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साल 2025 तक इस योजना के तहत लाखों ग्रामीण इस योजना का उद्देश्य है कि जिन ग्रामीण परिवारों के पास पक्का घर नहीं है, उन्हें सरकार की ओर से आर्थिक सहायता देकर पक्का मकान उपलब्ध कराया जाए।

6 hrs ago
user_Dilip Kumar Bharti
Dilip Kumar Bharti
Local News Reporter नरैनी, बांदा, उत्तर प्रदेश•
6 hrs ago

साल 2025 तक इस योजना के तहत लाखों ग्रामीण इस योजना का उद्देश्य है कि जिन ग्रामीण परिवारों के पास पक्का घर नहीं है, उन्हें सरकार की ओर से आर्थिक सहायता देकर पक्का मकान उपलब्ध कराया जाए।

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  • इस योजना का उद्देश्य है कि जिन ग्रामीण परिवारों के पास पक्का घर नहीं है, उन्हें सरकार की ओर से आर्थिक सहायता देकर पक्का मकान उपलब्ध कराया जाए।
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    इस योजना का उद्देश्य है कि जिन ग्रामीण परिवारों के पास पक्का घर नहीं है, उन्हें सरकार की ओर से आर्थिक सहायता देकर पक्का मकान उपलब्ध कराया जाए।
    user_Dilip Kumar Bharti
    Dilip Kumar Bharti
    Local News Reporter नरैनी, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • #Apkiawajdigital सहारनपुर (संवाददाता) — उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा कथित तौर पर किए जा रहे 'हाफ एनकाउंटर' (आधे एनकाउंटर) के तरीकों पर अब न्यायिक जांच की रोशनी पड़ रही है। सहारनपुर जिले के देवबंद कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (एसीजेएम/एसीजीएम) परविंदर सिंह ने खुद देवबंद जेल पहुंचकर एनकाउंटर में घायल होकर आए कैदियों से सीधी पूछताछ की। इस दौरान कैदियों ने पुलिस के तरीके की चौंकाने वाली जानकारी दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में जज परविंदर सिंह कैदियों से पूछते नजर आ रहे हैं कि गोली कैसे लगी? दो कैदियों ने जवाब दिया कि पुलिस ने उन्हें जमीन पर लिटाया, फिर पैर पर कपड़ा रखकर गोली मार दी। एक कैदी ने दावा किया कि उसे जंगल में ले जाकर पैर में गोली मारी गई और पूरा एनकाउंटर फर्जी था। कैदियों का कहना था कि यह "हाफ एनकाउंटर" था, जिसमें अपराधी को मारने की बजाय घायल करके छोड़ दिया जाता है—संभवतः पुलिस की परफॉर्मेंस दिखाने या प्रमोशन के लिए। यह घटना इलाहाबाद हाईकोर्ट की उस टिप्पणी के ठीक एक सप्ताह बाद हुई है, जिसमें कोर्ट ने यूपी पुलिस के एनकाउंटर तरीकों पर कड़ी नाराजगी जताई थी और कहा था कि ऐसे मामले जांच के लायक हैं। हाईकोर्ट ने "लंगड़ा ऑपरेशन" (पैर में गोली मारकर अपराधी को छोड़ना) पर भी सवाल उठाए थे। एसीजेएम परविंदर सिंह ने जेल में कैदियों को लाइन में खड़ा कर एक-एक करके उनकी आपबीती सुनी। कैदियों ने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें उठाकर ले गई, फर्जी मुठभेड़ दिखाकर घायल किया और फिर जेल भेज दिया। एक कैदी ने बताया, "मैं कोर्ट की तारीख पर जा रहा था, पुलिस ने रास्ते में पकड़ा और हाफ एनकाउंटर कर दिया।" इस वीडियो के वायरल होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। यूपी में पिछले कुछ वर्षों में "हाफ एनकाउंटर" के कई मामले सामने आए हैं, जहां अपराधियों को जान से मारने की बजाय पैरों में गोली मारकर छोड़ दिया जाता है। सोशल मीडिया पर लोग इसे पुलिस की "परफॉर्मेंस" और "प्रमोशन पॉलिसी" से जोड़कर देख रहे हैं। पुलिस की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन जांच जारी होने की संभावना है। यह घटना न्याय व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही पर नए सवाल खड़े कर रही है। क्या यूपी में एनकाउंटर अब "नियंत्रित हिंसा" का रूप ले चुके हैं ? वीडियो देखकर जनता में आक्रोश !
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    #Apkiawajdigital
सहारनपुर (संवाददाता) — उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा कथित तौर पर किए जा रहे 'हाफ एनकाउंटर' (आधे एनकाउंटर) के तरीकों पर अब न्यायिक जांच की रोशनी पड़ रही है। सहारनपुर जिले के देवबंद कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (एसीजेएम/एसीजीएम) परविंदर सिंह ने खुद देवबंद जेल पहुंचकर एनकाउंटर में घायल होकर आए कैदियों से सीधी पूछताछ की। इस दौरान कैदियों ने पुलिस के तरीके की चौंकाने वाली जानकारी दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में जज परविंदर सिंह कैदियों से पूछते नजर आ रहे हैं कि गोली कैसे लगी? दो कैदियों ने जवाब दिया कि पुलिस ने उन्हें जमीन पर लिटाया, फिर पैर पर कपड़ा रखकर गोली मार दी। एक कैदी ने दावा किया कि उसे जंगल में ले जाकर पैर में गोली मारी गई और पूरा एनकाउंटर फर्जी था। कैदियों का कहना था कि यह "हाफ एनकाउंटर" था, जिसमें अपराधी को मारने की बजाय घायल करके छोड़ दिया जाता है—संभवतः पुलिस की परफॉर्मेंस दिखाने या प्रमोशन के लिए।
यह घटना इलाहाबाद हाईकोर्ट की उस टिप्पणी के ठीक एक सप्ताह बाद हुई है, जिसमें कोर्ट ने यूपी पुलिस के एनकाउंटर तरीकों पर कड़ी नाराजगी जताई थी और कहा था कि ऐसे मामले जांच के लायक हैं। हाईकोर्ट ने "लंगड़ा ऑपरेशन" (पैर में गोली मारकर अपराधी को छोड़ना) पर भी सवाल उठाए थे।
एसीजेएम परविंदर सिंह ने जेल में कैदियों को लाइन में खड़ा कर एक-एक करके उनकी आपबीती सुनी। कैदियों ने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें उठाकर ले गई, फर्जी मुठभेड़ दिखाकर घायल किया और फिर जेल भेज दिया। एक कैदी ने बताया, "मैं कोर्ट की तारीख पर जा रहा था, पुलिस ने रास्ते में पकड़ा और हाफ एनकाउंटर कर दिया।"
इस वीडियो के वायरल होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। यूपी में पिछले कुछ वर्षों में "हाफ एनकाउंटर" के कई मामले सामने आए हैं, जहां अपराधियों को जान से मारने की बजाय पैरों में गोली मारकर छोड़ दिया जाता है। सोशल मीडिया पर लोग इसे पुलिस की "परफॉर्मेंस" और "प्रमोशन पॉलिसी" से जोड़कर देख रहे हैं।
पुलिस की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन जांच जारी होने की संभावना है। यह घटना न्याय व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही पर नए सवाल खड़े कर रही है। क्या यूपी में एनकाउंटर अब "नियंत्रित हिंसा" का रूप ले चुके हैं ? वीडियो देखकर जनता में आक्रोश !
    user_ApkiAwajDigital
    ApkiAwajDigital
    Local News Reporter बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • सिमरा खुर्द में राम धुन का आयोजन
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    सिमरा खुर्द में राम धुन का आयोजन
    user_Sitaram ray
    Sitaram ray
    Salesperson सिमरिया, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by राजेंद्र पाल
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    Post by राजेंद्र पाल
    user_राजेंद्र पाल
    राजेंद्र पाल
    अजयगढ़, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • पन्ना में गुनौर तहसील में धान में पानी पानी डालते वीडियो हुआ वायरल शासन की लापरवाही
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    पन्ना में गुनौर तहसील में धान में पानी पानी डालते वीडियो हुआ वायरल शासन की लापरवाही
    user_सोशल मीडिया प्रभारी पन्ना मध्य प्रदेश
    सोशल मीडिया प्रभारी पन्ना मध्य प्रदेश
    अजयगढ़, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बांदा से बड़ी खबर “5 साल की मासूम का कटा पैर! मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर पर गम्भीर लापरवाही का आरोप, डीएम से FIR की गुहार” बांदा — जिले के मेडिकल कॉलेज से इलाज में कथित गम्भीर चिकित्सीय लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहाँ एक 5 वर्षीय बच्ची इलाज के बाद जीवन भर के लिए विकलांग हो गई। पीड़ित पिता अनिल कुमार, निवासी ग्राम पडुई, थाना कोतवाली नगर, जिला बांदा ने जिलाधिकारी को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर विनीत सिंह के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, दिनांक 23 दिसम्बर 2025 को उनकी 5 साल की पुत्री मानवी छत से गिरकर घायल हो गई थी, जिससे उसके बाएं पैर की जांघ की हड्डी टूट गई। परिजन बच्ची को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज बांदा लेकर पहुंचे, जहाँ आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टर द्वारा पैर को गलत तरीके से अत्यधिक खींचकर कसकर बांध दिया गया और समय पर समुचित उपचार नहीं किया गया। परिजनों का कहना है कि लापरवाही के चलते बच्ची के पैर की नसों ने काम करना बंद कर दिया। हालत बिगड़ने पर 29 दिसम्बर को ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया, लेकिन स्थिति गंभीर बताकर लखनऊ रेफर कर दिया गया। लखनऊ के केजीएमयू में डॉक्टरों ने पैर काटने की बात कही। बाद में ओएमआई सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इलाज कराया गया, जहाँ हड्डी जोड़ने का ऑपरेशन तो हुआ, लेकिन पहले से फैले इंफेक्शन के कारण अंततः मासूम का पैर काटना पड़ा। पीड़ित पिता का आरोप है कि यह सब मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर की गम्भीर चिकित्सीय लापरवाही का परिणाम है, जिससे उनकी बेटी हमेशा के लिए दिव्यांग हो गई। अब पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी से डॉक्टर के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। बाइट : अनिल कुमार पीड़ित पिता
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    बांदा से बड़ी खबर
“5 साल की मासूम का कटा पैर! मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर पर गम्भीर लापरवाही का आरोप, डीएम से FIR की गुहार”
बांदा — जिले के मेडिकल कॉलेज से इलाज में कथित गम्भीर चिकित्सीय लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहाँ एक 5 वर्षीय बच्ची इलाज के बाद जीवन भर के लिए विकलांग हो गई।
पीड़ित पिता अनिल कुमार, निवासी ग्राम पडुई, थाना कोतवाली नगर, जिला बांदा ने जिलाधिकारी को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर विनीत सिंह के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, दिनांक 23 दिसम्बर 2025 को उनकी 5 साल की पुत्री मानवी छत से गिरकर घायल हो गई थी, जिससे उसके बाएं पैर की जांघ की हड्डी टूट गई। परिजन बच्ची को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज बांदा लेकर पहुंचे, जहाँ आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टर द्वारा पैर को गलत तरीके से अत्यधिक खींचकर कसकर बांध दिया गया और समय पर समुचित उपचार नहीं किया गया।
परिजनों का कहना है कि लापरवाही के चलते बच्ची के पैर की नसों ने काम करना बंद कर दिया। हालत बिगड़ने पर 29 दिसम्बर को ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया, लेकिन स्थिति गंभीर बताकर लखनऊ रेफर कर दिया गया।
लखनऊ के केजीएमयू में डॉक्टरों ने पैर काटने की बात कही। बाद में ओएमआई सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इलाज कराया गया, जहाँ हड्डी जोड़ने का ऑपरेशन तो हुआ, लेकिन पहले से फैले इंफेक्शन के कारण अंततः मासूम का पैर काटना पड़ा।
पीड़ित पिता का आरोप है कि यह सब मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर की गम्भीर चिकित्सीय लापरवाही का परिणाम है, जिससे उनकी बेटी हमेशा के लिए दिव्यांग हो गई।
अब पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी से डॉक्टर के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
बाइट : अनिल कुमार पीड़ित पिता
    user_LK Tiwari Ram G
    LK Tiwari Ram G
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बांदा। जन समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के उद्देश्य से चित्रांश टीवी पर एक विशेष कार्यक्रम “रविवार जन संवाद – जनता की आवाज़” की शुरुआत होने जा रही है। कार्यक्रम का संचालन श्रीकांत श्रीवास्तव द्वारा किया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गांव, कस्बे और शहरों की आम जनता की समस्याओं को एक सशक्त मंच प्रदान करना है। सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित किसी भी प्रकार की जन समस्या को इस मंच के माध्यम से उठाया जाएगा, ताकि संबंधित प्रशासन तक जनता की आवाज़ पहुंचाई जा सके। कार्यक्रम की विशेषता यह होगी कि इसमें ना पक्ष होगा, ना विपक्ष — केवल जनता का पक्ष रखा जाएगा।
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    बांदा। जन समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के उद्देश्य से चित्रांश टीवी पर एक विशेष कार्यक्रम “रविवार जन संवाद – जनता की आवाज़” की शुरुआत होने जा रही है। कार्यक्रम का संचालन श्रीकांत श्रीवास्तव द्वारा किया जाएगा।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गांव, कस्बे और शहरों की आम जनता की समस्याओं को एक सशक्त मंच प्रदान करना है। सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित किसी भी प्रकार की जन समस्या को इस मंच के माध्यम से उठाया जाएगा, ताकि संबंधित प्रशासन तक जनता की आवाज़ पहुंचाई जा सके।
कार्यक्रम की विशेषता यह होगी कि इसमें ना पक्ष होगा, ना विपक्ष — केवल जनता का पक्ष रखा जाएगा।
    user_Shrikant Shrivastav
    Shrikant Shrivastav
    पत्रकार Banda, Uttar Pradesh•
    5 hrs ago
  • #Apkiawajdigital अलीगढ़: दामाद के साथ भागने वाली सास अब बहनोई संग फरार, 2 लाख रुपये व जेवरात भी साथ ले गई अलीगढ़ (संवाददाता) — उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के दादों थाना क्षेत्र में पिछले साल अप्रैल में सुर्खियां बटोरने वाली सास-दामाद की प्रेम कहानी अब एक नए और चौंकाने वाले मोड़ पर पहुंच गई है। करीब 10 महीने पहले बेटी की शादी से मात्र 10-12 दिन पहले अपनी बेटी के होने वाले दामाद राहुल के साथ फरार हुई महिला (सपना देवी/अनीता देवी) अब राहुल को छोड़कर अपने बहनोई के साथ भाग गई है। राहुल ने दादों थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि महिला 6 फरवरी को अचानक गायब हो गई। आरोप है कि जाते समय उसने उनके पास से लगभग 2 लाख रुपये नकद और कुछ जेवरात भी साथ ले लिए। राहुल ने बताया कि दोनों पिछले 10 महीने से बिहार के सीतामढ़ी जिले में साथ रह रहे थे और पति-पत्नी की तरह जीवन व्यतीत कर रहे थे। लेकिन कुछ समय से महिला अपने बहनोई से गुप्त रूप से संपर्क में थी। झगड़े के बाद वह बहनोई के साथ चली गई। राहुल ने पुलिस को बताया, "सास से प्यार करना मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती साबित हुई। काश मैं बेटी से ही शादी कर लेता।" उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामला बिहार का बताकर शिकायत पर कार्रवाई नहीं की, क्योंकि घटना सीतामढ़ी से जुड़ी है। वहीं, महिला ने थाने पहुंचकर राहुल पर उल्टे आरोप लगाए हैं। उसने दावा किया कि राहुल ने उसे बंधक बनाकर रखा, मारपीट की और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। महिला ने कहा कि अब वह अकेले रहना चाहती है और अपने किए पर पछतावा है। यह मामला अप्रैल 2025 में शुरू हुआ था, जब महिला ने घर छोड़कर राहुल के साथ बिहार चली गई थी। दोनों ने पुलिस के सामने अपना प्यार जताया था और साथ रहने की अनुमति मिली थी। लेकिन अब रिश्तों का यह खेल "एक को छोड़ दूसरा, दूसरे को छोड़ तीसरा" वाली कहावत पर खरा उतरता दिख रहा है। पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच कर रही है, लेकिन अभी तक कोई FIR दर्ज नहीं हुई है। यह घटना इलाके में तीखी चर्चा का विषय बनी !
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    #Apkiawajdigital
अलीगढ़: दामाद के साथ भागने वाली सास अब बहनोई संग फरार, 2 लाख रुपये व जेवरात भी साथ ले गई
अलीगढ़ (संवाददाता) — उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के दादों थाना क्षेत्र में पिछले साल अप्रैल में सुर्खियां बटोरने वाली सास-दामाद की प्रेम कहानी अब एक नए और चौंकाने वाले मोड़ पर पहुंच गई है। करीब 10 महीने पहले बेटी की शादी से मात्र 10-12 दिन पहले अपनी बेटी के होने वाले दामाद राहुल के साथ फरार हुई महिला (सपना देवी/अनीता देवी) अब राहुल को छोड़कर अपने बहनोई के साथ भाग गई है।
राहुल ने दादों थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि महिला 6 फरवरी को अचानक गायब हो गई। आरोप है कि जाते समय उसने उनके पास से लगभग 2 लाख रुपये नकद और कुछ जेवरात भी साथ ले लिए। राहुल ने बताया कि दोनों पिछले 10 महीने से बिहार के सीतामढ़ी जिले में साथ रह रहे थे और पति-पत्नी की तरह जीवन व्यतीत कर रहे थे। लेकिन कुछ समय से महिला अपने बहनोई से गुप्त रूप से संपर्क में थी। झगड़े के बाद वह बहनोई के साथ चली गई।
राहुल ने पुलिस को बताया, "सास से प्यार करना मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती साबित हुई। काश मैं बेटी से ही शादी कर लेता।" उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामला बिहार का बताकर शिकायत पर कार्रवाई नहीं की, क्योंकि घटना सीतामढ़ी से जुड़ी है।
वहीं, महिला ने थाने पहुंचकर राहुल पर उल्टे आरोप लगाए हैं। उसने दावा किया कि राहुल ने उसे बंधक बनाकर रखा, मारपीट की और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। महिला ने कहा कि अब वह अकेले रहना चाहती है और अपने किए पर पछतावा है।
यह मामला अप्रैल 2025 में शुरू हुआ था, जब महिला ने घर छोड़कर राहुल के साथ बिहार चली गई थी। दोनों ने पुलिस के सामने अपना प्यार जताया था और साथ रहने की अनुमति मिली थी। लेकिन अब रिश्तों का यह खेल "एक को छोड़ दूसरा, दूसरे को छोड़ तीसरा" वाली कहावत पर खरा उतरता दिख रहा है।
पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच कर रही है, लेकिन अभी तक कोई FIR दर्ज नहीं हुई है। यह घटना इलाके में तीखी चर्चा का विषय बनी !
    user_ApkiAwajDigital
    ApkiAwajDigital
    Local News Reporter बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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