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मथुरा जनपद के प्रसिद्ध बरसाना धाम में बाइक सवारों का आतंक दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में हुई एक घटना में, एक श्रद्धालु बाइक सवारों के कारण गंभीर रूप से घायल हो गया, जिससे उसके पैर में फ्रैक्चर आ गया। यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि अक्सर बाइक सवार पैसे के चक्कर में तीन सवारी बैठाकर लापरवाही से वाहन चलाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप आए दिन ऐसे हादसे हो रहे हैं। श्रद्धालुओं को लगातार बाइक सवारों के इस आतंक का शिकार होना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन पर आरोप लग रहा है कि वह इस गंभीर समस्या पर अंकुश लगाने के बजाय किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है। ऐसे में, बरसाना जैसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थल पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को बाइक चालकों की लापरवाही पर जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।

2 hrs ago
user_Lokesh Garg
Lokesh Garg
छाता, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

मथुरा जनपद के प्रसिद्ध बरसाना धाम में बाइक सवारों का आतंक दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में हुई एक घटना में, एक श्रद्धालु बाइक सवारों के कारण गंभीर रूप से घायल हो गया, जिससे उसके पैर में फ्रैक्चर आ गया। यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि अक्सर बाइक सवार पैसे के चक्कर में तीन सवारी बैठाकर लापरवाही से वाहन चलाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप आए दिन ऐसे हादसे हो रहे हैं। श्रद्धालुओं को लगातार बाइक सवारों के इस आतंक का शिकार होना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन पर आरोप लग रहा है कि वह इस गंभीर समस्या पर अंकुश लगाने के बजाय किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है। ऐसे में, बरसाना जैसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थल पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को बाइक चालकों की लापरवाही पर जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।

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  • मथुरा में 42 करोड़ रुपये के सरकारी दावों की पोल खुल गई है, जहाँ एक लेखपाल पर खुलेआम 'कमीशन' लेने का आरोप लगा है। यह खुलासा हुआ है कि ओलावृष्टि से बर्बाद हुए किसानों को मुआवजे के पैसे पाने के लिए 4000 रुपये की रिश्वत देनी पड़ी है। इस घटना ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं कि क्या किसान का हक पाने के लिए भी रिश्वत देना ज़रूरी है। एक तरफ जहाँ ओलावृष्टि से किसान बर्बाद हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ लेखपाल 'मालामाल' हो रहे हैं, जो सीधे तौर पर 'सुशासन' के दावों पर प्रश्नचिन्ह लगाता है।
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    मथुरा में 42 करोड़ रुपये के सरकारी दावों की पोल खुल गई है, जहाँ एक लेखपाल पर खुलेआम 'कमीशन' लेने का आरोप लगा है। यह खुलासा हुआ है कि ओलावृष्टि से बर्बाद हुए किसानों को मुआवजे के पैसे पाने के लिए 4000 रुपये की रिश्वत देनी पड़ी है।

इस घटना ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं कि क्या किसान का हक पाने के लिए भी रिश्वत देना ज़रूरी है। एक तरफ जहाँ ओलावृष्टि से किसान बर्बाद हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ लेखपाल 'मालामाल' हो रहे हैं, जो सीधे तौर पर 'सुशासन' के दावों पर प्रश्नचिन्ह लगाता है।
    user_Viral Mathura
    Viral Mathura
    Media company छाता, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    18 min ago
  • मथुरा जनपद के प्रसिद्ध बरसाना धाम में बाइक सवारों का आतंक दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में हुई एक घटना में, एक श्रद्धालु बाइक सवारों के कारण गंभीर रूप से घायल हो गया, जिससे उसके पैर में फ्रैक्चर आ गया। यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि अक्सर बाइक सवार पैसे के चक्कर में तीन सवारी बैठाकर लापरवाही से वाहन चलाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप आए दिन ऐसे हादसे हो रहे हैं। श्रद्धालुओं को लगातार बाइक सवारों के इस आतंक का शिकार होना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन पर आरोप लग रहा है कि वह इस गंभीर समस्या पर अंकुश लगाने के बजाय किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है। ऐसे में, बरसाना जैसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थल पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को बाइक चालकों की लापरवाही पर जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।
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    मथुरा जनपद के प्रसिद्ध बरसाना धाम में बाइक सवारों का आतंक दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में हुई एक घटना में, एक श्रद्धालु बाइक सवारों के कारण गंभीर रूप से घायल हो गया, जिससे उसके पैर में फ्रैक्चर आ गया।

यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि अक्सर बाइक सवार पैसे के चक्कर में तीन सवारी बैठाकर लापरवाही से वाहन चलाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप आए दिन ऐसे हादसे हो रहे हैं। श्रद्धालुओं को लगातार बाइक सवारों के इस आतंक का शिकार होना पड़ रहा है।

स्थानीय प्रशासन पर आरोप लग रहा है कि वह इस गंभीर समस्या पर अंकुश लगाने के बजाय किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है। ऐसे में, बरसाना जैसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थल पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को बाइक चालकों की लापरवाही पर जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।
    user_Lokesh Garg
    Lokesh Garg
    छाता, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मथुरा के अमर हेल्थ केयर हॉस्पिटल में हुई कथित घोर लापरवाही के कारण ढाई साल की मासूम इशिका की जिंदगी मौत के मुहाने पर आ गई है। डैंपियर नगर निवासी राजीव अग्रवाल अपनी बेटी इशिका को खून की कमी के इलाज के लिए अस्पताल ले गए थे, जहाँ उसका ब्लड ग्रुप ए पॉजिटिव होने के बावजूद डॉक्टरों ने उसे कथित तौर पर ए नेगेटिव ब्लड चढ़ा दिया। इस गंभीर चूक के बाद इशिका की हालत बिगड़ने लगी। राजीव अग्रवाल और उनकी पत्नी के बार-बार चेताने के बावजूद अस्पताल स्टाफ ने उनकी गुहार को अनसुना कर दिया और यह कहकर टालते रहे कि सब ठीक हो जाएगा। मासूम की माँ ने रोते हुए बताया कि उनकी बच्ची सिर्फ खेलना और हँसना चाहती थी, और अब उनकी गोद सूनी हो गई है। हालत ज्यादा बिगड़ने पर परिजनों ने हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुँची और बच्ची को हरियाणा के फरीदाबाद स्थित एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया। वहाँ के डॉक्टरों ने बताया कि गलत ब्लड ग्रुप चढ़ने से इशिका को गंभीर रिएक्शन हुआ है और उसके छोटे-छोटे अंगों पर असर पड़ रहा है, जिससे उसकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। इशिका अभी भी जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है, और परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। उनका आरोप है कि यदि समय पर सही इलाज मिलता तो इशिका आज उनके साथ खेल रही होती। अमर हेल्थ केयर हॉस्पिटल की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। परिजन पुलिस से लगातार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग कर रहे हैं ताकि इस लापरवाही की जाँच हो और किसी और मासूम की जिंदगी इस तरह बर्बाद न हो।
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    मथुरा के अमर हेल्थ केयर हॉस्पिटल में हुई कथित घोर लापरवाही के कारण ढाई साल की मासूम इशिका की जिंदगी मौत के मुहाने पर आ गई है। डैंपियर नगर निवासी राजीव अग्रवाल अपनी बेटी इशिका को खून की कमी के इलाज के लिए अस्पताल ले गए थे, जहाँ उसका ब्लड ग्रुप ए पॉजिटिव होने के बावजूद डॉक्टरों ने उसे कथित तौर पर ए नेगेटिव ब्लड चढ़ा दिया। इस गंभीर चूक के बाद इशिका की हालत बिगड़ने लगी।

राजीव अग्रवाल और उनकी पत्नी के बार-बार चेताने के बावजूद अस्पताल स्टाफ ने उनकी गुहार को अनसुना कर दिया और यह कहकर टालते रहे कि सब ठीक हो जाएगा। मासूम की माँ ने रोते हुए बताया कि उनकी बच्ची सिर्फ खेलना और हँसना चाहती थी, और अब उनकी गोद सूनी हो गई है। हालत ज्यादा बिगड़ने पर परिजनों ने हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुँची और बच्ची को हरियाणा के फरीदाबाद स्थित एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया। वहाँ के डॉक्टरों ने बताया कि गलत ब्लड ग्रुप चढ़ने से इशिका को गंभीर रिएक्शन हुआ है और उसके छोटे-छोटे अंगों पर असर पड़ रहा है, जिससे उसकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।

इशिका अभी भी जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है, और परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। उनका आरोप है कि यदि समय पर सही इलाज मिलता तो इशिका आज उनके साथ खेल रही होती। अमर हेल्थ केयर हॉस्पिटल की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। परिजन पुलिस से लगातार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग कर रहे हैं ताकि इस लापरवाही की जाँच हो और किसी और मासूम की जिंदगी इस तरह बर्बाद न हो।
    user_कैलाश यदुवंशी
    कैलाश यदुवंशी
    छाता, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • मथुरा के छाता तहसील मुख्यालय पर आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिला अधिकारी (डीएम) चंद्र प्रकाश और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने जनता की शिकायतें सुनीं। इस दौरान कुल 60 शिकायतें दर्ज की गईं, लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मौके पर एक भी शिकायत का निस्तारण नहीं हो पाया। अधिकारियों ने हालांकि यह दावा किया है कि आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज सभी पुरानी शिकायतों का समय पर निस्तारण कर दिया गया है। इस बार छाता तहसील के कामर गांव से सबसे अधिक प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए हैं। समाधान दिवस में यह गंभीर मामला सामने आया कि कई फरियादी एक ही समस्या को लेकर पांच से सात बार तक चक्कर काट चुके थे, फिर भी उनकी शिकायतों का समाधान नहीं हुआ। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए, प्रशासन ने मामलों की जांच और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक एडीएम को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। डीएम चंद्र प्रकाश ने शिकायत निस्तारण में लापरवाही बरतने और टालमटोल करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि लापरवाही के आरोप में एक लेखपाल और एक राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, इस लापरवाही में शामिल उच्च अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उनके खिलाफ शासन को लिखा जा रहा है। जिलाधिकारी ने मीडिया के माध्यम से सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ा संदेश देते हुए अपील की है कि सरकार ने उन्हें आम जनता की समस्याओं का समय से और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के लिए तैनात किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि छाता तहसील में कुछ शिकायतें अधिक हैं, जिनकी विस्तृत जांच कराई जाएगी, और कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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    मथुरा के छाता तहसील मुख्यालय पर आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिला अधिकारी (डीएम) चंद्र प्रकाश और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने जनता की शिकायतें सुनीं। इस दौरान कुल 60 शिकायतें दर्ज की गईं, लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मौके पर एक भी शिकायत का निस्तारण नहीं हो पाया। अधिकारियों ने हालांकि यह दावा किया है कि आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज सभी पुरानी शिकायतों का समय पर निस्तारण कर दिया गया है। इस बार छाता तहसील के कामर गांव से सबसे अधिक प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए हैं।

समाधान दिवस में यह गंभीर मामला सामने आया कि कई फरियादी एक ही समस्या को लेकर पांच से सात बार तक चक्कर काट चुके थे, फिर भी उनकी शिकायतों का समाधान नहीं हुआ। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए, प्रशासन ने मामलों की जांच और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक एडीएम को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। डीएम चंद्र प्रकाश ने शिकायत निस्तारण में लापरवाही बरतने और टालमटोल करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि लापरवाही के आरोप में एक लेखपाल और एक राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, इस लापरवाही में शामिल उच्च अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उनके खिलाफ शासन को लिखा जा रहा है।

जिलाधिकारी ने मीडिया के माध्यम से सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ा संदेश देते हुए अपील की है कि सरकार ने उन्हें आम जनता की समस्याओं का समय से और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के लिए तैनात किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि छाता तहसील में कुछ शिकायतें अधिक हैं, जिनकी विस्तृत जांच कराई जाएगी, और कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
    user_जगदीश यदुवंशी
    जगदीश यदुवंशी
    छाता, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • मथुरा के गणेश्वर स्टेडियम में 12वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस अत्यंत भव्यता के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में मथुरा जनपद के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार, कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी और मथुरा वृंदावन के विधायक श्रीकांत शर्मा सहित अनेक नेतागणों व अधिकारियों ने भाग लिया, जिससे यह योग दिवस कार्यक्रम सफल रहा। इस अवसर पर सभी उपस्थित गणमान्यों ने योग के महत्व पर जोर दिया। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि उत्तम स्वास्थ्य के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। वहीं, जिलाधिकारी ने बताया कि दिनभर के कामों में व्यस्त रहने से शरीर में जो थकान होती है, उसे दूर करने और स्वस्थ रहने के लिए योग करना बेहद जरूरी है। जनपद के तमाम युवाओं ने भी इस योग कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और योग किया। योग को एक प्राचीन भारतीय जीवन-पद्धति बताया गया है जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन बनाती है, जिससे व्यक्ति निरोग रहता है।
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    मथुरा के गणेश्वर स्टेडियम में 12वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस अत्यंत भव्यता के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में मथुरा जनपद के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार, कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी और मथुरा वृंदावन के विधायक श्रीकांत शर्मा सहित अनेक नेतागणों व अधिकारियों ने भाग लिया, जिससे यह योग दिवस कार्यक्रम सफल रहा।

इस अवसर पर सभी उपस्थित गणमान्यों ने योग के महत्व पर जोर दिया। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि उत्तम स्वास्थ्य के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। वहीं, जिलाधिकारी ने बताया कि दिनभर के कामों में व्यस्त रहने से शरीर में जो थकान होती है, उसे दूर करने और स्वस्थ रहने के लिए योग करना बेहद जरूरी है। जनपद के तमाम युवाओं ने भी इस योग कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और योग किया। योग को एक प्राचीन भारतीय जीवन-पद्धति बताया गया है जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन बनाती है, जिससे व्यक्ति निरोग रहता है।
    user_Jitendra Thakur
    Jitendra Thakur
    Local News Reporter गोवर्धन, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मथुरा में अंबेडकर पार्क से संबंधित भूमि विवाद को लेकर जाटव समाज ने अपना विरोध प्रदर्शन किया है। इस दौरान, समाज ने प्रशासन को इस मामले पर चेतावनी भी जारी की है।
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    मथुरा में अंबेडकर पार्क से संबंधित भूमि विवाद को लेकर जाटव समाज ने अपना विरोध प्रदर्शन किया है। इस दौरान, समाज ने प्रशासन को इस मामले पर चेतावनी भी जारी की है।
    user_Mukesh Agrawal पत्रकार
    Mukesh Agrawal पत्रकार
    Local News Reporter मांट, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • एक सोशल मीडिया पोस्ट में भरत भाई नामक एक जांबाज व्यक्ति की हत्या पर गहरा आक्रोश और दुख व्यक्त किया गया है, जिसमें समाज की असंवेदनशीलता और उदासीनता को इस त्रासदी का मूल कारण बताया गया है। पोस्ट लेखक ने इसे एक 'कड़वा सच' बताते हुए कहा कि भरत भाई ने अकेले ही 'सिस्टम' से संघर्ष किया, लेकिन जब तक वे जीवित थे, किसी ने उनका खुलकर साथ नहीं दिया और लोग केवल तमाशा देखते रहे। यह आरोप लगाया गया है कि यदि समाज उनके साथ खड़ा होता, तो शायद उनकी हत्या नहीं होती और वे आज भी जीवित होते, क्योंकि 'भरत तिवारी हत्या कांड एक अनसुलझी पहेली' बना हुआ है। पोस्ट में समाज की इस 'घटिया कमी' पर जोर दिया गया है कि लोग किसी जांबाज के अपने परिवार की जिम्मेदारियों के बीच समाज के लिए लड़ने के दौरान मुंह फेर लेते हैं, लेकिन जैसे ही वह व्यक्ति 'शहीद' हो जाता है या दुनिया से चला जाता है, तो लाखों की भीड़ उमड़ पड़ती है। उस समय राजनेता, नेता और पूरा समाज समर्थन में आ जाता है। मृत्योपरांत जुटने वाले इस हुजूम को व्यर्थ बताते हुए, पोस्ट में सभी से हाथ जोड़कर विनती की गई है कि जो लोग आज समाज के लिए निस्वार्थ भाव से लड़ रहे हैं, उनके 'जिंदा रहते' उनके साथ खड़े हों और उनका हौसला बनें, न कि उनकी मृत्यु के बाद पीठ पीछे रोएं। यह संदेश 'हर-हर महादेव' के उद्घोष के साथ समाप्त होता है।
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    एक सोशल मीडिया पोस्ट में भरत भाई नामक एक जांबाज व्यक्ति की हत्या पर गहरा आक्रोश और दुख व्यक्त किया गया है, जिसमें समाज की असंवेदनशीलता और उदासीनता को इस त्रासदी का मूल कारण बताया गया है। पोस्ट लेखक ने इसे एक 'कड़वा सच' बताते हुए कहा कि भरत भाई ने अकेले ही 'सिस्टम' से संघर्ष किया, लेकिन जब तक वे जीवित थे, किसी ने उनका खुलकर साथ नहीं दिया और लोग केवल तमाशा देखते रहे। यह आरोप लगाया गया है कि यदि समाज उनके साथ खड़ा होता, तो शायद उनकी हत्या नहीं होती और वे आज भी जीवित होते, क्योंकि 'भरत तिवारी हत्या कांड एक अनसुलझी पहेली' बना हुआ है।

पोस्ट में समाज की इस 'घटिया कमी' पर जोर दिया गया है कि लोग किसी जांबाज के अपने परिवार की जिम्मेदारियों के बीच समाज के लिए लड़ने के दौरान मुंह फेर लेते हैं, लेकिन जैसे ही वह व्यक्ति 'शहीद' हो जाता है या दुनिया से चला जाता है, तो लाखों की भीड़ उमड़ पड़ती है। उस समय राजनेता, नेता और पूरा समाज समर्थन में आ जाता है।

मृत्योपरांत जुटने वाले इस हुजूम को व्यर्थ बताते हुए, पोस्ट में सभी से हाथ जोड़कर विनती की गई है कि जो लोग आज समाज के लिए निस्वार्थ भाव से लड़ रहे हैं, उनके 'जिंदा रहते' उनके साथ खड़े हों और उनका हौसला बनें, न कि उनकी मृत्यु के बाद पीठ पीछे रोएं। यह संदेश 'हर-हर महादेव' के उद्घोष के साथ समाप्त होता है।
    user_Bhardwaj electricals
    Bhardwaj electricals
    Electrician मांट, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • मथुरा जनपद के कोसीकलां में पुलिस ने एक मुखबिर से मिली सूचना पर कार्रवाई करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी जिंदल फैक्ट्री एरिया बिजली घर के पास से हुई। पुलिस ने इन अभियुक्तों के कब्जे से दो अवैध तमंचे, दो जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है।
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    मथुरा जनपद के कोसीकलां में पुलिस ने एक मुखबिर से मिली सूचना पर कार्रवाई करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी जिंदल फैक्ट्री एरिया बिजली घर के पास से हुई। पुलिस ने इन अभियुक्तों के कब्जे से दो अवैध तमंचे, दो जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है।
    user_Lokesh Garg
    Lokesh Garg
    छाता, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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