प्रयागराज के बारा तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा जनवा में एक पीड़ित किसान की निजी भूमि पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा कर प्लाटिंग करने का गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय थाना और तहसील स्तर पर शिकायत के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई न होने से परेशान होकर किसान ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव से न्याय की गुहार लगाई। इस पर मुख्य सचिव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी प्रयागराज को प्रकरण की जांच कर की गई कार्रवाई से शासन को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। पीड़ित किसान राजीव कुमार सिंह, जो जनवा के निवासी और हरिमोहन सिंह के पुत्र हैं, उनकी गाटा संख्या 630/1, 629 और 628 निजी भूमि है। आरोप है कि कुछ भू-माफियाओं ने दबंगई के बल पर इस जमीन पर कब्जा कर लिया और वहां एक प्रवेश द्वार (गेट) लगाकर काली सड़क बना दी, जिसके बाद अवैध प्लाटिंग का काम शुरू कर दिया गया। पीड़ित ने सबसे पहले शंकरगढ़ थाने में शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्होंने उप जिलाधिकारी बारा से न्याय की मांग की। एसडीएम के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया और जमीन को किसान की निजी भूमि बताते हुए अपनी रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम के निर्देश पर शंकरगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया, लेकिन किसान का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और अवैध प्लाटिंग का काम लगातार जारी रहा। स्थानीय स्तर पर राहत न मिलने के बाद किसान ने मुख्य सचिव से गुहार लगाई, जिसके बाद अब जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
प्रयागराज के बारा तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा जनवा में एक पीड़ित किसान की निजी भूमि पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा कर प्लाटिंग करने का गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय थाना और तहसील स्तर पर शिकायत के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई न होने से परेशान होकर किसान ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव से न्याय की गुहार लगाई। इस पर मुख्य सचिव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी प्रयागराज को प्रकरण की जांच कर की गई कार्रवाई से शासन को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। पीड़ित किसान राजीव कुमार सिंह, जो जनवा के निवासी और हरिमोहन सिंह के पुत्र हैं, उनकी गाटा संख्या 630/1, 629 और 628 निजी भूमि है। आरोप है कि कुछ भू-माफियाओं ने दबंगई के बल पर इस जमीन पर कब्जा कर लिया और वहां एक प्रवेश द्वार (गेट) लगाकर काली सड़क बना दी, जिसके बाद अवैध प्लाटिंग का काम शुरू कर दिया गया। पीड़ित ने सबसे पहले शंकरगढ़ थाने में शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्होंने उप जिलाधिकारी बारा से न्याय की मांग की। एसडीएम के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया और जमीन को किसान की निजी भूमि बताते हुए अपनी रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम के निर्देश पर शंकरगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया, लेकिन किसान का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और अवैध प्लाटिंग का काम लगातार जारी रहा। स्थानीय स्तर पर राहत न मिलने के बाद किसान ने मुख्य सचिव से गुहार लगाई, जिसके बाद अब जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
- प्रयागराज के बारा तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा जनवा में एक पीड़ित किसान की निजी भूमि पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा कर प्लाटिंग करने का गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय थाना और तहसील स्तर पर शिकायत के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई न होने से परेशान होकर किसान ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव से न्याय की गुहार लगाई। इस पर मुख्य सचिव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी प्रयागराज को प्रकरण की जांच कर की गई कार्रवाई से शासन को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। पीड़ित किसान राजीव कुमार सिंह, जो जनवा के निवासी और हरिमोहन सिंह के पुत्र हैं, उनकी गाटा संख्या 630/1, 629 और 628 निजी भूमि है। आरोप है कि कुछ भू-माफियाओं ने दबंगई के बल पर इस जमीन पर कब्जा कर लिया और वहां एक प्रवेश द्वार (गेट) लगाकर काली सड़क बना दी, जिसके बाद अवैध प्लाटिंग का काम शुरू कर दिया गया। पीड़ित ने सबसे पहले शंकरगढ़ थाने में शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्होंने उप जिलाधिकारी बारा से न्याय की मांग की। एसडीएम के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया और जमीन को किसान की निजी भूमि बताते हुए अपनी रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम के निर्देश पर शंकरगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया, लेकिन किसान का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और अवैध प्लाटिंग का काम लगातार जारी रहा। स्थानीय स्तर पर राहत न मिलने के बाद किसान ने मुख्य सचिव से गुहार लगाई, जिसके बाद अब जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में नैनी के महेवा गेट पर मंगलवार सुबह सरकारी जमीन पर हुए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। PDA और राजस्व टीम ने सुबह 6 बजे से कार्रवाई शुरू करते हुए 38 अवैध मकानों को ध्वस्त कर दिया। इन सभी अवैध मकानों को ध्वस्त करने से पहले प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किए गए थे। इस कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुबह 3 बजे से ही मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। शनिवार को हुए महिलाओं के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए इस बार नैनी, करछना, औद्योगिक, कौंधियारा और बारा थानों की पुलिस के साथ-साथ पीएसी भी मौके पर तैनात रही। करछना एसडीएम के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान तहसील प्रशासन की टीम भी मौजूद रही। अधिकारियों के अनुसार, सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने का यह अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।4
- प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने सिविल लाइंस स्थित एमजी मार्ग पर हाईकोर्ट के पास अवैध रूप से निर्मित एक भवन में संचालित हो रही शराब एवं बीयर शॉप को सील कर दिया है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि भवन का निर्माण बिना किसी स्वीकृति के कराया गया था, जिसके चलते उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि आगे होने वाली किसी भी कार्रवाई के दौरान होने वाली क्षति या राजस्व हानि के लिए वह जिम्मेदार नहीं होगा। पीडीए के अनुसार, सिविल लाइंस के एमजी मार्ग स्थित भूखंड संख्या 57½, भवन संख्या 20/4ए/1 (न्यू) के स्वामी ओम प्रकाश गुप्ता द्वारा बिना अनुमति के यह निर्माण कराया गया था। इस अवैध निर्माण को लेकर पहले 29 अप्रैल 2025 को उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27(1) एवं 28(1) के तहत कारण बताओ नोटिस और निर्माण रोकने का आदेश दिया गया था। इसके बाद 14 जुलाई 2025 को ध्वस्तीकरण का आदेश पारित करते हुए भवन स्वामी को 15 दिनों के भीतर अवैध निर्माण खुद हटाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन इस आदेश का पालन नहीं किया गया। इस अवैध भवन में चल रही शराब और बीयर शॉप को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के लिए पीडीए ने जिला आबकारी विभाग को कई बार पत्र और अनुस्मारक भेजे थे। इसके बावजूद आबकारी विभाग और भवन स्वामी द्वारा दुकान को हटाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। पीडीए के जोनल अधिकारी गंगेश कुमार सिंह ने बताया कि इन परिस्थितियों के कारण आखिरकार भवन को सील करने की कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण के खिलाफ नियमानुसार आगे भी ध्वस्तीकरण सहित अन्य आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- प्रयागराज के बारा तहसील क्षेत्र में सिंचाई विभाग के कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) प्रयाग के पदाधिकारियों और किसानों ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारी किसानों ने नहर विभाग के अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता पर करोड़ों रुपये हजम करने का गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। भाकियू जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में जुटे किसानों का आरोप है कि पिछले 3 वर्षों में बारा क्षेत्र की नहरों, रजबहों और पुलिया निर्माण के नाम पर करोड़ों रुपये का बजट आया, लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं हुआ। पड़वा प्रतापपुर माइनर की मरम्मत और सिल्ट सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये निकाले गए, फिर भी नहर सूखी पड़ी है और कई स्थानों पर टूट चुकी है। इसके अलावा, चिल्ला गौहानी में सिल्ट सफाई के नाम पर पैसों का दुरुपयोग किया गया और पुलिया निर्माण में मानक के विपरीत घटिया सामग्री (1:2:4 की जगह 13.14 का मसाला) का उपयोग करने से उसमें दरारें आ गई हैं। किसानों ने फर्जी जिओ टैगिंग के जरिए कागजों में काम पूरा दिखाकर फोटो अपलोड करने और तातार गंज के छिड़िया नहर माइनर की पटरी को कच्चा छोड़ने का भी आरोप लगाया, जिससे स्कूली बच्चे परेशान हो रहे हैं। भाकियू नेताओं का कहना है कि अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता की मिलीभगत से ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया जा रहा है, जिससे किसानों की फसलें सूख रही हैं और अधिकारी कमीशनखोरी में व्यस्त हैं। अपनी मांगों को लेकर सैकड़ों किसान पड़वा कैनाल पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक नहर में पानी नहीं छोड़ा जाएगा और दोषी अधिकारियों की विजिलेंस जांच शुरू नहीं होगी, तक तक धरना जारी रहेगा। किसानों की मांग है कि पिछले 3 साल के सभी कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाए और दोषी एक्सईएन व सहायक अभियंता को निलंबित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। कार्रवाई न होने पर 7 दिन बाद सूखी पटरी पर अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू करने की चेतावनी दी गई है। वहीं, स्थानीय किसान राम भवन ने अधिकारियों पर डराने-धमकाने का आरोप लगाते हुए कहा कि आवाज उठाने पर जेल भेजने और मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी जाती है। किसानों ने 'जय जवान जय किसान' और 'भारतीय किसान यूनियन प्रयाग जिंदाबाद' के नारे लगाते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई है।1
- प्रयागराज के मेजा क्षेत्र स्थित मांडा ब्लॉक के हंडिया गांव में पीडब्ल्यूडी द्वारा कराए गए पुलिया निर्माण में भारी अनियमितता का आरोप लगा है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। सड़क निर्माण के दौरान विभाग ने कुछ समय पहले यहां बनी पुरानी पुलिया को तोड़ दिया था, जिसके बाद ग्रामीणों की शिकायत पर विभाग द्वारा 15 जुलाई 2026 को एक नई छोटी पुलिया लगाई गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि इस नई पुलिया का निर्माण बिल्कुल भी सही तरीके से नहीं किया गया है। विभाग ने लगभग 3 फीट गहरा गड्ढा खोदकर पुलिया को गलत तरीके से दबा दिया है, जिससे पानी की निकासी प्रभावित होने की पूरी आशंका है। ग्रामीणों ने प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग से मांग की है कि खटिकान बस्ती के पानी के सुचारु निकास के लिए इस पुलिया का निर्माण तकनीकी मानकों के अनुसार दोबारा कराया जाए। साथ ही, ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से इस लापरवाही की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग उठाई है।1
- प्रयागराज के मेजा स्थित प्राथमिक विद्यालय खारा बिरतिया में प्रधानाध्यापक अनुराग पांडेय ने बुधवार को अपना जन्मदिन विद्यालय के बच्चों के बीच बेहद सादगी और उत्साह के साथ मनाया। अंतर्जनपदीय शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन प्रयागराज के अध्यक्ष अनुराग पांडेय ने इस विशेष अवसर पर स्कूल के सैकड़ों बच्चों के साथ केक काटकर खुशियां साझा कीं। उन्होंने बच्चों को कॉपी, पेंसिल, रबर और पानी की बोतल जैसी उपयोगी शैक्षिक सामग्रियां वितरित करने के साथ ही उन्हें मिष्ठान भी खिलाया, जिससे पूरे विद्यालय परिसर में हर्ष और उत्साह का माहौल बना रहा। इस दौरान अनुराग पांडेय ने कहा कि सच्ची खुशी तभी मिलती है जब हम अपने विशेष क्षणों को जरूरतमंदों के साथ साझा करते हैं। उन्होंने बच्चों को अपने “बगीचे के फूल” बताते हुए कहा कि यही बच्चे भविष्य की पहचान और समाज की असली ताकत हैं। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान नौनिहालों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी और सभी बच्चों ने अपने प्रधानाध्यापक को जन्मदिन की बधाई व शुभकामनाएं दीं।1
- प्रयागराज के मेजा रोड स्थित वृंदावन गेस्ट हाउस में मंगलवार को स्वर्गीय राम निरंजन उपाध्याय की 9वीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पहुंचे जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं क्षेत्रवासियों ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की और उनके जनसेवा के कार्यों तथा कृतित्व को याद किया। कार्यक्रम की संयोजक एवं भाजपा नेत्री वीना मिश्रा ने कहा कि स्वर्गीय राम निरंजन उपाध्याय ने मेजा क्षेत्र के विकास और जनसेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। श्रद्धांजलि सभा के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने उन्हें "मेजा का इंजन" बताते हुए क्षेत्र के विकास में उनके योगदान को अविस्मरणीय करार दिया। इस कार्यक्रम का संचालन अनिल शुक्ला ने किया और इस अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।1
- प्रयागराज के मेजा तहसील में माण्डा ब्लॉक के विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने सोमवार को पहुंचकर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) नीलम उपाध्याय को अपनी जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से बिजली, पेयजल, आवास और राशन कार्ड से जुड़ी गंभीर समस्याओं का शीघ्र निस्तारण कराने की मांग उठाई गई है। ग्रामीणों ने अपनी बिजली की समस्या को उजागर करते हुए बताया कि ग्राम बघौरा खवासान में पिछले एक सप्ताह से ट्रांसफार्मर जला पड़ा है, जिससे पूरे गांव में भारी बिजली संकट बना हुआ है। बिजली न होने के कारण न केवल पेयजल की समस्या गहरा गई है, बल्कि जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बढ़ गया है और बच्चों की पढ़ाई पर भी बुरा असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस वर्तमान 25 केवीए के ट्रांसफार्मर की जगह 63 केवीए क्षमता का नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है। इसके साथ ही, ग्राम माण्डा खास (निबियरिया) की सोनकर बस्ती और बघौरा खवासान की चमार बस्ती में बरसों से पेयजल सुविधा न होने का मुद्दा भी उठाया गया, जहां लोगों को लगभग 500 मीटर दूर से पानी लाना पड़ता है। ग्रामीणों ने इन दोनों बस्तियों में जल्द से जल्द पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में गरीब और पात्र परिवारों का नए सिरे से सर्वे कराकर उन्हें आवास योजना का लाभ देने तथा राशन कार्ड बनाने व यूनिट जोड़ने में हो रही कथित अनियमितताओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई है। ग्रामीणों की इन समस्याओं को सुनने के बाद एसडीएम मेजा नीलम उपाध्याय ने उन्हें गंभीरता से लिया और संबंधित विभागों को आवश्यक जांच करते हुए नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।1