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इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर नर्मदा-शिप्रा लिंक परियोजना की पाइपलाइन अचानक फट गई है। इस घटना के कारण पाइपलाइन से करीब 50 फीट ऊंचा पानी का फव्वारा फूट निकला, जिससे आसपास के घरों में भी पानी पहुंच गया है। मार्ग पर जलजमाव के चलते इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
प्रेस क्लब अध्यक्ष बेटमा रणजीत मंडलोई
इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर नर्मदा-शिप्रा लिंक परियोजना की पाइपलाइन अचानक फट गई है। इस घटना के कारण पाइपलाइन से करीब 50 फीट ऊंचा पानी का फव्वारा फूट निकला, जिससे आसपास के घरों में भी पानी पहुंच गया है। मार्ग पर जलजमाव के चलते इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
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- इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर नर्मदा-शिप्रा लिंक परियोजना की पाइपलाइन अचानक फट गई है। इस घटना के कारण पाइपलाइन से करीब 50 फीट ऊंचा पानी का फव्वारा फूट निकला, जिससे आसपास के घरों में भी पानी पहुंच गया है। मार्ग पर जलजमाव के चलते इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।1
- इंदौर में सवर्ण सेना ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। सवर्ण सेना के कुंवर धर्मेंद्र सिंह गौतम और अनूप शुक्ला ने बताया कि सरकार द्वारा आरक्षण और सरकारी योजनाओं की घोषणा तो की जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर ईडब्ल्यूएस वर्ग के लोगों को उनका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसी कारण सवर्ण सेना ने प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं और चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो उग्र आंदोलन किए जाएंगे। कुंवर धर्मेंद्र सिंह गौतम और अनूप शुक्ला द्वारा माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव को दिए गए ज्ञापन में मांग की गई है कि ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाए, जिससे लोगों को अलग-अलग विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके अलावा, आयकर रिटर्न की अनिवार्यता समाप्त कर केवल परिवार की वार्षिक आय के आधार पर ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जारी करने की मांग भी उठाई गई है। ज्ञापन के माध्यम से ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र की वैधता अवधि बढ़ाने, पात्र हितग्राहियों के लिए विशेष योजनाएं लागू करने तथा आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा, छात्रवृत्ति, हॉस्टल की सुविधा, किराया और यात्रा भत्ता उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है। सवर्ण सेना ने प्रतियोगी परीक्षाओं की आवेदन फीस पूरी तरह माफ करने और अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट देने की मांग सख्ती से रखी है। उन्होंने यूपीएससी और एमपीपीएससी जैसी परीक्षाओं में ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को आरक्षित पदों पर चयन का समान लाभ देने की बात भी कही। सवर्ण सेना का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग आज भी कई स्तरों पर परेशानियों का सामना कर रहा है और उन्हें योजनाओं का पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में सरकार को जल्द निर्णय लेते हुए ईडब्ल्यूएस वर्ग को राहत प्रदान करनी चाहिए, अन्यथा उनकी मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन किए जाएंगे।1
- इंदौर से रिश्वतखोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ एक शिकायत की जाँच बंद करने के बदले में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई है।1
- हमें इस सच्चाई को समझने की ज़रूरत है कि हमने अपने आप को स्वयं ही गुलाम बना रखा है।1
- कानवन पुलिस ने गुजरात के खेड़ा जिले के वागजीपुर गाँव से चोरी हुए एक आयशर वाहन को जब्त कर लिया है और इस मामले में दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को यह सफलता 27 मई, 2026 की रात्रि में मुखबिर से मिली सूचना के बाद हाथ लगी थी, जिसमें बताया गया था कि दो व्यक्ति चोरी का आयशर वाहन बेचने के उद्देश्य से सादलपुर की तरफ से नागदा कानवन की ओर आ रहे हैं। सूचना मिलते ही, कानवन थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र कुमार बारिया के नेतृत्व में थाना कानवन की टीम मनासा फाटा, महू-नीमच फोरलेन रोड पर पहुँची। पुलिस ने आयशर वाहन को रोका, तो उसमें बैठे दोनों व्यक्तियों ने मौके से भागने का प्रयास किया, जिन्हें पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम मनीष उर्फ उमेश और रवि बताए। वाहन की जाँच करने पर उस पर प्लेट नंबर GJ 07 TU 7123 दर्ज पाया गया। आरोपियों से आयशर वाहन के वैध दस्तावेज़ और उनके ड्राइविंग लाइसेंस के बारे में पूछने पर उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी। उनकी बातें संदिग्ध प्रतीत होने और चोरी के वाहन की आशंका होने पर पुलिस ने आयशर वाहन के असल मालिक का पता लगाया। आरोपियों द्वारा वाहन और उसके मालिक के संबंध में भी कोई जानकारी नहीं देने पर, कानवन पुलिस ने आयशर वाहन को मौके पर जब्त कर लिया और आरोपी रवि तथा उमेश को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई थाना कानवन के सिलसिला क्रमांक 1/2026 के तहत धारा 35(1-ii), 106 बीएनएसएस और 303(2) बीएनएस के अंतर्गत की गई है। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने यह आयशर वाहन गुजरात के खेड़ा जिले के अतरसुमा से चोरी किया था। कानवन पुलिस ने तत्काल गुजरात के अतरसुमा थाना को इस घटना से अवगत कराया है। पुलिस अब आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों में पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड प्राप्त करने की प्रक्रिया में है। यह पूरी कार्यवाही धार के पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारुल वेलापुरकर के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी अरविंद सिंह तोमर के निर्देशन में संपन्न हुई। गिरफ्तार आरोपियों में मनीष उर्फ उमेश (पिता लाखन ओसारी, भील, निवासी रुंणजी, थाना गौतमपुरा) और रवि (पिता कैलाश भील, 25 वर्ष, निवासी ग्राम खंडवा, थाना सागौर, जिला धार) शामिल हैं। आरोपी मनीष उर्फ उमेश का पूर्व से ही आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके विरुद्ध उज्जैन जिले के बड़नगर थाना में धारा 309(6) बीएनएस के तहत एक प्रकरण पूर्व में भी दर्ज है। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र कुमार बारिया के साथ प्रधान आरक्षक रामेन्द्र सिंह चौहान, आरक्षक नवीन राठौड़, आरक्षक भगवती चौहान, आरक्षक अजयपाल सिंह राठौर और आरक्षक संजय शिवहरे सहित कानवन टीम की अहम भूमिका रही।1
- इंदौर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के तहत दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण वर्ग का भव्य शुभारंभ किया गया है। इस कार्यक्रम का विशेष फोकस वैचारिक मजबूती, संगठन के विस्तार और नेतृत्व क्षमता के विकास पर रहा।1
- मध्य प्रदेश से आ रही सुपरफास्ट खबरों में कई महत्वपूर्ण अपडेट्स और सवालों को शामिल किया गया है। इनमें स्थानीय स्तर पर आसपास की घटनाओं, गाड़ियों के चलने वाले मार्गों और आगामी नौकरी के अवसरों से जुड़ी जानकारी शामिल है। विशेष रूप से, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में कितने पदों पर भर्ती होने वाली है, यह सवाल प्रमुखता से उठाया गया है। इसके साथ ही, दिग्विजय सिंह के उस बयान पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है जिसमें उन्होंने 'केसरिया बस' चलने की बात कही है। इसके अतिरिक्त, यह भी पूछा गया है कि उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर राज्य के अन्य किन-किन मंदिरों में इसी तरह के 'लोक' विकसित किए जाएंगे।1
- बेटमा में आगामी 12 जून को प्रस्तावित ब्रिक्स प्रतिनिधिमंडल के इंदौर, धार और मांडू भ्रमण से पहले इंदौर-धार मार्ग पर सुरक्षा का कड़ा पहरा लगा दिया गया है। पुलिस अधीक्षक (SP) ने स्वयं मौके पर पहुँचकर निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।1