*मैहर कलेक्टर के आदेशों पर कर्मचारियों ने की रसीद में धोखाधड़ी* लगातार मेला प्र *मैहर कलेक्टर के आदेशों पर कर्मचारियों ने की रसीद में धोखाधड़ी* लगातार मेला प्रबंधक समिति के कर्मचारियों के द्वारा ऐसे कई मामलों को मैहर के समस्त पत्रकारों के द्वारा सभी के सामने प्रस्तुत किया गया है जिसमें कर्मचारी कही रिश्वत लेते, कही दर्शनार्थियों से अभद्रता करते तो कही अपने काम के प्रति लापरवाही करते भी आप सभी के सामने प्रस्तुत किया गया होगा ऐसा ही एक कारनामा आज मैं आप सभी के सामने लाने वाला अभी विगत दिन पूर्व एक सोशल मीडिया में मेरे द्वारा एक खबर को प्रकाशित किया गया था जिसपर आप सभी ने यह देखा होगा और उस वीडियो में मेरे इंस्टाग्राम अकाउंट में 28000 के ऊपर लोगो ने उस वीडियो को देखा है उसी से संबंधित मै आप सभी को बताऊंगा कि किस प्रकार से मैहर की कलेक्टर आदेशों पर कर्मचारियों ने धोखाधड़ी की और यह कार्यक्रम क्रमशः दस दिनों तक किया गया वीडियो में अजय सन्नाद नाम के कर्मचारी को आप सभी लोगों ने वीडियो के माध्यम से यह कहते सुना ही होगा कि गलत है तो क्या करें मैहर कलेक्टर ने ये आदेश किया है हम क्या कर सकते है तो मैं मैहर कलेक्टर रानी बाटड़ जी से यह पूछना चाहता हूं कि आदेश तो आपने चालान कार्यवाही का दिया था रसीद तो चलान कार्यवाही की काटनी थी तो आपके कर्मचारियों ने चालान रसीद को न दे कर अनुदान की रसीद क्यूं पकड़ाई गई है वही अनुदान की रसीद जिसमें दर्शनार्थी गण भंडारे के लिए अपनी स्वेच्छा से दान करते है क्या दुकानदारों ने अपनी स्वेच्छा से दान दिया है और अगर दान दिया है तो चलान कहा गया और अगर चलान दिया है तो उनकी चलान की रसीद क्यूं नहीं दी? तो क्या यह दुकानदारों के साथ धोखेबाजी नहीं की चलान की रसीद की बजाय अनुदान की रसीद पकड़ा दी गई शर्मनाक बात तो यह है कि एक कर्मचारी मैहर कलेक्टर का नाम लेकर गलत करता है मौके पर मैहर की कलेक्टर की मौजूदगी में और जुम्मेवार अधिकारी चुप्पी साध कर उसका गलत करने का पूर्ण बहुमत उसे प्रदान कर रहे है और सवालों के जवाब मांगने पर अपने पद का गलत उपयोग करने में लग जाते है। अब मैं यह पूछना चाहूंगा कि क्या इस खबर को पढ़ कर के इसे अनदेखा किया जाएगा या ऐसे कर्मचारियों पर संज्ञान में लेते हुए अवैध रूप से लूटा गया पैसा दुकानदारों को वापस किया जाएगा ?
*मैहर कलेक्टर के आदेशों पर कर्मचारियों ने की रसीद में धोखाधड़ी* लगातार मेला प्र *मैहर कलेक्टर के आदेशों पर कर्मचारियों ने की रसीद में धोखाधड़ी* लगातार मेला प्रबंधक समिति के कर्मचारियों के द्वारा ऐसे कई मामलों को मैहर के समस्त पत्रकारों के द्वारा सभी के सामने प्रस्तुत किया गया है जिसमें कर्मचारी कही रिश्वत लेते, कही दर्शनार्थियों से अभद्रता करते तो कही अपने काम के प्रति लापरवाही करते भी आप सभी के सामने प्रस्तुत किया गया होगा ऐसा ही एक कारनामा आज मैं आप सभी के सामने लाने वाला अभी विगत दिन पूर्व एक सोशल मीडिया में मेरे द्वारा एक खबर को प्रकाशित किया गया था जिसपर आप सभी ने यह देखा होगा और उस वीडियो में मेरे इंस्टाग्राम अकाउंट में 28000 के ऊपर लोगो ने उस वीडियो को देखा है उसी से संबंधित मै आप सभी को बताऊंगा कि किस प्रकार से मैहर की कलेक्टर आदेशों पर कर्मचारियों ने धोखाधड़ी की और यह कार्यक्रम क्रमशः दस दिनों तक किया गया वीडियो में अजय सन्नाद नाम के कर्मचारी को आप सभी लोगों ने वीडियो के माध्यम से यह कहते सुना ही होगा कि गलत है तो क्या करें मैहर कलेक्टर ने ये आदेश किया है हम क्या कर सकते है तो मैं मैहर कलेक्टर
रानी बाटड़ जी से यह पूछना चाहता हूं कि आदेश तो आपने चालान कार्यवाही का दिया था रसीद तो चलान कार्यवाही की काटनी थी तो आपके कर्मचारियों ने चालान रसीद को न दे कर अनुदान की रसीद क्यूं पकड़ाई गई है वही अनुदान की रसीद जिसमें दर्शनार्थी गण भंडारे के लिए अपनी स्वेच्छा से दान करते है क्या दुकानदारों ने अपनी स्वेच्छा से दान दिया है और अगर दान दिया है तो चलान कहा गया और अगर चलान दिया है तो उनकी चलान की रसीद क्यूं नहीं दी? तो क्या यह दुकानदारों के साथ धोखेबाजी नहीं की चलान की रसीद की बजाय अनुदान की रसीद पकड़ा दी गई शर्मनाक बात तो यह है कि एक कर्मचारी मैहर कलेक्टर का नाम लेकर गलत करता है मौके पर मैहर की कलेक्टर की मौजूदगी में और जुम्मेवार अधिकारी चुप्पी साध कर उसका गलत करने का पूर्ण बहुमत उसे प्रदान कर रहे है और सवालों के जवाब मांगने पर अपने पद का गलत उपयोग करने में लग जाते है। अब मैं यह पूछना चाहूंगा कि क्या इस खबर को पढ़ कर के इसे अनदेखा किया जाएगा या ऐसे कर्मचारियों पर संज्ञान में लेते हुए अवैध रूप से लूटा गया पैसा दुकानदारों को वापस किया जाएगा ?
- *मैहर कलेक्टर के आदेशों पर कर्मचारियों ने की रसीद में धोखाधड़ी* लगातार मेला प्रबंधक समिति के कर्मचारियों के द्वारा ऐसे कई मामलों को मैहर के समस्त पत्रकारों के द्वारा सभी के सामने प्रस्तुत किया गया है जिसमें कर्मचारी कही रिश्वत लेते, कही दर्शनार्थियों से अभद्रता करते तो कही अपने काम के प्रति लापरवाही करते भी आप सभी के सामने प्रस्तुत किया गया होगा ऐसा ही एक कारनामा आज मैं आप सभी के सामने लाने वाला अभी विगत दिन पूर्व एक सोशल मीडिया में मेरे द्वारा एक खबर को प्रकाशित किया गया था जिसपर आप सभी ने यह देखा होगा और उस वीडियो में मेरे इंस्टाग्राम अकाउंट में 28000 के ऊपर लोगो ने उस वीडियो को देखा है उसी से संबंधित मै आप सभी को बताऊंगा कि किस प्रकार से मैहर की कलेक्टर आदेशों पर कर्मचारियों ने धोखाधड़ी की और यह कार्यक्रम क्रमशः दस दिनों तक किया गया वीडियो में अजय सन्नाद नाम के कर्मचारी को आप सभी लोगों ने वीडियो के माध्यम से यह कहते सुना ही होगा कि गलत है तो क्या करें मैहर कलेक्टर ने ये आदेश किया है हम क्या कर सकते है तो मैं मैहर कलेक्टर रानी बाटड़ जी से यह पूछना चाहता हूं कि आदेश तो आपने चालान कार्यवाही का दिया था रसीद तो चलान कार्यवाही की काटनी थी तो आपके कर्मचारियों ने चालान रसीद को न दे कर अनुदान की रसीद क्यूं पकड़ाई गई है वही अनुदान की रसीद जिसमें दर्शनार्थी गण भंडारे के लिए अपनी स्वेच्छा से दान करते है क्या दुकानदारों ने अपनी स्वेच्छा से दान दिया है और अगर दान दिया है तो चलान कहा गया और अगर चलान दिया है तो उनकी चलान की रसीद क्यूं नहीं दी? तो क्या यह दुकानदारों के साथ धोखेबाजी नहीं की चलान की रसीद की बजाय अनुदान की रसीद पकड़ा दी गई शर्मनाक बात तो यह है कि एक कर्मचारी मैहर कलेक्टर का नाम लेकर गलत करता है मौके पर मैहर की कलेक्टर की मौजूदगी में और जुम्मेवार अधिकारी चुप्पी साध कर उसका गलत करने का पूर्ण बहुमत उसे प्रदान कर रहे है और सवालों के जवाब मांगने पर अपने पद का गलत उपयोग करने में लग जाते है। अब मैं यह पूछना चाहूंगा कि क्या इस खबर को पढ़ कर के इसे अनदेखा किया जाएगा या ऐसे कर्मचारियों पर संज्ञान में लेते हुए अवैध रूप से लूटा गया पैसा दुकानदारों को वापस किया जाएगा ?2
- मैहर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त! मैहर। मैहर जिले में भाटिया ग्रुप की अवैध शराब भारी मात्रा में पकड़ी गई है,जानकारी अनुसार मैहर जिले के ईमानदार एसपी अवधेश प्रताप सिंह के निर्देशन में पुलिस ने अवैध शराब दुकान पर दबिश देकर 30 पेटी से अधिक गोवा, देसी और अंग्रेजी शराब जब्त की है। मौके से रिंकू बर्मन व उसका साथी गिरफ्तार हुए,जबकि पूरे मैहर जिले में अवैध शराब का हब्ब बनाने वाला भाटिया शराब ग्रुप का मुख्य सप्लायर मैनेजर संतोष सिंह फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। विशेष सूत्रों कि माने तो मैनेजर संतोष सिंह को बचाने की बोली शुरू हो गई है, पुलिस के ऊपर दबाव बनना शुरू, लेकिन इस बार मैनेजर संतोष सिंह नहीं बच पाएगा, क्योंकि मैहर जिले के ईमानदार एसपी अवधेश प्रताप सिंह है!1
- रीवा (मध्य प्रदेश): जिले के चोरहटा थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ नौबस्ता चौकी के अंतर्गत सकरबट गांव में चोरी के मामूली शक में एक युवक को न केवल बंधक बनाया गया, बल्कि आधा दर्जन से अधिक लोगों ने मिलकर उसे तालिबानी सजा देते हुए लहूलुहान कर दिया। रस्सियों से बांधकर किया गया हमला प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक की पहचान नीरज यादव उर्फ बेटू के रूप में हुई है। शनिवार रात आरोपियों ने नीरज को एक घर के अंदर खींच लिया और उसे रस्सियों से मजबूती से बांध दिया। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। गंभीर चोटें और अस्पताल में भर्ती भीड़ के इस हमले में नीरज के सिर और जबड़े में गंभीर चोटें आई हैं। युवक की हालत इतनी खराब हो गई कि वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों के अनुसार, सिर की चोट गहरी होने के कारण उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। पुलिस की कार्रवाई घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और वीडियो के आधार पर उनकी पहचान की जा रही है। मध्य भारत न्यूज़ की अपील: कानून को अपने हाथ में न लें। यदि किसी पर संदेह है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें। इस प्रकार की हिंसा केवल अपराध को बढ़ावा देती है। रिपोर्ट: ब्यूरो चीफ, मध्य भारत न्यूज़1
- रीवा के कोतवाली थाना में पदस्थ आरक्षक अमित सिंह चौहान बीच सड़क महिला के साथ मारपीट करने का वीडियो वायरल1
- *_बिरसिंहपुर स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही ने बुझाया घर का चिराग: एम्बुलेंस के इंतजार में तड़प-तड़प कर हुई मासूम की मौत_* सतना/बिरसिंहपुर: एक तरफ सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर बिरसिंहपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की संवेदनहीनता और घोर लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार को ताउम्र का दर्द दे दिया है। कटनी जिले के भट्टा मोहल्ला निवासी एक परिवार,जो बिरसिंहपुर के पास अपने रिश्तेदारों के यहाँ आया हुआ था, क्या जानता था कि सरकारी तंत्र की खामियाँ उनके बच्चे को उनसे छीन लेंगी। कल रात जब बच्चे की तबीयत बिगड़ी, तो परिजन उम्मीद के साथ अस्पताल पहुँचे, लेकिन वहाँ का मंजर उम्मीद के ठीक उलट था। डॉक्टरों ने औपचारिक खानापूर्ति करते हुए बच्चे को गंभीर बताकर सतना रेफर तो कर दिया, लेकिन उसके बाद की 'सरकारी सुस्ती' जानलेवा साबित हुई। बेबस माँ-बाप लगभग एक घंटे तक अस्पताल की दहलीज पर खड़े होकर एम्बुलेंस का इंतजार करते रहे, मिन्नतें करते रहे, लेकिन "सिस्टम" की कान पर जूं तक नहीं रेंगी। प्रशासन की इस कदर अनियमितता और लापरवाही का आलम यह था कि समय पर इलाज मिलना तो दूर, बच्चे को बड़े अस्पताल ले जाने के लिए वाहन तक नसीब नहीं हुआ। अस्पताल की इस उदासीनता के कारण अंततः मासूम ने दम तोड़ दिया। यह पहली बार नहीं है जब बिरसिंहपुर सरकारी अस्पताल से ऐसी हृदयविदारक खबरें सामने आई हों, पहले भी कई बार ऐसी अव्यवस्थाओं ने लोगों की जान ली है। *सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन की इस गंभीर चूक की भरपाई उस माँ की सूनी गोद को भरकर की जा सकती है? आखिर इस मौत का जिम्मेदार कौन है? क्या शासन और प्रशासन सिर्फ फाइलों में ही स्वास्थ्य क्रांति लाएगा या धरातल पर दम तोड़ते इन मासूमों की भी सुध ली जाएगी* विंध्य स्टोरी समाचार सतना3
- *विधायक विक्रम सिंह ने मां अलोपन धाम कैशौरा में रुद्र चंडी महायज्ञ में भाग लिया* *राइजिंग सतना से रामदत्त दाहिया की रिपोर्ट* रामपुर बाघेलन- 26 मार्च 2026 को मां अलोपन धाम कैशौरा में आयोजित श्री रुद्रचंडी महायज्ञ के सातवें दिवस पर विधायक विक्रम सिंह ने भाग लिया और आचार्य पंडित शुभम वशिष्ठ जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर यज्ञशाला का परिक्रमा, भगवती का हवन एवं आरती किया गया। इस पवित्र यज्ञ में विधायक प्रतिनिधि विद्याधर तिवारी, प्रजेश द्विवेदी, सभापति अमरपाटन, मंडल अध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा, राज नारायण सिंह, सम्राट सिंह,जनपद सदस्य बद्री दहिया,जनपद सदस्य प्रदीप चौरसिया, सरपंच लक्ष्मण रावत, राम प्रसाद साहू, पत्रकार रामदत्त दाहिया, संदीप वर्मा, ध्रुवराज सिंह, मनीष पाठक, ओम प्रकाश साहू आदि भारी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे।1
- Post by Abhishek Pandey2
- *मैहर कलेक्टर के आदेशों पर कर्मचारियों ने की रसीद में धोखाधड़ी* लगातार मेला प्रबंधक समिति के कर्मचारियों के द्वारा ऐसे कई मामलों को मैहर के समस्त पत्रकारों के द्वारा सभी के सामने प्रस्तुत किया गया है जिसमें कर्मचारी कही रिश्वत लेते, कही दर्शनार्थियों से अभद्रता करते तो कही अपने काम के प्रति लापरवाही करते भी आप सभी के सामने प्रस्तुत किया गया होगा ऐसा ही एक कारनामा आज मैं आप सभी के सामने लाने वाला अभी विगत दिन पूर्व एक सोशल मीडिया में मेरे द्वारा एक खबर को प्रकाशित किया गया था जिसपर आप सभी ने यह देखा होगा और उस वीडियो में मेरे इंस्टाग्राम अकाउंट में 28000 के ऊपर लोगो ने उस वीडियो को देखा है उसी से संबंधित मै आप सभी को बताऊंगा कि किस प्रकार से मैहर की कलेक्टर आदेशों पर कर्मचारियों ने धोखाधड़ी की और यह कार्यक्रम क्रमशः दस दिनों तक किया गया वीडियो में अजय सन्नाद नाम के कर्मचारी को आप सभी लोगों ने वीडियो के माध्यम से यह कहते सुना ही होगा कि गलत है तो क्या करें मैहर कलेक्टर ने ये आदेश किया है हम क्या कर सकते है तो मैं मैहर कलेक्टर रानी बाटड़ जी से यह पूछना चाहता हूं कि आदेश तो आपने चालान कार्यवाही का दिया था रसीद तो चलान कार्यवाही की काटनी थी तो आपके कर्मचारियों ने चालान रसीद को न दे कर अनुदान की रसीद क्यूं पकड़ाई गई है वही अनुदान की रसीद जिसमें दर्शनार्थी गण भंडारे के लिए अपनी स्वेच्छा से दान करते है क्या दुकानदारों ने अपनी स्वेच्छा से दान दिया है और अगर दान दिया है तो चलान कहा गया और अगर चलान दिया है तो उनकी चलान की रसीद क्यूं नहीं दी? तो क्या यह दुकानदारों के साथ धोखेबाजी नहीं की चलान की रसीद की बजाय अनुदान की रसीद पकड़ा दी गई शर्मनाक बात तो यह है कि एक कर्मचारी मैहर कलेक्टर का नाम लेकर गलत करता है मौके पर मैहर की कलेक्टर की मौजूदगी में और जुम्मेवार अधिकारी चुप्पी साध कर उसका गलत करने का पूर्ण बहुमत उसे प्रदान कर रहे है और सवालों के जवाब मांगने पर अपने पद का गलत उपयोग करने में लग जाते है। अब मैं यह पूछना चाहूंगा कि क्या इस खबर को पढ़ कर के इसे अनदेखा किया जाएगा या ऐसे कर्मचारियों पर संज्ञान में लेते हुए अवैध रूप से लूटा गया पैसा दुकानदारों को वापस किया जाएगा ?2