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उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा की द्वितीय पाली में परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की प्रवेश/एंट्री प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है निम्न परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था पूर्णत: सकुशल एवं शांतिपूर्ण है – हीरालाल पीजी कॉलेज हीरालाल इंटर कॉलेज राजकीय कन्या इंटर कॉलेज सभी केंद्रों पर पुलिस बल तैनात है तथा पूर्ण सतर्कता के साथ ड्यूटी की जा रही है। थाना कोतवाली क्षेत्र में स्थिति सामान्य एवं पूर्ण कुशलता है।
Ashwini Kumar Pandey
उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा की द्वितीय पाली में परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की प्रवेश/एंट्री प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है निम्न परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था पूर्णत: सकुशल एवं शांतिपूर्ण है – हीरालाल पीजी कॉलेज हीरालाल इंटर कॉलेज राजकीय कन्या इंटर कॉलेज सभी केंद्रों पर पुलिस बल तैनात है तथा पूर्ण सतर्कता के साथ ड्यूटी की जा रही है। थाना कोतवाली क्षेत्र में स्थिति सामान्य एवं पूर्ण कुशलता है।
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- हत्या कर पहचान छुपाने की कोशिश करने वाला आरोपी गिरफ्तार संतकबीरनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस, एसओजी व सर्विलांस की संयुक्त टीम ने हत्या कर शव की पहचान छुपाने की कोशिश करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर ने बताया कि मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।1
- निम्न परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था पूर्णत: सकुशल एवं शांतिपूर्ण है – हीरालाल पीजी कॉलेज हीरालाल इंटर कॉलेज राजकीय कन्या इंटर कॉलेज सभी केंद्रों पर पुलिस बल तैनात है तथा पूर्ण सतर्कता के साथ ड्यूटी की जा रही है। थाना कोतवाली क्षेत्र में स्थिति सामान्य एवं पूर्ण कुशलता है।2
- खलीलाबाद/संत कबीर नगर।नगर में संगीत शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “द म्यूजिक हब” म्यूजिक क्लास का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन वरिष्ठ समाजसेवी एवं भाजपा नेता वैभव चतुर्वेदी द्वारा फीता काटकर किया गया। उद्घाटन के बाद उन्होंने संस्थान का अवलोकन किया और इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि संगीत मनुष्य के जीवन को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करता है। इस अवसर पर द म्यूजिक हब के प्रोपराइटर गरम पांडे ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य क्षेत्र के बच्चों और युवाओं को संगीत की विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षित करना है, ताकि उनकी प्रतिभा को मंच मिल सके और वे भविष्य में संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। कार्यक्रम में सिंगर अंशुमन निगार, सिंगर अनमोल, म्यूजिकल टीचर एवं कंपोजर जागृति ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और संगीत के महत्व पर प्रकाश डाला। इस मौके पर पूर्व सभासद रुद्रनाथ मिश्रा, विकास पांडे सहित कई गणमान्य लोग और संगीत प्रेमी मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने संस्थान की इस पहल की सराहना करते हुए इसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।2
- आकाशवाणी, 15 3 2026 ई0, ❤ कपल्स, प्यार करने वालों में लिव ऐन्ड रिलेशन में रहने वालों में ,झगड़ा तो होंगे! होते रहेंगे । 👉🏾 लेकिन याद रखना :- ➡️ गुस्सा करो लेकिन असलील, गंदे शब्दों का प्रयोग मत करो। घाव गुस्से से नहीं, आपकी बातों से लगते हैं। ➡️ नाराज रहो , लेकिन वजह बताओ। कोई भी प्राणी किसी के दिल की बात को नहीं पढ़ सकता ! नहीं जान सकता है। ➡️ बहस हो, "दरवाजे के अंदर हो ", दुनिया को तमाशा मत दिखाओ! ➡️ गलती को देखो, मगर अच्छाइयों को भी याद करो । अच्छाइयों को याद रखो। 👉🏾 रिश्ता किसी एक पल या क्षण में नहीं बनता ❤। ➡️ रूठ जाओ, नाराज रहो, लेकिन! यह मत भूलो कि किसी ने तुम्हारे लिए बहुत कुछ छोड़ा है और बहुत कुछ सहा भी है।1
- *सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में 51 छात्र-छात्राओं ने किया प्रतिभाग* *सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता से छात्रो में आता है निखार- डॉ शिव कुमार पाण्डेय* *सन्तकबीरनगर।* धनघटा क्षेत्र के शारदा साइंस एकेडमी मुण्डेरा सेमरडाड़ी में रविवार को आयोजित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित किया गया। आयोजित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में कुल 51 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। एकेडमी के प्रधानाचार्य धीरेन्द्र त्रिपाठी की देखरेख में पूरी सख्ती के साथ नकलविहीन प्रतियोगिता सम्पन्न हुआ। प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रहे छात्र-छात्राओं के भीतर बेहतर प्रदर्शन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। एकेडमी के प्रबंधक डॉ शिव कुमार पाण्डेय ने बताया कि जल्द ही प्रतियोगिता का परिणाम सामने आ जाएगा तब बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी छात्र छात्राओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया जाएगा। प्रधानाचार्य धीरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि छात्र-छात्राओं को कोर्स की पढ़ाई के साथ-साथ सामान्य ज्ञान की भी जानकारी रखना बहुत जरूरी होता है। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने वाले प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को साइकिल,द्वितीय स्थान हासिल करने वाले प्रतिभागी को सीलिंग फेन,तृतीय स्थान पाने वाले प्रतिभागी को ₹ 1100 नकदी और चतुर्थ स्थान पाने वाले प्रतिभागी छात्र छात्राओं को 501 तथा पंचम स्थान पाने वाले छात्र-छात्राओं को दीवाल घड़ी व रूपया नकदी पुरस्कार दिया जाएगा। सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के आयोजन के मकसद पर जानकारी देते हुए प्रधानाचार्य श्री त्रिपाठी ने बताया कि छात्र-छात्राओं की प्रतिभा में निखार लाकर उन्हें सामान्य ज्ञान में पारंगत बनाने के लिए इस प्रकार की प्रतियोगिता एकेडमी में समय-समय पर आयोजित की जाती है। जिससे प्रतिभागी छात्र-छात्राएं आपसी प्रतिस्पर्धा के तहत मेहनत कर सामान्य ज्ञान की तैयारी करें। इस अवसर पर सुमन त्रिपाठी,संजू यादव,अंशिका पाण्डेय,माया यादव,रोशनी पाण्डेय,जया पाण्डेय,मेनिका यादव,प्रीति कुमारी, शालिनी प्रजापति,रागिनी दुबे,मेहंदी हसन,रूप लता यादव मौजूद रही।3
- Post by रवि चन्द्र पत्रकार1
- जवाब आया है ⬅️ आकाशवाणी 1, 15 3.2026 ई0 आज से कुछ महीने पहले "आधा- अधूरा" काम का संदेश प्रसारित किया गश🙏 🙏ग्राम पंचायत भगवानपुर के गांव खानापाद में गंदे पानी के निकासी के ल एक किलोमीटर लंबी लाइन का निर्माण किया गया था जिसमें बीच में कुछ काम आजाद हो रहा छूट गया था इसके मरमत नहीं हो रही थी उसके बारे में शिकायत दर्ज कराया गया था वर्तमान समय में अधिकारियों में संज्ञान में लिया और उसे काम को पूरा किया जा रहा है नाली के Both बन जाने पर गांव का पानी बीच में नहीं रुकेगा और अंत में जाकर गड्ढे में गिर जाएगा जिससे रास्ता साफ सफाई एवं सुथरा हुआ दिखाई देगा ग्राम पंचायत भगवानपुर की जनता इस काम की पूरा होने से आनंद है और धन्यवाद दे रही है1
- Post by जय हिन्द न्यूज़1
- 13 साल के सन्नाटे का अंत: कोमा में पड़े हरीश राणा को अंतिम विदाई गाजियाबाद के हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से कोमा में थे। परिवार ने हर दिन उम्मीद के साथ उनकी सेवा की, इस विश्वास में कि शायद एक दिन वे फिर से आंखें खोलेंगे। लेकिन जब उम्मीद की हर किरण मंद पड़ गई, तब परिवार ने भारी मन से एक कठिन निर्णय लिया। हरीश को दिल्ली के एम्स ले जाया गया है, जहां उनके लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाए जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह निर्णय केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि उन माता-पिता के लिए अत्यंत भावुक और पीड़ादायक पल है, जिन्होंने 13 वर्षों तक अपने बेटे की निस्वार्थ सेवा की। किसी भी माता-पिता के लिए अपने जिगर के टुकड़े को इस तरह विदा करना कितना कठिन होगा, इसकी कल्पना मात्र से मन विचलित हो उठता है। फिर भी उन्होंने अपने बेटे के कष्ट को देखकर यह निर्णय लिया, ताकि वह पीड़ा से मुक्त हो सके। यह घटना न केवल मानवीय संवेदना को झकझोरती है, बल्कि समाज और न्याय व्यवस्था के सामने कई गहरे प्रश्न भी खड़े करती है। सुप्रीम कोर्ट के ऐसे फैसलों का दूरगामी प्रभाव होगा—बस यह जरूरी है कि इसका दुरुपयोग न हो। कुछ लोग सचमुच मरकर भी अमर हो जाते हैं—क्योंकि वे हमें जीवन, करुणा और त्याग का सबसे बड़ा अर्थ सिखा जाते हैं।1