लम्भुआ में समाधान दिवस का बदला स्वरूप: डीएम इंद्रजीत सिंह एक्शन मोड में लम्भुआ में समाधान दिवस का बदला स्वरूप: डीएम इंद्रजीत सिंह एक्शन मोड में लम्भुआ, सुल्तानपुर। तहसील लम्भुआ में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस इस बार सख्त प्रशासनिक व्यवस्था और अनुशासन के नए मॉडल के साथ देखने को मिला। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आए और उन्होंने व्यवस्था में कई अहम बदलाव लागू किए। इस बार समाधान दिवस में सबसे बड़ा परिवर्तन यह रहा कि अब कोई भी फरियादी सीधे डीएम के सामने नहीं पहुंच पा रहा है। पहले सभी शिकायतकर्ताओं को पर्ची बनवानी अनिवार्य की गई, जिसके बाद ही उन्हें क्रमवार सुनवाई के लिए बुलाया गया। इस व्यवस्था से जहां भीड़भाड़ और अव्यवस्था पर नियंत्रण देखने को मिला, वहीं लाइन में लगे लोगों को व्यवस्थित तरीके से अपनी बात रखने का मौका भी मिला। फरियादियों ने इस नई व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि “डीएम हो तो सुल्तानपुर के डीएम इंद्रजीत सिंह जैसा हो”, क्योंकि उन्होंने सुनवाई प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने का प्रयास किया है। वहीं पुलिस विभाग की ओर से पुलिस अधीक्षक चारु निगम भी सक्रिय भूमिका में नजर आईं। उन्होंने कई मामलों को मौके पर ही गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए। इससे शिकायतकर्ताओं को त्वरित राहत मिलने की उम्मीद जगी है। प्रशासनिक मोर्चे पर प्रीति जैन लगातार व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग करती दिखीं, जबकि प्रांजल त्रिपाठी ने फरियादियों को लाइन में लगवाकर अनुशासन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभय राज भी पूरे कार्यक्रम के दौरान सक्रिय रहकर व्यवस्था को सुचारू बनाने में जुटे रहे। समाधान दिवस का यह आयोजन इस बार महज औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सख्त प्रबंधन, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ संचालित होता नजर आया। इससे आम जनता में विश्वास बढ़ा है कि उनकी समस्याओं का समाधान अब पहले से अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा। हालांकि अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन की यह सख्ती और नई व्यवस्था जमीनी स्तर पर कितनी कारगर साबित होती है और आम लोगों को इसका वास्तविक लाभ कितनी तेजी से मिल पाता है।
लम्भुआ में समाधान दिवस का बदला स्वरूप: डीएम इंद्रजीत सिंह एक्शन मोड में लम्भुआ में समाधान दिवस का बदला स्वरूप: डीएम इंद्रजीत सिंह एक्शन मोड में लम्भुआ, सुल्तानपुर। तहसील लम्भुआ में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस इस बार सख्त प्रशासनिक व्यवस्था और अनुशासन के नए मॉडल के साथ देखने को मिला। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आए और उन्होंने व्यवस्था में कई अहम बदलाव लागू किए। इस बार समाधान दिवस में सबसे बड़ा परिवर्तन यह रहा कि अब कोई भी फरियादी सीधे डीएम के सामने नहीं पहुंच पा रहा है। पहले सभी शिकायतकर्ताओं को पर्ची बनवानी अनिवार्य की गई, जिसके बाद ही उन्हें क्रमवार सुनवाई के लिए बुलाया गया। इस व्यवस्था से
जहां भीड़भाड़ और अव्यवस्था पर नियंत्रण देखने को मिला, वहीं लाइन में लगे लोगों को व्यवस्थित तरीके से अपनी बात रखने का मौका भी मिला। फरियादियों ने इस नई व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि “डीएम हो तो सुल्तानपुर के डीएम इंद्रजीत सिंह जैसा हो”, क्योंकि उन्होंने सुनवाई प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने का प्रयास किया है। वहीं पुलिस विभाग की ओर से पुलिस अधीक्षक चारु निगम भी सक्रिय भूमिका में नजर आईं। उन्होंने कई मामलों को मौके पर ही गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए। इससे शिकायतकर्ताओं को त्वरित राहत मिलने की उम्मीद जगी है। प्रशासनिक मोर्चे पर प्रीति जैन लगातार व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग करती दिखीं,
जबकि प्रांजल त्रिपाठी ने फरियादियों को लाइन में लगवाकर अनुशासन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभय राज भी पूरे कार्यक्रम के दौरान सक्रिय रहकर व्यवस्था को सुचारू बनाने में जुटे रहे। समाधान दिवस का यह आयोजन इस बार महज औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सख्त प्रबंधन, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ संचालित होता नजर आया। इससे आम जनता में विश्वास बढ़ा है कि उनकी समस्याओं का समाधान अब पहले से अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा। हालांकि अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन की यह सख्ती और नई व्यवस्था जमीनी स्तर पर कितनी कारगर साबित होती है और आम लोगों को इसका वास्तविक लाभ कितनी तेजी से मिल पाता है।
- मस्जिद के कमरे में 14 वर्षीय छात्र का शव मिलने से सनसनी, जांच में जुटी पुलिस सुल्तानपुर जनपद के चांदा कोतवाली क्षेत्र के तातोमुरैनी गांव में शुक्रवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब एक मदरसे के छात्र का शव मस्जिद के अंदर कमरे में पंखे से लटका हुआ मिला। मृतक की पहचान 14 वर्षीय रेहान पुत्र नौशाद के रूप में हुई है, जो पास ही स्थित मदरसा दारुल उलूम गुलशन-ए रजा व बरकात में कक्षा छह का छात्र था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेहान शुक्रवार दोपहर जुमा की नमाज अदा करने के लिए घर से मस्जिद गया था। नमाज के बाद वह वापस घर लौट आया, लेकिन कुछ देर बाद फिर से मस्जिद पहुंच गया। शाम करीब 4 बजे जब लोग असर की नमाज के लिए मस्जिद पहुंचे, तो अंदर के कमरे में रेहान का शव पंखे से लटका देख सभी स्तब्ध रह गए। घटना की खबर फैलते ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलने पर चांदा कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव को नीचे उतरवाया। मौके पर फॉरेंसिक टीम ने भी पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बताया जा रहा है कि जिस परिसर में मस्जिद स्थित है, उसी के सामने मदरसा भी संचालित होता है। हालांकि शुक्रवार को मदरसे में अवकाश था। रेहान के परिवार में उसकी मां मदीना, बड़ा भाई साहिल (19), दानिश (16) और बहन फलक (8) हैं। उसके पिता नौशाद मुंबई में ड्राइवर के रूप में कार्यरत हैं। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी लंभुआ ऋतिक कपूर भी मौके पर पहुंचे और जांच का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। वहीं, इस घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है और मां का रो-रोकर बुरा हाल है।4
- बताया जा रहा है कि मौर्या मिष्ठान भण्डार के सामने किसी छोटी सी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर कुछ लोगों ने श्रद्धालु को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीट दिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान की जा रही है। सवाल उठता है — धार्मिक नगरी में श्रद्धालु भी सुरक्षित नहीं?1
- जौनपुर में बारात के दौरान सनसनी खेज मामला सामने आया है बताया जा रहा है कि रास्ते में अचानक बदमाशों ने कार सवार दूल्हे को अन्धाधुन्ध गोलियों से निशाना बनाया और हत्या कर दी खुशियों का माहौल कुछ ही पलों में मातम में बदल गया सूचना पर पहुंची पुलिस जांच पड़ताल में जुटी ।1
- Post by नीरज पांडेय पत्रकार प्रतापगढ़1
- Post by संदीप यादव संदीप यादव1
- पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ के निर्देशन में थाना पट्टी पुलिस द्वारा “दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट, धर्म परिवर्तन, एससी/ एसटी एक्ट” के अभियोग से संबंधित 01 अभियुक्त दिलदार उर्फ गुड्डू को गिरफ्तार किया गया पुलिस अधीक्षक, प्रतापगढ़ दीपक भूकर द्वारा आपराधिक क्रिया कलाप में संलिप्त अपराधियों के विरूद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी आलोक कुमार व क्षेत्राधिकारी पट्टी मनोज कुमार सिंह रघुवंशी के कुशल पर्वेक्षण में थाना प्रभारी पट्टी आनन्द पाल सिंह के नेतृत्व में उ0नि0 अमित कुमार चौहान मय हमराह म0उ0नि0 ज्योति सविता व का0 सोनू कुमार द्वारा देखभाल क्षेत्र/ तलाश वांछित, वारण्टी अभियुक्त व संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों की चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना अन्तर्गत धारा 65(1)/137(2)/87/352/351(2)/55 BNS व धारा 3(1)द, 3(1)ध, 3(2) V/3(2)VA SC/ST ACT व 3/4 (2) पाक्सो एक्ट व 3 (1)/5 (3) उ.प्र.विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन अधि0 थाना पट्टी जनपद प्रतापगढ़ से संबंधित 01 अभियुक्त दिलदार उर्फ गुड्डू पुत्र स्व0 आजाद निवासी ग्राम महदहां थाना पट्टी जनपद प्रतापगढ उम्र करीब 20 वर्ष को थाना पट्टी क्षेत्रान्तर्गत ग्राम लोकईयापुर के पास से गिरफ्तार किया गया ।1
- सुल्तानपुर के चांदा कोतवाली क्षेत्र के तातोमुरैनी गांव में एक दर्दनाक और संदिग्ध घटना सामने आई है, जहां एक मदरसे में पढ़ने वाले 14 वर्षीय छात्र रेहान का शव फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई है। पुलिस का कहना है कि मामला संदिग्ध है और हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा होगा। 👉 इस वीडियो में जानिए पूरी घटना, पुलिस की कार्रवाई और ग्रामीणों का क्या कहना है। 📍 स्थान: चांदा, सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश)1
- यूपी इटावा के एक गांव की महिलाओं ने शराब के ठेके पर धावा बोलकर 5 लाख की शराब मिट्टी में मिला दी कारण: घर-परिवार के लोगों का शराबी बनना और कलह बढ़ना ग्रामीणों का आरोप है कि ठेका अवैध रूप से घनी आबादी के बीच चल रहा था. जबकि ये ठेका किसी दूसरे गांव के लिए आवंटित था1
- फोन से युवक को दी गई धमकी युवक नें लगाई न्याय की गुहार सुलतानपुर मोतिगर पुर की घटना1