औरंगाबाद के कुशल कारीगरों के लिए अब काम ढूंढना आसान हो गया है क्योंकि 'लेबर अड्डा' (Labour Addaa) मंच पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, पेंटर, राजमिस्त्री, कारपेंटर, मजदूर, ड्राइवर, वेल्डर, एसी मैकेनिक और सीसीटीवी मैकेनिक समेत सभी कुशल कारीगर इस मंच पर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके माध्यम से कारीगरों को काम की तलाश में भटकना नहीं पड़ेगा, बल्कि काम खुद उनकी पहचान तक पहुंचेगा। इस मंच पर रजिस्ट्रेशन की कई विशेषताएं हैं, जिसमें केवल एक बार रजिस्ट्रेशन कराने पर लाइफ टाइम वैलिडिटी मिलेगी। इसके लिए कारीगरों से कोई कमीशन, मासिक शुल्क या सर्विस चार्ज नहीं लिया जाएगा। कारीगर अपने काम की तस्वीरें भी अपलोड कर सकते हैं और उन्हें सीधे ग्राहकों से संपर्क करने का मौका मिलेगा। 'मेरा काम — मेरी पहचान' के उद्देश्य के साथ शुरू की गई इस पहल से हर कारीगर आत्मनिर्भर बनेगा और उन्हें घर बैठे काम के लिए ऑर्डर मिल सकेंगे।
औरंगाबाद के कुशल कारीगरों के लिए अब काम ढूंढना आसान हो गया है क्योंकि 'लेबर अड्डा' (Labour Addaa) मंच पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, पेंटर, राजमिस्त्री, कारपेंटर, मजदूर, ड्राइवर, वेल्डर, एसी मैकेनिक और सीसीटीवी मैकेनिक समेत सभी कुशल कारीगर इस मंच पर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके माध्यम से कारीगरों को काम की तलाश में भटकना नहीं पड़ेगा, बल्कि काम खुद उनकी पहचान तक पहुंचेगा। इस मंच पर रजिस्ट्रेशन की कई विशेषताएं हैं, जिसमें केवल एक बार रजिस्ट्रेशन कराने पर लाइफ टाइम वैलिडिटी मिलेगी। इसके लिए कारीगरों से कोई कमीशन, मासिक शुल्क या सर्विस चार्ज नहीं लिया जाएगा। कारीगर अपने काम की तस्वीरें भी अपलोड कर सकते हैं और उन्हें सीधे ग्राहकों से संपर्क करने का मौका मिलेगा। 'मेरा काम — मेरी पहचान' के उद्देश्य के साथ शुरू की गई इस पहल से हर कारीगर आत्मनिर्भर बनेगा और उन्हें घर बैठे काम के लिए ऑर्डर मिल सकेंगे।
- औरंगाबाद के कुशल कारीगरों के लिए अब काम ढूंढना आसान हो गया है क्योंकि 'लेबर अड्डा' (Labour Addaa) मंच पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, पेंटर, राजमिस्त्री, कारपेंटर, मजदूर, ड्राइवर, वेल्डर, एसी मैकेनिक और सीसीटीवी मैकेनिक समेत सभी कुशल कारीगर इस मंच पर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके माध्यम से कारीगरों को काम की तलाश में भटकना नहीं पड़ेगा, बल्कि काम खुद उनकी पहचान तक पहुंचेगा। इस मंच पर रजिस्ट्रेशन की कई विशेषताएं हैं, जिसमें केवल एक बार रजिस्ट्रेशन कराने पर लाइफ टाइम वैलिडिटी मिलेगी। इसके लिए कारीगरों से कोई कमीशन, मासिक शुल्क या सर्विस चार्ज नहीं लिया जाएगा। कारीगर अपने काम की तस्वीरें भी अपलोड कर सकते हैं और उन्हें सीधे ग्राहकों से संपर्क करने का मौका मिलेगा। 'मेरा काम — मेरी पहचान' के उद्देश्य के साथ शुरू की गई इस पहल से हर कारीगर आत्मनिर्भर बनेगा और उन्हें घर बैठे काम के लिए ऑर्डर मिल सकेंगे।1
- बिहार के गया जिले में शेरघाटी के योगापुर में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ खेत में काम करने के दौरान करंट लगने से एक मजदूर की मौत हो गई। इस हादसे के बाद मृतक के चार बच्चों के सिर से उनके पिता का साया उठ गया है।1
- बिहार के औरंगाबाद जिले के बारुन में बारिश के मौसम का एक वीडियो साझा किया गया है। वीडियो साझा करते हुए 'जय भीम' का नारा दिया गया है और लोगों से पूछा गया है कि उन्हें यह वीडियो कैसा लगा। इसके साथ ही दर्शकों से इस वीडियो को लाइक, कमेंट और शेयर करने की अपील भी की गई है।1
- बिना हेलमेट पहने होने पर भी पुलिस द्वारा चालान न काटे जाने के नियम और इग्नू में असाइनमेंट जमा करने की अंतिम तिथि को लेकर जानकारी साझा की गई है। अभिषेक कुमार मीडिया के माध्यम से लोगों को इस नियम को जानने और इग्नू में असाइनमेंट जमा करने की अंतिम तिथि की जानकारी दी जा रही है।1
- चतरा पुलिस ने इटखोरी बाजार के एक स्वर्ण व्यवसायी से हुई लूट का खुलासा करते हुए एक अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य को ओडिशा से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी दीपक प्रधान को ओडिशा के जाजपुर जिले से दबोचा है। आरोपी के पास से लूटे गए जेवरात, दो मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। यह घटना 12 जुलाई 2026 को हुई थी, जब इटखोरी चौक के रहने वाले व्यवसायी दिलीप कुमार सोनी से कलाली रोड पर बैग लूटा गया था। लूट की इस घटना के बाद एसपी के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था, जिसने तकनीकी अनुसंधान की मदद से आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। पूछताछ के दौरान आरोपी ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि इस गिरोह के सदस्य हैदराबाद में ताला खोलने और गाड़ी चलाने की ट्रेनिंग लेते हैं। वारदात को अंजाम देने से पहले वे इलाके की रेकी करते हैं और लूट के बाद सारा सामान अपने मुख्य सरगना को सौंप देते हैं। आरोपी ने गिद्धौर और पत्थलगड़ा में हुई लूट की घटनाओं में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। फिलहाल पुलिस गिरोह के मुख्य सरगना आकाश की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है, जो अभी फरार है।1
- चतरा के इटखोरी बाजार में ज्वेलरी व्यवसायी दिलीप सोनी की बाइक की डिक्की से करीब 60 लाख रुपये के जेवरात चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में उड़ीसा के जाखापुर थाना क्षेत्र के दशमनिया गांव निवासी दीपक प्रधान को गिरफ्तार किया है, जो कुख्यात गुलगुलिया गैंग का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने प्रेसवार्ता में बताया कि आरोपी कोई साधारण चोर नहीं, बल्कि प्रशिक्षित अपराधी है। चतरा जिले के पत्थलगड़ा और जोरी में भी ज्वेलरी कारोबारियों को निशाना बनाने में इसकी संलिप्तता सामने आई है। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने वारदात से पहले व्यवसायी की दुकान और दिनचर्या की रेकी की थी। उसने ग्राहक बनकर दुकान में प्रवेश किया और आधा किलो चोरी का सोना सस्ते दाम पर बेचने का झांसा देकर व्यवसायी का विश्वास जीता। इसके बाद मौका मिलते ही वह डिक्की से जेवरात लेकर फरार हो गया। एसपी ने बताया कि गिरोह के सदस्यों को हैदराबाद में विशेष प्रशिक्षण दिया जाता था, जहां उन्हें बिना नुकसान पहुंचाए बाइक और कार की डिक्की खोलने, भीड़ में पहचान छिपाने, रेकी करने और वारदात के बाद चंद मिनटों में फरार होने की तकनीक सिखाई जाती थी। पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का संचालन उड़ीसा से गिरोह का सरगना आकाश प्रधान करता है। वह गिरोह के सदस्यों को अपराध करने के एवज में एक लाख रुपये प्रतिमाह तक का भुगतान करता था। गिरोह में दर्जनों युवक शामिल हैं, जिन्हें योजनाबद्ध तरीके से विभिन्न राज्यों में भेजा जाता था। चतरा पुलिस इसे अपनी बड़ी सफलता मानते हुए गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी और चोरी गए जेवरात की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।1
- दिल्ली में सोनम वांगचुक के साथ हुए पुलिसिया व्यवहार की तस्वीरों ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शांतिपूर्ण आंदोलन करने और अपनी बात रखने का अधिकार लोकतंत्र की असली पहचान है, लेकिन सत्ता के घमंड में जनता की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, जनता की इस आवाज को दबाया जरूर जा सकता है, लेकिन इसे कभी खत्म नहीं किया जा सकता। अब देश में अति हो चुकी है और लोकतंत्र के भीतर सवाल पूछने वालों को दबाने के बजाय उनकी बात को सुना जाना चाहिए। ऐसे में यह बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या अब लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाना भी कोई गुनाह बन गया है?1
- औरंगाबाद के कुशल कारीगरों को अब काम की तलाश करने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि उनका काम खुद उनकी पहचान बनकर उन तक पहुंचेगा। इसके लिए प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, पेंटर, राजमिस्त्री, कारपेंटर, लेबर, ड्राइवर, वेल्डर, एसी मैकेनिक और सीसीटीवी मैकेनिक समेत सभी कुशल कामगारों को 'लेबर अड्डा' पर अपना रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आमंत्रित किया गया है। 'मेरा काम — मेरी पहचान' के उद्देश्य के साथ शुरू की गई इस पहल के जरिए हर कारीगर को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा, जिससे उन्हें सीधे घर बैठे ही काम के ऑर्डर मिल सकेंगे। इस मंच पर रजिस्ट्रेशन कराने वाले कारीगरों को कई बेहतरीन सुविधाएं दी जा रही हैं। यहाँ सिर्फ एक बार रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जिसकी वैधता लाइफ टाइम यानी आजीवन रहेगी। इसके लिए कामगारों से किसी भी प्रकार का कोई कमीशन, मासिक शुल्क या सर्विस चार्ज नहीं लिया जाएगा। इसके साथ ही, कारीगरों को अपने काम की तस्वीरें अपलोड करने की सुविधा भी मिलेगी ताकि उन्हें ग्राहकों से सीधे संपर्क करने का मौका मिल सके।1