मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र के मलारना स्टेशन कस्बे में बैसला सर्कल पर देर रात करीब 12 बजे अचानक 11000 केवी का बिजली का तार टूट गया। यह तार नीचे बनी दुकानों के छप्पर फोसों पर गिरा, जिससे उनमें आग लग गई। इस हादसे के बाद वहां हड़कंप मच गया और पास बैठी गायें अचानक भागने लगीं। इस घटना के कारण लोगों के घरों तक में 11000 केवी का करंट दौड़ गया। पास ही स्थित पुलिस नाके पर ड्यूटी दे रहे महिपाल सिंह ने तुरंत बगल में ठेके पर सो रहे सरपंच रामकिशन गुर्जर, रामप्रसाद गुर्जर और पप्पू श्यामोली को जगाया। आग को तेजी से बढ़ता देख, महिपाल सिंह ने लोगों की सहायता से आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन तार में बिजली सुचारू होने के कारण उनका बस नहीं चल सका। इसकी सूचना लाइनमैन को दी गई, लेकिन उसने भी फोन नहीं उठाया। इसके बाद लोग मोटरसाइकिल लेकर बाढ़ बिच्छीदौना पावर हाउस पहुंचे और बिजली कटवाई। बिजली बंद होने के बाद, लोगों ने पानी डालकर आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया। गनीमत रही कि यह हादसा रात के समय हुआ, जब दुकानों पर और रास्तों में कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यदि यही हादसा दिन के समय होता तो एक बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र के मलारना स्टेशन कस्बे में बैसला सर्कल पर देर रात करीब 12 बजे अचानक 11000 केवी का बिजली का तार टूट गया। यह तार नीचे बनी दुकानों के छप्पर फोसों पर गिरा, जिससे उनमें आग लग गई। इस हादसे के बाद वहां हड़कंप मच गया और पास बैठी गायें अचानक भागने लगीं। इस घटना के कारण लोगों के घरों तक में 11000 केवी का करंट दौड़ गया। पास ही स्थित पुलिस नाके पर ड्यूटी दे रहे महिपाल सिंह ने तुरंत बगल में ठेके पर सो रहे सरपंच रामकिशन गुर्जर, रामप्रसाद गुर्जर और पप्पू श्यामोली को जगाया। आग को तेजी से बढ़ता देख, महिपाल सिंह ने लोगों की सहायता से आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन तार में बिजली सुचारू होने के कारण उनका बस नहीं चल सका। इसकी सूचना लाइनमैन को दी गई, लेकिन उसने भी फोन नहीं उठाया। इसके बाद लोग मोटरसाइकिल लेकर बाढ़ बिच्छीदौना पावर हाउस पहुंचे और बिजली कटवाई। बिजली बंद होने के बाद, लोगों ने पानी डालकर आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया। गनीमत रही कि यह हादसा रात के समय हुआ, जब दुकानों पर और रास्तों में कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यदि यही हादसा दिन के समय होता तो एक बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
- यह वीडियो एक कार्यशील बायोगैस प्लांट मॉडल का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करता है, जहाँ गाय के गोबर को गैस और जैविक खाद में परिवर्तित किया जाता है। इस पूरी प्रणाली को चरण-दर-चरण समझाया गया है, जिसकी शुरुआत स्लरी की तैयारी से होती है, जिसके बाद पाचन प्रक्रिया, गैस उत्पादन, और गुब्बारे प्रणाली का उपयोग करके गैस के भंडारण को दिखाया गया है। उत्पादित कच्ची गैस को फिल्टर के माध्यम से स्वच्छ गैस में बदला जाता है, और फिर इसके आउटपुट उपयोग को स्पष्ट किया जाता है। यह प्लांट स्लरी से वर्मिकॉम्पॉस्ट और वर्मीवॉश के उत्पादन को भी संभव बनाता है, जिससे यह अपशिष्ट से धन कमाने का एक व्यावहारिक प्रतिमान बन जाता है। यह संपूर्ण सेटअप ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे पैमाने के व्यावसायिक विचारों के लिए बेहद उपयुक्त है, क्योंकि यह नवीकरणीय ऊर्जा और जैविक खेती के सिद्धांतों पर आधारित है।1
- राजस्थान प्रदेश सरकार और देवस्थान विभाग के निर्देशन में केंद्र के यशस्वी प्रधानसेवक नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के विकास, विश्वास और जनकल्याण के गौरवशाली एवं स्वर्णिम वर्षों की पूर्णता तथा उनकी दीर्घायु, आरोग्य, यश और अखंड राष्ट्र सेवा की मंगल प्रार्थना के लिए बुधवार को गंगापुर सिटी में विशेष पूजन और वैदिक अनुष्ठान किया गया। यह आयोजन सुबह 8:30 बजे भारतीय जनता पार्टी शहर मंडल गंगापुर सिटी द्वारा नगरपरिषद गंगापुर सिटी के तत्वावधान में चूली गेट स्थित प्राचीन रघुनाथ मंदिर पर पुजारी पंडित जगदीश मिश्र के सानिध्य में संपन्न हुआ। भाजपा जिला सह मीडिया प्रमुख धनेश शर्मा ने बताया कि इस अवसर पर निवर्तमान सभापति शिवरतन अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में प्रधान मंजू गुर्जर, मन की बात जिला प्रभारी डॉ. हेमंत शर्मा, उप जिला कलेक्टर एवं कार्यवाहक आयुक्त विजेंद्र मीणा, तथा नोडल एवं विकास अधिकारी जगदीश गुर्जर शामिल थे, जबकि शहर मंडल अध्यक्ष मिथलेश व्यास ने अध्यक्षता की। निवर्तमान सभापति शिवरतन अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 12 वर्ष के ऐतिहासिक कार्यकाल में आमजन को अनेक जनकल्याणकारी योजनाएँ समर्पित कर अपने दायित्व का निर्वहन किया है। उन्होंने देश के विकास, विश्वास, उत्थान और जनकल्याण के लिए अनगिनत योजनाओं और विकास कार्यों को गति देकर संपूर्ण विश्व में भारत को अग्रणी स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसके लिए सभी को परमात्मा से ऐसे कर्मठ और ऊर्जावान प्रधानमंत्री के दीर्घायु जीवन, निरोगी काया और उत्कृष्ट कार्यक्षमता हेतु प्रार्थना करनी चाहिए। इस दौरान प्रधान मंजू गुर्जर और उप जिला कलेक्टर एवं कार्यवाहक आयुक्त विजेंद्र मीणा ने कहा कि केंद्र सरकार के 12 वर्ष के कार्यकाल की पूर्णता पर सभी को केंद्र और राज्य की समस्त योजनाओं को आम जनता तक अधिक से अधिक पहुँचाकर जनकल्याण की भावना का परिचय देना चाहिए। इस विशेष अनुष्ठान में सुनीता वैष्णव, राधा दीक्षित, गौरंती मीणा, कमला मीणा, गोविंद गुप्ता, कमलेश महावर, गोपाल धामोनिया, चिरंजी लोधा, विकास सैनी, महेश कैमला, पार्षद भवानी गुर्जर, अतुल शर्मा, गोविंद पाराशर, गोपाल गर्ग, लक्ष्मण सैनी, धोहड़ेलाल, रवि गोठवाल, जीतू कटारिया, रामभरोसी जांगिड़, जीतू गुर्जर सहित कई प्रशासनिक अधिकारी, भक्तगण, भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहकर जगदीश भगवान और हनुमान जी की आरती तथा विधिवत अनुष्ठान के साथ प्रसादी के आयोजन में सहभागी बने।1
- गंगापुर सिटी में श्री अग्रसेन कर्मचारी विकास समिति उदेई मोड द्वारा एक योग और जुंबा डांस प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर के कार्यक्रम प्रभारी सेवानिवृत्त लेखाधिकारी सुरेश चंद्र गुप्ता रहे।1
- पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर खण्डीप गांव में किसानों का धरना लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। इस धरने में बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे। किसानों ने एक स्वर में चेतावनी दी है कि यदि नहरों में जल्द पानी नहीं छोड़ा गया, तो वे अपने आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे। धरना स्थल पर किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को फिर से दोहराया। किसानों का आरोप है कि नहरों में पानी नहीं आने से हजारों किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई, तो बड़े स्तर पर आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस दौरान विधायक रामकेश मीना ने धरने को संबोधित करते हुए टोंक विधायक सचिन पायलट से अपील की। उन्होंने आग्रह किया कि सचिन पायलट आज सकरघटा में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से संवाद कर पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने के मुद्दे पर सकारात्मक पहल करें, ताकि क्षेत्र में भाईचारा और सौहार्द बना रहे और समस्या का समाधान निकल सके। विधायक मीना ने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीना से भी अनुरोध किया कि वे कोड़िया गांव में अपने कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों से चर्चा कर पांचना बांध विवाद को सुलझाने के लिए प्रभावी प्रयास करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को मिलकर ऐसा रास्ता खोजना चाहिए जिससे कमांड क्षेत्र के किसानों को उनका हक का पानी मिल सके और क्षेत्रवासियों को राहत मिले। किसानों ने एक बार फिर सरकार से जल्द निर्णय लेने और नहरों में पानी छोड़ने की मांग दोहराई है।3
- जिला कलेक्टर कानाराम के निर्देश पर चलाए जा रहे 'रास्ता खोलो अभियान' के तहत चौथ का बरवाड़ा में अब तक 72 जगहों से अतिक्रमण हटाया जा चुका है। यह अभियान 1 मई को शुरू हुआ था और 30 जून तक जारी रहेगा। इस अभियान के अंतर्गत राजस्व विभाग की टीम द्वारा लगातार सालों से हो रहे अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।1
- सवाई माधोपुर जिले में जिला कलक्टर काना राम की पहल पर चलाए जा रहे "रास्ता खोलो अभियान" ने ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन और त्वरित राहत की नई मिसाल कायम की है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की प्रेरणा से यह अभियान, वर्षों से बंद पड़े रास्तों को खोलकर हजारों किसानों, ग्रामीणों, पशुपालकों और विद्यार्थियों के जीवन को आसान बना रहा है। यह केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि ग्रामीणों को उनके अधिकार दिलाने और सामाजिक सौहार्द बढ़ाने का एक कल्याणकारी प्रयास बन गया है। लंबे समय से गांवों, ढाणियों और खेतों तक पहुंचने वाले रास्ते अतिक्रमण या विवादों के कारण अवरुद्ध थे, जिससे कृषि कार्यों, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में कठिनाई होती थी। जिला प्रशासन ने 1 मई से 8 जून 2026 तक (प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार) चलाए गए विशेष अभियान के दौरान संवाद, सहमति और समझाइश के आधार पर इन समस्याओं का समाधान किया है। इस अवधि में 1,914 चिन्हित प्रकरणों में से कुल 830 रास्ते खुलवाए जा चुके हैं, जिससे हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिला है। अभियान की सफलता जिला कलक्टर काना राम की नियमित समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग का परिणाम है, जिसमें उपखंड और तहसील स्तर तक अधिकारियों को स्पष्ट लक्ष्य दिए गए हैं। इस अभियान के तहत बौंली तहसील में सर्वाधिक 158 रास्ते खोले गए हैं, जबकि खण्डार में 97, मलारना डूंगर में 95, बामनवास में 87, चौथ का बरवाड़ा में 72, मित्रपुरा में 71, बरनाला में 64, गंगापुर सिटी में 58, वजीरपुर में 50, सवाई माधोपुर तहसील में 49 और तलावड़ा में 29 रास्ते खुलवाकर ग्रामीणों को राहत प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त, जिला प्रशासन राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के निस्तारण पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम की धारा 251-ए के अंतर्गत लंबित 25 प्रकरणों का निस्तारण किया गया है और शेष मामलों में सुनवाई प्रक्रिया को गति दी गई है। रास्ते खुलने से किसानों को कृषि यंत्र और उपज पहुंचाने में सुविधा मिली है, ग्रामीणों को आवागमन के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ रही है, विद्यार्थियों का स्कूल-कॉलेज तक पहुंचना आसान हुआ है, और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में भी सुधार हुआ है। इन बाधाओं के दूर होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को नई गति मिली है। अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि अधिकांश विवादों का समाधान आपसी सहमति और संवाद से हुआ, जिससे वर्षों पुराने विवाद समाप्त हुए और सामाजिक सौहार्द व आपसी विश्वास मजबूत हुआ। जिला कलक्टर ने बताया कि लगभग 2 हजार चिन्हित प्रकरणों में से लगभग 900 रास्ते खुलवाए जा चुके हैं और उन्होंने जिलेवासियों से 30 जून तक अभियान को सफल बनाने में सहयोग की अपील की।1
- गंगापुर सिटी के खंडीप गांव स्थित धरना स्थल पर पद कलाकार किसानों को 'पद' सुनाकर भाव विभोर कर रहे हैं।1
- सवाई माधोपुर के सारसोप गांव में ब्राह्मण समाज द्वारा श्मशान भूमि पर मोक्ष धाम का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। यह पहल ग्रामीणों को लंबे समय से बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार के दौरान होने वाली भारी परेशानियों से निजात दिलाने के उद्देश्य से की गई है। दरअसल, बरसात के दिनों में श्मशान भूमि पर पानी भर जाने और छाया की उचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को अंतिम संस्कार व संबंधित धार्मिक क्रियाओं में अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ता था। इन्हीं गंभीर समस्याओं को ध्यान में रखते हुए, ब्राह्मण समाज ने सामूहिक सहयोग से इस मोक्ष धाम के निर्माण का कार्य शुरू किया है। इस निर्माण के पूरा होने के बाद, ग्रामीणों और परिजनों को अंतिम संस्कार के साथ-साथ अन्य धार्मिक क्रियाओं के दौरान बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। ग्रामीणों ने बताया कि इस मोक्ष धाम में आवश्यक सुविधाओं का विकास होने से क्षेत्र के लोगों को पूरे वर्ष लाभ मिलेगा। ग्रामीणों ने ब्राह्मण समाज के पदाधिकारियों और भामाशाहों के इस जनहितकारी कार्य के लिए आभार व्यक्त किया है, और इसे समाज सेवा तथा जनकल्याण का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।1