एक हजार रुपये की वृद्धावस्था पेंशन के लिए बुजुर्ग परेशान, नेताओं को लाखों की पेंशन मिलने का दावा नई दिल्ली। देश में वृद्धावस्था पेंशन को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। वायरल/प्रकाशित खबर में दावा किया गया है कि आम बुजुर्गों को महज ₹1,000 मासिक पेंशन के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जबकि पूर्व सांसदों, विधायकों और मंत्रियों को कार्यकाल के आधार पर हजारों से लाखों रुपये तक पेंशन और अन्य सुविधाएं मिलने की बात कही गई है। 🔴 बुजुर्गों की शिकायत खबर के मुताबिक कई बुजुर्गों का कहना है कि पेंशन के लिए आवेदन करने के बाद भी उन्हें लंबे समय तक भुगतान का इंतजार करना पड़ता है। दस्तावेजों की कमी या प्रक्रिया के कारण आवेदन अटकने की शिकायतें भी सामने आती हैं। 💰 नेताओं की पेंशन को लेकर बड़ा दावा खबर में दिए गए आंकड़ों के अनुसार पूर्व सांसदों को कार्यकाल के आधार पर लगभग ₹50 हजार से ₹2 लाख तक मासिक पेंशन मिलने का उल्लेख है। वहीं पूर्व विधायकों और पूर्व मंत्रियों के लिए अलग-अलग राज्यों में पेंशन की राशि अलग हो सकती है। पूर्व मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को पेंशन के अलावा सरकारी आवास, यात्रा, चिकित्सा और अन्य सुविधाएं मिलने का भी उल्लेख किया गया है। ⚖️ सबसे बड़ा सवाल—क्या पेंशन व्यवस्था में समानता होनी चाहिए? सामाजिक संगठनों की ओर से मांग उठाई जा रही है कि बुजुर्गों, जरूरतमंद नागरिकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन व्यवस्था की समीक्षा की जाए और जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुंचे। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में पूर्व सांसद/विधायक/मंत्रियों की पेंशन और सुविधाओं के नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए प्रकाशित आंकड़ों को संबंधित राज्य/सरकारी नियमों से सत्यापित करना जरूरी है। 🗣️ जनता के बीच चर्चा सवाल यह है कि जब बुजुर्गों को छोटी-सी पेंशन के लिए संघर्ष करना पड़ता है, तो जनप्रतिनिधियों के लिए इतनी बड़ी पेंशन और सुविधाओं की व्यवस्था कितनी उचित है? 📢 आपकी राय क्या है? क्या देश में जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए पेंशन बढ़नी चाहिए? क्या जनप्रतिनिधियों की पेंशन व्यवस्था की भी समीक्षा होनी चाहिए? एक हजार रुपये की वृद्धावस्था पेंशन के लिए बुजुर्ग परेशान, नेताओं को लाखों की पेंशन मिलने का दावा नई दिल्ली। देश में वृद्धावस्था पेंशन को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। वायरल/प्रकाशित खबर में दावा किया गया है कि आम बुजुर्गों को महज ₹1,000 मासिक पेंशन के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जबकि पूर्व सांसदों, विधायकों और मंत्रियों को कार्यकाल के आधार पर हजारों से लाखों रुपये तक पेंशन और अन्य सुविधाएं मिलने की बात कही गई है। 🔴 बुजुर्गों की शिकायत खबर के मुताबिक कई बुजुर्गों का कहना है कि पेंशन के लिए आवेदन करने के बाद भी उन्हें लंबे समय तक भुगतान का इंतजार करना पड़ता है। दस्तावेजों की कमी या प्रक्रिया के कारण आवेदन अटकने की शिकायतें भी सामने आती हैं। 💰 नेताओं की पेंशन को लेकर बड़ा दावा खबर में दिए गए आंकड़ों के अनुसार पूर्व सांसदों को कार्यकाल के आधार पर लगभग ₹50 हजार से ₹2 लाख तक मासिक पेंशन मिलने का उल्लेख है। वहीं पूर्व विधायकों और पूर्व मंत्रियों के लिए अलग-अलग राज्यों में पेंशन की राशि अलग हो सकती है। पूर्व मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को पेंशन के अलावा सरकारी आवास, यात्रा, चिकित्सा और अन्य सुविधाएं मिलने का भी उल्लेख किया गया है। ⚖️ सबसे बड़ा सवाल—क्या पेंशन व्यवस्था में समानता होनी चाहिए? सामाजिक संगठनों की ओर से मांग उठाई जा रही है कि बुजुर्गों, जरूरतमंद नागरिकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन व्यवस्था की समीक्षा की जाए और जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुंचे। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में पूर्व सांसद/विधायक/मंत्रियों की पेंशन और सुविधाओं के नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए प्रकाशित आंकड़ों को संबंधित राज्य/सरकारी नियमों से सत्यापित करना जरूरी है। 🗣️ जनता के बीच चर्चा सवाल यह है कि जब बुजुर्गों को छोटी-सी पेंशन के लिए संघर्ष करना पड़ता है, तो जनप्रतिनिधियों के लिए इतनी बड़ी पेंशन और सुविधाओं की व्यवस्था कितनी उचित है? 📢 आपकी राय क्या है? क्या देश में जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए पेंशन बढ़नी चाहिए? क्या जनप्रतिनिधियों की पेंशन व्यवस्था की भी समीक्षा होनी चाहिए?
एक हजार रुपये की वृद्धावस्था पेंशन के लिए बुजुर्ग परेशान, नेताओं को लाखों की पेंशन मिलने का दावा नई दिल्ली। देश में वृद्धावस्था पेंशन को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। वायरल/प्रकाशित खबर में दावा किया गया है कि आम बुजुर्गों को महज ₹1,000 मासिक पेंशन के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जबकि पूर्व सांसदों, विधायकों और मंत्रियों को कार्यकाल के आधार पर हजारों से लाखों रुपये तक पेंशन और अन्य सुविधाएं मिलने की बात कही गई है। 🔴 बुजुर्गों की शिकायत खबर के मुताबिक कई बुजुर्गों का कहना है कि पेंशन के लिए आवेदन करने के बाद भी उन्हें लंबे समय तक भुगतान का इंतजार करना पड़ता है। दस्तावेजों की कमी या प्रक्रिया के कारण आवेदन अटकने की शिकायतें भी सामने आती हैं। 💰 नेताओं की पेंशन को लेकर बड़ा दावा खबर में दिए गए आंकड़ों के अनुसार पूर्व सांसदों को कार्यकाल के आधार पर लगभग ₹50 हजार से ₹2 लाख तक मासिक पेंशन मिलने का उल्लेख है। वहीं पूर्व विधायकों और पूर्व मंत्रियों के लिए अलग-अलग राज्यों में पेंशन की राशि अलग हो सकती है। पूर्व मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को पेंशन के अलावा सरकारी आवास, यात्रा, चिकित्सा और अन्य सुविधाएं मिलने का भी उल्लेख किया गया है। ⚖️ सबसे बड़ा सवाल—क्या पेंशन व्यवस्था में समानता होनी चाहिए? सामाजिक संगठनों की ओर से मांग उठाई जा रही है कि बुजुर्गों, जरूरतमंद नागरिकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन व्यवस्था की समीक्षा की जाए और जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुंचे। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में पूर्व सांसद/विधायक/मंत्रियों की पेंशन और सुविधाओं के नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए प्रकाशित आंकड़ों को संबंधित राज्य/सरकारी नियमों से सत्यापित करना जरूरी है। 🗣️ जनता के बीच चर्चा सवाल यह है कि जब बुजुर्गों को छोटी-सी पेंशन के लिए संघर्ष करना पड़ता है, तो जनप्रतिनिधियों के लिए इतनी बड़ी पेंशन और सुविधाओं की व्यवस्था कितनी उचित है? 📢 आपकी राय क्या है? क्या देश में जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए पेंशन बढ़नी चाहिए? क्या जनप्रतिनिधियों की पेंशन व्यवस्था की भी समीक्षा होनी चाहिए? एक हजार रुपये की वृद्धावस्था पेंशन के लिए बुजुर्ग परेशान, नेताओं को लाखों की पेंशन मिलने का दावा नई दिल्ली। देश में वृद्धावस्था पेंशन को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। वायरल/प्रकाशित खबर में दावा किया गया है कि आम बुजुर्गों को महज ₹1,000 मासिक पेंशन के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जबकि पूर्व सांसदों, विधायकों और मंत्रियों को कार्यकाल के आधार पर हजारों से लाखों रुपये तक पेंशन और अन्य सुविधाएं मिलने की बात कही गई है। 🔴 बुजुर्गों की शिकायत खबर के मुताबिक कई बुजुर्गों का कहना है कि पेंशन के लिए आवेदन करने के बाद भी उन्हें लंबे समय तक भुगतान का इंतजार करना पड़ता है। दस्तावेजों की कमी या प्रक्रिया के कारण आवेदन अटकने की शिकायतें भी सामने आती हैं। 💰 नेताओं की पेंशन को लेकर बड़ा दावा खबर में दिए गए आंकड़ों के अनुसार पूर्व सांसदों को कार्यकाल के आधार पर लगभग ₹50 हजार से ₹2 लाख तक मासिक पेंशन मिलने का उल्लेख है। वहीं पूर्व विधायकों और पूर्व मंत्रियों के लिए अलग-अलग राज्यों में पेंशन की राशि अलग हो सकती है। पूर्व मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को पेंशन के अलावा सरकारी आवास, यात्रा, चिकित्सा और अन्य सुविधाएं मिलने का भी उल्लेख किया गया है। ⚖️ सबसे बड़ा सवाल—क्या पेंशन व्यवस्था में समानता होनी चाहिए? सामाजिक संगठनों की ओर से मांग उठाई जा रही है कि बुजुर्गों, जरूरतमंद नागरिकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन व्यवस्था की समीक्षा की जाए और जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुंचे। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में पूर्व सांसद/विधायक/मंत्रियों की पेंशन और सुविधाओं के नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए प्रकाशित आंकड़ों को संबंधित राज्य/सरकारी नियमों से सत्यापित करना जरूरी है। 🗣️ जनता के बीच चर्चा सवाल यह है कि जब बुजुर्गों को छोटी-सी पेंशन के लिए संघर्ष करना पड़ता है, तो जनप्रतिनिधियों के लिए इतनी बड़ी पेंशन और सुविधाओं की व्यवस्था कितनी उचित है? 📢 आपकी राय क्या है? क्या देश में जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए पेंशन बढ़नी चाहिए? क्या जनप्रतिनिधियों की पेंशन व्यवस्था की भी समीक्षा होनी चाहिए?
- मृत्यु भोज की कुप्रथा बंद करने को अहिरवार समाज ने लिया संकल्प गुरसरांय। गुरसरांय ब्लॉक के ग्राम छिरौरा बुजुर्ग में अहिरवार समाज के लोगों ने सामाजिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए मृत्यु भोज की कुप्रथा को बंद करने का निर्णय लिया। समाज के ग्रामीणों ने बैठक आयोजित कर सर्वसम्मति से मृत्यु भोज नहीं करने और समाज में इस परंपरा को समाप्त करने की शपथ ली। बैठक में समाज के लोगों ने कहा कि मृत्यु भोज के नाम पर परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ता है। जरूरत के समय परिवार को सहयोग देने के बजाय ऐसी परंपराओं में बड़ी धनराशि खर्च हो जाती है। इसी को देखते हुए ग्रामीणों ने आपसी सहमति से मृत्यु भोज बंद करने का निर्णय लिया। समाज के लोगों ने संकल्प लिया कि किसी परिवार में मृत्यु होने पर मृतक के परिजनों पर मृत्यु भोज के लिए किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया जाएगा। साथ ही समाज के अन्य लोगों को भी इस सामाजिक कुरीति को समाप्त करने के लिए जागरूक किया जाएगा। ग्रामीणों की इस पहल की क्षेत्र में सराहना की जा रही है। गुरसरांय से सोम मिश्रा की रिपोर्ट1
- ग्राम मडोरी मे गणेश जी का हुआ आगमन,'गणपति बप्पा मोरया' के जयकारों से गुंजायमान हुआ नगर गुरसरांय(झांसी)- नगर सहित ग्रामीण अंचलो में गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश जी का अत्यंत भक्तिभाव और धूमधाम के साथ आगमन हुआ। इस अवसर पर पूरा कस्बा 'गणपति बप्पा मोरया,मंगल मूर्ति मोरया' के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा।कस्बे के विभिन्न वार्डों पटकाना,कुष्ठ माता मंदिर,परकोटा,गुराई बाजार,गांधीनगर,कटरा बाजार,नई बस्ती सहित अन्य वार्डों में तथा घरों में प्रथम पूज्य श्री गणेश जी की मनमोहक मूर्तियों को ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे की मधुर धुनों के साथ गाजे-बाजे के साथ लाया गया। ग्राम मडोरी मे विजय तिवारी,कन्हैया तिवारी,नंदकिशोर साहू,राजू साहू,आदित्य पटेल,प्रशांत पटेल,माही तिवारी,पीहू तिवारी,अंशिका पटेरिया,निम्मो मिश्रा,सौम्या तिवारी,कृष्णा पटेरिया,सुदामा तिवारी ने पुष्पवर्षा कर और आरती उतारकर बप्पा का भव्य स्वागत किया।विद्वान आचार्यों और पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच शुभ मुहूर्त में गणपति जी की प्रतिमाओं की स्थापना की गई। इसके उपरांत भगवान गणेश को मोदक और लड्डुओं का भोग लगाकर महाआरती का आयोजन हुआ।पूरे कस्बे में चारों ओर भक्तिमय वातावरण बना हुआ है और पंडालों में आकर्षक सजावट की गई है। आगामी दिनों तक चलने वाले इस गणेशोत्सव के दौरान सुबह-शाम महाआरती,भजन-कीर्तन और विभिन्न सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।4
- *हमीरपुर कोतवाली पुलिस पर अभद्रता का आरोप, सभासद प्रतिनिधि बउआ ठाकुर के समर्थन में उतरे लोग, निष्पक्ष जांच की मांग* *हमीरपुर (उ.प्र.)* - हमीरपुर कोतवाली पुलिस पर सभासद प्रतिनिधि एवं जनसेवक बउआ ठाकुर के साथ अभद्र व्यवहार करने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में रोष व्याप्त है। टीम बउआ ठाकुर हमीरपुर द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि पुलिस द्वारा जनप्रतिनिधि के साथ किया गया व्यवहार बेहद चिंताजनक और निंदनीय है। बयान में यह भी आरोप लगाया गया है कि एक रिक्शा चालक को किराया न देने और किराया मांगने पर उसके साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। टीम ने कहा, "पुलिस का दायित्व आमजन की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना है। वर्दी कानून की ताकत का प्रतीक है, लेकिन यह किसी भी व्यक्ति के सम्मान और अधिकारों से ऊपर नहीं हो सकती।" टीम बउआ ठाकुर ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। *क्या है मांग:* 1. मामले की निष्पक्ष जांच हो। 2. दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो। 3. आम नागरिकों और रिक्शा चालक जैसे गरीब वर्ग के सम्मान की सुरक्षा सुनिश्चित हो। फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है। *रिपोर्ट - पत्रकार निर्दोष राजपूत, हमीरपुर* --1
- टहरौली में अवैध कच्ची शराब के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 4 महिलाएं गिरफ्तार 80 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद, पुलिस की कार्रवाई से शराब कारोबारियों में मचा हड़कंप टहरौली। तहसील टहरौली क्षेत्र के अशोकनगर स्थित कबूतरा डेरा में अवैध कच्ची शराब की बिक्री के खिलाफ टहरौली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने दबिश देकर अवैध शराब बेचने के आरोप में चार महिलाओं को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से कुल 80 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की। पुलिस क्षेत्राधिकारी टहरौली रक्षपाल सिंह ने कार्रवाई का खुलासा करते हुए बताया कि थाना प्रभारी सरिता मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दबिश देकर कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार अंजू पत्नी निलेश, निवासी अशोकनगर के कब्जे से 20 लीटर, पिंकी पत्नी अखिलेश, निवासी टहरौली खास के कब्जे से 25 लीटर, अनीशा पत्नी चिंकू के पास से 20 लीटर तथा प्रतिज्ञा पत्नी रोविंद, निवासी अशोकनगर के कब्जे से 15 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई। पुलिस ने चारों महिलाओं को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध शराब के कारोबार पर लगातार कार्रवाई होने से क्षेत्र में इस पर अंकुश लगने की उम्मीद है।1
- झाँसी SP सिटी प्रीति सिंह का बड़ा बयान- अपराधियों को दी खुली चेतावनी!!... झांसी में बढ़ रहे अपराध को लेकर झांसी एसपी सिटी ने एक प्रेस वार्ता की और प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि जितने भी झांसी जिले में अपराधी है या तो वह जिले को छोड़ दें या फिर वह अपराध करना बंद कर दे अन्यथा किसी भी सूरत में अपराधियों को बक्सर नहीं जाएगा और अपराधियों की जगह सिर्फ जेल में ही रहेगी और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उनको जेल की सलाखों में डाला जाएगा सुनिए विस्तार से क्या कुछ बोली एसपी सिटी प्रीति सिंह!!1
- कोंच तहसील के ग्राम तीतरा में गृह स्वामी घर मे सोता रहा और अज्ञात चोर रात्रि में बकरियों को चुराकर रफूचक्कर अज्ञात चोर चुरा ले गए वकरियाँ कोंच(जालौन)गृह स्वामी घर मे सोता रहा और अज्ञात चोर रात्रि में बकरियों को चुराकर रफूचक्कर हो गए जब सुबह गृह स्वामी जागा और देखा तो बकरियां नदारत थीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम तीतरा खलीलपुर निवासी कुलदीप बघेल पुत्र लक्ष्मी नारायण ने भेंड़ पुलिस चौकी में एक प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि जब मैं घर मे रात्रि के समय सो रहा था तभी अज्ञात चोर मेरे घर मे घुस आए और रस्सियों से बंधी दो बकरियों को रस्सी काटकर चोरी कर ले गए जब मैं सुबह जागा और देखा तो मेरी बकरियां नदारत थीं कुलदीप ने पुलिस से रिपोर्ट दर्ज कर बकरियां बरामद कराए जाने की मांग की है।1
- गुरसरांय थाना क्षेत्र में तीन पहिया टैक्सी से गिरकर 70 वर्षीय वृद्ध की मौत गुरसरांय। ग्राम सितोरा से गुरसरांय आ रहे करीब 70 वर्षीय वृद्ध की तीन पहिया सवारी टैक्सी से गिरने के बाद मौत हो गई। हादसा ग्राम सरसेड़ा के पास उस समय हुआ, जब बताया जा रहा है कि टैक्सी में सफर कर रहे वृद्ध को अचानक नींद का झपका आ गया और वह चलती टैक्सी से नीचे गिर गए। वृद्ध के गिरते ही टैक्सी चालक और उसमें सवार अन्य यात्रियों ने तत्काल उन्हें उठाया और उपचार के लिए गुरसरांय अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान ग्राम सितोरा, थाना टहरौली निवासी करीब 70 वर्षीय गंगा प्रसाद पुत्र कुंजी लाल के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही गुरसरांय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस द्वारा घटना के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। गुरसरांय से सोम मिश्रा की रिपोर्ट1
- जिला झाँसी तहसील गरौठा के अंतर्गत निमगहना स्टैंड पर मोटरसाइकिल और स्कूल बस की जोरदार भिड़ंत दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल जिला झाँसी तहसील गरौठा के अंतर्गत निमगहना स्टैंड पर मोटरसाइकिल और स्कूल बस की जोरदार भिड़ंत, दो गंभीर घायल झाँसी। तहसील गरौठा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले निमगहना स्टैंड पर मंगलवार को मोटरसाइकिल और स्कूल बस के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में मोटरसाइकिल सवार दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को अपनी निजी वाहन से तत्काल सीएचसी गरौठा पहुंचाया गया। घायलों की पहचान फूल सिंह/दयाराम, उम्र करीब 60 वर्ष तथा बांकेलाल/फूल सिंह, उम्र करीब 35 वर्ष, निवासी पसोरा के रूप में बताई जा रही है। सीएचसी गरौठा में प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए झाँसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। हादसे की सूचना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।4