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पेसा कानून के प्रभावी होने के बाद मुंडा समुदाय ने अपनी परंपरा के तहत खाली पदों को भरने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी कड़ी में मुंडा सुरीन बड़लाल सुरीन राजा का चुनाव किया गया है। इस चुनाव की खुशी में आज एक चुम्बन का भी आयोजन किया गया। समुदाय का कहना है कि सुरीन कुल को सही जगह पर सही निर्णय लेने होंगे, क्योंकि मुंडा कुल में कुल 13 पद हैं जिन्हें पूरा करना अनिवार्य है, तभी उनका राज पट चलेगा। यह अवसर उन्हें 30 वर्षों के बाद मिला है, इसलिए सभी कुलों को अपना कोटा पूरा करना होगा। यह भी स्पष्ट किया गया है कि जब '22 पढ़ाह' पूरा होगा, तभी उनका शासन स्थापित होगा।
Trophimus Markas Lugun
पेसा कानून के प्रभावी होने के बाद मुंडा समुदाय ने अपनी परंपरा के तहत खाली पदों को भरने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी कड़ी में मुंडा सुरीन बड़लाल सुरीन राजा का चुनाव किया गया है। इस चुनाव की खुशी में आज एक चुम्बन का भी आयोजन किया गया। समुदाय का कहना है कि सुरीन कुल को सही जगह पर सही निर्णय लेने होंगे, क्योंकि मुंडा कुल में कुल 13 पद हैं जिन्हें पूरा करना अनिवार्य है, तभी उनका राज पट चलेगा। यह अवसर उन्हें 30 वर्षों के बाद मिला है, इसलिए सभी कुलों को अपना कोटा पूरा करना होगा। यह भी स्पष्ट किया गया है कि जब '22 पढ़ाह' पूरा होगा, तभी उनका शासन स्थापित होगा।
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- गुमला जिले के प्रखंडों में बारिश और बिजली गिरने से भारी नुकसान होने की आशंका जताई गई है। लोगों को इन प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के उपाय करने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी तरह के बड़े नुकसान से बचा जा सके।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड मुख्यालय सहित विभिन्न पंचायतों, आरोग्य मंदिरों और सरकारी-गैर-सरकारी विद्यालयों में अहले सुबह से ही योग शिविरों का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों, शिक्षकों एवं बच्चों ने सामूहिक योगाभ्यास करते हुए 'योग करें, निरोग रहें' का महत्वपूर्ण संदेश दिया। विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित योग शिविरों में स्थानीय मुखिया, वार्ड सदस्यों और ग्रामीणों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। वहीं, स्वास्थ्य उपकेंद्रों और आरोग्य मंदिरों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों तथा सहिया बहनों के नेतृत्व में विशेष योग सत्र चलाए गए। इस मौके पर स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को दैनिक जीवन में योग अपनाने के लाभों से अवगत कराया और उन्हें नियमित प्राणायाम करने की सलाह दी। प्रखंड के सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों में भी छात्रों के लिए विशेष योग शिविर लगाए गए, जहाँ छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों की देखरेख में विभिन्न योगासनों और ध्यान का अभ्यास किया। शिक्षकों ने जोर देकर कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक एकाग्रता, आत्मविश्वास और बौद्धिक क्षमता को भी बढ़ाता है। योग दिवस को लेकर पूरे चैनपुर प्रखंड क्षेत्र में व्यापक उत्साह का माहौल देखने को मिला, जहाँ लोगों ने स्वस्थ एवं निरोग समाज के निर्माण के लिए नियमित योग को अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया।1
- खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत कच्चाबारी पंचायत के पतराटोली गांव में रविवार दोपहर करीब तीन बजे अचानक हुए वज्रपात की घटना में एक युवक की जान चली गई, जबकि दर्जनों अन्य घायल हो गए। इस दुखद घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। बताया गया कि यह हादसा पतराटोली मैदान में पतराटोली और लोधमा गांव के युवकों के बीच चल रहे क्रिकेट मैच के दौरान हुआ, जब कुछ युवक मैदान किनारे पेड़ के नीचे बैठकर मैच देख रहे थे। अचानक मौसम का मिजाज बदला और तेज गर्जना के साथ बादल कड़कने लगे, तभी जोरदार वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में कई युवक आ गए। वज्रपात से पतराटोली निवासी प्रेम बाखला (22 वर्ष), पिता भवुआ बाखला, गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए, जिन्हें बाद में चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, जवाकिम मिंज (24 वर्ष), पिता स्वर्गीय अगुस्टिन मिंज; अंकित बाखला (20 वर्ष), पिता अजित बाखला; और अंकित बाखला (18 वर्ष), पिता विनोद बाखला, भी गंभीर रूप से घायल हुए। इनके अलावा प्रदीप लिंडा, अर्पण गाड़ी, त्योफिल मिंज, आकाश बाखला, सुमित बाखला, शशी बाखला सहित कई अन्य युवकों को हल्का झटका लगा। घटना के बाद ग्रामीणों ने गंभीर रूप से घायल युवकों को पारंपरिक तरीके से गोबर के गड्ढे में रखकर प्राथमिक सहायता देने का प्रयास किया, जिसके बाद सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कर्रा पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल जवाकिम मिंज और दोनों अंकित बाखला को बेहतर इलाज के लिए रांची के अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का सीएचसी कर्रा में उपचार कर उन्हें परिजनों के साथ घर भेज दिया गया। मृतक प्रेम बाखला के शव को कर्रा थाना पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर थाना में रखा है, जिसे सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इस राहत कार्य में सीएचसी कर्रा के स्वास्थ्यकर्मियों और कर्रा थाना के पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। घटना के बाद से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।1
- मौसम विभाग ने झारखंड के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी जारी की है। यह अपडेट राज्य के लोगों से इसे अवश्य देखने का आग्रह करती है, जिससे इसकी गंभीरता और प्रासंगिकता का संकेत मिलता है।1
- अम्बिकापुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिलाध्यक्ष और महापौर से संबंधित कथित वायरल ऑडियो विवाद को लेकर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष सफी अहमद ने एक बड़ा बयान जारी किया है।1
- कतर के रास लाफान तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) परिसर में हुए एक विस्फोट में भारतीयों सहित कुल 13 लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा उस समय हुआ जब कर्मचारी ईरानी हमले के बाद बंद हुए संयंत्र के संचालन को दोबारा शुरू करने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि, कतर ने स्पष्ट किया है कि इस घटना के बावजूद संयंत्र की निर्यात क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ा है।1
- झारखंड के गुमला जिले के डुमरी प्रखंड की उदनि पंचायत के अंतर्गत स्थित हसुवा टोली गांव आजादी के दशकों बाद भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में आज तक बिजली, शुद्ध पेयजल, पक्की सड़क और पुलिया जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रखंड मुख्यालय से अत्यधिक दूरी और सुदूर पठारी क्षेत्र में स्थित होने के कारण उनका गांव लगातार प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार रहा है। उनके अनुसार, पूर्व में प्रखंड विकास पदाधिकारी दो बार गांव पहुंचे थे और समस्याओं के समाधान का आश्वासन भी दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई, जिससे ग्रामीणों को लगता है कि उनके अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। बरसात के दिनों में गांव की स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि गांव के समीप बहने वाली नदी पर पुल न होने के कारण जलस्तर बढ़ने पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। पेयजल संकट इतना गहरा है कि कई बार लोगों को घरों की छत से टपकने वाले बारिश के पानी को छानकर पीने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इसके अलावा, गांव में न तो आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है और न ही बाल विकास से जुड़ी अन्य योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव छोटे बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा पर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा है कि इसी वजह से गांव के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं और सरकारी योजनाओं से वंचित हैं। हसुवा टोली के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, उपायुक्त और प्रखंड विकास पदाधिकारी से गांव की समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग की है, जिसमें शुद्ध पेयजल व्यवस्था, विद्युतीकरण, सड़क निर्माण और नदी पर पुलिया निर्माण शामिल है। इस दौरान अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने वालों में मोनिका लकड़ा, इग्नेशियुष लकड़ा, सरिता बैंग, फ्रांसिस्का लकड़ा, कुंवर गिद्ध, अशोक लकड़ा, निर्मल लकड़ा, यूजीन लकड़ा, गुलाबी, सुशील लकड़ा और रॉबिन लकड़ा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।1
- नीट परीक्षा देने के लिए एक परिक्षार्थी और उसके पिता मात्र दो मिनट की देरी से परीक्षा केंद्र पहुंचे, जिसके बाद उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि छात्रा और उसके पिता गेट के बाहर दहाड़ मारकर रो रहे हैं, वहीं पिता हाथ जोड़कर बेटी को परीक्षा दिलवाने की गुहार लगाते दिख रहे हैं, लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। इस वायरल वीडियो को देखने के बाद यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या सख्त नियम-कानून केवल परीक्षाओं के लिए ही बनाए जाते हैं, या फिर नियमित पढ़ाई और देर से आने वाले शिक्षकों के लिए भी ऐसे ही कठोर प्रावधान लागू होते हैं।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले में स्थित पंचायत भवन पूरी तरह से जर्जर हालत में है। भवन की यह खराब स्थिति किसी भी समय एक बड़े हादसे का कारण बन सकती है, जिससे अनहोनी की आशंका बनी हुई है।1