पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर खण्डीप गांव में किसानों का धरना लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। इस धरने में बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे। किसानों ने एक स्वर में चेतावनी दी है कि यदि नहरों में जल्द पानी नहीं छोड़ा गया, तो वे अपने आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे। धरना स्थल पर किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को फिर से दोहराया। किसानों का आरोप है कि नहरों में पानी नहीं आने से हजारों किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई, तो बड़े स्तर पर आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस दौरान विधायक रामकेश मीना ने धरने को संबोधित करते हुए टोंक विधायक सचिन पायलट से अपील की। उन्होंने आग्रह किया कि सचिन पायलट आज सकरघटा में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से संवाद कर पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने के मुद्दे पर सकारात्मक पहल करें, ताकि क्षेत्र में भाईचारा और सौहार्द बना रहे और समस्या का समाधान निकल सके। विधायक मीना ने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीना से भी अनुरोध किया कि वे कोड़िया गांव में अपने कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों से चर्चा कर पांचना बांध विवाद को सुलझाने के लिए प्रभावी प्रयास करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को मिलकर ऐसा रास्ता खोजना चाहिए जिससे कमांड क्षेत्र के किसानों को उनका हक का पानी मिल सके और क्षेत्रवासियों को राहत मिले। किसानों ने एक बार फिर सरकार से जल्द निर्णय लेने और नहरों में पानी छोड़ने की मांग दोहराई है।
पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर खण्डीप गांव में किसानों का धरना लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। इस धरने में बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे। किसानों ने एक स्वर में चेतावनी दी है कि यदि नहरों में जल्द पानी नहीं छोड़ा गया, तो वे अपने आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे। धरना स्थल पर किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को फिर से दोहराया। किसानों का आरोप है कि नहरों में
पानी नहीं आने से हजारों किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई, तो बड़े स्तर पर आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस दौरान विधायक रामकेश मीना ने धरने को संबोधित करते हुए टोंक विधायक सचिन पायलट से अपील की। उन्होंने आग्रह किया कि सचिन पायलट आज सकरघटा में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से संवाद कर पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने के मुद्दे पर सकारात्मक पहल करें, ताकि क्षेत्र में भाईचारा और सौहार्द बना रहे और समस्या का
समाधान निकल सके। विधायक मीना ने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीना से भी अनुरोध किया कि वे कोड़िया गांव में अपने कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों से चर्चा कर पांचना बांध विवाद को सुलझाने के लिए प्रभावी प्रयास करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को मिलकर ऐसा रास्ता खोजना चाहिए जिससे कमांड क्षेत्र के किसानों को उनका हक का पानी मिल सके और क्षेत्रवासियों को राहत मिले। किसानों ने एक बार फिर सरकार से जल्द निर्णय लेने और नहरों में पानी छोड़ने की मांग दोहराई है।
- हिंडौन सिटी में अखिल राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष कैलाश चन्द्रवाल के नेतृत्व में जिले के सभी कृषि पर्यवेक्षकों और सहायक कृषि अधिकारियों ने बुधवार को सहायक निदेशक सियाराम मीना को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन राजस्थान के मुख्यमंत्री, कृषि आयुक्त, मुख्य सचिव, कृषि मंत्री और प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यान के नाम दिया गया है, जिसमें उनकी कई प्रमुख मांगें और विभाग से जुड़ी समस्याओं को उठाया गया। इस अवसर पर कृषि पर्यवेक्षकों और सहायक कृषि अधिकारियों ने सहायक निदेशक कृषि कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन भी किया। ज्ञापन में बताया गया कि विभागीय लक्ष्यों को कड़ी मेहनत से पूरा करने के बावजूद किसानों को अनुदानित योजनाओं का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। इससे कृषि विभाग के कर्मचारियों और किसानों के बीच संबंध खराब हो रहे हैं, जिसके कारण तत्काल भुगतान की मांग की गई है। साथ ही, कृषि विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों के पास उचित संसाधनों की कमी के कारण ऑनलाइन कार्यों में काफी समस्या आ रही है। जिलाध्यक्ष चन्द्रवाल ने यह भी बताया कि 'हरियालो राजस्थान' अभियान के तहत प्रत्येक कृषि पर्यवेक्षक को 300 से 400 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया जाता है, लेकिन गड्ढों की खुदाई, पौधों की खरीद और परिवहन के लिए कोई बजट नहीं मिलता है। जिला संयोजक गुमान सिंह चौधरी ने कृषि मैपर के कारण विभागीय कार्य करने में आ रही समस्याओं पर प्रकाश डाला, जबकि स्वयं कृषि आयुक्त ने सरलीकरण के अभाव में इस पर कार्य को असंभव बताया था। उन्होंने अधिकारियों द्वारा कार्य पूरा करने का दबाव बनाने पर भी आपत्ति जताई, जबकि कर्मचारियों के पास उच्च क्षमता वाले फोन नहीं हैं और उन्हें अपना रिचार्ज भी स्वयं करवाना पड़ता है। जिला संरक्षक अमरसिंह मीना ने बताया कि अधिकारी अक्सर शनिवार और रविवार की छुट्टियों में कार्य आदेश जारी करते हैं, जिससे कर्मचारियों पर मानसिक तनाव बढ़ रहा है। उन्होंने फसल बीमा योजना के तहत फसल कटाई प्रयोगों का भुगतान प्राथमिक कार्यकर्ताओं को समय पर करवाने की भी मांग की। इस दौरान जिला मंत्री सुशील मीना, जिला उपाध्यक्ष सुन्दर गुर्जर, जिला संयोजक सुनील सोलंकी, तरुण सिंह बेनीवाल, रश्मि मीना, खेलांति मीना, जनकराज मीना, लखन मीना, श्रीराम छाबड़ी, भोलूराम जाट, रामसिंह मीना और राजेंद्र मीना सहित जिले के सभी कृषि पर्यवेक्षक एवं सहायक कृषि अधिकारी मौजूद रहे।1
- हिण्डौन सिटी के सकरघटा में आयोजित किसान सम्मेलन के दौरान, सचिन पायलट ने अपने संबोधन में कहा कि "हमें मोहब्बत की दुकान खोलनी है"।1
- राजस्थान के हिंडौन सिटी में सचिन पायलट का 'खतरनाक' और जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर करौली की सांसद भजनलाल जाटव, टोडाभीम विधायक घनश्याम, करौली के पूर्व विधायक लखन सिंह कटकर और हिंडौन विधायक अनीता जाटव सहित कई नेता मौजूद थे, जिन्होंने पायलट का भव्य अभिनंदन किया।1
- केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 12 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर लालसोट में पुरानी अनाज मंडी स्थित श्री गोपाल जी महाराज मंदिर में एक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। पंडित नरसी शर्मा ने मंत्र उच्चारण के साथ यह पूजा संपन्न कराई, जिसमें लालसोट विधायक रामविलास मीणा ने कार्यकर्ताओं के साथ भगवान श्री ठाकुर जी की पूजा की। इस दौरान राष्ट्र की समृद्धि, जनकल्याण के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की गई। इस अवसर पर विधायक रामविलास मीणा ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।3
- मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र के मलारना स्टेशन कस्बे में बैसला सर्कल पर देर रात करीब 12 बजे अचानक 11000 केवी का बिजली का तार टूट गया। यह तार नीचे बनी दुकानों के छप्पर फोसों पर गिरा, जिससे उनमें आग लग गई। इस हादसे के बाद वहां हड़कंप मच गया और पास बैठी गायें अचानक भागने लगीं। इस घटना के कारण लोगों के घरों तक में 11000 केवी का करंट दौड़ गया। पास ही स्थित पुलिस नाके पर ड्यूटी दे रहे महिपाल सिंह ने तुरंत बगल में ठेके पर सो रहे सरपंच रामकिशन गुर्जर, रामप्रसाद गुर्जर और पप्पू श्यामोली को जगाया। आग को तेजी से बढ़ता देख, महिपाल सिंह ने लोगों की सहायता से आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन तार में बिजली सुचारू होने के कारण उनका बस नहीं चल सका। इसकी सूचना लाइनमैन को दी गई, लेकिन उसने भी फोन नहीं उठाया। इसके बाद लोग मोटरसाइकिल लेकर बाढ़ बिच्छीदौना पावर हाउस पहुंचे और बिजली कटवाई। बिजली बंद होने के बाद, लोगों ने पानी डालकर आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया। गनीमत रही कि यह हादसा रात के समय हुआ, जब दुकानों पर और रास्तों में कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यदि यही हादसा दिन के समय होता तो एक बड़ी अनहोनी हो सकती थी।1
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- गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में पाँचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर चल रही अनिश्चितकालीन किसान महापंचायत और धरना छठवें दिन भी जारी है। यह आंदोलन अब और अधिक मजबूत और व्यापक रूप में सामने आया है, जिसमें हजारों की संख्या में किसान, पंच-पटेल, युवा साथी, महिलाएं एवं बच्चे धरना स्थल पर डटे हुए हैं। किसानों की मुख्य मांग माननीय न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए नहरों में पानी छोड़ना है, और चेतावनी दी गई है कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो एक बड़ा आंदोलन होगा। धरना स्थल पर अट्ठाईसा क्षेत्र के पंच-पटेल, जगरवाल एवं मिच्या समाज के प्रतिनिधियों ने आंदोलन को पूर्ण समर्थन दिया है। आंदोलन के पांचवें दिन ग्राम पीलौदा से महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों का एक विशाल जनसमूह उत्साहपूर्वक पहुंचा और किसान महापंचायत को अपना समर्थन दिया। सांस्कृतिक गीतों एवं लोकधुनों के बीच हुए कार्यक्रमों में सागरबाई मेड़िया (हिण्डौन), साबूती मेड़िया (रतनापुरा), गौरन्ती मेड़िया (रतनापुरा) और रेखा मीना मेड़िया (मादनगांव) ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिससे जनसमूह का उत्साह बढ़ा। धरना स्थल की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए ग्रामवार जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं, और 11 जून को ग्राम मोहचा, मोहचा का पुरा, सुन्दरपुर एवं बाढ़ रायल के ग्रामीणों ने व्यवस्था संभाली। विधायक मीना ने सरकार को चेतावनी दी है कि किसानों की जायज मांगों पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद नहरों में पानी नहीं छोड़ा जाना सरकार की गंभीर विफलता है, जिसके कारण किसानों को अपने हक के पानी के लिए धरना देने पर मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने साफ कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र ही नहरों में पानी छोड़ने का निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं तेज किया जाएगा। कमाण्ड क्षेत्र के किसान अपने अधिकारों की लड़ाई शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ता के साथ लड़ रहे हैं और उन्होंने यह संकल्प लिया है कि जब तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। किसानों ने सरकार से उच्च न्यायालय के आदेशों की तत्काल पालना सुनिश्चित करते हुए नहरों में पानी छोड़ने की मांग दोहराई है, ताकि क्षेत्र में आपसी भाईचारा एवं सौहार्द बना रहे और लोगों को राहत मिल सके।1
- अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट बुधवार को रेल मार्ग से हिंडौन पहुंचे। उनके आगमन पर, रेलवे स्टेशन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान, पायलट ने ट्रेन के कोच से ही हाथ हिलाकर स्टेशन पर मौजूद सभी कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया। रेलवे स्टेशन से सचिन पायलट कार में सवार होकर सकरघटा में आयोजित मूर्ति अनावरण एवं किसान सम्मेलन समारोह के लिए एक बड़े काफिले के साथ रवाना हुए। शहर में कई स्थानों पर उनका फिर से स्वागत किया गया, जहां जेसीबी से पुष्प वर्षा कर कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया।1
- करौली कलेक्ट्रेट के सभागार में नारी शक्ति वंदन चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह बैठक कलेक्ट्री टाउन हॉल में संपन्न हुई, जिसमें करौली विधायक दर्शन सिंह गुर्जर, सीओ लखन कुंतल, जिला उपाध्यक्ष योगेश शर्मा, मोर्चा संयोजक विद्या वैष्णव, खेड़ा मंडल अध्यक्ष गीता देवी और मंडल मंत्री शोभा तिवाड़ी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।3