इंदौर में सवर्ण सेना ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। सवर्ण सेना के कुंवर धर्मेंद्र सिंह गौतम और अनूप शुक्ला ने बताया कि सरकार द्वारा आरक्षण और सरकारी योजनाओं की घोषणा तो की जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर ईडब्ल्यूएस वर्ग के लोगों को उनका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसी कारण सवर्ण सेना ने प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं और चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो उग्र आंदोलन किए जाएंगे। कुंवर धर्मेंद्र सिंह गौतम और अनूप शुक्ला द्वारा माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव को दिए गए ज्ञापन में मांग की गई है कि ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाए, जिससे लोगों को अलग-अलग विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके अलावा, आयकर रिटर्न की अनिवार्यता समाप्त कर केवल परिवार की वार्षिक आय के आधार पर ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जारी करने की मांग भी उठाई गई है। ज्ञापन के माध्यम से ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र की वैधता अवधि बढ़ाने, पात्र हितग्राहियों के लिए विशेष योजनाएं लागू करने तथा आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा, छात्रवृत्ति, हॉस्टल की सुविधा, किराया और यात्रा भत्ता उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है। सवर्ण सेना ने प्रतियोगी परीक्षाओं की आवेदन फीस पूरी तरह माफ करने और अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट देने की मांग सख्ती से रखी है। उन्होंने यूपीएससी और एमपीपीएससी जैसी परीक्षाओं में ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को आरक्षित पदों पर चयन का समान लाभ देने की बात भी कही। सवर्ण सेना का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग आज भी कई स्तरों पर परेशानियों का सामना कर रहा है और उन्हें योजनाओं का पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में सरकार को जल्द निर्णय लेते हुए ईडब्ल्यूएस वर्ग को राहत प्रदान करनी चाहिए, अन्यथा उनकी मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन किए जाएंगे।
इंदौर में सवर्ण सेना ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। सवर्ण सेना के कुंवर धर्मेंद्र सिंह गौतम और अनूप शुक्ला ने बताया कि सरकार द्वारा आरक्षण और सरकारी योजनाओं की घोषणा तो की जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर ईडब्ल्यूएस वर्ग के लोगों को उनका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसी कारण सवर्ण सेना ने प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं और चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो उग्र आंदोलन किए जाएंगे। कुंवर धर्मेंद्र सिंह गौतम और अनूप शुक्ला द्वारा माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव को दिए गए ज्ञापन में मांग की गई है कि ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाए, जिससे लोगों को अलग-अलग विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके अलावा, आयकर रिटर्न की अनिवार्यता समाप्त कर केवल परिवार की वार्षिक आय के आधार पर ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जारी करने की मांग भी उठाई गई है। ज्ञापन के माध्यम से ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र की वैधता अवधि बढ़ाने, पात्र हितग्राहियों के लिए विशेष योजनाएं लागू करने तथा आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा, छात्रवृत्ति, हॉस्टल की सुविधा, किराया और यात्रा भत्ता उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है। सवर्ण सेना ने प्रतियोगी परीक्षाओं की आवेदन फीस पूरी तरह माफ करने और अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट देने की मांग सख्ती से रखी है। उन्होंने यूपीएससी और एमपीपीएससी जैसी परीक्षाओं में ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को आरक्षित पदों पर चयन का समान लाभ देने की बात भी कही। सवर्ण सेना का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग आज भी कई स्तरों पर परेशानियों का सामना कर रहा है और उन्हें योजनाओं का पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में सरकार को जल्द निर्णय लेते हुए ईडब्ल्यूएस वर्ग को राहत प्रदान करनी चाहिए, अन्यथा उनकी मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन किए जाएंगे।
- इंदौर के राजवाड़ा में देवी अहिल्या माता का 301वां जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी, विधायक उषा ठाकुर और भाजपा नेता विक्रम चौहान ने अहिल्या प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस कार्यक्रम में पत्रकार राजेंद्र मालवीया भी उपस्थित रहे।1
- इंदौर में सवर्ण सेना ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। सवर्ण सेना के कुंवर धर्मेंद्र सिंह गौतम और अनूप शुक्ला ने बताया कि सरकार द्वारा आरक्षण और सरकारी योजनाओं की घोषणा तो की जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर ईडब्ल्यूएस वर्ग के लोगों को उनका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसी कारण सवर्ण सेना ने प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं और चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो उग्र आंदोलन किए जाएंगे। कुंवर धर्मेंद्र सिंह गौतम और अनूप शुक्ला द्वारा माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव को दिए गए ज्ञापन में मांग की गई है कि ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाए, जिससे लोगों को अलग-अलग विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके अलावा, आयकर रिटर्न की अनिवार्यता समाप्त कर केवल परिवार की वार्षिक आय के आधार पर ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जारी करने की मांग भी उठाई गई है। ज्ञापन के माध्यम से ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र की वैधता अवधि बढ़ाने, पात्र हितग्राहियों के लिए विशेष योजनाएं लागू करने तथा आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा, छात्रवृत्ति, हॉस्टल की सुविधा, किराया और यात्रा भत्ता उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है। सवर्ण सेना ने प्रतियोगी परीक्षाओं की आवेदन फीस पूरी तरह माफ करने और अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट देने की मांग सख्ती से रखी है। उन्होंने यूपीएससी और एमपीपीएससी जैसी परीक्षाओं में ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को आरक्षित पदों पर चयन का समान लाभ देने की बात भी कही। सवर्ण सेना का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग आज भी कई स्तरों पर परेशानियों का सामना कर रहा है और उन्हें योजनाओं का पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में सरकार को जल्द निर्णय लेते हुए ईडब्ल्यूएस वर्ग को राहत प्रदान करनी चाहिए, अन्यथा उनकी मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन किए जाएंगे।1
- इंदौर से रिश्वतखोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ एक शिकायत की जाँच बंद करने के बदले में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई है।1
- हमें इस सच्चाई को समझने की ज़रूरत है कि हमने अपने आप को स्वयं ही गुलाम बना रखा है।1
- इंदौर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के तहत दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण वर्ग का भव्य शुभारंभ किया गया है। इस कार्यक्रम का विशेष फोकस वैचारिक मजबूती, संगठन के विस्तार और नेतृत्व क्षमता के विकास पर रहा।1
- इंदौर में आयोजित श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन, श्रीधाम वृंदावन के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद ने गीता भवन सत्संग सभागृह में प्रवचन देते हुए कहा कि धर्मयुक्त जीवन और सदाचार से ही सुमति का प्रवेश संभव है। पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में मातुश्री श्रीमती कमलादेवी-बाबूलाल मंगल की पुण्य स्मृति में 24 मई से चल रही इस कथा में, उन्होंने भागवत को एक अनुपम और विलक्षण ग्रंथ बताया, जिसकी गहराई आज तक कोई नहीं जान पाया है। स्वामी भास्करानंद ने जोर दिया कि भागवत श्रवण की सार्थकता इसी में है कि हम इसकी अमृतवाणी से नई पीढ़ी को संस्कारित करें और स्वयं भी जीवन को संवारने के अनमोल रत्नों को आत्मसात करें। शनिवार को कथा के समापन प्रसंग पर, स्वामी जी ने कृष्ण सुदामा मैत्री सहित विभिन्न प्रसंगों की व्याख्या की। इस दौरान राधा कृष्ण के संग फूलों की होली का मनोहारी आयोजन भी किया गया, जिसमें पहले भगवान राधाकृष्ण पर और फिर सभागृह में बैठे भक्तों पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया गया। स्वामी भास्करानंद ने अपने संदेश में कहा कि लंका और द्वारका जैसी स्वर्ण नगरीयां भी अंततः नष्ट हो गईं, यह दिखाता है कि मनुष्य जीवनभर धन संग्रह में लगा रहता है, लेकिन अपने अंतिम लक्ष्य मोक्ष की ओर ध्यान नहीं देता। उन्होंने बताया कि भागवत मृत्यु को मोक्ष में बदलने की कथा है, और कथा श्रवण का अर्थ केवल सुनना नहीं, बल्कि उसके संदेशों को अपने जीवन में उतारना है। उनके अनुसार, यदि हजारों श्रोताओं में से कुछ लोग भी भागवत के संदेशों से अपना जीवन संवार लें, तो यही इसकी वास्तविक सार्थकता होगी, जिसके लिए मन को संयमित और सतर्क रखना आवश्यक है। इस आयोजन में सत्संग सभागृह के बाहर तक श्रोताओं को बैठना पड़ा और उनके लिए एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था की गई थी। आयोजन समिति की ओर से प्रमुख संयोजक संजय-किरण मंगल, बिनोद-सुनीता अग्रवाल, अविरल मंगल सहित समाजसेवी प्रेमचंद गोयल, बालकिशन छाबछरिया, विष्णु बिंदल, राजेश चेलावत, किशोर चेलावत, अशोक ऐरन, राजेश कुंजीलाल गोयल, राजेश गर्ग, और शिव जिंदल ने इसमें सहयोग किया। विद्वान वक्ता की अगवानी अवनि-अनंत अग्रवाल, विनीता-अक्षत अग्रवाल, दीपचंद गर्ग मोमबत्ती, गोविन्द-राजश्री मंगल, गोपाल मंगल, अजय आलूवाले, और विनोद गोयल ने की। कथा समापन पर श्रीधाम वृन्दावन के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद और साध्वी कृष्णानंद को शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित भी किया गया।1
- इंदौर के प्रतिष्ठित केयर सीएचएल अस्पताल पर प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है। सीएमएचओ ने अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने के लिए एक महीने का नोटिस जारी किया है। यह कदम मरीजों को अस्पताल में भर्ती रखकर परिसर में निर्माण कार्य करने की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद उठाया गया है।1
- इंदौर में प्रशासन द्वारा Care CHL Hospital के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई है।1