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कटनी: उत्कल एक्सप्रेस के टॉयलेट में मिली लावारिस नवजात बच्ची, जिला अस्पताल के ICU में भर्ती कटनी: उत्कल एक्सप्रेस के टॉयलेट में मिली लावारिस नवजात बच्ची, जिला अस्पताल के ICU में भर्ती
Shivcharan Yadav
कटनी: उत्कल एक्सप्रेस के टॉयलेट में मिली लावारिस नवजात बच्ची, जिला अस्पताल के ICU में भर्ती कटनी: उत्कल एक्सप्रेस के टॉयलेट में मिली लावारिस नवजात बच्ची, जिला अस्पताल के ICU में भर्ती
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- *निमिहा मोहल्ला कटनी में विराजमान माँ विंध्याचल *आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर *निमिहा मोहल्ला कटनी *आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर के जवारे नवरात्र पर्व की ग्यारस को बड़ी हर्षोल्लास के साथ विसर्जित हुए *मंदिर सेवा समिति के सदस्य *अध्यक्ष/रमेश निषाद जी *उपाध्यक्ष/नारायण निषाद जी *सचिव/आदेश निषाद जी/ *उपसचिव/आशीष निषाद जी *कोषाध्यक्ष/श्रीमती राधा निषाद जी *सदस्य/अमित निषाद नितिन निषाद राजा बर्मन हीरालाल बर्मन सुनील नामदेव बच्ची निषाद एवं आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर सेवा समिति के सभी सदस्यों ने अपना *व्यस्थापक/पंडा राकेश निषाद जी की देखरेख पर अपना भरपूर सहयोग एवं माँ विंध्यवासनी के जवारों पर अपना भरपूर योगदान दिया *झुकेही से आई भगत पार्टी रसिक रामायण समाज के सुनील पटेल जी और उनके साथियों ने अपने सुंदर भगतो से दर्शनार्थियों का मन मोह लिया *गुरुदेव/श्री बिहारी लाल जी श्री शारदा प्रशाद सोंधिया के निरीक्षण पर जलसे का मार्गदर्शन हुआ **आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर राकेश निषाद4
- *आजाद चौक पर युवक की संदिग्ध मौत* कटनी। शहर के व्यस्ततम इलाके आजाद चौक में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक अज्ञात युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ। युवक के मुंह से खून निकल रहा था, जिससे मौत की वजह को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। *बीमार हालत में देखा गया था युवक* स्थानीय लोगों के अनुसार, युवक को बीते कल से ही इलाके में बीमार हालत में देखा गया था। वह काफी कमजोर और अस्वस्थ नजर आ रहा था, लेकिन आज जब लोगों की नजर उस पर पड़ी तो वह मृत अवस्था में था और उसके चेहरे पर खून के निशान थे। *पुलिस की कार्रवाई और जांच* घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद शव को अपने कब्जे में लिया। * *पीएम रिपोर्ट का इंतजार*: पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम (PM) के लिए जिला अस्पताल की मर्चुरी भेज दिया है। * *शिनाख्त की कोशिश:* पुलिस मृतक की पहचान करने का प्रयास कर रही है ताकि उसके परिजनों को सूचित किया जा सके। *मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं* युवक की मौत किसी गंभीर बीमारी की वजह से हुई है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। थाना प्रभारी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।1
- केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की लोकसभा में किसानो के साथ लूट। जो जमीन किसान ने 2018 में तीस लाख रुपए एकड़ में खरीदी उसका 2025 में रेलबे ने अधिग्रहण किया और 6 lakhलाख रुपये एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जा रहा है,ये किसानो के साथ अन्याय है,खुली लूट है।1
- Post by भगवत सिंह लोधी पत्रकार1
- मथुरा के फरह क्षेत्र में तनाव की स्थिति, पत्थरबाजी की घटना सामने आई डिस्क्रिप्शन: Mathura के फरह क्षेत्र में हाल ही में सड़क पर पत्थरबाजी और हंगामे की घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों द्वारा पत्थर और कांच की बोतलें फेंकी गईं, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं Uttar Pradesh Police मामले की जांच में जुटी हुई है और जल्द ही स्थिति को नियंत्रित करने का आश्वासन दिया है।1
- *मैहर कलेक्टर के आदेशों पर कर्मचारियों ने की रसीद में धोखाधड़ी* लगातार मेला प्रबंधक समिति के कर्मचारियों के द्वारा ऐसे कई मामलों को मैहर के समस्त पत्रकारों के द्वारा सभी के सामने प्रस्तुत किया गया है जिसमें कर्मचारी कही रिश्वत लेते, कही दर्शनार्थियों से अभद्रता करते तो कही अपने काम के प्रति लापरवाही करते भी आप सभी के सामने प्रस्तुत किया गया होगा ऐसा ही एक कारनामा आज मैं आप सभी के सामने लाने वाला अभी विगत दिन पूर्व एक सोशल मीडिया में मेरे द्वारा एक खबर को प्रकाशित किया गया था जिसपर आप सभी ने यह देखा होगा और उस वीडियो में मेरे इंस्टाग्राम अकाउंट में 28000 के ऊपर लोगो ने उस वीडियो को देखा है उसी से संबंधित मै आप सभी को बताऊंगा कि किस प्रकार से मैहर की कलेक्टर आदेशों पर कर्मचारियों ने धोखाधड़ी की और यह कार्यक्रम क्रमशः दस दिनों तक किया गया वीडियो में अजय सन्नाद नाम के कर्मचारी को आप सभी लोगों ने वीडियो के माध्यम से यह कहते सुना ही होगा कि गलत है तो क्या करें मैहर कलेक्टर ने ये आदेश किया है हम क्या कर सकते है तो मैं मैहर कलेक्टर रानी बाटड़ जी से यह पूछना चाहता हूं कि आदेश तो आपने चालान कार्यवाही का दिया था रसीद तो चलान कार्यवाही की काटनी थी तो आपके कर्मचारियों ने चालान रसीद को न दे कर अनुदान की रसीद क्यूं पकड़ाई गई है वही अनुदान की रसीद जिसमें दर्शनार्थी गण भंडारे के लिए अपनी स्वेच्छा से दान करते है क्या दुकानदारों ने अपनी स्वेच्छा से दान दिया है और अगर दान दिया है तो चलान कहा गया और अगर चलान दिया है तो उनकी चलान की रसीद क्यूं नहीं दी? तो क्या यह दुकानदारों के साथ धोखेबाजी नहीं की चलान की रसीद की बजाय अनुदान की रसीद पकड़ा दी गई शर्मनाक बात तो यह है कि एक कर्मचारी मैहर कलेक्टर का नाम लेकर गलत करता है मौके पर मैहर की कलेक्टर की मौजूदगी में और जुम्मेवार अधिकारी चुप्पी साध कर उसका गलत करने का पूर्ण बहुमत उसे प्रदान कर रहे है और सवालों के जवाब मांगने पर अपने पद का गलत उपयोग करने में लग जाते है। अब मैं यह पूछना चाहूंगा कि क्या इस खबर को पढ़ कर के इसे अनदेखा किया जाएगा या ऐसे कर्मचारियों पर संज्ञान में लेते हुए अवैध रूप से लूटा गया पैसा दुकानदारों को वापस किया जाएगा ?2
- भोपाल: मध्य प्रदेश की राजनीति में आज किसानों के मुद्दों को लेकर एक बड़ी हलचल देखी गई। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व ने आज 'किसान आवाज़' के सशक्त प्रहरी और प्रख्यात किसान नेता आदरणीय शिवकुमार शर्मा 'कक्का जी' से उनके निवास पर आत्मीय भेंट की। इस मुलाकात को आगामी समय में किसानों के हक की लड़ाई को और तेज करने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। प्रमुख बिंदु: अन्याय पर चिंता: मुलाकात के दौरान कक्का जी ने मध्य प्रदेश और देश भर के किसानों के साथ हो रहे कथित विश्वासघात और अन्याय पर गहरी चिंता व्यक्त की। रणनीति और मार्गदर्शन: कक्का जी ने किसान भाइयों के हक और न्याय की लड़ाई को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कांग्रेस नेताओं को महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। कांग्रेस का संकल्प: मुलाकात के बाद यह स्पष्ट किया गया कि मध्य प्रदेश कांग्रेस किसानों की समस्याओं को लेकर चुप नहीं बैठेगी और इस लड़ाई को पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी। "किसानों के साथ हो रहा अन्याय अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कक्का जी का अनुभव और मार्गदर्शन हमारी इस न्याय यात्रा को और बल देगा।" — कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल1
- 👉 भ्रष्टाचार उजागर करने वाले पत्रकार को धमकी? बम्होरी पंचायत का मामला गरमाया बटियागढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत बम्होरी (लड़ाई) से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। पत्रकार निरपत सेन ने कथित तौर पर पंचायत में भ्रष्टाचार से जुड़ी एक ऑडियो वायरल की थी, जिसके बाद उन्होंने आरोप लगाया है कि सरपंच पक्ष द्वारा उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी इसी पंचायत से एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें सरपंच प्रतिनिधि का नाम सामने आया था और भ्रष्टाचार को लेकर बातचीत सुनी गई थी। अब नया आरोप है कि ऑडियो वायरल होने के बाद कुछ लोग शराब के नशे में पत्रकार को धमकाते और खोजते हुए दिखाई दे रहे हैं। ❗ सवाल ये है कि: क्या भ्रष्टाचार उजागर करना अब खतरे से खाली नहीं रहा? क्या पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी? प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करेगा? 📌 अगर आरोप सही हैं, तो यह मामला बेहद गंभीर है और निष्पक्ष जांच व सख्त कार्रवाई की जरूरत है।1
- *मैहर कलेक्टर के आदेशों पर कर्मचारियों ने की रसीद में धोखाधड़ी* लगातार मेला प्रबंधक समिति के कर्मचारियों के द्वारा ऐसे कई मामलों को मैहर के समस्त पत्रकारों के द्वारा सभी के सामने प्रस्तुत किया गया है जिसमें कर्मचारी कही रिश्वत लेते, कही दर्शनार्थियों से अभद्रता करते तो कही अपने काम के प्रति लापरवाही करते भी आप सभी के सामने प्रस्तुत किया गया होगा ऐसा ही एक कारनामा आज मैं आप सभी के सामने लाने वाला अभी विगत दिन पूर्व एक सोशल मीडिया में मेरे द्वारा एक खबर को प्रकाशित किया गया था जिसपर आप सभी ने यह देखा होगा और उस वीडियो में मेरे इंस्टाग्राम अकाउंट में 28000 के ऊपर लोगो ने उस वीडियो को देखा है उसी से संबंधित मै आप सभी को बताऊंगा कि किस प्रकार से मैहर की कलेक्टर आदेशों पर कर्मचारियों ने धोखाधड़ी की और यह कार्यक्रम क्रमशः दस दिनों तक किया गया वीडियो में अजय सन्नाद नाम के कर्मचारी को आप सभी लोगों ने वीडियो के माध्यम से यह कहते सुना ही होगा कि गलत है तो क्या करें मैहर कलेक्टर ने ये आदेश किया है हम क्या कर सकते है तो मैं मैहर कलेक्टर रानी बाटड़ जी से यह पूछना चाहता हूं कि आदेश तो आपने चालान कार्यवाही का दिया था रसीद तो चलान कार्यवाही की काटनी थी तो आपके कर्मचारियों ने चालान रसीद को न दे कर अनुदान की रसीद क्यूं पकड़ाई गई है वही अनुदान की रसीद जिसमें दर्शनार्थी गण भंडारे के लिए अपनी स्वेच्छा से दान करते है क्या दुकानदारों ने अपनी स्वेच्छा से दान दिया है और अगर दान दिया है तो चलान कहा गया और अगर चलान दिया है तो उनकी चलान की रसीद क्यूं नहीं दी? तो क्या यह दुकानदारों के साथ धोखेबाजी नहीं की चलान की रसीद की बजाय अनुदान की रसीद पकड़ा दी गई शर्मनाक बात तो यह है कि एक कर्मचारी मैहर कलेक्टर का नाम लेकर गलत करता है मौके पर मैहर की कलेक्टर की मौजूदगी में और जुम्मेवार अधिकारी चुप्पी साध कर उसका गलत करने का पूर्ण बहुमत उसे प्रदान कर रहे है और सवालों के जवाब मांगने पर अपने पद का गलत उपयोग करने में लग जाते है। अब मैं यह पूछना चाहूंगा कि क्या इस खबर को पढ़ कर के इसे अनदेखा किया जाएगा या ऐसे कर्मचारियों पर संज्ञान में लेते हुए अवैध रूप से लूटा गया पैसा दुकानदारों को वापस किया जाएगा ?2