डिग्री कॉलेज के स्थान को लेकर छिड़ा संग्राम, नवहट्टा मुख्यालय के बजाय कासिमपुर में निर्माण की चर्चा से आक्रोश सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड में डिग्री कॉलेज की स्थापना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कॉलेज के प्रस्तावित स्थान को बदलने की सुगबुगाहट ने अब एक बड़े जनांदोलन का रूप ले लिया है। जिस कॉलेज के नवहट्टा मुख्यालय में बनने की उम्मीद थी, उसे अब कासिमपुर स्थानांतरित करने की चर्चाओं ने स्थानीय ग्रामीणों और छात्र संगठनों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का तर्क है कि नवहट्टा प्रखंड मुख्यालय एक केंद्रीय स्थान है, जहाँ आवागमन की बेहतर सुविधा है और यह आसपास की कई पंचायतों के छात्रों के लिए सुलभ है। दूसरी ओर, कासिमपुर में कॉलेज ले जाने के प्रस्ताव को राजनीतिक साजिश करार दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि भौगोलिक दृष्टिकोण से कासिमपुर एक किनारे पर स्थित है, जिससे दूर-दराज के छात्रों, विशेषकर छात्राओं को कॉलेज पहुँचने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।
डिग्री कॉलेज के स्थान को लेकर छिड़ा संग्राम, नवहट्टा मुख्यालय के बजाय कासिमपुर में निर्माण की चर्चा से आक्रोश सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड में डिग्री कॉलेज की स्थापना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कॉलेज के प्रस्तावित स्थान को बदलने की सुगबुगाहट ने अब एक बड़े जनांदोलन का रूप ले लिया है। जिस कॉलेज के नवहट्टा मुख्यालय में बनने की उम्मीद थी, उसे अब कासिमपुर स्थानांतरित करने की चर्चाओं ने स्थानीय ग्रामीणों और छात्र संगठनों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का तर्क है कि नवहट्टा प्रखंड मुख्यालय एक केंद्रीय स्थान है, जहाँ आवागमन की बेहतर सुविधा है और यह आसपास की कई पंचायतों के छात्रों के लिए सुलभ है। दूसरी ओर, कासिमपुर में कॉलेज ले जाने के प्रस्ताव को राजनीतिक साजिश करार दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि भौगोलिक दृष्टिकोण से कासिमपुर एक किनारे पर स्थित है, जिससे दूर-दराज के छात्रों, विशेषकर छात्राओं को कॉलेज पहुँचने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।
- डिग्री कॉलेज के स्थान को लेकर छिड़ा संग्राम, नवहट्टा मुख्यालय के बजाय कासिमपुर में निर्माण की चर्चा से आक्रोश सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड में डिग्री कॉलेज की स्थापना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कॉलेज के प्रस्तावित स्थान को बदलने की सुगबुगाहट ने अब एक बड़े जनांदोलन का रूप ले लिया है। जिस कॉलेज के नवहट्टा मुख्यालय में बनने की उम्मीद थी, उसे अब कासिमपुर स्थानांतरित करने की चर्चाओं ने स्थानीय ग्रामीणों और छात्र संगठनों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का तर्क है कि नवहट्टा प्रखंड मुख्यालय एक केंद्रीय स्थान है, जहाँ आवागमन की बेहतर सुविधा है और यह आसपास की कई पंचायतों के छात्रों के लिए सुलभ है। दूसरी ओर, कासिमपुर में कॉलेज ले जाने के प्रस्ताव को राजनीतिक साजिश करार दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि भौगोलिक दृष्टिकोण से कासिमपुर एक किनारे पर स्थित है, जिससे दूर-दराज के छात्रों, विशेषकर छात्राओं को कॉलेज पहुँचने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।1
- सहरसा जिले के चंद्रायन पंचायत में दो दशक से सड़क न होने के कारण ग्रामीण परेशान हैं और हल्की बारिश में भी इलाका जलमग्न हो जाता है। इससे स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को आवाजाही में भारी दिक्कत होती है, जिसका आरोप स्थानीय लोग जनप्रतिनिधियों की आपसी राजनीति पर लगा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण और जलजमाव की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।1
- Aaj sam k samay sirf aapko 7.15pm mai itna bada jam laga hua tha Aaj sham mein sat bajkar ke pandrah minute, pe gangjala chaunk.Itna bhayankar, jaam laga hua tha aapko, joe aane, jaane wala, rasta tha poora, jaam karke.Rakha hua tha yani ki paidal aane jaane wale.Yatri ko kitna dikkat h* raha hai.Usse gaari wale ko koi matlab nahin1
- किशन बिहारी का गाना 'सरकार ने लूटा दिल मेरा टूटा' सुपौल जिले में इन दिनों खूब वायरल हो रहा है। इसके बोल आम जनता के दिल को छू रहे हैं और यह गाना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।1
- बिहार के एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद 250 से ज़्यादा छात्र बीमार पड़ गए। अभिभावकों का आरोप है कि खाने के बर्तन में एक सांप मिला था। इसे देखकर कई छात्रों को उल्टी और पेट में दर्द होने लगा।1
- सहर्ष जिले के सिंगेश्वर स्थान पर एक विशाल महा शिव पुराण ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। यह धार्मिक अनुष्ठान 10 मई 2026 को संपन्न होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।1
- बिहार के सहरसा जिले के खजुरी गांव में 30 साल से सड़क का इंतजार खत्म नहीं हुआ है। 2021 में शुरू हुआ 400 मीटर सड़क का निर्माण ठेकेदार द्वारा पुरानी ईंटें उखाड़कर गायब होने के बाद से अधूरा पड़ा है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है, लेकिन कई बार शिकायत के बावजूद अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया है।1
- सहरसा के नवहट्टा प्रखंड में प्रस्तावित डिग्री कॉलेज की जगह को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि विभागीय अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी की है। वे मुख्यालय के आदर्श राजकीय मध्य विद्यालय परिसर में कॉलेज बनाने की मांग कर रहे हैं, जो आवागमन और सुविधाओं से लैस है।1