समाजवादी विचारधारा के जीवंत प्रतिमूर्ति थे विजय बाबू: पूर्व मंत्री मखदूमपुर महान समाजवादी नेता एवं स्वतंत्रता सेनानी विजय कुमार की 100वीं जयंती शनिवार को मखदुमपुर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर उन्हें नमन किया और उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राज्य सरकार के पूर्व मंत्री डा अनिल कुमार ने विजय बाबू को समाजवादी विचारधारा का सच्चा प्रतिनिधि बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें कई बार विजय कुमार से मिलने और उनके विचारों को करीब से समझने का अवसर मिला। वे राम मनोहर लोहिया, जयप्रकाश नारायण और राज नारायण जैसे दिग्गज समाजवादी नेताओं के साथ सक्रिय रूप से जुड़े रहे और उनके साथ मिलकर सामाजिक एवं राजनीतिक आंदोलनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूर्व मंत्री ने कहा कि विजय बाबू ने देश की आजादी की लड़ाई में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मात्र 16 वर्ष की आयु में वे भारत छोड़ो आंदोलन में कूद पड़े और कई बार जेल भी गए। आजादी के बाद भी उन्होंने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया और समाजवादी विचारधारा के आधार पर हमेशा सत्ता के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद करते रहे। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्व की जयंती और पुण्यतिथि को व्यापक स्तर पर मनाया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी उनके आदर्शों और संघर्षों से प्रेरणा ले सके। विजय कुमार मूल रूप से गया जिले के बेलागंज प्रखंड के कोरियामा गांव के निवासी थे। बाद में उन्होंने मखदुमपुर में आश्रम स्थापित कर लंबे समय तक समाज सेवा का कार्य किया। कार्यक्रम में विजय कुमार के पुत्र सपन कुमार, अगस्त कुमार और डा अनुपम कुमार ने भी अपने विचार साझा किए। उन लोगों ने कहा कि उनके पिता ने कभी व्यक्तिगत प्रचार-प्रसार को महत्व नहीं दिया, बल्कि हमेशा समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करना ही अपना धर्म माना। आज जब विभिन्न विद्वानों की पुस्तकों में उनके योगदान का उल्लेख मिलता है, तो हमलोगों को गर्व की अनुभूति होती है। इस मौके पर कार्यक्रम का संचालन आनंद कुमार ने किया,जबकि कोरियामा के मुखिया मनोज कुमार, मदन शर्मा, मखदुमपुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष रितेश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा समेत अन्य गणमान्य लोगों ने भी अपने विचार रखते हुए विजय बाबू के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। समाजवादी विचारधारा के जीवंत प्रतिमूर्ति थे विजय बाबू: पूर्व मंत्री मखदूमपुर महान समाजवादी नेता एवं स्वतंत्रता सेनानी विजय कुमार की 100वीं जयंती शनिवार को मखदुमपुर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर उन्हें नमन किया और उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राज्य सरकार के पूर्व मंत्री डा अनिल कुमार ने विजय बाबू को समाजवादी विचारधारा का सच्चा प्रतिनिधि बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें कई बार विजय कुमार से मिलने और उनके विचारों को करीब से समझने का अवसर मिला। वे राम मनोहर लोहिया, जयप्रकाश नारायण और राज नारायण जैसे दिग्गज समाजवादी नेताओं के साथ सक्रिय रूप से जुड़े रहे और उनके साथ मिलकर सामाजिक एवं राजनीतिक आंदोलनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूर्व मंत्री ने कहा कि विजय बाबू ने देश की आजादी की लड़ाई में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मात्र 16 वर्ष की आयु में वे भारत छोड़ो आंदोलन में कूद पड़े और कई बार जेल भी गए। आजादी के बाद भी उन्होंने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया और समाजवादी विचारधारा के आधार पर हमेशा सत्ता के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद करते रहे। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्व की जयंती और पुण्यतिथि को व्यापक स्तर पर मनाया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी उनके आदर्शों और संघर्षों से प्रेरणा ले सके। विजय कुमार मूल रूप से गया जिले के बेलागंज प्रखंड के कोरियामा गांव के निवासी थे। बाद में उन्होंने मखदुमपुर में आश्रम स्थापित कर लंबे समय तक समाज सेवा का कार्य किया। कार्यक्रम में विजय कुमार के पुत्र सपन कुमार, अगस्त कुमार और डा अनुपम कुमार ने भी अपने विचार साझा किए। उन लोगों ने कहा कि उनके पिता ने कभी व्यक्तिगत प्रचार-प्रसार को महत्व नहीं दिया, बल्कि हमेशा समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करना ही अपना धर्म माना। आज जब विभिन्न विद्वानों की पुस्तकों में उनके योगदान का उल्लेख मिलता है, तो हमलोगों को गर्व की अनुभूति होती है। इस मौके पर कार्यक्रम का संचालन आनंद कुमार ने किया,जबकि कोरियामा के मुखिया मनोज कुमार, मदन शर्मा, मखदुमपुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष रितेश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा समेत अन्य गणमान्य लोगों ने भी अपने विचार रखते हुए विजय बाबू के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
समाजवादी विचारधारा के जीवंत प्रतिमूर्ति थे विजय बाबू: पूर्व मंत्री मखदूमपुर महान समाजवादी नेता एवं स्वतंत्रता सेनानी विजय कुमार की 100वीं जयंती शनिवार को मखदुमपुर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर उन्हें नमन किया और उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राज्य सरकार के पूर्व मंत्री डा अनिल कुमार ने विजय बाबू को समाजवादी विचारधारा का सच्चा प्रतिनिधि बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें कई बार विजय कुमार से मिलने और उनके विचारों को करीब से समझने का अवसर मिला। वे राम मनोहर लोहिया, जयप्रकाश नारायण और राज नारायण जैसे दिग्गज समाजवादी नेताओं के साथ सक्रिय रूप से जुड़े रहे और उनके साथ मिलकर सामाजिक एवं राजनीतिक आंदोलनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूर्व मंत्री ने कहा कि विजय बाबू ने देश की आजादी की लड़ाई में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मात्र 16 वर्ष की आयु में वे भारत छोड़ो आंदोलन में कूद पड़े और कई बार जेल भी गए। आजादी के बाद भी उन्होंने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया और समाजवादी विचारधारा के आधार पर हमेशा सत्ता के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद करते रहे। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्व की जयंती और पुण्यतिथि को व्यापक स्तर पर मनाया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी उनके आदर्शों और संघर्षों से प्रेरणा ले सके। विजय कुमार मूल रूप से गया जिले के बेलागंज प्रखंड के कोरियामा गांव के निवासी थे। बाद में उन्होंने मखदुमपुर में आश्रम स्थापित कर लंबे समय तक समाज सेवा का कार्य किया। कार्यक्रम में विजय कुमार के पुत्र सपन कुमार, अगस्त कुमार और डा अनुपम कुमार ने भी अपने विचार साझा किए। उन लोगों ने कहा कि उनके पिता ने कभी व्यक्तिगत प्रचार-प्रसार को महत्व नहीं दिया, बल्कि हमेशा समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करना ही अपना धर्म माना। आज जब विभिन्न विद्वानों की पुस्तकों में उनके योगदान का उल्लेख मिलता है, तो हमलोगों को गर्व की अनुभूति होती है। इस मौके पर कार्यक्रम का संचालन आनंद कुमार ने किया,जबकि कोरियामा के मुखिया मनोज कुमार, मदन शर्मा, मखदुमपुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष रितेश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा समेत अन्य गणमान्य लोगों ने भी अपने विचार रखते हुए विजय बाबू के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। समाजवादी विचारधारा के जीवंत प्रतिमूर्ति थे विजय बाबू: पूर्व मंत्री मखदूमपुर महान समाजवादी नेता एवं स्वतंत्रता सेनानी विजय कुमार की 100वीं जयंती शनिवार को मखदुमपुर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर उन्हें नमन किया और उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राज्य सरकार के पूर्व मंत्री डा अनिल कुमार ने विजय बाबू को समाजवादी विचारधारा का सच्चा प्रतिनिधि बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें कई बार विजय कुमार से मिलने और उनके विचारों को करीब से समझने का अवसर मिला। वे राम मनोहर लोहिया, जयप्रकाश नारायण और राज नारायण जैसे दिग्गज समाजवादी नेताओं के साथ सक्रिय रूप से जुड़े रहे और उनके साथ मिलकर सामाजिक एवं राजनीतिक आंदोलनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूर्व मंत्री ने कहा कि विजय बाबू ने देश की आजादी की लड़ाई में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मात्र 16 वर्ष की आयु में वे भारत छोड़ो आंदोलन में कूद पड़े और कई बार जेल भी गए। आजादी के बाद भी उन्होंने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया और समाजवादी विचारधारा के आधार पर हमेशा सत्ता के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद करते रहे। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्व की जयंती और पुण्यतिथि को व्यापक स्तर पर मनाया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी उनके आदर्शों और संघर्षों से प्रेरणा ले सके। विजय कुमार मूल रूप से गया जिले के बेलागंज प्रखंड के कोरियामा गांव के निवासी थे। बाद में उन्होंने मखदुमपुर में आश्रम स्थापित कर लंबे समय तक समाज सेवा का कार्य किया। कार्यक्रम में विजय कुमार के पुत्र सपन कुमार, अगस्त कुमार और डा अनुपम कुमार ने भी अपने विचार साझा किए। उन लोगों ने कहा कि उनके पिता ने कभी व्यक्तिगत प्रचार-प्रसार को महत्व नहीं दिया, बल्कि हमेशा समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करना ही अपना धर्म माना। आज जब विभिन्न विद्वानों की पुस्तकों में उनके योगदान का उल्लेख मिलता है, तो हमलोगों को गर्व की अनुभूति होती है। इस मौके पर कार्यक्रम का संचालन आनंद कुमार ने किया,जबकि कोरियामा के मुखिया मनोज कुमार, मदन शर्मा, मखदुमपुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष रितेश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा समेत अन्य गणमान्य लोगों ने भी अपने विचार रखते हुए विजय बाबू के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
- Post by Ramesh Kumar1
- जहानाबाद जिले के काको प्रखंड अंतर्गत लालसे बीघा गांव के एक युवक ने जानलेवा हमले के आरोपियों पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराज होकर पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित युवक का आरोप है कि उस पर हमला करने वाले आरोपियों के खिलाफ शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। इतना ही नहीं, उसने यह भी दावा किया कि उल्टा उसी के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया गया है, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान है। युवक ने एसपी को दिए अपने लिखित आवेदन में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उसने कहा कि यदि मामले की सही तरीके से जांच हो, तो सच्चाई सामने आ सकती है और दोषियों को सजा मिल सकती है। साथ ही उसने प्रशासन से सुरक्षा की भी मांग की है, ताकि उसे किसी तरह की अनहोनी का खतरा न रहे।पीड़ित का कहना है कि वह लगातार न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन अब तक उसे राहत नहीं मिली है। उसने उम्मीद जताई है कि एसपी स्तर से हस्तक्षेप होने के बाद मामले में तेजी आएगी और उसे न्याय मिल सकेगा। वहीं, इस पूरे मामले पर पुलिस का कहना है कि शिकायत को गंभीरता से लिया गया है और मामले में विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों पक्षों के आरोपों की जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।1
- इनका उतम चला चालान है कि अभी है जो 5 मुखीया बदल गए हैं जितना विकास के गांव का राजेश दास मुखिया ने किया इसके पहले 5 मुखिया कुछ नहीं करें शॉर्टकट में घाट पर कैमरा लगाया जाएगा अगर रहेंगे तो बहुत विकास करेंगे राजेश दास मुखिया1
- परसामा गांव में अखंड कीर्तन से भक्तिमय हुआ माहौल, पूर्व जिला पार्षद रामचंद्र आजाद हुए शामिल कोंच प्रखंड क्षेत्र के परसामा गांव स्थित देवी स्थान के प्रांगण में शुक्रवार को रामनवमी के पावन अवसर पर आयोजित 24 घंटे का अखंड कीर्तन शनिवार शाम को विधिवत संपन्न हो गया। इस धार्मिक अनुष्ठान से पूरा गांव भक्ति के रस में सराबोर रहा।इस अवसर पर आयोजित समापन समारोह में पूर्व जिला पार्षद रामचंद्र आजाद विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में शांति और आपसी भाईचारे को बढ़ावा मिलता है। कीर्तन में नागेंद्र कुमार राही ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया और अपनी प्रस्तुति से माहौल को भक्तिमय बनाए रखा। शुक्रवार को रामनवमी के दिन अखंड कीर्तन की शुरुआत हुई शनिवार शाम को 24 घंटे पूरे होने के बाद कीर्तन का समापन हुआ। इस आयोजन में परसामा और आसपास के क्षेत्रों के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कीर्तन की समाप्ति के बाद भव्य आरती का आयोजन किया गया, जिसके पश्चात उपस्थित सभी भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि रामनवमी के मौके पर हर साल यहाँ श्रद्धा और विश्वास के साथ कीर्तन का आयोजन किया जाता है, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य लोगों के साथ-साथ आम जनता की भारी भीड़ उमड़ती है। वही मौके पर पंचायत के मुखिया दीलीप कुमार और अन्य लोग मौजूद रहे।1
- बिहार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महत्वाकांक्षी योजना हर जिला मुख्यालय में जननायक कर्पूरी ठाकुर एवं संविधान निर्माता डॉ अम्बेडकर साहब के स्मृति में पार्क बनाने की योजना प्रस्तावित थी l जिसके आलोक में तत्कालीन जिला प्रभारी मंत्री माननीय हरि सहनी एवं तत्कालीन जिला पदाधिकारी कुमार गौरव के द्वारा अनुमंडल कार्यालय अरवल के ठीक पीछे स्थल चयन कर शिलान्यास किया गया था l लेकिन अब वर्तमान जिला प्रशासन अरवल के द्वारा प्रस्तावित शिलान्यास स्थल पर अटल कला भवन बनाने की तैयारी की जा रही है l जिसके विरोध में प्रस्तावित स्थल पर अतिपिछड़ा एकता मंच अरवल के द्वारा शेषनाग ठाकुर के अध्यक्षता में बैठक किया गया l जिसमें सभी लोगों ने एक स्वर में कहा कि हमलोगों को हर हाल में शिलान्यास स्थल पर ही कर्पूरी ठाकुर पार्क बनना चाहिये l जिसमें मुख्य रूप से कामेश्वर ठाकुर, अजय विश्वकर्मा, डॉo भूषण चंद्रवंशी, मुन्ना कुमार , झपसी चौधरी, बिमल ठाकुर, रामचन्द्र गुप्ता गुड्डू चंद्रबांशी सहित सैंकड़ों लोगों ने भाग लेकर विरोध किया l इसके लिये आगामी बैठक 5 अप्रैल 2026 को रखा गया। और 15अप्रैल 2026 शिलान्यास स्थल पर विशाल धरना देने की तैयारी किया जायेगा l2
- गया शहर के बंगाली कॉलोनी पुलिस लाइन गेवाल बिगहा के चैत्र नवरात्र माता दुर्गा देवी का प्रतिमा विसर्जन हेतु रुक्मिणी सरोवर में हर्षाल्लास के साथ नाचते गाते ले जाते श्रद्धालु। सभी महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा सफेद साड़ी लाल कोरा पहने माता दुर्गा का जयकारा लगाते हुए रंग गुलाल का होली खेलते हुए रुक्मिणी सरोवर पहुंचे। जहां पर विधिवत पूजा अर्चना कर विसर्जन किया गया।1
- चार लीटर शराब के साथ दो विधि विरुद्ध किशोर को किया गया निरुद्ध। गोह(औरंगाबाद) उपहारा पुलिस ने थाना क्षेत्र के बुधई खुर्द मोड़ के समय से 4 लीटर देसी महुआ शराब के साथ दो विधि विरुध किशोर को निरोध किया है। साथ ही एक स्प्लेंडर बाइक को भी जब्त किया गया है। जानकारी देते हुए शनिवार की शाम करीब 7:00 बजे उपहारा थाना अध्यक्ष आकाश कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि दो विधि विरुद्ध किशोर स्प्लेंडर बाइक से शराब लेकर जा रहा है, उक्त सूचना के आलोक में पुलिस ने जब बाइक की तलाशी ली तो डिक्की से 4 लीटर महुआ शराब बरामद किया गया। तथा मौके से एक बाइक को भी जब्त किया गया। इस मामले में शराब अधिनियम के तहत दोनों विधि विरुद्ध किशोर को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।1
- समाजवादी विचारधारा के जीवंत प्रतिमूर्ति थे विजय बाबू: पूर्व मंत्री मखदूमपुर महान समाजवादी नेता एवं स्वतंत्रता सेनानी विजय कुमार की 100वीं जयंती शनिवार को मखदुमपुर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर उन्हें नमन किया और उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राज्य सरकार के पूर्व मंत्री डा अनिल कुमार ने विजय बाबू को समाजवादी विचारधारा का सच्चा प्रतिनिधि बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें कई बार विजय कुमार से मिलने और उनके विचारों को करीब से समझने का अवसर मिला। वे राम मनोहर लोहिया, जयप्रकाश नारायण और राज नारायण जैसे दिग्गज समाजवादी नेताओं के साथ सक्रिय रूप से जुड़े रहे और उनके साथ मिलकर सामाजिक एवं राजनीतिक आंदोलनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूर्व मंत्री ने कहा कि विजय बाबू ने देश की आजादी की लड़ाई में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मात्र 16 वर्ष की आयु में वे भारत छोड़ो आंदोलन में कूद पड़े और कई बार जेल भी गए। आजादी के बाद भी उन्होंने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया और समाजवादी विचारधारा के आधार पर हमेशा सत्ता के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद करते रहे। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्व की जयंती और पुण्यतिथि को व्यापक स्तर पर मनाया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी उनके आदर्शों और संघर्षों से प्रेरणा ले सके। विजय कुमार मूल रूप से गया जिले के बेलागंज प्रखंड के कोरियामा गांव के निवासी थे। बाद में उन्होंने मखदुमपुर में आश्रम स्थापित कर लंबे समय तक समाज सेवा का कार्य किया। कार्यक्रम में विजय कुमार के पुत्र सपन कुमार, अगस्त कुमार और डा अनुपम कुमार ने भी अपने विचार साझा किए। उन लोगों ने कहा कि उनके पिता ने कभी व्यक्तिगत प्रचार-प्रसार को महत्व नहीं दिया, बल्कि हमेशा समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करना ही अपना धर्म माना। आज जब विभिन्न विद्वानों की पुस्तकों में उनके योगदान का उल्लेख मिलता है, तो हमलोगों को गर्व की अनुभूति होती है। इस मौके पर कार्यक्रम का संचालन आनंद कुमार ने किया,जबकि कोरियामा के मुखिया मनोज कुमार, मदन शर्मा, मखदुमपुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष रितेश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा समेत अन्य गणमान्य लोगों ने भी अपने विचार रखते हुए विजय बाबू के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।1