प्राइवेट संस्थान शिक्षा के मंदिरों का व्यापार ना करें :- अनुराग ठाकुर (प्राईवेट शैक्षणिक संस्थायें एन.सी.ई.आर.टी. के नियमों का कर रही उल्लंघन ) लोकेशन :-बीना रिपोर्टर:- राकेश बीना :-शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के नेतृत्व में आज कांग्रेस द्वारा मनमाने तरीके से प्राइवेट स्कूलों की बढ़ती हुई फीस तथा महँगी किताबों से अभिभावकों पर बढते अतिरिक्त बोझ को लेकर कलेक्टर के नाम नायब तहसीलदार हेमराज मेहर को ज्ञापन सोपा जिसमें उन्होंने उल्लेख किया है कि प्रत्येक अभिभावक चाहे वह आर्थिक रूप से सक्षम, मध्यम एवं गरीब श्रेणी से आता हो परन्तु वह अपने बच्चों को उच्च श्रेणी की शिक्षा एवं अच्छे विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के लिये लालायत रहता है, जिससे उनका बच्चा अच्छी से अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सके परन्तु जिस प्रकार आज हम देख रहे है कि बीना तहसील में जितने भी प्राईवेट स्कूलें चल रहे है वह इतनी अधिक महंगे हो चुके है जिससे मध्यम और गरीब श्रेणी के परिवार के बच्चे दाखिला लेने में असमर्थ है, प्राईवेट शैक्षणिक संस्थायें एन.सी.ई.आर.टी. के नियमों का उल्लघंन प्राईवेट शैक्षणिक संस्थायें एन.सी.ई.आर.टी. के नियमों का पालन न करते हुये अपनी मनमर्जी से महंगी किताबों का बोझ अभिभावकों पर डाल रहे है, जिससे अभिभावकों की आर्थिक स्थिति विगड़ रही है। साथ ही मंहगी फीस एवं मंहगी किताबों का आर्थिक बोझ न उठा पाने के कारण अपने बच्चों को स्कूलों से निकाल रहे है। कम्प्यूटर, फिजीकल एक्टीविटी, एवं विकास शुल्क के नाम पर अभिभावकों को ठगा जा रहा है तथा प्रतिवर्ष प्रवेश शुल्क के नाम पर हजारों रूपये अभिभावकों से लूटे जा रहे हैं, जबकि प्रवेश शुल्क प्रवेश के समय एक बार ही अभिभावकों से लिये जाने का नियम है। हमने अलग अलग शैक्षणिक संस्थाओं की किताबों की कीमत की जानकारी प्राप्त की है जिससे ज्ञात होता है कि एल.के.जी. यू.के.जी. पहली कक्षा एवं दूसरी कक्षाओं की किताबें चार हजार से सात हजार रूपये तक महंगी है। शिक्षा जीवन के लिये अति महत्वपूर्ण है इसका व्यापार होने से बचायें एवं प्राईवेट स्कूलों पर लगाम लगाकर कार्यवाही करने की कृपा करें। ज्ञापन देते समय पर इंदर सिंह ठाकुर, अशोक परिहार अध्यक्ष अनुसूचित जाति ग्रामीण जिला कांग्रेस, मनोज कैथोरिया, नरेंद्र सिंह ठाकुर, श्याम व्यास, प्रमोद राय विनोद पोरिया, ओम प्रकाश पासु, मोतीलाल मासाव, सुखलाल अहिरवार, बलराम अहिरवार, बबलू राज,रामकिशन अहिरवार एडवोकेट राजाराम अहिरवार एडवोकेट कृष्णा केथोरिया, एडवोकेट मोहिनी कश्यप,शिवानी बौद्ध, विमला अहिरवार, शहजाद हुसैन, पुरुषोत्तम तिवारी, लल्लू अहिरवार, अमित निवारी, अशोक सेन,जगदीश कुर्मी, आदि उपस्थित थे।
प्राइवेट संस्थान शिक्षा के मंदिरों का व्यापार ना करें :- अनुराग ठाकुर (प्राईवेट शैक्षणिक संस्थायें एन.सी.ई.आर.टी. के नियमों का कर रही उल्लंघन ) लोकेशन :-बीना रिपोर्टर:- राकेश बीना :-शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के नेतृत्व में आज कांग्रेस द्वारा मनमाने तरीके से प्राइवेट स्कूलों की बढ़ती हुई फीस तथा महँगी किताबों से अभिभावकों पर बढते अतिरिक्त बोझ को लेकर कलेक्टर के नाम नायब तहसीलदार हेमराज मेहर को ज्ञापन सोपा जिसमें उन्होंने उल्लेख किया है कि प्रत्येक अभिभावक चाहे वह आर्थिक रूप से सक्षम, मध्यम एवं गरीब श्रेणी से आता हो परन्तु वह अपने बच्चों को उच्च श्रेणी की शिक्षा एवं अच्छे विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के लिये लालायत रहता है, जिससे उनका बच्चा अच्छी से अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सके परन्तु जिस प्रकार आज हम देख रहे है कि बीना तहसील में जितने भी प्राईवेट स्कूलें चल रहे है वह इतनी अधिक महंगे हो चुके है जिससे मध्यम और गरीब श्रेणी के परिवार के बच्चे दाखिला लेने में असमर्थ है, प्राईवेट शैक्षणिक संस्थायें एन.सी.ई.आर.टी. के नियमों का उल्लघंन प्राईवेट शैक्षणिक संस्थायें एन.सी.ई.आर.टी. के नियमों का पालन न करते हुये अपनी मनमर्जी से महंगी किताबों का बोझ अभिभावकों पर डाल रहे है, जिससे अभिभावकों की आर्थिक स्थिति विगड़ रही है। साथ ही मंहगी फीस एवं मंहगी किताबों का आर्थिक बोझ न उठा पाने के कारण अपने बच्चों को स्कूलों से निकाल रहे है। कम्प्यूटर, फिजीकल एक्टीविटी, एवं विकास शुल्क के नाम पर अभिभावकों को ठगा जा रहा है तथा प्रतिवर्ष प्रवेश शुल्क के नाम पर हजारों रूपये अभिभावकों से लूटे जा रहे हैं, जबकि प्रवेश शुल्क प्रवेश के समय एक बार ही अभिभावकों से लिये जाने का नियम है। हमने अलग अलग शैक्षणिक संस्थाओं की किताबों की कीमत की जानकारी प्राप्त की है जिससे ज्ञात होता है कि एल.के.जी. यू.के.जी. पहली कक्षा एवं दूसरी कक्षाओं की किताबें चार हजार से सात हजार रूपये तक महंगी है। शिक्षा जीवन के लिये अति महत्वपूर्ण है इसका व्यापार होने से बचायें एवं प्राईवेट स्कूलों पर लगाम लगाकर कार्यवाही करने की कृपा करें। ज्ञापन देते समय पर इंदर सिंह ठाकुर, अशोक परिहार अध्यक्ष अनुसूचित जाति ग्रामीण जिला कांग्रेस, मनोज कैथोरिया, नरेंद्र सिंह ठाकुर, श्याम व्यास, प्रमोद राय विनोद पोरिया, ओम प्रकाश पासु, मोतीलाल मासाव, सुखलाल अहिरवार, बलराम अहिरवार, बबलू राज,रामकिशन अहिरवार एडवोकेट राजाराम अहिरवार एडवोकेट कृष्णा केथोरिया, एडवोकेट मोहिनी कश्यप,शिवानी बौद्ध, विमला अहिरवार, शहजाद हुसैन, पुरुषोत्तम तिवारी, लल्लू अहिरवार, अमित निवारी, अशोक सेन,जगदीश कुर्मी, आदि उपस्थित थे।
- लोकेशन :-बीना रिपोर्टर:- राकेश बीना :-शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के नेतृत्व में आज कांग्रेस द्वारा मनमाने तरीके से प्राइवेट स्कूलों की बढ़ती हुई फीस तथा महँगी किताबों से अभिभावकों पर बढते अतिरिक्त बोझ को लेकर कलेक्टर के नाम नायब तहसीलदार हेमराज मेहर को ज्ञापन सोपा जिसमें उन्होंने उल्लेख किया है कि प्रत्येक अभिभावक चाहे वह आर्थिक रूप से सक्षम, मध्यम एवं गरीब श्रेणी से आता हो परन्तु वह अपने बच्चों को उच्च श्रेणी की शिक्षा एवं अच्छे विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के लिये लालायत रहता है, जिससे उनका बच्चा अच्छी से अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सके परन्तु जिस प्रकार आज हम देख रहे है कि बीना तहसील में जितने भी प्राईवेट स्कूलें चल रहे है वह इतनी अधिक महंगे हो चुके है जिससे मध्यम और गरीब श्रेणी के परिवार के बच्चे दाखिला लेने में असमर्थ है, प्राईवेट शैक्षणिक संस्थायें एन.सी.ई.आर.टी. के नियमों का उल्लघंन प्राईवेट शैक्षणिक संस्थायें एन.सी.ई.आर.टी. के नियमों का पालन न करते हुये अपनी मनमर्जी से महंगी किताबों का बोझ अभिभावकों पर डाल रहे है, जिससे अभिभावकों की आर्थिक स्थिति विगड़ रही है। साथ ही मंहगी फीस एवं मंहगी किताबों का आर्थिक बोझ न उठा पाने के कारण अपने बच्चों को स्कूलों से निकाल रहे है। कम्प्यूटर, फिजीकल एक्टीविटी, एवं विकास शुल्क के नाम पर अभिभावकों को ठगा जा रहा है तथा प्रतिवर्ष प्रवेश शुल्क के नाम पर हजारों रूपये अभिभावकों से लूटे जा रहे हैं, जबकि प्रवेश शुल्क प्रवेश के समय एक बार ही अभिभावकों से लिये जाने का नियम है। हमने अलग अलग शैक्षणिक संस्थाओं की किताबों की कीमत की जानकारी प्राप्त की है जिससे ज्ञात होता है कि एल.के.जी. यू.के.जी. पहली कक्षा एवं दूसरी कक्षाओं की किताबें चार हजार से सात हजार रूपये तक महंगी है। शिक्षा जीवन के लिये अति महत्वपूर्ण है इसका व्यापार होने से बचायें एवं प्राईवेट स्कूलों पर लगाम लगाकर कार्यवाही करने की कृपा करें। ज्ञापन देते समय पर इंदर सिंह ठाकुर, अशोक परिहार अध्यक्ष अनुसूचित जाति ग्रामीण जिला कांग्रेस, मनोज कैथोरिया, नरेंद्र सिंह ठाकुर, श्याम व्यास, प्रमोद राय विनोद पोरिया, ओम प्रकाश पासु, मोतीलाल मासाव, सुखलाल अहिरवार, बलराम अहिरवार, बबलू राज,रामकिशन अहिरवार एडवोकेट राजाराम अहिरवार एडवोकेट कृष्णा केथोरिया, एडवोकेट मोहिनी कश्यप,शिवानी बौद्ध, विमला अहिरवार, शहजाद हुसैन, पुरुषोत्तम तिवारी, लल्लू अहिरवार, अमित निवारी, अशोक सेन,जगदीश कुर्मी, आदि उपस्थित थे।1
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- हमारे यहां लाइट का काम चालू हो चुका है अतः जनता के लिए सुविधा होगी सही होगा3
- Post by Dharmendra sahu1
- Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली1
- सोहागपुर- किराना व्यवसायी सेठ श्री प्रहलाद साहू ने अपने दो बेटों आयुष व नैतिक तथा इनके भतीजे सचिन साहू के बेटे कृष्णा का जन्मदिन यहां आकर इन जरूरतमंद बेघर बेसहारा लोगों के बीच मनाया गया। इस खुशी के पल में आपने इन जरूरतमंद गरीब लोगों को फलफ्रूट, मिष्ठान, नमकीन के साथ स्वादिष्ट भोजन कराकर बच्चों के जन्मदिन की प्रसन्नता व्यक्त की तथा इनका आशीर्वाद प्राप्त किया गया। इस दौरान सेठ राजेश साहू, नितिन साहू एवं परिजन उपस्थित थे।1
- सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मढ़ई परिक्षेत्र में बाघों के बीच वर्चस्व की लड़ाई का रोमांचक लेकिन चिंताजनक मामला सामने आया है। इवनिंग सफारी के दौरान पर्यटकों ने एक दुर्लभ दृश्य देखा, जब दो शक्तिशाली नर बाघ आमने-सामने आ गए। कुछ समय तक साथ चलने के बाद अचानक दोनों के बीच टेरिटरी को लेकर हिंसक संघर्ष शुरू हो गया। इस भिड़ंत में रिजर्व का प्रसिद्ध बाघ ‘शंकरा’ घायल हो गया, जिसके दाहिने पैर में चोट आई है। मुंबई से आए पर्यटक शिवम और उनके साथियों ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मढ़ई गेट से सर्चिंग ऑपरेशन शुरू किया। टीम को शंकरा बाघ दिखाई दिया है और उसकी हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, जबकि दूसरे नए नर बाघ की तलाश जारी है। इसी बीच एसटीआर के मटकुली रेंज की नयाखेड़ा बीट से भी एक दुखद खबर सामने आई, जहां बाघ और बाघिन के बीच संघर्ष में एक 4 महीने के शावक की मौत हो गई। वन विभाग ने शव का पंचनामा कर अंतिम संस्कार कर दिया है। वन अधिकारियों के अनुसार, बाघों के बीच इस तरह की लड़ाई टेरिटरी (क्षेत्र) पर कब्जा बनाए रखने के लिए प्राकृतिक व्यवहार का हिस्सा है। फिलहाल वन विभाग अलर्ट मोड पर है और घायल बाघ की सुरक्षा व स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मढ़ई क्षेत्र में इस घटना के बाद पर्यटकों में उत्साह जरूर बढ़ा है, लेकिन वन अमला लगातार सतर्क है ताकि किसी भी तरह की जोखिम की स्थिति से बचा जा सके।1
- ग्राम पंचायत भगौरा की सड़क2