जनपद सीतापुर के मिश्रिख क्षेत्र में कथित अवैध धर्म परिवर्तन से जुड़े एक मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये आरोपित आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को अपने प्रभाव में लेने का प्रयास कर रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की गहन पड़ताल में जुट गई हैं। पुलिस को क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए चार लोगों को हिरासत में लिया गया। जांच के दौरान कुछ धार्मिक साहित्य, दस्तावेज और अन्य सामग्री भी बरामद हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों पर धन, सहायता और अन्य प्रलोभनों के माध्यम से लोगों को प्रभावित करने के आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित गतिविधियां कब से संचालित की जा रही थीं और इनके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं, साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि कहीं इस मामले के तार जिले या प्रदेश के बाहर सक्रिय किसी बड़े नेटवर्क से तो नहीं जुड़े हैं। मिश्रिख पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और उनके संपर्कों, बैंक लेन-देन तथा डिजिटल गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि क्षेत्र में किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल प्रशासन को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस जल्द ही विस्तृत खुलासा कर सकती है।
जनपद सीतापुर के मिश्रिख क्षेत्र में कथित अवैध धर्म परिवर्तन से जुड़े एक मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये आरोपित आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को अपने प्रभाव में लेने का प्रयास कर रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की गहन पड़ताल में जुट गई हैं। पुलिस को क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए चार लोगों को हिरासत में लिया गया। जांच के दौरान कुछ धार्मिक साहित्य, दस्तावेज और अन्य सामग्री भी बरामद हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों पर धन, सहायता और अन्य प्रलोभनों के माध्यम से लोगों को प्रभावित करने के आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित गतिविधियां कब से संचालित की जा रही थीं और इनके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं, साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि कहीं इस मामले के तार जिले या प्रदेश के बाहर सक्रिय किसी बड़े नेटवर्क से तो नहीं जुड़े हैं। मिश्रिख पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और उनके संपर्कों, बैंक लेन-देन तथा डिजिटल गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि क्षेत्र में किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल प्रशासन को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस जल्द ही विस्तृत खुलासा कर सकती है।
- महमूदाबाद जनता सीतापुर के अंतर्गत ग्राम सहजानी में बदहाल स्थिति बनी हुई है। गांव में नाली टूटी हुई है और सड़क का बड़ा है, जिसके कारण पूरा सहजनी गांव कचरे के ढेर से बुरी तरह प्रभावित है और इसका हाल बेहाल है। इस गंभीर बदहाली के बावजूद, महमूदाबाद नगरपालिका की ओर से कोई प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली है। इस स्थिति पर ध्यान आकर्षित करने और अधिकारियों को कार्रवाई के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से, इस वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की गई है।1
- सीतापुर के अमलोरा रेउसा निवासी मिथिलेश कुमार मिश्रा और उनका परिवार 8 जून, 2026, सोमवार की रात अयोध्या से अपनी कार से वापस लौट रहा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रात करीब 1 से 2 बजे के बीच भगवानपुर और रमुवापुर के रास्ते में उनकी गाड़ी का एक भयंकर एक्सीडेंट हो गया। इस भीषण दुर्घटना में मिथिलेश कुमार मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गई। उन्हें एम्बुलेंस से बहराइच ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दुर्घटना में उनके परिवार के अन्य सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें उनकी पत्नी निरमला देवी (60 वर्ष), प्रदीप कुमार मिश्रा (लगभग 30 वर्ष), निकी मिश्रा (22 वर्ष), प्रदीप की पत्नी, और नातिन राशी (12 वर्ष) शामिल हैं। निरमला देवी, प्रदीप मिश्रा, और लकी मिश्रा को भयंकर चोटें आने के कारण ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया है।3
- लखनऊ के थाना पारा क्षेत्र के बुद्धेश्वर इलाके से एक विवाहिता चार दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी, जिसका अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में अभी तक कोई मुकदमा भी दर्ज नहीं किया है। डेढ़ माह पूर्व ही महिला की शादी हुई थी। पीड़िता ने लापता होने से ठीक एक दिन पहले अपनी बहन को फोन पर बताया था कि उसका पति उसे प्रताड़ित कर रहा है और जान से मारने की धमकी दे रहा है। परिवार वालों ने बताया कि शादी के बाद से ही पीड़िता को दहेज की अतिरिक्त मांग को लेकर परेशान किया जा रहा था। पीड़ित परिवार ने पति सहित ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार के मुताबिक, थाना पारा पुलिस उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रही है, जिससे उनका रो-रोकर बुरा हाल है और वे किसी बड़ी अनहोनी की आशंका जता रहे हैं। परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।1
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- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक गली और नाली का निर्माण कार्य पिछले पाँच सालों से अटका हुआ है। स्थानीय निवासियों द्वारा लगातार प्रयास किए जाने के बावजूद भी यह समस्या बनी हुई है। शिकायत है कि बारिश के मौसम में इन रास्तों पर इतना पानी जमा हो जाता है कि छोटे बच्चों को स्कूल जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।1
- लखनऊ के प्रतिष्ठित चंद्रिका देवी मंदिर परिसर में चोरों का आतंक लगातार जारी है, जहाँ दुकानों में चोरी की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में, चोरों ने अतुल सिंह की थोक की दुकान को अपना निशाना बनाया। तांबे के पात्र आदि बेचने वाली इस दुकान से चोरों ने गल्ले में रखी नकदी उड़ा ली। चोरी की यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। बख्शी का तालाब थाना क्षेत्र की कठवारा चौकी पुलिस इन चोरों को पकड़ने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है। बताया गया है कि पुलिस पिछले दिनों हुई कई ई-रिक्शा और बैटरी चोरी, फार्म हाउस चोरी, और आंगनबाड़ी केंद्र चोरी जैसी अन्य घटनाओं में शामिल चोरों को भी पकड़ने में विफल रही है।1
- जनपद सीतापुर के मिश्रिख क्षेत्र में कथित अवैध धर्म परिवर्तन से जुड़े एक मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये आरोपित आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को अपने प्रभाव में लेने का प्रयास कर रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की गहन पड़ताल में जुट गई हैं। पुलिस को क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए चार लोगों को हिरासत में लिया गया। जांच के दौरान कुछ धार्मिक साहित्य, दस्तावेज और अन्य सामग्री भी बरामद हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों पर धन, सहायता और अन्य प्रलोभनों के माध्यम से लोगों को प्रभावित करने के आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित गतिविधियां कब से संचालित की जा रही थीं और इनके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं, साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि कहीं इस मामले के तार जिले या प्रदेश के बाहर सक्रिय किसी बड़े नेटवर्क से तो नहीं जुड़े हैं। मिश्रिख पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और उनके संपर्कों, बैंक लेन-देन तथा डिजिटल गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि क्षेत्र में किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल प्रशासन को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस जल्द ही विस्तृत खुलासा कर सकती है।1
- सीतापुर जनपद के महमूदाबाद नगर पालिका के अंतर्गत आने वाले सहजानी ग्राम की स्थिति बेहद दयनीय है, जहाँ पूरा गाँव 'नरक की चपेट में' है। यहाँ की सड़कें और नालियाँ कीचड़ से लबालब भरी हुई हैं, जिससे लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस नारकीय स्थिति के लिए महमूदाबाद नगर पालिका जिम्मेदार है या वहाँ की जनता, यह एक बड़ा सवाल है जिसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।1
- आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी के आरोपों को लेकर भाजपा और राम मंदिर ट्रस्ट पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासन में देश के संसाधनों, संस्थाओं और जनता के अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं, और इसी दौरान भगवान श्रीराम के नाम पर श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए धन में चोरी के आरोप सामने आना अत्यंत शर्मनाक और चिंताजनक है। संजय सिंह ने बताया कि आम आदमी पार्टी लगातार यह सवाल उठा रही थी कि राम मंदिर के दान पात्र और चढ़ावे में गड़बड़ी हुई है। भाजपा के नेता और उनके समर्थक इन आरोपों को झूठा बताने में लगे थे, लेकिन अब सामने आ रही जानकारियों से स्पष्ट हो गया है कि चढ़ावे में चोरी के मामले में गिरफ्तारियां हुई हैं और जांच एजेंसियों को भी कार्रवाई करनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि जब देश के सामने तथ्य आ चुके हैं, तो भाजपा और ट्रस्ट के जिम्मेदार लोगों को जवाब देना चाहिए, क्योंकि करोड़ों रामभक्त अपनी मेहनत की कमाई श्रद्धा के साथ भगवान श्रीराम के चरणों में अर्पित करते हैं, और उस धन की सुरक्षा व पारदर्शिता सुनिश्चित करना ट्रस्ट की जिम्मेदारी है। संजय सिंह ने भाजपा सरकार पर देश की संपत्तियों को बेचने, जैसे रेलवे, हवाई अड्डे, बंदरगाह और सरकारी संस्थान, का आरोप लगाते हुए कहा कि अब अगर भगवान श्रीराम के चढ़ावे में भी चोरी के आरोप सामने आ रहे हैं तो यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर सीधा आघात है। उन्होंने मांग की कि देश जानना चाहता है कि यह सब कैसे हुआ और इसके जिम्मेदार कौन हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा राम के नाम पर वोट मांगती है और राजनीति करती है, लेकिन जब रामभक्तों के चढ़ावे पर सवाल उठते हैं तो जवाब देने से बचती है, और यह चुप्पी संदेह को और बढ़ाती है। संजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को चुनौती देते हुए कहा, “यदि चढ़ावे में चोरी नहीं हुई है तो चंपत राय जी भगवान श्रीराम की प्रतिमा पर हाथ रखकर सौगंध खाएं कि चढ़ावे के धन में किसी प्रकार की चोरी नहीं हुई।” उन्होंने यह विश्वास जताया कि उनकी इस सौगंध पर करोड़ों रामभक्त विश्वास कर लेंगे। उन्होंने दोषियों को तत्काल जेल भेजने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर देश के सामने सच्चाई रखने की भी मांग की, ताकि भगवान श्रीराम की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए। संजय सिंह ने अंत में कहा कि आम आदमी पार्टी श्रद्धालुओं की आस्था और उनके चढ़ावे की पवित्रता की रक्षा के लिए इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करती रहेगी।1