जनपद चित्रकूट में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन टीम की बांदा इकाई ने एक लेखपाल और उसके निजी मुंशी को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। यह मामला रैपुरा थाना क्षेत्र के एक गाँव का बताया जा रहा है, जहाँ एक किसान की जमीन से जुड़ा विवाद था। पीड़ित किसान से उसकी धारा 80 को निरस्त कर कृषि भूमि में परिवर्तन कराने के बदले ₹20,000 रिश्वत की मांग की गई थी। पीड़ित किसान ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत एंटी करप्शन टीम से की, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की और आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान लेखपाल रविशंकर द्विवेदी और उनके निजी मुंशी लवलेश पांडे के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एंटी करप्शन टीम की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
जनपद चित्रकूट में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन टीम की बांदा इकाई ने एक लेखपाल और उसके निजी मुंशी को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। यह मामला रैपुरा थाना क्षेत्र के एक गाँव का बताया जा रहा है, जहाँ एक किसान की जमीन से जुड़ा विवाद था। पीड़ित किसान से उसकी धारा 80 को निरस्त कर कृषि भूमि में परिवर्तन कराने के बदले ₹20,000 रिश्वत की मांग की गई थी। पीड़ित किसान ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत एंटी करप्शन टीम से की, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की और आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान लेखपाल रविशंकर द्विवेदी और उनके निजी मुंशी लवलेश पांडे के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एंटी करप्शन टीम की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
- लखनऊ के इको गार्डन में एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया, जहाँ एक युवक योगी के भेष में पहुंचा। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से पेपर लीक की घटनाओं के खिलाफ 'हल्ला बोल' करने के लिए था, जिसमें विशेष रूप से #NEETPaperLeak का मुद्दा उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने #UGC_RollBack की भी मांग की, जिससे शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया।1
- कौशांबी सायबर पुलिस ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार हुए एक व्यक्ति की पूरी धनराशि, 79,050/- रुपये, सफलतापूर्वक वापस कराई है। यह कार्रवाई तब हुई जब कौशांबी जनपद के सैनी थाना क्षेत्र के अझुआ निवासी रिंकू सिंह पुत्र विजय करन सिंह ने 21 जनवरी 2026 को सूचना दी थी कि यूपीआई के माध्यम से उनके साथ कुल 79,050/- रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई है। इस शिकायत के सम्बन्ध में सायबर क्राइम थाना पर एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत संख्या 23106250080690 दर्ज की गई थी। पुलिस अधीक्षक द्वारा इस घटना पर सायबर क्राइम थाना को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। इन निर्देशों के क्रम में, सायबर अपराधों के विरुद्ध की जा रही प्रभावी कार्यवाही के परिणामस्वरूप, सायबर क्राइम थाना जनपद कौशांबी द्वारा जाँच/विवेचना के बाद, आवेदक रिंकू सिंह के खाते से कटी हुई पूरी धनराशि 79,050/- रुपये उनके खाते में वापस करवा दी गई। धनराशि प्राप्त होने पर आवेदक रिंकू सिंह ने कौशांबी पुलिस का आभार व्यक्त किया।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ में अखिलेश यादव की बेटी से जुड़े एक मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि जैसे ही यह मामला उनके संज्ञान में आया, उन्होंने तत्काल पुलिस को FIR दर्ज करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी बेटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए, क्योंकि 'बेटी बेटी होती है'। उन्होंने भारतीय संस्कारों का उल्लेख करते हुए कहा कि 'गांव की बेटी सबकी बेटी, गांव की बहन सबकी बहन' होती है और उन्होंने कभी कोई भेदभाव नहीं किया। मुख्यमंत्री योगी ने इस दौरान अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश जी दूसरों को तो उपदेश देते हैं, लेकिन उन्हें अपने चेलों-चपाटों को भी अपनी भाषा संयमित करने की सलाह देनी चाहिए। उन्होंने अखिलेश यादव को यह सोचने के लिए कहा कि उनकी पार्टी के लोग बहन-बेटियों, बुजुर्गों, दिवंगत लोगों और वरिष्ठ नेताओं के प्रति किस तरह की भाषा का प्रयोग करते हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अखिलेश यादव को अपने लोगों को भी संस्कारित करने की आवश्यकता है। उन्होंने सलाह दी कि अच्छा होगा अखिलेश जी उन्हें समझाएं, और अगर वे नहीं समझ सकते तो उन्हें मुख्यमंत्री के हवाले कर दें, वे उन्हें अच्छी तरह समझा देंगे।1
- बघेली कलाकार प्रियांशु यादव को लेकर की गई एक पोस्ट पर विरोध बढ़ गया है। इस पोस्ट के सामने आने के बाद से, इसके खिलाफ असंतोष में वृद्धि दर्ज की गई है।1
- सोशल मीडिया पर इन दिनों '₹370 बिरयानी' से जुड़ा एक मामला जमकर वायरल हो रहा है। यह विवाद एक स्टैंड-अप शो के दौरान की गई टिप्पणी से शुरू हुआ, जिसने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। वीडियो के वायरल होने के बाद, लोगों ने इस टिप्पणी को महिलाओं के प्रति अपमानजनक बताया और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएँ व्यक्त कीं। इस बढ़ते विरोध के बाद, कॉमेडियन ने माफी भी मांगी, लेकिन यह मामला यहीं नहीं रुका। अब राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) और साइबर सेल भी इस मामले पर कार्रवाई कर रहे हैं। यह पूरा विवाद अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच एक बहस का विषय बन गया है, और जनता को यह बताने की ज़रूरत नहीं है कि इस पर क्या कार्रवाई होनी चाहिए।1
- विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर प्रयागराज के नैनी बाजार में बाल अधिकारों के संरक्षण को लेकर जन जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें दुकानदारों ने बाल अधिकारों की रक्षा का दृढ़ संकल्प लिया। मोर्चा काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविन्दर सिंह ने अपने सहयोगियों के साथ नैनी बाजार में घर-घर जाकर दुकानदारों से संपर्क किया और इस बात पर जोर दिया कि मासूम हाथों से काम का बोझ हटाकर उन्हें किताबों से जोड़ना आवश्यक है, क्योंकि बाल श्रम समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने कहा कि एक सुरक्षित बचपन ही एक समृद्ध राष्ट्र की नींव है। इस दौरान मोहित खेड़ा ने एक ऐसे जागरूक समाज के निर्माण की वकालत की, जहाँ हर बच्चे को खुलकर जीने, सीखने और अपने सपनों को साकार करने के समान अवसर मिलें, क्योंकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित होने पर ही देश का भविष्य मजबूत होगा। तरुण चावला ने बाल अधिकारों के संरक्षण का दृढ़ संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि बाल श्रम न केवल एक अमानवीय कृत्य है, बल्कि कानूनी रूप से दंडनीय अपराध भी है, जिसे जड़ से मिटाने के लिए स्वयं जागरूक बनना और समाज को जागरूक करना जरूरी है। परमिंदर सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि बाल श्रम बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय है और सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी बच्चा मजबूरी में अपना बचपन न खोए। उन्होंने स्वयं बाल श्रम न कराने और न ही अपने आसपास इसे चुपचाप होते देखने का संकल्प लेने का आग्रह किया, यह कहते हुए कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें एक आदर्श नागरिक के रूप में विकसित होने का पूरा अवसर मिलना चाहिए, क्योंकि बचपन खेल-कूद और पढ़ाई के लिए है, मजदूरी के लिए नहीं। इस जन जागरूकता अभियान में तरुण चावला, मोहित खेड़ा, मनीष, सुनील, हरमंजी सिंह, सरदार पतविन्दर सिंह, परमिंदर सिंह और जगजीत सिंह सहित कई अतिविशिष्ट स्वयंसेवक देशभक्ति की भावना के साथ उपस्थित रहे।1
- शुक्रवार को कौशाम्बी के पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थित दुर्गा भाभी सभागार में क्षेत्राधिकारी मंझनपुर शिवांक सिंह द्वारा आईजीआरएस के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों और प्रकरणों के समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की समीक्षा हेतु एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी के दौरान जनपद के विभिन्न थानों और शाखाओं से संबंधित लंबित एवं निस्तारित आईजीआरएस प्रकरणों की गहन समीक्षा की गई। क्षेत्राधिकारी मंझनपुर ने शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि वे प्रत्येक शिकायत का गहन एवं निष्पक्ष परीक्षण करें तथा निर्धारित समयावधि के भीतर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें, जिससे प्रकरणों का तथ्यपरक एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो सके। उन्होंने आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण में गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष बल दिया और यह निर्देश भी दिए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं समयसीमा का पूर्ण अनुपालन किया जाए।1
- कौशाम्बी के कमासिन चौराहे पर एक घटना सामने आई है, जहाँ पानी पूरी खाने के बाद पैसे मांगने पर एक महिला ने दुकानदार पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में दुकानदार अनिल कुमार घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए भेजा गया। उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला और उसके साथियों को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच और पूछताछ में जुटी हुई है।1