*थाने से 200 मीटर दूर खूनी संघर्षः बुजुर्ग की मौत, पुलिस की तत्परता से बची पत्नी की जान, हालत गंभीर* हरदोई पचदेवरा: कानून का खौफ अपराधियों के मन से किस कदर खत्म हो चुका है, इसकी बानगी गुरुवार को पचदेवरा थाना क्षेत्र में देखने को मिली। थाने से महज 200 मीटर की दूरी पर जमीनी विवाद को लेकर दबंगों ने एक घर में घुसकर वृद्ध दंपति पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में घायल 70 वर्षीय बुजुर्ग की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे पचदेवरा कुंवरपुर निवासी राधेश्याम (70) और उनके पड़ोसियों के बीच जमीन को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि हमलावर मंजेश, ब्रजेश, अखिलेश और जसवंत ने लाठी-डंडों से लैस होकर राधेश्याम के घर में धावा बोल दिया। आरोपियों ने राधेश्याम और उनकी पत्नी रुक्मणी (65) को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर जैसे ही पुलिस को सूचना मिली, टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस को आता देख हमलावरों में भगदड़ मच गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मौके से तीन आरोपियों - बृजेश, मंजेश और अखिलेश को हिरासत में ले लिया। यदि पुलिस पहुंचने में थोड़ी भी देरी करती, तो रुक्मणी की जान बचाना मुश्किल हो सकता था। घायल दंपति को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने राधेश्याम को मृत घोषित कर दिया। उनकी पत्नी रुक्मणी का इलाज फिलहाल शाहाबाद के अस्पताल में चल रहा है, जहाँ उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। एडिशनल एसपी "सर्किल शाहाबाद" श्री आलोक राज नारायण" ने बताया जमीनी विवाद में मारपीट की सूचना मिलते ही पुलिस टीम भेजी गई थी। तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
*थाने से 200 मीटर दूर खूनी संघर्षः बुजुर्ग की मौत, पुलिस की तत्परता से बची पत्नी की जान, हालत गंभीर* हरदोई पचदेवरा: कानून का खौफ अपराधियों के मन से किस कदर खत्म हो चुका है, इसकी बानगी गुरुवार को पचदेवरा थाना क्षेत्र में देखने को मिली। थाने से महज 200 मीटर की दूरी पर जमीनी विवाद को लेकर दबंगों ने एक घर में घुसकर वृद्ध दंपति पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में घायल 70 वर्षीय बुजुर्ग की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे पचदेवरा कुंवरपुर निवासी राधेश्याम (70) और उनके पड़ोसियों के बीच जमीन को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि हमलावर मंजेश, ब्रजेश, अखिलेश और जसवंत ने लाठी-डंडों से लैस होकर राधेश्याम के घर में धावा बोल दिया। आरोपियों ने राधेश्याम और उनकी पत्नी रुक्मणी (65) को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर जैसे ही पुलिस को सूचना मिली, टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस को आता देख हमलावरों में भगदड़ मच गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मौके से तीन आरोपियों - बृजेश, मंजेश और अखिलेश को हिरासत में ले लिया। यदि पुलिस पहुंचने में थोड़ी भी देरी करती, तो रुक्मणी की जान बचाना मुश्किल हो सकता था। घायल दंपति को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने राधेश्याम को मृत घोषित कर दिया। उनकी पत्नी रुक्मणी का इलाज फिलहाल शाहाबाद के अस्पताल में चल रहा है, जहाँ उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। एडिशनल एसपी "सर्किल शाहाबाद" श्री आलोक राज नारायण" ने बताया जमीनी विवाद में मारपीट की सूचना मिलते ही पुलिस टीम भेजी गई थी। तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
- हरदोई में पिकअप से कुचलकर वृद्ध की मौत,परिजनों ने दो आरोपियों को लाठी-डंडों से पीटकर उतारा मौत के घाट,भारी पुलिस बल के साथ एसपी मौके पर...... #Hardoi #HardoiCrime #TripleMurder #UPPolice #SursaThana #UttarPradeshNews #CrimeNews #BreakingNews #HardoiPolice #DholiaVillage #Hardoi #TripleMurder #UPPolice #CrimeNews #Sursa #HardoiNews #HardoiPolice #UttarPradesh #BreakingNews1
- शाहाबाद (हरदोई)। थाना पचदेवरा से चंद कदम की दूरी पर हुई अधेड़ की निर्मम हत्या ने पुलिस के दावों और हकीकत के बीच बड़ा अंतर उजागर कर दिया है। 58 वर्षीय राधेश्याम को जमीनी विवाद में दबंगों ने लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मार डाला। पत्नी को भी अधमरा कर दिया गया। सवाल : ‘तुरंत पहुंची पुलिस’… फिर कैसे भागे हत्यारोपी? पुलिस का दावा है कि वह तत्काल मौके पर पहुंची और 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन बड़ा सवाल—जब पुलिस मौके पर थी और बांकी तुरंत पहुँची, तो बाकी आरोपी कैसे फरार हो गए? क्या कार्रवाई आधी-अधूरी थी या किसी को बचाने की कोशिश? थाने से चंद कदम की दूरी पर कत्ल, फिर भी हाथ मलती रही खाकी? ग्रामीणों का आरोप है कि घटना थाने के बेहद करीब हुई और पुलिस पहले से आसपास मौजूद थी, फिर भी हमलावर बेखौफ रहे। आखिर इसीलिए उठ रहे सवाल: कि क्या थाने के साए में भी लोग सुरक्षित नहीं? क्या पुलिस की मौजूदगी सिर्फ कागजों तक सीमित है? पहले शिकायतें… फिर भी खामोशी क्यों नहीं टूटी? मृतक के पुत्र विनोद कुमार का आरोप—दो बार थाना प्रभारी को पहले प्रार्थना पत्र और 112 पर कॉल के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जिसका नतीजा: कि उसके पिता की बेरहमी से हत्या की गई। सवाल: क्या यह लापरवाही नहीं, सीधी जिम्मेदारी है? सिपाही राकेश और दारोगा पर गंभीर आरोप परिजनों ने सिपाही राकेश समेत एक दारोगा पर विपक्षियों से मिलीभगत, उकसाने और कार्रवाई न करने के आरोप लगाए हैं जबकि थानाध्यक्ष पर भी लापरवाही और विवादित जमीन पर विपक्षी द्वारा मिट्टी डलवाने के आरोप लगाए हैं। गांव में चर्चा—“पुलिस हत्यारोपियों के साथ” परिजन लगातार दोनों पर कठोर कार्रवाई की कर रहे मांग आईपीएस आलोक राज नारायण पर भी घिरा घेरा लेकिन उनके विरुद्ध कार्यवाही करने की भला किसमें दम क्योंकि उनके ऊपर वही कहावत चरितार्थ कि वह भला यूपी पुलिस के किस अधिकारी से हैं कम? भले इस दर्दनाक हत्या के मामले में पीड़ितों द्वारा जो आरोप पुलिस पर लगाए गए उसमें सबसे गंभीर आरोप क्षेत्रीय अधिकारी (सीओ/एएसपी) आलोक राज नारायण पर है। वादी पक्ष का दावा—घटना के दौरान उन्हें 3 बार फोन किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। ऐसे में सवाल उठना लॉजिमी है कि : क्या आपात स्थिति में भी अफसरों के फोन नहीं उठेंगे? अगर कॉल उठ जाती, तोशायद थाना पुलिस तत्काल चंद कदम कूद फांद कर घटना स्थल पर पहुँच जाती, जिससे एक जान बच सकती थी? हत्या के बाद भी जारी रही पिटाई, बेटा थाने भागा पुत्र का आरोप—पिता की हत्या के बाद भी हमलावर उसकी मां को पीटते रहे। वह खुद जान बचाने के लिए थाने में भागा, तब पुलिस सक्रिय हुई। गांव में आक्रोश, पुलिस पर अविश्वास घटना के बाद मृतक परिवार में भारी आक्रोश है, वहीं ग्रामीणों में भी पुलिस के प्रति गहरा असंतोष व्याप्त है। खुलेआम चर्चा—“अगर समय पर कार्रवाई होती, तो हत्या नहीं होती।” पुलिस की सफाई बनाम जमीनी हकीकत पुलिस का दावा—तत्काल कार्रवाई, 3 आरोपी गिरफ्तार, शव पोस्टमार्टम को भेजा गया। लेकिन सवाल अब भी कायम—बाकी आरोपी क्यों फरार? पहले हुईं शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं? कॉल क्यों नहीं उठे? आखिर जिम्मेदार कौन? थाने के पास हत्या… फिर भी आधी गिरफ्तारी… फोन कॉल अनसुनी… और पहले से दी गई शिकायतें नजरअंदाज…क्या यह सिर्फ लापरवाही है… या सिस्टम की गहरी खामी? कुल मिलाकर लोग निगरानी अफसर अपर पुलिस अधीक्षक आलोक राज नारयण की कार्यशैली को कोसते हुए मुख्यमंत्री से जाँच एवं कार्यवाही की मांग कर रहे हैं।4
- ✨ दिव्य दर्शन ✨ ✍️ सुधीर अवस्थी ‘परदेशी’ …………………………………..........… हरदोई जनपद के बघौली थाना क्षेत्र के सुन्नी गांव में स्थित प्राचीन माँ महिषासुर मर्दिनी मंदिर में प्रातःकालीन भोले बाबा श्रृंगार दर्शन का अद्भुत एवं अलौकिक दृश्य देखने को मिला। भोर की पहली किरणों के साथ जब मंदिर में आरती और श्रृंगार हुआ, तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। यह दृश्य श्रद्धालुओं के मन को शांति और आस्था से भर देने वाला रहा। यह पावन धाम न केवल आस्था का केंद्र है। बल्कि सनातन संस्कृति की जीवंत पहचान भी है, जहाँ आज भी सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूर्ण होने की मान्यता है। 🙏 जय माता दी 🙏 🙏 हर हर महादेव 🙏1
- ऐसे बढ़ा जाता हैं भविष्य में उच्च पदों को पाने के लिए लोग क्या क्या करते करवाते हे1
- हरदोई के हरपालपुर में गुरुवार शाम करीब 4 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। यह हादसा उन्नाव-कटरा हाईवे पर ककरा गांव के पास हुआ, जहां एक तेज रफ्तार ट्रक और बाइक की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। मृतकों की पहचान हरपालपुर कोतवाली क्षेत्र के ईसेपुर गांव निवासी मोनू (32), उनकी पत्नी नीलम (30) और उनकी 10 वर्षीय बेटी लक्ष्मी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, मोनू अपनी पत्नी और बेटी के साथ दवा लेने के लिए जा रहा था, तभी सांडी की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और तीनों को हरपालपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है4
- #हरदोई सांडी के विधायक प्रभाष वर्मा ने गंगा एक्सप्रेसवे भूमि अधिग्रहण पर किसानों को भरोसा दिलाया। #SandiVidhayak #Hardoi #KisanKiAwaaz #groundzero #Bilgram #hardoi_city #hardoi #DMHardoi #hardoinews1
- #हरदोई। इत्र नगरी कन्नौज में गुरुवार को भूसा को लेकर हुआ विवाद शुक्रवार को हरदोई में खूनी संघर्ष में बदल गया। दो पक्षों के बीच में लाठी-डंडे चले और एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति पर पिकअप वैन ही चढ़ा दी। इस संघर्ष में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल भी हैं। सुरसा थाना क्षेत्र के ढोलिया के देवी सहाय और गांव के ही शिवम व अमन कश्यप भूसा खरीद कर बेचने का काम करते थे। यह दोनों पक्ष गुरुवार की रात रोजाना की तरह दोनों पक्ष भूसा लेकर कन्नौज के मानीमऊ गए थे। वहीं पर कुछ विवाद हुआ, हालांकि फिर शांत हो गया। दोनों पक्ष के बीच शुक्रवार करीब पांच बजे खूनी संघर्ष हो गया। देवी सहाय गांव के बाहर मैदान में बैठे थे। अमन पिकअप चलाता है। वह पिकअप लेकर आया और देवी सहाय पर चढ़ा दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसकी खबर जैसे ही देवी सहाय के घरवालों को लगी तो वह लोग आए। अमन और उसके साथी शिवम को घेर लिया और लाठी डंडों से हमला कर दिया। अमन की तो मौके पर ही मौत हो गई और शिवम ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस को खबर मिली तो एसपी समेत फोर्स मौके पर पहुंचा। मामले की पड़ताल की जा रही है।1
- हरदोई के जिन्ना प्रेमी नेताजी पर पुलिस का शिकंजा,नेताजी अंडरग्राउंड पुलिस आसमान-पाताल एक करने को तैयार,हरदोई के सवायजपुर में यदुनंदन लाल के विवादित बोल पर भारी आक्रोश.... #TrendingNews #BreakingNews #ViralUpdate #SocialMediaViral #LatestNews #PublicOpinion #CurrentAffairs #NewsUpdate #HotTopic #Insight #Perspective #Debate #Samachar #HindiNews #LocalUpdate #SocialAwareness #StayInformed1
- Post by मोनू शुक्ला1