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nangla dinpur mein sadak ki sthiti bahut kharab hai isko jaldi theek karvao kripya karke 🙏
Ramraj
nangla dinpur mein sadak ki sthiti bahut kharab hai isko jaldi theek karvao kripya karke 🙏
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- बाराबंकी में यूपी के सीएम योगी आदित्यानाथ ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि कयामत के दिन तक बाबरी मस्जिद के ढांचे का पुनर्निर्माण नहीं होगा. उन्होंने कहा कि हम लोगों ने कहा था कि रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे. मंदिर वहीं पर बन गया. आज फिर हम कह रहे हैं कि कयामत के दिन तक भी बाबरी मस्जिद के ढांचे का पुनर्निर्माण होना ही नहीं है. जो कयामत के दिन के आने का सपना देख रहे हैं, वो दिन आना ही नहीं है. #उत्तर प्रदेश #फर्रुखाबाद #अमृतपुर1
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- मैनपुरी सुदिती ग्लोबल एकेडमी, मैनपुरी में विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रतिभा, रचनात्मक सोच और नवाचार क्षमता का भव्य प्रदर्शन “इंद्रधनुष-विज्ञान के रंग विज्ञान प्रदर्शनी” के माध्यम से किया गया। यह प्रदर्शनी न केवल विज्ञान विषय की समझ को दर्शाने वाला मंच बनी, बल्कि विद्यार्थियों में अनुसंधान, प्रयोग और समाधान आधारित सोच को प्रोत्साहित करने का एक सशक्त माध्यम भी सिद्ध हुई। कार्यक्रम के शुभारंभ में ज्ञान विज्ञान की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती के चलचित्र के समक्ष मुख्य अतिथि डॉ. असीम चंदेल, डीन, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राम मोहन, प्रबंध निदेशक डॉ. लव मोहन ने दीप प्रज्वलन किया। मुख्य अतिथि डॉ. असीम चंदेल ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा, “आज के विद्यार्थी ही कल के वैज्ञानिक, अभियंता और नवप्रवर्तक हैं। इस प्रकार की विज्ञान प्रदर्शनी बच्चों में प्रयोगात्मक सोच, समस्या समाधान और आत्मविश्वास विकसित करती है। यहाँ प्रदर्शित मॉडल यह दर्शाते हैं कि हमारे छात्र केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वास्तविक जीवन की समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान खोजने की क्षमता रखते हैं।” उन्होंने विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि आपके द्वारा बनाए गए मॉडल्स बहुत अच्छे हैं। आप अपने प्रोजेक्ट पर और काम करके पेटेंट कराएं। ये मॉडल आगे चलकर हमारे दैनिक जीवन की कई समस्याओं के समाधान भी बन सकते हैं। इसके साथ ही आप अपने प्रोजेक्ट्स के साथ भारत सरकार के स्टार्टअप इण्डिया कार्यक्रम के माध्यम में प्रतिभाग करें। आप हमारे राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, मैनपुरी में भी अपने प्रोजेक्ट्स लेकर आ सकते हैं। हम आपके प्रोजेक्ट को शील्ड फंिडंग दिलाने में सहायता करेंगे। उन्होंने विद्यालय द्वारा विज्ञान को रोचक एवं व्यावहारिक ढंग से प्रस्तुत करने के प्रयासों की सराहना की और विद्यार्थियों को निरंतर प्रयोग और नवाचार के लिए प्रेरित किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राम मोहन ने अपने वक्तव्य में कहा, “इंद्रधनुष-विज्ञान के रंग विज्ञान प्रदर्शनी हमारे शैक्षिक दर्शन को प्रतिबिंबित करती है, जहाँ शिक्षा केवल परीक्षा तक सीमित न होकर कौशल, सोच और चरित्र निर्माण का माध्यम बनती है। हमारे विद्यार्थी विज्ञान को समझते ही नहीं, बल्कि उसे समाजोपयोगी समाधान में बदलने का प्रयास करते हैं।” उन्होंने शिक्षकों के मार्गदर्शन और विद्यार्थियों की मेहनत की प्रशंसा करते हुए कहा कि विद्यालय भविष्य में भी ऐसे शैक्षिक आयोजनों के माध्यम से छात्रों को वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार करता रहेगा। विद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. लव मोहन ने कहा, “सुदिती ग्लोबल एकेडमी का उद्देश्य केवल अकादमिक उत्कृष्टता नहीं, बल्कि नवाचार, नैतिक मूल्यों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से युक्त नागरिकों का निर्माण करना है। इंद्रधनुष-विज्ञान के रंग विज्ञान प्रदर्शनी इस बात का प्रमाण है कि हमारे विद्यार्थी भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सोच रहे हैं।” प्रदर्शनी में प्रस्तुत लगभग 60 माडल थे जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने। विद्यार्थियों द्वारा तैयार चंद्रयान-3 मॉडल ने भारतीय अंतरिक्ष मिशन की सफल लैंडिंग प्रक्रिया को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया, जबकि भूकंप डिटेक्टर एवं आपदा प्रबंधन मॉडल के माध्यम से प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली क्षति को कम करने के व्यावहारिक उपायों को प्रभावी ढंग से समझाया गया। इन प्रोजेक्ट्स ने यह स्पष्ट किया कि विद्यार्थी केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समसामयिक और सामाजिक समस्याओं के समाधान की दिशा में भी गंभीरता से सोच रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास से जुड़े प्रोजेक्ट्स ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा। हाइड्रोपोनिक खेती मॉडल के माध्यम से कम जल और सीमित भूमि में खेती की आधुनिक तकनीक को दर्शाया गया, वहीं नवीकरणीय ऊर्जा आधारित मॉडलोंकृजैसे सोलर कार, हाइड्रो इलेक्ट्रिसिटी, विंडमिल और वाटर व्हील ने हरित ऊर्जा का संदेश दिया। इसके अतिरिक्त मानव शरीर तंत्र के कार्यशील मॉडल हृदय, फेफड़े, तंत्रिका तंत्र एवं पाचन तंत्र और ऑटोमेशन व रोबोटिक्स से जुड़े फायर फाइटर रोबोट, सेंसर कार, ऑटोमैटिक स्ट्रीट लाइट एवं होम ऑटोमेशन जैसे प्रोजेक्ट्स ने आधुनिक विज्ञान की उपयोगिता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। छात्र-छात्राओं ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने मॉडलों की कार्यप्रणाली समझाई, जिसे अभिभावकों और अतिथियों ने सराहा। प्रदर्शनी में विज्ञान विभाग से दीपक उपाध्याय, आशुतोष द्विेदी, विपिन चतुर्वेदी, योगेश यादव, दीक्षा परमार, विजय लक्ष्मी, सपना भदौरिया, अंशुमन सिंह, आयुष पाण्डेय एवं सत्यम सिंघल का प्रमुख योगदान रहा। इंद्रधनुष-विज्ञान के रंग विज्ञान प्रदर्शनी विद्यार्थियों की प्रतिभा, शिक्षकों के मार्गदर्शन और विद्यालय प्रबंधन की दूरदर्शिता का सजीव उदाहरण बनी। यह आयोजन न केवल एक शैक्षिक गतिविधि रहा, बल्कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।2