी गुहार लगाई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जनपद पंचायत गंगेव के अध्यक्ष विकास तिवारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है या नहीं। पति को उम्मीद है कि उनकी पत्नी की घर वापसी हो पाएगी, जिससे न्याय की जीत होगी और समाज में एक सकारात्मक संदेश जाएगा।
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- कानवन पुलिस ने गुजरात के खेड़ा जिले के वागजीपुर गाँव से चोरी हुए एक आयशर वाहन को जब्त कर लिया है और इस मामले में दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को यह सफलता 27 मई, 2026 की रात्रि में मुखबिर से मिली सूचना के बाद हाथ लगी थी, जिसमें बताया गया था कि दो व्यक्ति चोरी का आयशर वाहन बेचने के उद्देश्य से सादलपुर की तरफ से नागदा कानवन की ओर आ रहे हैं। सूचना मिलते ही, कानवन थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र कुमार बारिया के नेतृत्व में थाना कानवन की टीम मनासा फाटा, महू-नीमच फोरलेन रोड पर पहुँची। पुलिस ने आयशर वाहन को रोका, तो उसमें बैठे दोनों व्यक्तियों ने मौके से भागने का प्रयास किया, जिन्हें पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम मनीष उर्फ उमेश और रवि बताए। वाहन की जाँच करने पर उस पर प्लेट नंबर GJ 07 TU 7123 दर्ज पाया गया। आरोपियों से आयशर वाहन के वैध दस्तावेज़ और उनके ड्राइविंग लाइसेंस के बारे में पूछने पर उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी। उनकी बातें संदिग्ध प्रतीत होने और चोरी के वाहन की आशंका होने पर पुलिस ने आयशर वाहन के असल मालिक का पता लगाया। आरोपियों द्वारा वाहन और उसके मालिक के संबंध में भी कोई जानकारी नहीं देने पर, कानवन पुलिस ने आयशर वाहन को मौके पर जब्त कर लिया और आरोपी रवि तथा उमेश को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई थाना कानवन के सिलसिला क्रमांक 1/2026 के तहत धारा 35(1-ii), 106 बीएनएसएस और 303(2) बीएनएस के अंतर्गत की गई है। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने यह आयशर वाहन गुजरात के खेड़ा जिले के अतरसुमा से चोरी किया था। कानवन पुलिस ने तत्काल गुजरात के अतरसुमा थाना को इस घटना से अवगत कराया है। पुलिस अब आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों में पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड प्राप्त करने की प्रक्रिया में है। यह पूरी कार्यवाही धार के पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारुल वेलापुरकर के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी अरविंद सिंह तोमर के निर्देशन में संपन्न हुई। गिरफ्तार आरोपियों में मनीष उर्फ उमेश (पिता लाखन ओसारी, भील, निवासी रुंणजी, थाना गौतमपुरा) और रवि (पिता कैलाश भील, 25 वर्ष, निवासी ग्राम खंडवा, थाना सागौर, जिला धार) शामिल हैं। आरोपी मनीष उर्फ उमेश का पूर्व से ही आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके विरुद्ध उज्जैन जिले के बड़नगर थाना में धारा 309(6) बीएनएस के तहत एक प्रकरण पूर्व में भी दर्ज है। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र कुमार बारिया के साथ प्रधान आरक्षक रामेन्द्र सिंह चौहान, आरक्षक नवीन राठौड़, आरक्षक भगवती चौहान, आरक्षक अजयपाल सिंह राठौर और आरक्षक संजय शिवहरे सहित कानवन टीम की अहम भूमिका रही।1
- इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर नर्मदा-शिप्रा लिंक परियोजना की पाइपलाइन अचानक फट गई है। इस घटना के कारण पाइपलाइन से करीब 50 फीट ऊंचा पानी का फव्वारा फूट निकला, जिससे आसपास के घरों में भी पानी पहुंच गया है। मार्ग पर जलजमाव के चलते इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।1
- एक परिवार में बेटी के जन्म पर खुशियों का माहौल छा गया। नवजात बेटी को ढोल और डीजे के साथ धूमधाम से घर लाया गया। इस अवसर पर परिवार के सदस्य खुशी से झूम उठे और जमकर जश्न मनाया।1
- मध्य प्रदेश के महू तहसील में इंदौर-खंडवा मार्ग पर स्थित भेरू घाट पर नर्मदा-शिप्रा पाइपलाइन अचानक फूट गई। पाइपलाइन से इतना पानी बहने लगा कि यह नजारा कश्मीर में बर्फबारी जैसा नहीं, बल्कि ऐसा लग रहा था मानो कोई बादल फट गया हो। इस घटना की चपेट में कई वाहन चालक आ गए। नर्मदा की पाइपलाइन फूटने के कारण यह मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया।1
- धार भोज अस्पताल से सरकारी 108 एम्बुलेंस के कर्मचारियों को मरीजों को उनके घर छोड़ने के लिए रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद किया गया है। यह घटना सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में कथित भ्रष्टाचार को उजागर करती है, जहाँ निःशुल्क सेवा प्रदान करने वाले कर्मचारी खुलेआम मरीजों से पैसों की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या इन कर्मचारियों को शासन द्वारा रिश्वत लेने की छूट दी गई है, या फिर यह पूरी तरह से अस्पताल प्रशासन की मिलीभगत का परिणाम है। लोगों द्वारा इस बात पर भी जोर दिया जा रहा है कि सरकार को ऐसे कृत्यों में शामिल दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्यवाही करनी चाहिए।2
- बेटमा में आगामी 12 जून को प्रस्तावित ब्रिक्स प्रतिनिधिमंडल के इंदौर, धार और मांडू भ्रमण से पहले इंदौर-धार मार्ग पर सुरक्षा का कड़ा पहरा लगा दिया गया है। पुलिस अधीक्षक (SP) ने स्वयं मौके पर पहुँचकर निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।1
- मध्य प्रदेश के महू क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ इंदौर-खंडवा मार्ग स्थित भेरूघाट पर नर्मदा परियोजना की एक पाइपलाइन अचानक फूट गई। पाइपलाइन से हजारों लीटर पानी इतनी तेज रफ्तार से सड़क किनारे बहने लगा कि दूर से देखने पर यह दृश्य किसी प्राकृतिक जलप्रपात जैसा दिखाई दिया, जैसा कि अक्सर पहाड़ी इलाकों में झरने बहते हैं। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पानी का तीव्र बहाव स्पष्ट दिख रहा है, और लोग इस बड़े पैमाने पर हुई जल बर्बादी को लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। सूचना मिलते ही संबंधित विभाग की एक टीम मौके पर पहुंची और पाइपलाइन की मरम्मत का काम तुरंत शुरू किया गया। यह घटना केवल पानी की बर्बादी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने क्षेत्र में पानी की आपूर्ति व्यवस्था और विभागीय प्रबंधन पर भी कई महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े कर दिए हैं।1