लालसोट शहर में निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर बाजारों और चौराहों पर राहगीरों के लिए शीतल पेय का व्यापक प्रबंध किया गया। शहर के बस स्टैंड, बड़ाया धर्मशाला, ज्योतिबा फूले सर्किल, देवी जी, कोथून रोड, श्याम मंदिर, जमात चौराहे, गंगापुर चौराहा और न्यू अनाज मंडी तिराहे सहित कई स्थानों पर मिल्क रोज, आम रस, ठंडाई और शरबत जैसी ठंडी चीजों का वितरण किया गया। इस सेवा कार्य में विभिन्न सामाजिक संगठन, व्यापारी और परिवार शामिल रहे। बस स्टैंड पर व्यापारियों ने मिल्क रोज के स्टॉल लगाकर लोगों को यह पेय पिलाया, वहीं श्री श्याम मित्र मंडल ने नगर परिषद के सामने ठंडाई बांटी। ज्योतिबा फूले सर्किल पर भी मिल्क रोज पिलाया गया। महाकाली मंदिर के पास महाकाली सेवा समिति ने व्यापार महासंघ के अध्यक्ष दीपक चौधरी के नेतृत्व में राहगीरों को रोककर ठंडाई पिलाई। जमात चौराहा, गंगापुर चौराहा और श्याम मंदिर पर व्यापारियों और श्याम परिवार ने राहगीरों तथा बसों की सवारियों को शीतल पेय वितरित किया। न्यू अनाज मंडी तिराहे पर व्यापारियों ने शरबत पिलाकर धर्म लाभ अर्जित किया। पंडित नरसी शर्मा ने निर्जला एकादशी के महत्व को बताते हुए कहा कि यह व्रत ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है और इसे हिंदू धर्म का एक पवित्र तथा कठोर व्रत माना जाता है, जिसमें जल भी ग्रहण नहीं किया जाता। इस दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस अवसर पर सामाजिक संगठनों ने बाजारों और चौराहों पर राहगीरों को शीतल पेय पिलाकर अपनी सेवा भावना का प्रदर्शन किया।
लालसोट शहर में निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर बाजारों और चौराहों पर राहगीरों के लिए शीतल पेय का व्यापक प्रबंध किया गया। शहर के बस स्टैंड, बड़ाया धर्मशाला, ज्योतिबा फूले सर्किल, देवी जी, कोथून रोड, श्याम मंदिर, जमात चौराहे, गंगापुर चौराहा और न्यू अनाज मंडी तिराहे सहित कई स्थानों पर मिल्क रोज, आम रस, ठंडाई और शरबत जैसी ठंडी चीजों का वितरण किया गया। इस सेवा कार्य में विभिन्न सामाजिक संगठन, व्यापारी और परिवार शामिल रहे। बस स्टैंड पर व्यापारियों ने मिल्क रोज के स्टॉल लगाकर लोगों को यह पेय पिलाया, वहीं श्री श्याम मित्र मंडल ने नगर परिषद के सामने ठंडाई बांटी। ज्योतिबा फूले सर्किल पर भी मिल्क रोज पिलाया गया। महाकाली मंदिर के पास महाकाली सेवा समिति ने व्यापार महासंघ के अध्यक्ष दीपक चौधरी के नेतृत्व में राहगीरों को रोककर ठंडाई पिलाई। जमात चौराहा, गंगापुर चौराहा और श्याम मंदिर पर व्यापारियों और श्याम परिवार ने राहगीरों तथा बसों की सवारियों को शीतल पेय वितरित किया। न्यू अनाज मंडी तिराहे पर व्यापारियों ने शरबत पिलाकर धर्म लाभ अर्जित किया। पंडित नरसी शर्मा ने निर्जला एकादशी के महत्व को बताते हुए कहा कि यह व्रत ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है और इसे हिंदू धर्म का एक पवित्र तथा कठोर व्रत माना जाता है, जिसमें जल भी ग्रहण नहीं किया जाता। इस दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस अवसर पर सामाजिक संगठनों ने बाजारों और चौराहों पर राहगीरों को शीतल पेय पिलाकर अपनी सेवा भावना का प्रदर्शन किया।
- निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर लालसोट में श्याम भक्तों द्वारा जगह-जगह शरबत और ठंडाई वितरण का आयोजन किया गया। यह सेवा शिविर श्रद्धा, सेवा और परोपकार की भावना के साथ भीषण गर्मी के बीच आयोजित किया गया, जहाँ राहगीरों, श्रद्धालुओं और आमजन को शीतल पेय वितरित कर गर्मी से राहत पहुँचाई गई। सेवा शिविरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं और राहगीरों का आना-जाना बना रहा। श्याम भक्तों ने पूरे उत्साह और समर्पण भाव से लोगों को शरबत और ठंडाई पिलाकर मानव सेवा का संदेश दिया। आयोजन स्थलों पर भक्तिमय वातावरण के बीच लगातार "जय श्री श्याम" के जयघोष गूँजते रहे। इस दौरान श्री श्याम सेवक परिवार लालसोट ने ज्योतिबा फूले सर्किल पर लोगों को शीतल पेय पिलाकर निःस्वार्थ भाव से सेवा की। वहीं, गंगापुर रोड स्थित खाटू श्याम मंदिर पर श्री श्याम मित्र मंडल द्वारा भी शरबत पिलाकर सेवा कार्य किया गया, जिसमें महिला मित्र मंडल का विशेष योगदान रहा। आयोजकों ने बताया कि निर्जला एकादशी का पर्व दान, पुण्य और सेवा का संदेश देता है, और इसी उद्देश्य से ऐसे सेवा कार्य प्रत्येक वर्ष आयोजित किए जाते हैं, ताकि समाज में सहयोग और सद्भावना की भावना को बढ़ावा मिले। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्याम भक्त और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। लोगों ने श्याम भक्तों की इस सेवा भावना की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल और पुनीत कार्य बताया।3
- दौसा जिले के लालसोट के तालेड़ा जमात स्थित श्री महंत जी महाराज की बगीची में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का श्रद्धापूर्वक समापन हो गया है। इस धार्मिक आयोजन के समापन अवसर पर विशाल भंडारे और प्रसादी वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और धर्म लाभ प्राप्त किया।2
- निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर लालसोट शहर और आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा शीतल पेय भंडारों का आयोजन किया गया। भीषण गर्मी के बीच श्रद्धालुओं और राहगीरों को ठंडे पेय पदार्थ वितरित कर सेवा कार्य किया गया, जिससे लोगों की प्यास बुझाकर पुण्य कमाया गया। शहर में दो दर्जन से अधिक शीतल पेय भंडारे प्रमुख चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए। ज्योतिबा फुले सर्किल स्थित अमित छोटू जोशी कार्यालय के पास दूध से निर्मित मिल्क रोज का भंडारा लगाया गया, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं, खाटू श्याम सेवा समिति ने श्रद्धालुओं को ठंडाई वितरित की। इन भंडारों में ठंडाई, शरबत, मिल्क रोज, शीतल जल और अन्य पेय पदार्थों का वितरण किया गया, जिसका दिनभर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और राहगीरों ने लाभ उठाया।2
- दौसा स्थित पिलू वाले बालाजी मंदिर में निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर श्रद्धा और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस दौरान युवाओं ने कई स्थानों पर छबिलें लगाईं, जहाँ श्रद्धालुओं और राहगीरों को केसरिया ठंडाई, शरबत और शीतल आम रस पिलाया गया। मंदिर में दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय महिलाओं ने भी भगवान को मीठे पानी से भरे मिट्टी के कलश, हवा पंखी और आम अर्पित किए। इस धार्मिक आयोजन में बालाजी के दर्शन करने आए भक्तों ने भगवान के जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।3
- राजस्थान के अलवर जिले के थानागाजी क्षेत्र के जैतपुर ब्राह्मण गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिसका वीडियो सीसीटीवी में कैद होकर वायरल हो गया है। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों तरफ से लाठी-डंडे चलने लगे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बताया गया है कि सात पुरुष लाठियों से लैस होकर महिलाओं पर हमला कर रहे थे, लेकिन तीन महिलाओं ने असाधारण साहस दिखाते हुए उनका मुकाबला किया और हमलावरों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। सूचना मिलने पर प्रतापगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थानाधिकारी राजकुमार ने तत्परता से स्थिति को नियंत्रित किया और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बहाल कराई। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।1
- सवाई माधोपुर जिले के गंगापुर उपखंड की ग्राम पंचायत कोलीवाडा में पटवारी सियाराम गुर्जर और उनके साथियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, पटवारी और उनके साथी बिना किसी समिति की अनुमति के जबरन जमीन की नाप कर रहे हैं और नीम खोद रहे हैं। आरोप है कि वे इस दौरान प्रशासन की धमकी भी दे रहे हैं, जिसमें पटवारी सियाराम गुर्जर पुलिस प्रशासन का भय दिखाते हुए लोगों को धमका रहे हैं और कह रहे हैं कि "एक मिनट में आपको जेल करवा दूंगा।" इस पूरे मामले को लेकर यह स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि अगर इस जबरन कार्रवाई के दौरान कोई भी अप्रिय घटना घटती है, तो उसके लिए पटवारी सियाराम गुर्जर और उनके साथी ही पूरी तरह जिम्मेदार होंगे।1
- गंगापुर से खाटू धाम के लिए एक यात्रा रवाना हुई है। गंगापुर निवासी जितेंद्र शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि श्री श्याम सेवा समिति गंगापुर के सभी सदस्य हर महीने बस द्वारा बाबा के दरबार में खाटू धाम जाते हैं। इसी मासिक यात्रा के तहत, आज निर्जला एकादशी के अवसर पर श्री श्याम मित्र मंडल गंगापुर वालों की तरफ से सभी श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह शरबत, शिकंजी आदि की विशेष व्यवस्था की गई है।1
- लालसोट शहर में निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर बाजारों और चौराहों पर राहगीरों के लिए शीतल पेय का व्यापक प्रबंध किया गया। शहर के बस स्टैंड, बड़ाया धर्मशाला, ज्योतिबा फूले सर्किल, देवी जी, कोथून रोड, श्याम मंदिर, जमात चौराहे, गंगापुर चौराहा और न्यू अनाज मंडी तिराहे सहित कई स्थानों पर मिल्क रोज, आम रस, ठंडाई और शरबत जैसी ठंडी चीजों का वितरण किया गया। इस सेवा कार्य में विभिन्न सामाजिक संगठन, व्यापारी और परिवार शामिल रहे। बस स्टैंड पर व्यापारियों ने मिल्क रोज के स्टॉल लगाकर लोगों को यह पेय पिलाया, वहीं श्री श्याम मित्र मंडल ने नगर परिषद के सामने ठंडाई बांटी। ज्योतिबा फूले सर्किल पर भी मिल्क रोज पिलाया गया। महाकाली मंदिर के पास महाकाली सेवा समिति ने व्यापार महासंघ के अध्यक्ष दीपक चौधरी के नेतृत्व में राहगीरों को रोककर ठंडाई पिलाई। जमात चौराहा, गंगापुर चौराहा और श्याम मंदिर पर व्यापारियों और श्याम परिवार ने राहगीरों तथा बसों की सवारियों को शीतल पेय वितरित किया। न्यू अनाज मंडी तिराहे पर व्यापारियों ने शरबत पिलाकर धर्म लाभ अर्जित किया। पंडित नरसी शर्मा ने निर्जला एकादशी के महत्व को बताते हुए कहा कि यह व्रत ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है और इसे हिंदू धर्म का एक पवित्र तथा कठोर व्रत माना जाता है, जिसमें जल भी ग्रहण नहीं किया जाता। इस दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस अवसर पर सामाजिक संगठनों ने बाजारों और चौराहों पर राहगीरों को शीतल पेय पिलाकर अपनी सेवा भावना का प्रदर्शन किया।1