हरदोई के हरपालपुर में गुरुवार शाम करीब 4 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। यह हादसा उन्नाव-कटरा हाईवे पर ककरा गांव के पास हुआ, जहां एक तेज रफ्तार ट्रक और बाइक की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। मृतकों की पहचान हरपालपुर कोतवाली क्षेत्र के ईसेपुर गांव निवासी मोनू (32), उनकी पत्नी नीलम (30) और उनकी 10 वर्षीय बेटी लक्ष्मी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, मोनू अपनी पत्नी और बेटी के साथ दवा लेने के लिए जा रहा था, तभी सांडी की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और तीनों को हरपालपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है
हरदोई के हरपालपुर में गुरुवार शाम करीब 4 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। यह हादसा उन्नाव-कटरा हाईवे पर ककरा गांव के पास हुआ, जहां एक तेज रफ्तार ट्रक और बाइक की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। मृतकों की पहचान हरपालपुर कोतवाली क्षेत्र के ईसेपुर गांव निवासी मोनू (32), उनकी पत्नी नीलम (30) और उनकी 10 वर्षीय बेटी लक्ष्मी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, मोनू अपनी पत्नी और बेटी के साथ दवा लेने के लिए जा रहा था, तभी सांडी की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और तीनों को हरपालपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है
- कन्नौज प्रशासन द्वारा समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण के अपमान पर भड़के भाजपा कार्यकर्ता। कल देर शाम डिस्कवर योर रूट कार्यक्रम आयोजन किया गया था जिसमें मुख्य अतिथि की तौर पर कन्नौज सदर विधायक समाज कल्याण मंत्री असींम अरुण को आमंत्रित किया गया था समय से ही समाज कल्याण मंत्री कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए लेकिन घंटो इंतजार करने के बाद उनके कार्यक्रम पर एसडीएम डीएम व एसपी बड़े अधिकारी नहीं पहुंचे मंच संचालन कर रही डीएम वैशाली लगातार मंच से असींम अरुण से कह रही थी आप कुछ देर के लिए और रुकिए जल्दी डीएम और एसपी आने वाले हैं तभी कार्यक्रम सुरु होगा अधिक समय होने के बाद अधिकारी नहीं पहुंचे तो असीम अरुण कार्यक्रम को छोड़कर वहां से चले गए ऐसे में अब भाजपा कार्यकर्ताओं में जिला प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ गई है जहां पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने ही उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंच के पास हंगामा किया और असींम अरुण के रोकने बाद भी सड़को पर उतरकर विरोध किया कानपुर कन्नौज हाईवे पर भाजपा कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए और सड़क जाम कर दी मौके पर पहुंचे समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण के समझाने के बाद भी कार्यकर्ता जिला प्रशासन पर कार्रवाई की बात पर अड़े हैं कहा है कि मंत्री जी का अपमान बीजेपी के कार्यकर्ता नहीं सह पाएंगे जब कन्नौज सदर विधायक समाज कल्याण मंत्री को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया तो जिले के आलाधिकारी मौके पर क्यों नहीं पहुंचे मंत्री का अपमान क्यों किया गया।2
- गांव कि सड़क खराब होने के कारण गांव वालो को आने जाने में बहुत दिक्कत होती हैँ, कई बार ग्राम प्रधान को गांव वालो ने बोला था फिर भी गांव वालो कि बात प्रधान ने नही मानी धन्यवाद ।1
- #हरदोई में महिला सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल,महिलाओं के उपर लाठी-डंडों से हमला जमकर हुई मारपीट मारपीट का वीडियो हुआ वायरल,जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में हुआ विवाद,मारपीट में कई महिलाएं हुई घायल, पुलिस पर तत्काल कार्रवाई ना करने का आरोप पीड़ित महिलाओं द्वारा उच्च स्तर के अधिकारियों से लगाई गई न्याय की गुहार थाना अतरौली क्षेत्र के सिंहपुर गांव की घटना1
- हरदोई के जिन्ना प्रेमी नेताजी पर पुलिस का शिकंजा,नेताजी अंडरग्राउंड पुलिस आसमान-पाताल एक करने को तैयार,हरदोई के सवायजपुर में यदुनंदन लाल के विवादित बोल पर भारी आक्रोश.... #TrendingNews #BreakingNews #ViralUpdate #SocialMediaViral #LatestNews #PublicOpinion #CurrentAffairs #NewsUpdate #HotTopic #Insight #Perspective #Debate #Samachar #HindiNews #LocalUpdate #SocialAwareness #StayInformed1
- हरदोई के थाना पचदेवरा क्षेत्र के गाँव कुंवरपुर में…जमीनी विवाद ने खूनी संघर्ष रूप ले लिया… और 58 वर्षीय राधेश्याम को दबंगों ने लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मार डाला … पुलिस का कहना है कि राधेश्याम की मौत अस्पताल में हुई जबकि परिजनों का आरोप है कि दिन दहाड़े विपक्षीगणों ने बेरहमी से वहीं हत्या कर दी थी लेकिन बाद में पुलिस ने पहुँचकर मृतक पिता के शव को अस्पताल भेज दिया जहाँ अफसर मौत होना बता रहे हैं हालांकि पुलिस की हर बात पर असंतोष व्यक्त करते हुए परिजनों का कहना है कि पुलिस शुरू से ही झूठ बोल रही है। राधेश्याम की हत्या के पश्चात् पत्नी पर हमला पति को बचाने दौड़ी पत्नी को भी नहीं बख्शा गया…उसे बेरहमी से पीटकर अधमरा कर दिया गया…इसीलिए उठा है मामले में सबसे बड़ा सवाल—घटना थाने से चंद कदम की दूरी पर…फिर भी हमलावर बेखौफ… और मदद नदारद… पुलिस दावे पर सवाल पुलिस का दावा—तुरंत मौके पर पहुंची… 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया… लेकिन सवाल— जब पुलिस मौके पर थी… तो बाकी आरोपी कैसे फरार हो गए? (पहले की शिकायतें वेअसर क्यों रहीं) मृतक के पुत्र विनोद कुमार का आरोप— दो बार थाना प्रभारी को शिकायत… 112 पर भी कॉल… कई बार मौखिक गुहार लेकिन पुलिस ने कर दिया सबकुछ बेकार क्योंकि इतना सबकुछ होने पर भी प्रभावी कार्रवाई नहीं… हुई और थाना प्रभारी की जानकारी में थाने का सिपाही दारोगा उसके विपक्षी के घर में उठता बैठता खाता पीता रहा, और शह देता रहा! क्या लापरवाही ने ली एक जान? (सिपाही-दारोगा पर आरोप) परिजनों का आरोप—सिपाही राकेश और एक दारोगा ने कार्रवाई नहीं की… बल्कि विपक्षियों को उकसाया… गाँव में चर्चा—“पुलिस ही बनी हमलावरों की ढाल…” (IPS अधिकारी पर सवाल) अब आरोपों का फंदा क्षेत्रीय अधिकारी… IPS आलोक राज नारायण पर है … परिजनों का दावा—घटना के दौरान 3 बार फोन किया गया…लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई… क्या एक फोन उठ जाता… तो जान बच सकती थी? (घटना की चरमसीमा चरम) आरोप—पिता की हत्या के बाद भी...हमलावर मां को पीटते रहे…बेटा जान बचाने के लिए थाने में भागा…तब जाकर पुलिस हरकत में आई… बाइट: विनोद कुमार (मृतक का पुत्र) (जन आक्रोश) गाँव कुंवरपुर में आक्रोश…परिजनों की मांग—सिपाही राकेश और संबंधित दारोगा पर सख्त कार्रवाई हो…ग्रामीणों में चर्चा— “पुलिस की मिलीभगत से हुई हत्या…“थाने के पास हत्या…आधी गिरफ्तारी… फोन कॉल अनसुनी…हरदोई के कुंवरपुर की ये तस्वीर… कई सवाल छोड़ रही है… क्या जिम्मेदारी तय होगी…या फिर ये मामला भी दब जाएगा? सबसे बड़ा सवाल—जब थाने के पास ही इंसाफ नहीं… तो फिर कहाँ?”4
- पाली। नगर पंचायत पाली के माध्यम से स्वीकृत अन्त्येष्टि स्थल का निर्माण कार्य इन दिनों नदी किनारे कराया जा रहा है। इस निर्माण को स्थानीय विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह की स्वीकृति प्राप्त बताई जा रही है। निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि कार्य में मानकों का पालन ठीक से नहीं किया जा रहा है। आरोप है कि निर्माण में नींव की पर्याप्त गहराई नहीं की गई है और सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। मौके पर देखने में आया कि निर्माण में बालू का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है, जिसे लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। लोगों का कहना है कि बालू के स्रोत को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है और इसकी जांच कराई जानी चाहिए। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और उपयोग की जा रही सामग्री की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या से बचा जा सके। फिलहाल, इस मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- हरदोई सवायजपुर में सपा नेता ने माता कौशल्या पर की अभद्र टिप्पणी, कार्रवाई की उठी मांग। हरदोई, 27 मार्च 2026। जनपद के सवायजपुर विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के नेता यदुनंदन लाल वर्मा द्वारा माता कौशल्या और भगवान राम को लेकर की गई अभद्र टिप्पणी के बाद जिले में व्यापक आक्रोश फैल गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे हिंदू समाज के लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। जानकारी के अनुसार, सवायजपुर क्षेत्र में आयोजित एक नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए यदुनंदन लाल वर्मा ने यह टिप्पणी की। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और संबंधित नेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। घटना के विरोध में स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों ने कड़ी नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि इस प्रकार की टिप्पणी धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली है और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, इस मामले में समाजवादी पार्टी हरदोई के पदाधिकारियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में किसी ठोस कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बढ़ते विरोध और वायरल वीडियो को देखते हुए मामले के तूल पकड़ने की संभावना बनी हुई है।1
- शाहाबाद (हरदोई)। थाना पचदेवरा से चंद कदम की दूरी पर हुई अधेड़ की निर्मम हत्या ने पुलिस के दावों और हकीकत के बीच बड़ा अंतर उजागर कर दिया है। 58 वर्षीय राधेश्याम को जमीनी विवाद में दबंगों ने लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मार डाला। पत्नी को भी अधमरा कर दिया गया। सवाल : ‘तुरंत पहुंची पुलिस’… फिर कैसे भागे हत्यारोपी? पुलिस का दावा है कि वह तत्काल मौके पर पहुंची और 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन बड़ा सवाल—जब पुलिस मौके पर थी और बांकी तुरंत पहुँची, तो बाकी आरोपी कैसे फरार हो गए? क्या कार्रवाई आधी-अधूरी थी या किसी को बचाने की कोशिश? थाने से चंद कदम की दूरी पर कत्ल, फिर भी हाथ मलती रही खाकी? ग्रामीणों का आरोप है कि घटना थाने के बेहद करीब हुई और पुलिस पहले से आसपास मौजूद थी, फिर भी हमलावर बेखौफ रहे। आखिर इसीलिए उठ रहे सवाल: कि क्या थाने के साए में भी लोग सुरक्षित नहीं? क्या पुलिस की मौजूदगी सिर्फ कागजों तक सीमित है? पहले शिकायतें… फिर भी खामोशी क्यों नहीं टूटी? मृतक के पुत्र विनोद कुमार का आरोप—दो बार थाना प्रभारी को पहले प्रार्थना पत्र और 112 पर कॉल के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जिसका नतीजा: कि उसके पिता की बेरहमी से हत्या की गई। सवाल: क्या यह लापरवाही नहीं, सीधी जिम्मेदारी है? सिपाही राकेश और दारोगा पर गंभीर आरोप परिजनों ने सिपाही राकेश समेत एक दारोगा पर विपक्षियों से मिलीभगत, उकसाने और कार्रवाई न करने के आरोप लगाए हैं जबकि थानाध्यक्ष पर भी लापरवाही और विवादित जमीन पर विपक्षी द्वारा मिट्टी डलवाने के आरोप लगाए हैं। गांव में चर्चा—“पुलिस हत्यारोपियों के साथ” परिजन लगातार दोनों पर कठोर कार्रवाई की कर रहे मांग आईपीएस आलोक राज नारायण पर भी घिरा घेरा लेकिन उनके विरुद्ध कार्यवाही करने की भला किसमें दम क्योंकि उनके ऊपर वही कहावत चरितार्थ कि वह भला यूपी पुलिस के किस अधिकारी से हैं कम? भले इस दर्दनाक हत्या के मामले में पीड़ितों द्वारा जो आरोप पुलिस पर लगाए गए उसमें सबसे गंभीर आरोप क्षेत्रीय अधिकारी (सीओ/एएसपी) आलोक राज नारायण पर है। वादी पक्ष का दावा—घटना के दौरान उन्हें 3 बार फोन किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। ऐसे में सवाल उठना लॉजिमी है कि : क्या आपात स्थिति में भी अफसरों के फोन नहीं उठेंगे? अगर कॉल उठ जाती, तोशायद थाना पुलिस तत्काल चंद कदम कूद फांद कर घटना स्थल पर पहुँच जाती, जिससे एक जान बच सकती थी? हत्या के बाद भी जारी रही पिटाई, बेटा थाने भागा पुत्र का आरोप—पिता की हत्या के बाद भी हमलावर उसकी मां को पीटते रहे। वह खुद जान बचाने के लिए थाने में भागा, तब पुलिस सक्रिय हुई। गांव में आक्रोश, पुलिस पर अविश्वास घटना के बाद मृतक परिवार में भारी आक्रोश है, वहीं ग्रामीणों में भी पुलिस के प्रति गहरा असंतोष व्याप्त है। खुलेआम चर्चा—“अगर समय पर कार्रवाई होती, तो हत्या नहीं होती।” पुलिस की सफाई बनाम जमीनी हकीकत पुलिस का दावा—तत्काल कार्रवाई, 3 आरोपी गिरफ्तार, शव पोस्टमार्टम को भेजा गया। लेकिन सवाल अब भी कायम—बाकी आरोपी क्यों फरार? पहले हुईं शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं? कॉल क्यों नहीं उठे? आखिर जिम्मेदार कौन? थाने के पास हत्या… फिर भी आधी गिरफ्तारी… फोन कॉल अनसुनी… और पहले से दी गई शिकायतें नजरअंदाज…क्या यह सिर्फ लापरवाही है… या सिस्टम की गहरी खामी? कुल मिलाकर लोग निगरानी अफसर अपर पुलिस अधीक्षक आलोक राज नारयण की कार्यशैली को कोसते हुए मुख्यमंत्री से जाँच एवं कार्यवाही की मांग कर रहे हैं।4
- #हरदोई के मेडिकल कॉलेज में किडनी के गंभीर मरीजों के लिए बनाया गया डायलिसिस सेंटर के ठीक बाहर का नजारा किसी अधिकृत पार्किंग स्टैंड जैसा नजर आता है, जहां बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों ने मरीजों और उनके तीमारदारों का रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है।अपने मरीज को लेकर आये लोगों ने बताया कि डायलिसिस के लिए आने वाले अधिकांश मरीज चलने-फिरने में असमर्थ होते हैं। उन्हें स्ट्रेचर या व्हीलचेयर के माध्यम से वार्ड तक ले जाना पड़ता है, लेकिन मुख्य द्वार पर खड़ी गाड़ियों के कारण तीमारदारों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।तीमारदारों का आरोप है कि अस्पताल परिसर में सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद लोग वार्ड के गेट तक वाहन खड़े कर देते है।1