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जय महाकाली जी 💕💕💕
Jatin Awasthi
जय महाकाली जी 💕💕💕
- Lilakishan MeenaKalapipal, Shajapur💣3 days ago
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- बहुत काम का वीडियो है। देखें और अपने दोस्तों को और रिश्तेदारों को भी। वीडियो शेयर करें।1
- Post by Pankaj sahu1
- आष्टा नगर पालिका में समय पर नहीं बैठते अधिकारी कर्मचारी और परेशानी उठाते हैं नागरिक डेढ़ महीने से नगर पालिका के अकाउंटेंट छुट्टी पर बताया कि नगर पालिका में कोई देखने वाला सुनने वाला नहीं है आखिर शिकायत किसको करें सीएमओ साहब समय पर रोजाना चेंबर में नहीं बैठते हैं आज भी मिलने आया था लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी अकाउंटेंट भी छुट्टी पर है ऐसे कैसे नगर पालिका चलेगी हमें भी जनता को जवाब देना है शासन प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। आष्टा। सीहोर जिले की सबसे बड़ी आष्टा नगर पालिका की हालत किसी से छुपी नहीं है ताजा मामला नगर पालिका कार्यालय में बैठने वाले अधिकारी, कर्मचारियों का है किसी भी अधिकारी कर्मचारी का कोई समय नहीं है। शुक्रवार को 3 बजे तक अधिकांश अधिकारियों, कर्मचारियों के चेंबर सुने थे कुर्सियां खाली थी पूछो तो बस यही बताते हैं कि पता नहीं सर फील्ड में होगे। बता दे की आष्टा नगर पालिका में कुल 18 वार्ड है और 18 वार्डों के नागरिक अपनी-अपनी समस्याओं को लेकर जब नगर पालिका परिषद आष्टा के कार्यालय पहुंचते हैं तो सीढ़ियां चढ़ चढ़कर थक जाते हैं ऊपर पहुंचने पर चेंबर में कई चैंबरों में ताले लगे हैं तो किसी में दरवाजा तो खुले हैं लेकिन कुर्सियों पर कोई नहीं बैठा। यहां तक की आष्टा नगर पालिका परिषद का महत्वपूर्ण पद अकाउंटेंट खाली है अकाउंटेंट लगभग डेढ़ महीने से मेडिकल अवकाश पर है जब पूछे तो कहते हैं कि जल्द ही आ जाएंगे लेकिन डेढ़ महीने हो गए हैं यहां पर अकाउंटेंट अपने कक्ष में नहीं बैठ रहे हैं। इधर रोजाना के काम भी प्रभावित हो रहे है यह जरूर है कि ठेकेदारों और बड़े कामों का भुगतान हो रहा है सीहोर नगर पालिका के अकाउंटेंट को आष्टा नगर पालिका का चार्ज दिया गया है वह हफ्ते में एक बार यहां आते हैं पर कब साइन करके चले जाते हैं या किसी को नहीं मालूम। सीएमओ हफ्ते में 3 दिन यही तक ठीक नहीं नगर पालिका के सीएमओ खुद हफ्ते में तीन दिन कार्यालय में बैठते हैं बाकी लोग परेशान होते हैं कुल मिलाकर नगर पालिका कार्यालय में जब अधिकारी ठीक से नहीं बैठेंगे तो कर्मचारी कहां पीछे रहते हैं अधिकांश चेंबर में कर्मचारी भी फील्ड का कहकर बहाना बनाते हैं और चैंबर से नदारत रहते हैं मतलब कोई भी देखने वाला नहीं। वार्ड के काम हो रहे प्रभावित वार्ड पार्षद प्रतिनिधि शेख रईस ने सोमवार से आ जाएंगे अकाउंटेंट इस संबंध में जब सीएमओ विनोद प्रजापति से जानकारी चाहि तो उन्होंने कहा कि मैं अभी फील्ड में हूं जहां तक अकाउंटेंट का सवाल है तो वह मेडिकल छुट्टी पर थे संभवत सोमवार से ज्वाइन करेंगे इधर नगर पालिका अध्यक्ष हेमकुंवर रायसिंह मेवाड़ा ने कहा कि मुझे जानकारी नहीं है फिर भी सोमवार से अकाउंटेंट आ जाएंगे।1
- एक बार शासन की व्यवस्था में बेखौफ दरिंदों ने अंकुश लगाया है, 80 वर्ष की पीड़िता शांति पाण्डेय की जमीन पर जबरजस्ती कब्जा करने आये सरहंग गुंडे पीड़िता को घसीटा मारा गया वायरल वीडियो में देख सकते हैं। माननीय मुख्यमंत्री मोहन सरकार ऐसे गुण्डो को सलाखों के पीछे होना चाहिए लेकिन कहीं ना कहीं पुलिस का सहयोग भी इन गुण्डो को मिल रहा इसलिए कार्यवाही से बचते जा रहे। यह घटना मध्यप्रदेश के सीधी जिले के अमिलिया थाना अंतर्गत ग्राम चमरौहा की है।2
- 🔴 नर्मदा परिक्रमा मार्ग बदला, श्रद्धालु परेशान विधायक आशीष शर्मा की चुप्पी पर सवाल, प्रशासन पूरी तरह फेल नेमावर / खातेगांव। नर्मदा परिक्रमा और पंचकोशी यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के साथ बड़ा अन्याय सामने आया है। नेमावर से कुडगांव, तुर्नाल, दैत, चीचली, करोंद होते हुए जाने वाला परंपरागत नर्मदा परिक्रमा मार्ग अचानक बदल दिया गया, जिससे यात्रियों को अब नेमावर से दुलवाफाटा होकर करीब 10 किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। इस मनमाने रूट परिवर्तन से क्षेत्र के नर्मदा सेवक और ग्रामवासी भारी नाराज़गी जता रहे हैं। वर्षों से सेवा में लगे ग्रामीण अब परिक्रमा यात्रियों को जल, भोजन और विश्राम जैसी सेवाएं नहीं दे पा रहे हैं, जिससे धार्मिक परंपराएं भी प्रभावित हो रही हैं। ❗ प्रशासन पूरी तरह फेल ग्रामीणों का आरोप है कि चीचली से दैत (2.5 किमी) और चीचली से करोंद (2.5 किमी) का मार्ग बेहद जर्जर हालत में है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और प्रशासन आंख मूंदे बैठे हैं। रास्ता सुधारने के बजाय यात्रियों को घुमा दिया गया, जो प्रशासन की नाकामी और संवेदनहीनता को दर्शाता है। ❓ विधायक आशीष शर्मा की चुप्पी क्यों? सबसे बड़ा सवाल यह है कि खातेगांव विधायक आशीष शर्मा जी अब तक इस गंभीर मामले पर खामोश क्यों हैं? धार्मिक आस्था से जुड़ी नर्मदा परिक्रमा में आ रही इन समस्याओं पर विधायक का हस्तक्षेप न होना क्षेत्र की जनता और नर्मदा सेवकों को खटक रहा है। 🚨 आस्था के साथ खिलवाड़ रूट बदलने से यात्रियों को 10 किलोमीटर अतिरिक्त पैदल चलना पड़ रहा है बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे परेशान हैं नर्मदा सेवकों को सेवा से वंचित किया जा रहा है ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ➡️ पुराना परंपरागत मार्ग बहाल नहीं किया गया ➡️ खराब सड़कों की तत्काल मरम्मत नहीं हुई ➡️ यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता नहीं दी गई तो क्षेत्र में जनआंदोलन भी खड़ा हो सकता है। अब देखना यह है कि विधायक आशीष शर्मा जी और जिला प्रशासन कब जागता है, या फिर नर्मदा परिक्रमा यात्रियों की पीड़ा यूँ ही अनसुनी होती रहेगी।3
- सीएम श्री डॉक्टर मोहन यादव का भव्य स्वागत किया गया खुरई आगमन पर1
- *इंदौर, एक्सीडेंट में पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन की बेटी बोनट पर, दर्दनाक वीडियो*1
- *राजधानी भोपाल के बाणगंगा क्षेत्र में मकान धारकों को नगर निगम के द्वारा दिए गए तोड़ने के आदेश* राजधानी भोपाल के बाणगंगा क्षेत्र में 5 से 6 हजार मकान धारक लगभग 50 से 60 वर्षों से अधिक समय से अपने पक्के मकान में रह रहे हैं रेवासियों को नगर निगम भोपाल द्वारा गुमराह करके सर्वे कर हटाने का प्रयास किया जा रहा है जिसमें पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि रेवासियों के पास सन 1984 के 30 30 वर्ष के पट्टे हैं साथ ही कुछ मकान मालिकों के पास वर्ष 1974 का अलॉटमेंट है एवं कुछ मकान धारकों के पास लैंडलिस एवं रजिस्ट्री उपलब्ध है शासन ने अभी तक जिन बस्तियों को हटाया उन्हें आज तक मकान आवंटित नहीं किए गए हैं जिनमें बद भद्दा बस्ती के 400 परिवार 12 नंबर बस्ती के सैकड़ो साथ ही अन्य कई ऐसी बस्तियां हैं जिन्हें आज तक मकान आवंटित होना था नहीं हुए इससे पूर्व भी नगर वल्लभनगर ओम नगर बस्ती अरेरा हिल्स की झुग्गियों के सर्वे हुए थे एक वर्ष पूर्व उनको पहले कहा गया कहा गया वहीं अरेहिल्स पर मकान बना कर देंगे फिर कहां बाणगंगा में मकान बना कर देंगे पर कोई ठोस कदम नहीं उठा बाइट कांग्रेस के पूर्व मंत्री पी सी शर्मा1
- Post by Pankaj sahu1