उत्तर प्रदेश के बांदा जिले स्थित ग्राम मवई बुजुर्ग में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की बाउंड्री के बीच किसानों की लगभग 300 बीघा कृषि भूमि रास्ता बंद होने के कारण खेती के लिए बेकार हो गई है। किसानों का आरोप है कि बाउंड्री निर्माण के दौरान उनके वर्षों पुराने आम रास्ते को बंद कर दिया गया, जिसकी वजह से वे अपने ही खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस समस्या को लेकर प्रभावित किसानों ने महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। किसानों ने चाहितारा मोड़ से चिल्ला रोड तक करीब एक किलोमीटर लंबा पक्का संपर्क मार्ग बनवाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि विकास परियोजनाएं उनसे उनकी जमीन तक पहुंच का अधिकार ही छीन लें तो ऐसे विकास पर सवाल उठना स्वाभाविक है, और यदि इसका जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो उनकी आजीविका पर गहरा संकट खड़ा हो जाएगा।
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले स्थित ग्राम मवई बुजुर्ग में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की बाउंड्री के बीच किसानों की लगभग 300 बीघा कृषि भूमि रास्ता बंद होने के कारण खेती के लिए बेकार हो गई है। किसानों का आरोप है कि बाउंड्री निर्माण के दौरान उनके वर्षों पुराने आम रास्ते को बंद कर दिया गया, जिसकी वजह से वे अपने ही खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस समस्या को लेकर प्रभावित किसानों ने महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। किसानों ने चाहितारा मोड़ से चिल्ला रोड तक करीब एक किलोमीटर लंबा पक्का संपर्क मार्ग बनवाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि विकास परियोजनाएं उनसे उनकी जमीन तक पहुंच का अधिकार ही छीन लें तो ऐसे विकास पर सवाल उठना स्वाभाविक है, और यदि इसका जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो उनकी आजीविका पर गहरा संकट खड़ा हो जाएगा।
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले स्थित ग्राम मवई बुजुर्ग में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की बाउंड्री के बीच किसानों की लगभग 300 बीघा कृषि भूमि रास्ता बंद होने के कारण खेती के लिए बेकार हो गई है। किसानों का आरोप है कि बाउंड्री निर्माण के दौरान उनके वर्षों पुराने आम रास्ते को बंद कर दिया गया, जिसकी वजह से वे अपने ही खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस समस्या को लेकर प्रभावित किसानों ने महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। किसानों ने चाहितारा मोड़ से चिल्ला रोड तक करीब एक किलोमीटर लंबा पक्का संपर्क मार्ग बनवाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि विकास परियोजनाएं उनसे उनकी जमीन तक पहुंच का अधिकार ही छीन लें तो ऐसे विकास पर सवाल उठना स्वाभाविक है, और यदि इसका जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो उनकी आजीविका पर गहरा संकट खड़ा हो जाएगा।1
- बांदा में हुई बारिश की वजह से एक बार फिर नदियों का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। बारिश के चलते क्षेत्र की नदियों के पानी के स्तर में एक बार फिर से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।1
- फतेहपुर मेडिकल कॉलेज के कमरा नंबर 42 में डॉक्टरों की व्यवस्था और उनके व्यवहार को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। 23 जुलाई 2026 को जब प्रार्थी अस्पताल में दवा लेने गया, तो डॉक्टर ने "यहाँ इलाज नहीं होगा" कहकर साफ इनकार कर दिया। प्रार्थी का आरोप है कि सरकार जनता को सुविधा देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन डॉक्टर सुविधा देने के बजाय उसका नाजायज फायदा उठा रहे हैं। पीड़ित के अनुसार, दो-तीन बार पर्चा बनवाकर दवा के नाम पर ठगी करना शुरू कर दिया गया है। फतेहपुर मेडिकल कॉलेज की अव्यवस्था और डॉक्टरों के इस रवैये के संबंध में साक्ष्य के तौर पर छाया प्रति भी संलग्न की गई है।2
- बांदा में नियमित मानदेय की मांग को लेकर पशु मित्रों और पैरावेटों ने कार्य बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। अपनी इस मांग के समर्थन में उन्होंने बांदा के सिटी मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन भी सौंपा है।1
- उत्तर प्रदेश के बाँदा में किसानों की समस्याओं और बिजली से जुड़ी दिक्कतों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। खरीफ की फसल का सीजन चलने के बावजूद सोसायटियों में खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जिसके कारण किसानों को मजबूरी में ब्लैक में खाद खरीदनी पड़ रही है। कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी के आह्वान पर किए गए इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार को हर मोर्चे पर नाकाम ठहराया। खाद की किल्लत के अलावा कांग्रेसियों ने स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों के मुद्दे पर भी प्रदेश सरकार को घेरा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शासन स्तर से ही उपभोक्ताओं के घरों का विद्युत लोड बढ़ा दिया गया है, जो आम जनता के साथ सीधा शोषण है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा सरकार पर तीखे निशाने साधे गए, जिसकी जानकारी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने दी।3
- हमीरपुर जिला मुख्यालय में गुरुवार को जिला अधिवक्ता संघ के वकीलों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। बस स्टैंड रोड पर एकत्र होकर अधिवक्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और इसके बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। जिला अधिवक्ता संघ के महामंत्री अश्वनी कुमार प्रजापति (एडवोकेट) ने बताया कि 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के कथित पेपर लीक मामलों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राएं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। आरोप है कि इस दौरान दिल्ली पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया, जिससे कई छात्र-छात्राएं घायल हो गए। अधिवक्ताओं ने मांग रखी है कि घायल छात्रों का इलाज सरकार अपने खर्च पर करवाए और घटना के लिए जिम्मेदार दिल्ली पुलिस कर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। अधिवक्ताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना एक लोकतांत्रिक अधिकार है, इसलिए इस घटना की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।2
- उत्तर प्रदेश के बांदा में रेड रिबन क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस आयोजन के दौरान प्रतियोगिता में शामिल हुए छात्रों को HIV/AIDS से बचाव और सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।1
- बांदा जिले के मरका थाना क्षेत्र स्थित इंगुवा गांव के मंगलहा डेरा में एक नवविवाहित महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के सामने आने के बाद मृतका के मायके पक्ष के लोगों ने नवविवाहिता के पति पर हत्या करने का आरोप लगाया है।1