नैनीताल में नगर पालिका प्रशासन और सभासदों के बीच चल रहा गतिरोध अब एक बड़े आंदोलन में बदल गया है। अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर नाराज़ सभासदों ने नगर पालिका कार्यालय के सामने टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सभासदों का आरोप है कि पालिका प्रशासन लगातार उनकी उपेक्षा कर रहा है, जिसके कारण शहर की बुनियादी व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। धरने पर बैठे सभासद जितेंद्र पांडे, मनोज जगाती और पूरन बिष्ट सहित अन्य जन प्रतिनिधियों ने पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पर्यटन सीज़न होने के बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है, स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं और डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का काम भी ठप है। सभासदों का सबसे मुख्य विरोध 'लेक ब्रिज' के टेंडर को लेकर है, जहाँ आरोप लगाया गया है कि नियमों को ताक पर रखकर लेक ब्रिज का टेंडर 9 महीने के बजाय 21 महीने के लिए कर दिया गया, जिसमें भारी वित्तीय गड़बड़ी की आशंका है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, यह धरना खत्म नहीं होगा और इसे आगे चलकर और उग्र किया जाएगा। दूसरी ओर, पालिका अध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल ने इन सभी आरोपों पर पलटवार करते हुए इन्हें पूरी तरह निराधार बताया है। पालिका अध्यक्ष का तर्क है कि लेक ब्रिज की टेंडर अवधि बढ़ाने का फैसला नियमों के तहत लिया गया था ताकि पालिका के राजस्व में बढ़ोतरी हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ सभासद निजी हितों और अनावश्यक राजनीति के कारण शहर के विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं। फिलहाल, दोनों पक्षों के अपने-अपने रुख पर अड़े होने के कारण नैनीताल पालिका में प्रशासनिक गतिरोध गहरा गया है।
नैनीताल में नगर पालिका प्रशासन और सभासदों के बीच चल रहा गतिरोध अब एक बड़े आंदोलन में बदल गया है। अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर नाराज़ सभासदों ने नगर पालिका कार्यालय के सामने टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सभासदों का आरोप है कि पालिका प्रशासन लगातार उनकी उपेक्षा कर रहा है, जिसके कारण शहर की बुनियादी व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। धरने पर बैठे सभासद जितेंद्र पांडे, मनोज जगाती और पूरन बिष्ट सहित अन्य जन प्रतिनिधियों ने पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पर्यटन सीज़न होने के बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है, स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं और डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का काम भी ठप है। सभासदों का सबसे मुख्य विरोध 'लेक ब्रिज' के टेंडर को लेकर है, जहाँ आरोप लगाया गया है कि नियमों को ताक पर रखकर लेक ब्रिज का टेंडर 9 महीने के बजाय 21 महीने के लिए कर दिया गया, जिसमें भारी वित्तीय गड़बड़ी की आशंका है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, यह धरना खत्म नहीं होगा और इसे आगे चलकर और उग्र किया जाएगा। दूसरी ओर, पालिका अध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल ने इन सभी आरोपों पर पलटवार करते हुए इन्हें पूरी तरह निराधार बताया है। पालिका अध्यक्ष का तर्क है कि लेक ब्रिज की टेंडर अवधि बढ़ाने का फैसला नियमों के तहत लिया गया था ताकि पालिका के राजस्व में बढ़ोतरी हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ सभासद निजी हितों और अनावश्यक राजनीति के कारण शहर के विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं। फिलहाल, दोनों पक्षों के अपने-अपने रुख पर अड़े होने के कारण नैनीताल पालिका में प्रशासनिक गतिरोध गहरा गया है।
- नैनीताल में नगर पालिका प्रशासन और सभासदों के बीच चल रहा गतिरोध अब एक बड़े आंदोलन में बदल गया है। अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर नाराज़ सभासदों ने नगर पालिका कार्यालय के सामने टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सभासदों का आरोप है कि पालिका प्रशासन लगातार उनकी उपेक्षा कर रहा है, जिसके कारण शहर की बुनियादी व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। धरने पर बैठे सभासद जितेंद्र पांडे, मनोज जगाती और पूरन बिष्ट सहित अन्य जन प्रतिनिधियों ने पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पर्यटन सीज़न होने के बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है, स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं और डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का काम भी ठप है। सभासदों का सबसे मुख्य विरोध 'लेक ब्रिज' के टेंडर को लेकर है, जहाँ आरोप लगाया गया है कि नियमों को ताक पर रखकर लेक ब्रिज का टेंडर 9 महीने के बजाय 21 महीने के लिए कर दिया गया, जिसमें भारी वित्तीय गड़बड़ी की आशंका है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, यह धरना खत्म नहीं होगा और इसे आगे चलकर और उग्र किया जाएगा। दूसरी ओर, पालिका अध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल ने इन सभी आरोपों पर पलटवार करते हुए इन्हें पूरी तरह निराधार बताया है। पालिका अध्यक्ष का तर्क है कि लेक ब्रिज की टेंडर अवधि बढ़ाने का फैसला नियमों के तहत लिया गया था ताकि पालिका के राजस्व में बढ़ोतरी हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ सभासद निजी हितों और अनावश्यक राजनीति के कारण शहर के विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं। फिलहाल, दोनों पक्षों के अपने-अपने रुख पर अड़े होने के कारण नैनीताल पालिका में प्रशासनिक गतिरोध गहरा गया है।1
- रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारा साहिब में 20 जून की शाम से जारी घटनाक्रम अब समाधान की ओर बढ़ रहा है, जहाँ करीब 36 घंटे तक चले हाई-वोल्टेज घटनाक्रम के बाद सोमवार सुबह गुरुद्वारे की छत पर डटे 2 निहंग सिख नीचे उतर आए हैं। यह पूरा घटनाक्रम 20 जून की शाम को 7 निहंगों के गुरुद्वारे में घुसने के बाद शुरू हुआ था। हालांकि, अभी भी 5 निहंग गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल पर डटे हुए हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि यह मामला आज पूरी तरह सुलझ जाएगा। इस बीच, इलाके में इंटरनेट सेवाएँ भी बहाल कर दी गई हैं। जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने इस पूरे मामले को आपसी विवाद करार दिया है और जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।1
- अल्मोड़ा नगर मंडल भारतीय जनता पार्टी द्वारा सोमवार को नगर क्षेत्र के सभी शक्ति केंद्रों की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उत्तराखंड सरकार में दर्जा राज्य मंत्री और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। चर्चा का मुख्य केंद्र संगठन की जमीनी मजबूती, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा और विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान पर रहा। बैठक को संबोधित करते हुए शिव सिंह बिष्ट ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन है, जिसकी सबसे बड़ी शक्ति बूथ स्तर पर कार्य करने वाले कार्यकर्ता हैं। उन्होंने शक्ति केंद्र और बूथ को संगठन की रीढ़ बताते हुए कहा कि इनके माध्यम से ही पार्टी की नीतियां और सरकार की योजनाएं आम जनता तक पहुंचती हैं। बिष्ट ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लोकतंत्र और संगठन दोनों के लिए महत्वपूर्ण बताया, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सशक्त और पारदर्शी बनाना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन सुनिश्चित करने का आह्वान किया। भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल ने संगठन की मजबूती को भाजपा की सबसे बड़ी पूंजी बताया और कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता राष्ट्रहित व जनहित के संकल्प के साथ कार्य करता है। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को संगठन की प्राथमिकता बताते हुए कार्यकर्ताओं से सक्रिय भूमिका निभाने को कहा ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे। नगर अध्यक्ष विनीत बिष्ट ने अल्मोड़ा नगर मंडल में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासों की बात कही और नियमित बैठकों तथा जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने पर जोर दिया। नगर निगम अल्मोड़ा के मेयर अजय वर्मा ने भाजपा सरकार के विकास और जनसेवा के संकल्प को दोहराया और कार्यकर्ताओं से सरकार की योजनाओं व उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का आग्रह किया। बैठक में संगठन की मजबूती, मतदान केंद्र प्रबंधन और आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं ने संगठनात्मक अभियानों को सफल बनाने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री कुंदन लटवाल, जिलाध्यक्ष महेश नयाल, नगर अध्यक्ष विनीत बिष्ट, मेयर अजय वर्मा, पूर्व दर्जा राज्य मंत्री बिट्टू कर्नाटक, प्रदेश महिला मोर्चा उपाध्यक्ष किरण पंत, प्रदेश मंत्री धर्मवीर आर्या, अर्जुन बिष्ट, देवेंद्र भट्ट, पूनम पालीवाल, मनोज सनवाल, संदीप श्रीवास्तव, मनीष जोशी, सौरभ वर्मा, अमित साह, इन्द्रमोहन भंडारी, विजय भट्ट, मीरा मिश्रा, अभिषेक जोशी, दिनेश मठपाल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- बिलासपुर में बार-बार शिकायत के बाद भी समस्याओं का समाधान न होने से आक्रोशित दो सभासदों ने विरोध का एक अनोखा और चौंकाने वाला रास्ता चुना। उन्होंने नगरपालिका प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए प्रतीकात्मक रूप से पिंडदान करने का प्रयास कर अपना रोष व्यक्त किया, जिससे पालिका में हड़कंप मच गया। सभासद मोहसिन खां और फैजान खां का कहना है कि उनके वार्डों की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है, जिसमें सड़कों पर गड्ढे, चोक नालियां और लंबे समय से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें शामिल हैं। वे आरोप लगाते हैं कि पालिका अधिकारी उन्हें केवल खोखले आश्वासन देते हैं और सीधे तौर पर पालिका चेयरमैन व अधिशासी अधिकारी पर सौतेले व्यवहार का आरोप लगाया है। सभासदों के अनुसार, चुनिंदा वार्डों में तो बजट ठिकाने लगाया जा रहा है, जबकि उनके वार्डों के प्रस्तावों को जानबूझकर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। सभासदों द्वारा पिंडदान किए जाने की सूचना पर पालिका में खलबली मच गई और पालिका कर्मियों ने उन्हें इस कार्य से रोका, साथ ही समस्याओं का निस्तारण करवाने का आश्वासन दिया। सभासदों ने यह भी कहा कि सोमवार को उन्हें चेयरमैन और ईओ नहीं मिल पाए, जिसकी वजह से वे पिंडदान करने से रुक गए, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही विकास कार्य शुरू नहीं हुए, तो वे फिर दोबारा इन दोनों की मौजूदगी में इस कार्य को अंजाम देकर रहेंगे। इस संबंध में अधिशासी अधिकारी डा. नितिन कुमार गंगवार ने कहा कि नगर पालिका द्वारा सभी वार्डों में कार्य करवाए जा रहे हैं और विरोध जताने वाले सभासदों के वार्डों की समस्याओं का फिर से निरीक्षण कर उन्हें दूर करवाया जाएगा।1
- श्रीमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने लखनऊ में हुई आग्नि दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक बताया है। मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम से प्रार्थना की है कि वे दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दें।1
- रुद्रप्रयाग में निहंगों के एक समूह ने एक गुरुद्वारे पर धावा बोल दिया। इस दौरान, उन्होंने एक सिख श्रद्धालु को गुरुद्वारे की छत पर बंधक बना लिया।1
- प्रसिद्ध सांस्कृतिक संस्था 'युगमंच' सोमवार को नैनीताल में अपना स्वर्ण जयंती समारोह मना रही है। इस विशेष अवसर पर शाम को सीआरएसटी प्रेक्षागृह में चर्चित नाटक 'द जू स्टोरी' का मंचन किया जाएगा। यह नाटक अपने देश भर में अब तक 35 सफल शो पूरे कर चुका है। आयोजन से पूर्व हुई पत्रकारवार्ता में युगमंच के प्रमुख जहूर आलम ने संस्था के पांच दशकों के गौरवशाली सफर और अपनी सांस्कृतिक यात्रा को साझा किया। इस दौरान रंगकर्मी सुमन वैद्य भी उपस्थित रहे। इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर स्थानीय कला प्रेमियों और रंगकर्मियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के चौपरिया कंचनपुर गांव में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहाँ नीट परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा ने अपने घर में फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस को छात्रा की प्रश्न पुस्तिका पर एक भावुक संदेश मिला है, जिसमें लिखा था, "मेरे से कुछ नहीं हो सकता भइया"। जानकारी के अनुसार, नीट परीक्षा की आंसर-की आने के बाद से छात्रा परेशान थी। वह अपने भाई जैसा डॉक्टर बनना चाहती थी, लेकिन संभवतः परिणाम की चिंता या परीक्षा के दबाव के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।1