शाहजहांपुर में किसानों को डीजल मिलने में आ रही दिक्कतों के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। विधायक अरविंद कुमार सिंह ने इस संबंध में जिलाधिकारी को एक पत्र भेजा था, जिसके बाद मामले को गंभीरता से लिया गया है। विधायक ने अपने पत्र में बताया था कि बरतारा, कांट सहित कई क्षेत्रों से शिकायतें मिल रही हैं कि किसानों को पेट्रोल पंपों पर ड्रम या कैन में डीजल देने से रोका जा रहा है, जबकि इस संबंध में कोई स्पष्ट सरकारी आदेश मौजूद नहीं है। इस स्थिति से खेती-किसानी के कार्यों के प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी। जिलाधिकारी ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया है कि किसानों को अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आज ही संबंधित अधिकारियों और पेट्रोल पंप संचालकों के साथ एक बैठक कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, पूरे मामले की निगरानी भी की जाएगी और स्थिति की समीक्षा के बाद जरूरी निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि प्रशासन की निगरानी में व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा जा सके।
शाहजहांपुर में किसानों को डीजल मिलने में आ रही दिक्कतों के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। विधायक अरविंद कुमार सिंह ने इस संबंध में जिलाधिकारी को एक पत्र भेजा था, जिसके बाद मामले को गंभीरता से लिया गया है। विधायक ने अपने
पत्र में बताया था कि बरतारा, कांट सहित कई क्षेत्रों से शिकायतें मिल रही हैं कि किसानों को पेट्रोल पंपों पर ड्रम या कैन में डीजल देने से रोका जा रहा है, जबकि इस संबंध में कोई स्पष्ट सरकारी आदेश मौजूद नहीं है। इस
स्थिति से खेती-किसानी के कार्यों के प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी। जिलाधिकारी ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया है कि किसानों को अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आज ही संबंधित अधिकारियों और पेट्रोल पंप संचालकों के
साथ एक बैठक कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, पूरे मामले की निगरानी भी की जाएगी और स्थिति की समीक्षा के बाद जरूरी निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि प्रशासन की निगरानी में व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा जा सके।
- शाहजहांपुर में ब्राम्हण समाज समिति रजिस्टर्ड से जुड़े तमाम ब्राह्मणों ने कलेक्ट्रेट में इकट्ठा होकर भरत तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर के मामले में अपनी आवाज़ बुलंद की। इस दौरान उन्होंने नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें भरत तिवारी के फर्जी एनकाउंटर की सीबीआई द्वारा जांच कराए जाने की प्रमुख मांग उठाई गई। इस अवसर पर हरिशरण बाजपेई ने, जिनकी पहचान प्रदेश महामंत्री ब्राम्हण समाज के रूप में बताई गई, स्पष्ट शब्दों में कहा कि फर्जी एनकाउंटर को अंजाम देने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ 103 बी०एन०एस० के तहत तत्काल मुकदमा पंजीकृत किया जाना चाहिए और सभी दोषी पुलिस कर्मियों की सेवा भी समाप्त की जाए। राजेश अवस्थी ने मांग की कि पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए। ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विजय पाठक ने अपनी बात रखते हुए यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि भविष्य में किसी भी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ इस प्रकार की कोई कार्रवाई न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी सभी मांगें नहीं मानी गईं, तो भारत के सभी ब्राह्मणों को एक साथ लेकर एक बड़ा आंदोलन करने के लिए समाज बाध्य होगा।4
- सच बोलना देश का चौथा स्तंभ है। इसी सिद्धांत को मानते हुए, खबरों और विज्ञापन से संबंधित कार्यों के लिए अनुभवी पत्रकारों की आवश्यकता बताई गई है। इच्छुक व्यक्ति संपर्क कर सकते हैं।2
- शाहजहांपुर में एक महिला का झुमका झपट्टा मारकर लूटने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से लूटा गया झुमका, एक तमंचा और कुछ कारतूस बरामद किए हैं।1
- लिवर को स्वस्थ रखने के लिए कुछ घरेलू उपायों के बारे में बताया गया है। इस विषय पर आधारित वीडियो के लिए दर्शकों से इसे लाइक करने, शेयर करने और फॉलो करने का अनुरोध किया गया है।1
- शाहजहांपुर में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (आर.ए.एम.) के जिला अध्यक्ष और अधिवक्ता राजीव कुमार शर्मा ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा है। इस ज्ञापन में बिहार में भरत तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत के मामले में निष्पक्ष और उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की गई है। संगठन ने जोर देकर कहा है कि यदि जांच में फर्जी मुठभेड़ या अवैध बल प्रयोग की पुष्टि होती है, तो इसमें शामिल सभी संबंधित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। मोर्चा ने पीड़ित परिवार के लिए एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) से मामले की निगरानी कराने, पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट को सार्वजनिक करने, और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के माध्यम से दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने की भी मांग उठाई गई है। राजीव कुमार शर्मा ने इस बात पर बल दिया कि पीड़ित परिवार को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष विश्वदीप अवस्थी ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय होता है, तो उसकी निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है, और उनका संगठन न्याय तथा मानवाधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर अपनी आवाज उठाता रहेगा। इस अवसर पर राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें रिंकू पाठक (जिला अध्यक्ष, चिकित्सा प्रकोष्ठ), सोनल राठौर (तहसील उपाध्यक्ष, महिला मोर्चा), संजय कुमार (तहसील उपाध्यक्ष, युवा मोर्चा), जितिन देव वर्मा (ब्लॉक अध्यक्ष, निगोही), रजनीश मिश्रा, अमन मिश्रा, आलोक शर्मा, रमित त्रिवेदी, रामचंद्र, आदर्श पांडे और रिजवान अली सहित अन्य सदस्य शामिल थे।1
- शाहजहांपुर में रविवार रात फर्रुखाबाद-मुरादाबाद स्टेट हाईवे पर एक प्राइवेट बस पलट गई, जिसमें 17 यात्री घायल हो गए। ये सभी यात्री परौर से जलालाबाद थाना क्षेत्र में एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे। यह हादसा मिर्जापुर थाना क्षेत्र में एक पेट्रोल पंप के पास हुआ। बताया जा रहा है कि एक बाइक सवार को बचाने के प्रयास में बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगभग 15 फीट गहरी खाई में पलट गई। बस पूरी तरह से उल्टी हो जाने के कारण यात्री अंदर फंस गए थे।1
- मिर्जापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हीरानगर गांव में बरातियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरी। इस दुर्घटना में कुल 19 लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद पुलिस द्वारा आवश्यक कार्यवाही की गई है, जिसकी जानकारी अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने एक बाइट के माध्यम से दी।1
- राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार को उषा मेहता मार्ग स्थित एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में चल रहे कोचिंग सेंटर में भीषण अग्निकांड हो गया, जिसने 15 मासूम बच्चों के सपनों को हमेशा के लिए छीन लिया। इस हृदय विदारक घटना ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया, और घटनास्थल पर चीख-पुकार व अफरा-तफरी का मंजर देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां, साथ ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। घंटों चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हादसे में घायल बच्चों को तत्काल केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की एक विशेष टीम उनके उपचार में जुटी हुई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अस्पताल जाकर घायलों और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की तथा पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आग लगने के कारणों की गहन जांच कराई जाएगी और यदि सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो भवन मालिकों, संस्थान संचालकों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50 हजार की आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की गई है। इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन कराने में लापरवाही कब तक मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ती रहेगी।1