पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर 21 अक्टूबर 2026 को प्रातः 9 बजे पुलिस लाइन जिला डिण्डौरी में पुलिस स्मृति दिवस परेड का आयोजन किया जाएगा *पुलिस स्मृति दिवस परेड 21 अक्टूबर को पुलिस लाइन डिण्डौरी में होगी आयोजित* *शहीद पुलिसकर्मियों एवं सुरक्षा बलों के जवानों को अर्पित की जाएगी श्रद्धांजलि* *डिण्डौरी, 19 अक्टूबर 2026* पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर 21 अक्टूबर 2026 को प्रातः 9 बजे पुलिस लाइन जिला डिण्डौरी में पुलिस स्मृति दिवस परेड का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर देश की सुरक्षा, आंतरिक शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिसकर्मियों एवं सुरक्षा बलों के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक जिला डिण्डौरी श्री आशीष खरे सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा पुलिस अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। उल्लेखनीय है कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 10 जवानों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उन्हीं वीर जवानों की स्मृति में प्रतिवर्ष पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। इसी क्रम में इस वर्ष 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए पुलिसकर्मियों एवं अन्य सुरक्षा बलों के जवानों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। कार्यक्रम में शहीद जवानों की स्मृति में रीथ अर्पित की जाएगी तथा उनके परिजनों को श्रीफल एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया जाएगा। पुलिस स्मृति दिवस वीर जवानों के अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण का स्मरण कराता है। देश की सुरक्षा एवं नागरिकों की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवान सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।
पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर 21 अक्टूबर 2026 को प्रातः 9 बजे पुलिस लाइन जिला डिण्डौरी में पुलिस स्मृति दिवस परेड का आयोजन किया जाएगा *पुलिस स्मृति दिवस परेड 21 अक्टूबर को पुलिस लाइन डिण्डौरी में होगी आयोजित* *शहीद पुलिसकर्मियों एवं सुरक्षा बलों के जवानों को अर्पित की जाएगी श्रद्धांजलि* *डिण्डौरी, 19 अक्टूबर 2026* पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर 21 अक्टूबर 2026 को प्रातः 9 बजे पुलिस लाइन जिला डिण्डौरी में पुलिस स्मृति दिवस परेड का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर देश की सुरक्षा, आंतरिक शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के
दौरान अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिसकर्मियों एवं सुरक्षा बलों के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक जिला डिण्डौरी श्री आशीष खरे सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा पुलिस अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। उल्लेखनीय है कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 10 जवानों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उन्हीं वीर जवानों की स्मृति में प्रतिवर्ष पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।
इसी क्रम में इस वर्ष 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए पुलिसकर्मियों एवं अन्य सुरक्षा बलों के जवानों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। कार्यक्रम में शहीद जवानों की स्मृति में रीथ अर्पित की जाएगी तथा उनके परिजनों को श्रीफल एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया जाएगा। पुलिस स्मृति दिवस वीर जवानों के अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण का स्मरण कराता है। देश की सुरक्षा एवं नागरिकों की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवान सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।
- पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर 21 अक्टूबर 2026 को प्रातः 9 बजे पुलिस लाइन जिला डिण्डौरी में पुलिस स्मृति दिवस परेड का आयोजन किया जाएगा *पुलिस स्मृति दिवस परेड 21 अक्टूबर को पुलिस लाइन डिण्डौरी में होगी आयोजित* *शहीद पुलिसकर्मियों एवं सुरक्षा बलों के जवानों को अर्पित की जाएगी श्रद्धांजलि* *डिण्डौरी, 19 अक्टूबर 2026* पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर 21 अक्टूबर 2026 को प्रातः 9 बजे पुलिस लाइन जिला डिण्डौरी में पुलिस स्मृति दिवस परेड का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर देश की सुरक्षा, आंतरिक शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिसकर्मियों एवं सुरक्षा बलों के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक जिला डिण्डौरी श्री आशीष खरे सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा पुलिस अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। उल्लेखनीय है कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 10 जवानों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उन्हीं वीर जवानों की स्मृति में प्रतिवर्ष पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। इसी क्रम में इस वर्ष 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए पुलिसकर्मियों एवं अन्य सुरक्षा बलों के जवानों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। कार्यक्रम में शहीद जवानों की स्मृति में रीथ अर्पित की जाएगी तथा उनके परिजनों को श्रीफल एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया जाएगा। पुलिस स्मृति दिवस वीर जवानों के अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण का स्मरण कराता है। देश की सुरक्षा एवं नागरिकों की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवान सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।3
- चंदिया रेलवे लाइन पर पति-पत्नी की मालगाड़ी की चपेट में आने से मृत्यु l मुकेश कुमार दुबे संवाददाता रिपोर्टर जिला उमरिया मध्य प्रदेश l उमरिया जिला उमरिया मध्य प्रदेश -चंदिया रोड़ रेलवे स्टेशन पर बीती रात लगभग 9 बजे रेलवे लाईन पार करते समय पति पत्नी की मालगाडी की चपेट में आने से मौत हो गई बताया जा रहा है की करन फकीर उम्र लगभग 30 वर्ष पत्नी नैना फकीर उम्र 26 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 10 मऊहार टोला की स्टेशन में लाईन पार करते समय ट्रेन की ठोकर लग जाने से मौत हो गई जिसकी जिसकी सूचना मिलते ही RPF स्टॉफ एवं शहडोल GRP नें मौके पर पहुँच विधिवत कार्यवाही कर शव को पोस्ट मार्टम के हेतु चिकित्सालय भेजा जा रहा है l1
- 🚩 विजयादशमी पर देवी के आगमन से भक्तिमय हुआ माहौल, देवी के नृत्य ने मोहा सबका मन 🚩 अमनी पिपरिया, जिला डिंडोरी (मध्य प्रदेश)। विजयादशमी के पावन अवसर पर ग्राम पंचायत अमनी पिपरिया में माता रानी की भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। इस शुभ अवसर पर देवी के आगमन के साथ ही पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बन गया। देवी के नृत्य को देखने के लिए ग्रामीणों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक संगीत के बीच देवी का नृत्य श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। भक्तों ने माता रानी के जयकारे लगाकर अपनी श्रद्धा और भक्ति प्रकट की। इस धार्मिक आयोजन ने ग्रामीण संस्कृति, परंपरा और आपसी एकता की सुंदर झलक प्रस्तुत की। विजयादशमी का यह उत्सव लोगों के लिए आस्था, उमंग और खुशियों का संदेश लेकर आया। जय माता दी! 🚩🙏1
- उमरिया में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बना गरबा महोत्सव सभी धर्मों के लोगों ने दिया भाईचारे का संदेश* *हिंदू मुस्लिम एकता मंच के *उमरिया में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बना गरबा महोत्सव सभी धर्मों के लोगों ने दिया भाईचारे का संदेश* *हिंदू मुस्लिम एकता मंच के आयोजन गरबा महोत्सव-रमपुरी तिराहे पर सजा सांस्कृतिक रंग गरबा प्रतिभागियों ने बिखेरी अपनी कला की छटा अतिथियों ने प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर किया सम्मानित* उमरिया- नवरात्रि के पावन पर्व पर आपसी प्रेम, सद्भाव, सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश देने के उद्देश्य से हिंदू मुस्लिम एकता मंच जिला उमरिया द्वारा 19 अक्टूबर को जिला मुख्यालय स्थित रमपुरी तिराहे पर भव्य सांस्कृतिक गरबा महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गरबा प्रतिभागियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। पूरे आयोजन में उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों के साथ आपसी भाईचारे की भावना देखने को मिली। हिंदू मुस्लिम एकता मंच द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सभी धर्मों के लोगों के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करना तथा त्योहारों के माध्यम से प्रेम और सद्भाव का संदेश समाज तक पहुंचाना रहा। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने गरबा नृत्य के माध्यम से अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पुष्पराज सिंह ने अपने उद्बोधन में सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और भाईचारे के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को समाज को जोड़ने वाला प्रयास बताया।हिंदू मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत की खूबसूरती उसकी विविधता और आपसी भाईचारे में है। सभी धर्मों के त्योहार हमें प्रेम, सम्मान और एक-दूसरे की भावनाओं का आदर करना सिखाते हैं। समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का काम करते हैं। मंच के संयोजक राजेंद्र कोल ने भी कार्यक्रम के माध्यम से आपसी प्रेम, सौहार्द और एकता का संदेश दिया। उन्होंने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर गरबा महोत्सव में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया गया। अतिथियों एवं मंच के पदाधिकारियों ने प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनकी प्रतिभा की सराहना की। साथ ही कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान करने वाले पुलिस प्रशासन के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया। *गरबा महोत्सव ने दिया एकता का संदेश* रमपुरी तिराहे पर आयोजित इस गरबा महोत्सव ने यह संदेश दिया कि त्योहार केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे समाज को जोड़ने, आपसी विश्वास बढ़ाने और भाईचारे को मजबूत करने का भी माध्यम हैं। हिंदू मुस्लिम एकता मंच का यह आयोजन उमरिया में सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक एकता की भावना को आगे बढ़ाने वाला प्रयास रहा। इस अवसर पर मनोज सिंह, जगदीश जयसवाल, कपूरिया बाई विश्वकर्मा, इस्माइल खान, रमाकांत तिवारी, अनुज सेन, मनोज सेन, इकबाल खान मो. साबिर, नसरीन बानो, कृष्ण कांत तिवारी, शेख शकील, गुलाम फारूक, तबरेज़ अली, गीता तिवारी, दीपा तिवारी, लक्ष्मी विश्वकर्मा, इरफान अली, सिराज अली, कासिम खान, रोहित कोल, परसादी कोल, अंशु विश्वकर्मा, किशन कुशवाहा, गरबा महोत्सव कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।1
- उमरिया पुलिस अधीक्षक विजय भागवानी की मौजूदगी में शस्त्र पूजा वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ हुई संपन्न उमरिया पुलिस अधीक्षक विजय भागवानी की मौजूदगी में शस्त्र पूजा वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ हुई संपन्न जिले भर के समस्त थाना के पुलिस स्टॉप सहित बड़े धूमधाम से दशहरा पर शस्त्र पूजा आयोजन किया गया1
- *उमरिया में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बना गरबा महोत्सव सभी धर्मों के लोगों ने दिया भाईचारे का संदेश* *हिंदू मुस्लिम एकता मंच के आयोजन गरबा महोत्सव-रमपुरी तिराहे पर सजा सांस्कृतिक रंग गरबा प्रतिभागियों ने बिखेरी अपनी कला की छटा अतिथियों ने प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर किया सम्मानित* मध्य प्रदेश उमरिया- नवरात्रि के पावन पर्व पर आपसी प्रेम, सद्भाव, सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश देने के उद्देश्य से हिंदू मुस्लिम एकता मंच जिला उमरिया द्वारा 19 अक्टूबर को जिला मुख्यालय स्थित रमपुरी तिराहे पर भव्य सांस्कृतिक गरबा महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गरबा प्रतिभागियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। पूरे आयोजन में उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों के साथ आपसी भाईचारे की भावना देखने को मिली। हिंदू मुस्लिम एकता मंच द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सभी धर्मों के लोगों के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करना तथा त्योहारों के माध्यम से प्रेम और सद्भाव का संदेश समाज तक पहुंचाना रहा। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने गरबा नृत्य के माध्यम से अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पुष्पराज सिंह ने अपने उद्बोधन में सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और भाईचारे के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को समाज को जोड़ने वाला प्रयास बताया।हिंदू मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत की खूबसूरती उसकी विविधता और आपसी भाईचारे में है। सभी धर्मों के त्योहार हमें प्रेम, सम्मान और एक-दूसरे की भावनाओं का आदर करना सिखाते हैं। समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का काम करते हैं। मंच के संयोजक राजेंद्र कोल ने भी कार्यक्रम के माध्यम से आपसी प्रेम, सौहार्द और एकता का संदेश दिया। उन्होंने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर गरबा महोत्सव में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया गया। अतिथियों एवं मंच के पदाधिकारियों ने प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनकी प्रतिभा की सराहना की। साथ ही कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान करने वाले पुलिस प्रशासन के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया। *गरबा महोत्सव ने दिया एकता का संदेश* रमपुरी तिराहे पर आयोजित इस गरबा महोत्सव ने यह संदेश दिया कि त्योहार केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे समाज को जोड़ने, आपसी विश्वास बढ़ाने और भाईचारे को मजबूत करने का भी माध्यम हैं। हिंदू मुस्लिम एकता मंच का यह आयोजन उमरिया में सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक एकता की भावना को आगे बढ़ाने वाला प्रयास रहा। इस अवसर पर मनोज सिंह, जगदीश जयसवाल, कपूरिया बाई विश्वकर्मा, इस्माइल खान, रमाकांत तिवारी, अनुज सेन, मनोज सेन, इकबाल खान मो. साबिर, नसरीन बानो, कृष्ण कांत तिवारी, शेख शकील, गुलाम फारूक, तबरेज़ अली, गीता तिवारी, दीपा तिवारी, लक्ष्मी विश्वकर्मा, इरफान अली, सिराज अली, कासिम खान, रोहित कोल, परसादी कोल, अंशु विश्वकर्मा, किशन कुशवाहा, गरबा महोत्सव कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।1
- हिंदू मुस्लिम एकता मंच के आयोजन गरबा महोत्सव-रमपुरी तिराहे पर सजा सांस्कृतिक रंग गरबा प्रतिभागियों ने बिखेरी अपनी कला की छटा अतिथियों ने प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर किया सम्मानित* *उमरिया में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बना गरबा महोत्सव सभी धर्मों के लोगों ने दिया भाईचारे का संदेश* *हिंदू मुस्लिम एकता मंच के आयोजन गरबा महोत्सव-रमपुरी तिराहे पर सजा सांस्कृतिक रंग गरबा प्रतिभागियों ने बिखेरी अपनी कला की छटा अतिथियों ने प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर किया सम्मानित* उमरिया- नवरात्रि के पावन पर्व पर आपसी प्रेम, सद्भाव, सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश देने के उद्देश्य से हिंदू मुस्लिम एकता मंच जिला उमरिया द्वारा 19 अक्टूबर को जिला मुख्यालय स्थित रमपुरी तिराहे पर भव्य सांस्कृतिक गरबा महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गरबा प्रतिभागियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। पूरे आयोजन में उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों के साथ आपसी भाईचारे की भावना देखने को मिली। हिंदू मुस्लिम एकता मंच द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सभी धर्मों के लोगों के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करना तथा त्योहारों के माध्यम से प्रेम और सद्भाव का संदेश समाज तक पहुंचाना रहा। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने गरबा नृत्य के माध्यम से अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पुष्पराज सिंह ने अपने उद्बोधन में सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और भाईचारे के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को समाज को जोड़ने वाला प्रयास बताया।हिंदू मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत की खूबसूरती उसकी विविधता और आपसी भाईचारे में है। सभी धर्मों के त्योहार हमें प्रेम, सम्मान और एक-दूसरे की भावनाओं का आदर करना सिखाते हैं। समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का काम करते हैं। मंच के संयोजक राजेंद्र कोल ने भी कार्यक्रम के माध्यम से आपसी प्रेम, सौहार्द और एकता का संदेश दिया। उन्होंने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर गरबा महोत्सव में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया गया। अतिथियों एवं मंच के पदाधिकारियों ने प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनकी प्रतिभा की सराहना की। साथ ही कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान करने वाले पुलिस प्रशासन के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया। *गरबा महोत्सव ने दिया एकता का संदेश* रमपुरी तिराहे पर आयोजित इस गरबा महोत्सव ने यह संदेश दिया कि त्योहार केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे समाज को जोड़ने, आपसी विश्वास बढ़ाने और भाईचारे को मजबूत करने का भी माध्यम हैं। हिंदू मुस्लिम एकता मंच का यह आयोजन उमरिया में सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक एकता की भावना को आगे बढ़ाने वाला प्रयास रहा। इस अवसर पर मनोज सिंह, जगदीश जयसवाल, कपूरिया बाई विश्वकर्मा, इस्माइल खान, रमाकांत तिवारी, अनुज सेन, मनोज सेन, इकबाल खान मो. साबिर, नसरीन बानो, कृष्ण कांत तिवारी, शेख शकील, गुलाम फारूक, तबरेज़ अली, गीता तिवारी, दीपा तिवारी, लक्ष्मी विश्वकर्मा, इरफान अली, सिराज अली, कासिम खान, रोहित कोल, परसादी कोल, अंशु विश्वकर्मा, किशन कुशवाहा, गरबा महोत्सव कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।1
- Writing 📰 बड़ी खबर | अमनी पिपरिया पंचायत, जिला डिंडौरी🚩 दुर्गा विसर्जन में देवी के आगमन ने बांधा समां, भक्तिमय माहौल में झूम उठे श्रद्धालु! अमनी पिपरिया, जिला डिंडौरी, मध्य प्रदेश। अमनी पिपरिया पंचायत में दुर्गा विसर्जन के दौरान श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला। दुर्गा विसर्जन के अवसर पर देवी के आगमन और उनके नृत्य ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। भक्तों में माता रानी के प्रति गहरी आस्था और उत्साह दिखाई दिया। माता रानी के जयकारों और भक्तिमय वातावरण के बीच श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। देवी का नृत्य कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बना, जिसे देखने के लिए लोग उत्साहित दिखाई दिए।दुर्गा विसर्जन का यह आयोजन क्षेत्र की धार्मिक परंपरा, आस्था और आपसी भाईचारे को दर्शाता है। श्रद्धालुओं ने माता रानी से गाँव और क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की। माँ दुर्गा के जयकारों से गूंजा अमनी पिपरिया! 🚩🙏2