बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) के शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र स्थित मिलक करीरा गांव का पोखर ग्रामीणों के लिए लगातार जानलेवा खतरा बना हुआ है। संजय वर्मा की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीणों का आरोप है कि यह दलदली पोखर आए दिन जान-माल के नुकसान का कारण बनता है। कई शिकायतों के बावजूद, अब तक न तो पोखर के चारों ओर सुरक्षा बाउंड्री बनाई गई है और न ही इसके आसपास कोई पक्की सड़क का निर्माण हुआ है। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या से स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों को कई बार अवगत कराया है, लेकिन किसी भी ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि क्षेत्र के सांसद डॉ. भोला सिंह, शिकारपुर के विधायक अनिल शर्मा और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस समस्या के समाधान के लिए अपेक्षित पहल नहीं की है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार गांवों के विकास और सुरक्षित बुनियादी सुविधाओं की बातें करती है, लेकिन उनके गांव की यह समस्या वर्षों से जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों की अंतिम उम्मीद अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से है, जिनसे वे इस जानलेवा पोखर का स्थायी समाधान कराने की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर दिल्ली के स्वतंत्र विचारक और समाजसेवी विजय प्रधान भी गांव पहुंचे और ग्रामीणों की आवाज को प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया। विजय प्रधान ने कहा है कि जब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक वे ग्रामीणों के समर्थन में अपनी आवाज उठाते रहेंगे। गांव के समाजसेवी मनोज त्यागी भी इस अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं, वहीं दिल्ली से मानव जन शिकायत समिति के अध्यक्ष श्री रमा शंकर साह के नेतृत्व में समिति की पूरी टीम भी इस समस्या के समाधान के लिए प्रयासरत है। अब यह देखना बाकी है कि वर्षों से चली आ रही इस गंभीर जनसमस्या पर शासन और प्रशासन कब संज्ञान लेते हैं और मिलक करीरा गांव के लोगों को इस जानलेवा पोखर से स्थायी राहत कब मिल पाती है।
बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) के शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र स्थित मिलक करीरा गांव का पोखर ग्रामीणों के लिए लगातार जानलेवा खतरा बना हुआ है। संजय वर्मा की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीणों का आरोप है कि यह दलदली पोखर आए दिन जान-माल के नुकसान का कारण बनता है। कई शिकायतों के बावजूद, अब तक न तो पोखर के चारों ओर सुरक्षा बाउंड्री बनाई गई है और न ही इसके आसपास कोई पक्की सड़क का निर्माण हुआ है। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या से स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों को कई बार अवगत कराया है, लेकिन किसी भी ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि क्षेत्र के सांसद डॉ. भोला सिंह, शिकारपुर के विधायक अनिल शर्मा और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस समस्या के समाधान के लिए अपेक्षित पहल नहीं की है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार गांवों के विकास और सुरक्षित बुनियादी सुविधाओं की बातें करती है, लेकिन उनके गांव की यह समस्या वर्षों से जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों की अंतिम उम्मीद अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से है, जिनसे वे इस जानलेवा पोखर का स्थायी समाधान कराने की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर दिल्ली के स्वतंत्र विचारक और समाजसेवी विजय प्रधान भी गांव पहुंचे और ग्रामीणों की आवाज को प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया। विजय प्रधान ने कहा है कि जब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक वे ग्रामीणों के समर्थन में अपनी आवाज उठाते रहेंगे। गांव के समाजसेवी मनोज त्यागी भी इस अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं, वहीं दिल्ली से मानव जन शिकायत समिति के अध्यक्ष श्री रमा शंकर साह के नेतृत्व में समिति की पूरी टीम भी इस समस्या के समाधान के लिए प्रयासरत है। अब यह देखना बाकी है कि वर्षों से चली आ रही इस गंभीर जनसमस्या पर शासन और प्रशासन कब संज्ञान लेते हैं और मिलक करीरा गांव के लोगों को इस जानलेवा पोखर से स्थायी राहत कब मिल पाती है।
- Udaykjr raj udayRjaरजौली, नवादा, बिहार😡5 hrs ago
- बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) के शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र स्थित मिलक करीरा गांव का पोखर ग्रामीणों के लिए लगातार जानलेवा खतरा बना हुआ है। संजय वर्मा की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीणों का आरोप है कि यह दलदली पोखर आए दिन जान-माल के नुकसान का कारण बनता है। कई शिकायतों के बावजूद, अब तक न तो पोखर के चारों ओर सुरक्षा बाउंड्री बनाई गई है और न ही इसके आसपास कोई पक्की सड़क का निर्माण हुआ है। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या से स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों को कई बार अवगत कराया है, लेकिन किसी भी ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि क्षेत्र के सांसद डॉ. भोला सिंह, शिकारपुर के विधायक अनिल शर्मा और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस समस्या के समाधान के लिए अपेक्षित पहल नहीं की है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार गांवों के विकास और सुरक्षित बुनियादी सुविधाओं की बातें करती है, लेकिन उनके गांव की यह समस्या वर्षों से जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों की अंतिम उम्मीद अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से है, जिनसे वे इस जानलेवा पोखर का स्थायी समाधान कराने की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर दिल्ली के स्वतंत्र विचारक और समाजसेवी विजय प्रधान भी गांव पहुंचे और ग्रामीणों की आवाज को प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया। विजय प्रधान ने कहा है कि जब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक वे ग्रामीणों के समर्थन में अपनी आवाज उठाते रहेंगे। गांव के समाजसेवी मनोज त्यागी भी इस अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं, वहीं दिल्ली से मानव जन शिकायत समिति के अध्यक्ष श्री रमा शंकर साह के नेतृत्व में समिति की पूरी टीम भी इस समस्या के समाधान के लिए प्रयासरत है। अब यह देखना बाकी है कि वर्षों से चली आ रही इस गंभीर जनसमस्या पर शासन और प्रशासन कब संज्ञान लेते हैं और मिलक करीरा गांव के लोगों को इस जानलेवा पोखर से स्थायी राहत कब मिल पाती है।1
- गया जिले के बांके बाजार में एक युवक रेहान अंसारी का दर्जनों लड़कियों के साथ अश्लील और आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आरोप है कि रेहान अंसारी ने मोमोज की दुकान की आड़ में मुख्य रूप से महादलित समुदाय की नाबालिग लड़कियों को अपना निशाना बनाया, जिससे कई लड़कियों की प्रतिष्ठा दाँव पर लग गई है। रेहान अंसारी बांके बाजार थाना क्षेत्र के टंडवा पंचायत का निवासी है और उसके पिता का नाम दुखन अंसारी बताया जा रहा है। वायरल वीडियो इतने आपत्तिजनक बताए जा रहे हैं कि उन्हें सार्वजनिक रूप से देखा नहीं जा सकता। नाबालिग लड़कियों को अपने प्रेम जाल में फँसाने के लिए रेहान अंसारी बांके बाजार में मोमोज की दुकान चलाता था। लड़कियाँ अक्सर मोमोज खाने के लिए उसकी दुकान पर आती-जाती थीं, जहाँ वह सुंदर और अच्छी लड़कियों को निशाना बनाकर उन्हें अपने जाल में फँसाता था। दावा किया जा रहा है कि रेहान अंसारी दर्जनों से अधिक लड़कियों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर चुका है और उनके आपत्तिजनक वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर रखे हैं। हैरान करने वाली बात यह भी है कि वह लड़कियों को बहला-फुसलाकर विश्व प्रसिद्ध बांके धाम मंदिर के वन परिसर में पहाड़ की तरफ ले जाता था, जहाँ उनके साथ शारीरिक संबंध बनाता और उनके वीडियो भी बना लेता था। स्थानीय युवकों ने कई बार रेहान अंसारी को आपत्तिजनक हालत में देखा, लेकिन समाज के डर से किसी ने आवाज़ नहीं उठाई। उसने सभी धर्म, जाति, वर्ग और समुदाय की लड़कियों को अपना निशाना बनाया और कई लड़कियाँ उसके प्रेम जाल में फँसकर उसके साथ अश्लील वीडियो भी बना चुकी थीं। वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और कई लोग रेहान अंसारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग लेकर थाना पहुँचे। बांके बाजार के थाना प्रभारी पवन कुमार ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एक नाबालिग लड़की के भाई द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर रेहान अंसारी के खिलाफ दुष्कर्म, एससी-एसटी अधिनियम और पॉक्सो एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि जल्द ही रेहान अंसारी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल, घटनास्थल की जाँच करके आधिकारिक टीम ने कई साक्ष्य जुटाए हैं और मामले की जाँच जारी है। पुलिस ने क्षेत्र के लोगों से महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो वायरल न करने और उनकी प्रतिष्ठा का ध्यान रखने की अपील की है। पुलिस ने यह भी चिंता व्यक्त की है कि वायरल वीडियो के बाद कई लड़कियों के नाम सामने आ सकते हैं, जिससे उन्हें भविष्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।1
- सम्राट चौधरी को एक 'अंगूठाछाप मुख्यमंत्री' बताते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों के अनुसार, सम्राट चौधरी केवल वही करते हैं जो केंद्र सरकार उन्हें निर्देश देती है, यानी वे केंद्र के आदेशों को हूबहू 'छाप' देते हैं।1
- गया जिले के नीमचक बथानी क्षेत्र संख्या 11 की माननीय जिला परिषद सदस्य गुलिस्ता खातून ने ‘हर घर तक शुद्ध जल’ पहुँचाने का संकल्प लिया है। उनके सौजन्य से, आम जन तक स्वच्छ पानी पहुँचाने के लिए दृढ़ प्रयास किए जा रहे हैं। यह जानकारी मोहम्मद औरंगज़ेब द्वारा दी गई है।1
- नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड अंतर्गत थाली थाना क्षेत्र की बकसौती पंचायत के महेशपुर गांव स्थित ठाकुरबाड़ी में समस्त ग्रामीणों के सहयोग से मंगलवार को नौ दिवसीय श्री श्री 108 श्री राम चरित्र मानस महायज्ञ का भव्य कलशयात्रा के साथ विधिवत शुभारंभ हो गया। धार्मिक आस्था और वैदिक परंपराओं के अनुरूप निकाली गई इस कलशयात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस कलशयात्रा का नेतृत्व मुखिया प्रतिनिधि अर्जन यादव, सरपंच दिलीप सिंह, समाजसेवी मनु कुमार, तथा महायज्ञ कार्यकर्ता विजय यादव, मोहन यादव, कारू यादव, रविरंजन यादव, महेन्द्र यादव, नरेश यादव, पुणा यादव एवं मिथलेश यादव ने संयुक्त रूप से किया। ठाकुरबाड़ी परिसर से वैदिक मंत्रोच्चार एवं जयघोष के साथ प्रारंभ हुई यह यात्रा बकसौती बाजार का भ्रमण करते हुए अवनैया सकरी नदी पहुंची, जहां विद्वान आचार्यों ने वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद कलशों में पवित्र जल भरा। इसके पश्चात, श्रद्धालु पुनः ठाकुरबाड़ी लौटे, जहाँ यज्ञ मंडप में कलशों को विधिवत स्थापित कर महायज्ञ का शुभारंभ किया गया। कलशयात्रा में महेशपुर सहित आसपास के कई गांवों से सैकड़ों कुंवारी कन्याएं एवं महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर श्रद्धापूर्वक शामिल हुईं। पूरे मार्ग में श्रद्धालु लगातार "जय श्री राम", "जय-जय श्री राम" सहित अन्य धार्मिक जयघोष करते हुए आगे बढ़ रहे थे। भक्ति गीतों, शंखध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा, जिससे क्षेत्र में आध्यात्मिक उल्लास का माहौल बना रहा। महायज्ञ कार्यकर्ता विजय यादव के अनुसार, कलशयात्रा के साथ नौ दिवसीय इस धार्मिक अनुष्ठान का विधिवत शुभारंभ हो चुका है। इन नौ दिनों के दौरान प्रतिदिन रामचरितमानस पाठ, हवन-पूजन, प्रवचन, भजन-कीर्तन एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस महायज्ञ का मुख्य उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आपसी भाईचारे का संदेश प्रसारित करना है। इस अवसर पर क्षेत्र के सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे और महायज्ञ की सफलता एवं जनकल्याण की कामना करते हुए पूजा-अर्चना में भाग लिया, जिससे ग्रामीणों में आयोजन को लेकर विशेष उत्साह और श्रद्धा देखी गई।1
- रजौली पुलिस ने 29 जून से 30 जून के बीच शराब के भंडारण और धंधेबाजों के खिलाफ रजौली थाना क्षेत्र में एक विशेष छापेमारी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने विभिन्न जगहों अंधरवारी, चरघरवा, परतौनिया और फगुनी से कुल 162 लीटर देसी महुआ शराब और 6 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की। थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर रणजीत कुमार ने बताया कि इस अभियान में शराब के साथ-साथ दो बाइक और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। हालांकि, पुलिस को देखते ही शराब धंधेबाज जंगली रास्ते का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहे। बरामद की गई शराब और जब्त की गई बाइकों को रजौली थाने में रखा गया है, और इस मामले में उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस फिलहाल फरार हुए शराब धंधेबाजों की पहचान करने में जुटी है।1
- गया शहर में यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम गया जी द्वारा विभिन्न स्थानों पर यात्री शेडों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। कुल 4 करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से शहर के 60 अलग-अलग स्थानों पर ऐसे शेड बनाए जाएंगे, जिनका उद्देश्य यात्रियों को वाहन के इंतजार में धूप, पानी और भीषण गर्मी जैसी प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों से बचाना है। इन यात्री शेडों के निर्माण से आम नागरिकों को आवागमन के दौरान बेहतर सुविधा मिलेगी और उन्हें हर मौसम में आराम मिल सकेगा। नगर निगम गया जी द्वारा यह निर्माण कार्य महानगरों की तर्ज पर किया जा रहा है, जिसके तहत सिकरिया मोड़ के पास एक यात्री शेड बनकर तैयार भी हो गया है।1
- नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड अंतर्गत बाराटांड़ गांव में महावीर यादव की पत्नी और समाजसेवी सरयु यादव की माता सुमा देवी का अचानक हृदय गति रुकने से निधन हो गया। उनके असामयिक निधन की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोगों ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सुमा देवी के निधन की सूचना मिलते ही बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य अफरोजा खातून बाराटांड़ गांव पहुंचीं। उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इस दौरान अफरोजा खातून ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि वे इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी हैं और हर संभव सहयोग के लिए हमेशा तत्पर रहेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी परिवार के लिए मां का निधन अपूरणीय क्षति होती है और शोक संतप्त परिवार से धैर्य रखने की अपील करते हुए ईश्वर से उन्हें इस कठिन समय को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। अफरोजा खातून के गांव पहुंचने पर स्थानीय ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने भी दिवंगत सुमा देवी को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं, जिससे पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।1