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5 hrs ago
user_Vikram Dewang
Vikram Dewang
Political party office लवालांग, चतरा, झारखंड•
5 hrs ago
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More news from झारखंड and nearby areas
  • Post by Bharat sharma
    1
    Post by Bharat sharma
    user_Bharat sharma
    Bharat sharma
    पडवा, पलामू, झारखंड•
    8 hrs ago
  • Post by Sahodar Mandal
    1
    Post by Sahodar Mandal
    user_Sahodar Mandal
    Sahodar Mandal
    बाराचट्टी, गया, बिहार•
    9 hrs ago
  • Post by महेंद्र शर्मा
    1
    Post by महेंद्र शर्मा
    user_महेंद्र शर्मा
    महेंद्र शर्मा
    पत्रकार, # डोभी, गया, बिहार•
    19 hrs ago
  • राजू हक्क फुजक धज्जिया वजक्क जन्फुज कलगक
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    राजू हक्क फुजक धज्जिया
वजक्क जन्फुज कलगक
    user_Kulu Garu
    Kulu Garu
    गारू, लातेहार, झारखंड•
    19 hrs ago
  • गारु :पलामू टाइगर रिजर्व के बारेसांढ़ वन क्षेत्र में अतिरिक्त प्रभार को लेकर सुलग रही चिंगारी अब लपटों में बदल चुकी है। आंदोलन के सातवें दिन परेवाटांड़ गांव गुस्से का केंद्र बन गया। सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर उतर आए। हाथों में तख्तियां, आंखों में आक्रोश और जुबां पर तीखे नारे—पूरा इलाका आंदोलित रहा।“तरुण कुमार सिंह वापस जाओ”, “घूसखोर रेंजर वापस जाओ” और “जल, जंगल, जमीन हमारा है” के नारों से आसमान गूंज उठा। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी आवाज अगर अब भी अनसुनी रही, तो हालात और विस्फोटक होंगे। *गांव-गांव में उबल रहा आक्रोश* डेढ़गांव, बगईकोना, झुमरी, टेनटांड, कुजरूम, लाटू और मायापुर—हर गांव में बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। सात दिनों से जारी आंदोलन अब सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि जनविद्रोह का रूप लेता जा रहा है।परेवाटांड़ की सभा में महिलाएं सबसे आगे दिखीं। बुजुर्गों ने कहा, “जंगल हमारी जिंदगी है, इसे दूर बैठकर नहीं बचाया जा सकता।” युवाओं ने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन प्रखंड से जिला मुख्यालय तक पहुंचेगा। *300 किलोमीटर दूर से ‘निगरानी’—कैसे बचेगा जंगल?* ग्रामीणों का आरोप है कि जिस अधिकारी की मूल तैनाती लगभग 300 किलोमीटर दूर आनंदपुर क्षेत्र में है, उन्हें बारेसांढ़ जैसे संवेदनशील वन क्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया है।लोग सवाल उठा रहे हैं क्या इतनी दूरी से जंगल की रक्षा संभव है? क्या अवैध कटाई, शिकार और वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण हो पाएगा?बारेसांढ़ क्षेत्र जैव विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां के जंगल सिर्फ वन्यजीवों का घर नहीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों की आजीविका का आधार हैं। ग्रामीणों का कहना है कि “दूर बैठे अफसर” से जंगल और जनता दोनों असुरक्षित हैं। *पूर्व रेंजर का तबादला बना चिंगारी* पूर्व रेंजर नन्द कुमार मेहता के तबादले को लेकर भी लोगों में गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके कार्यकाल में विभाग और जनता के बीच तालमेल बेहतर था।कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव में तबादला किया गया। हालांकि विभाग ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। *ज्ञापन के बाद भी चुप्पी, बढ़ा असंतोष* ग्रामीणों ने डीएफओ कुमार आशीष को लिखित आवेदन देकर मौजूदा अतिरिक्त प्रभार समाप्त करने और नियमित रेंजर की नियुक्ति की मांग की है।लेकिन सात दिन बीतने के बाद भी ठोस निर्णय नहीं होने से गुस्सा और भड़क उठा है। लोगों का कहना है कि “अगर प्रशासन अब भी नहीं जागा, तो हालात बेकाबू हो सकते हैं।” *अल्टीमेटम: होगा घेराव* प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है—यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो वन विभाग कार्यालय का घेराव किया जाएगा। आंदोलन को जिला स्तर तक ले जाने की रणनीति भी तैयार है।बारेसांढ़ में परेवाटांड़ से उठी यह आग अब शांत होती नहीं दिख रही। प्रशासन की अगली चाल तय करेगी कि यह आंदोलन सुलझेगा या फिर बड़ा टकराव जन्म लेगा।फिलहाल एक बात साफ है—बारेसांढ़ में जंगल ही नहीं, जनभावनाएं भी धधक रही हैं।
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    गारु :पलामू टाइगर रिजर्व के बारेसांढ़ वन क्षेत्र में अतिरिक्त प्रभार को लेकर सुलग रही चिंगारी अब लपटों में बदल चुकी है। आंदोलन के सातवें दिन परेवाटांड़ गांव गुस्से का केंद्र बन गया। सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर उतर आए। हाथों में तख्तियां, आंखों में आक्रोश और जुबां पर तीखे नारे—पूरा इलाका आंदोलित रहा।“तरुण कुमार सिंह वापस जाओ”, “घूसखोर रेंजर वापस जाओ” और “जल, जंगल, जमीन हमारा है” के नारों से आसमान गूंज उठा। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी आवाज अगर अब भी अनसुनी रही, तो हालात और विस्फोटक होंगे।
*गांव-गांव में उबल रहा आक्रोश* 
डेढ़गांव, बगईकोना, झुमरी, टेनटांड, कुजरूम, लाटू और मायापुर—हर गांव में बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। सात दिनों से जारी आंदोलन अब सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि जनविद्रोह का रूप लेता जा रहा है।परेवाटांड़ की सभा में महिलाएं सबसे आगे दिखीं। बुजुर्गों ने कहा, “जंगल हमारी जिंदगी है, इसे दूर बैठकर नहीं बचाया जा सकता।” युवाओं ने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन प्रखंड से जिला मुख्यालय तक पहुंचेगा।
*300 किलोमीटर दूर से ‘निगरानी’—कैसे बचेगा जंगल?* 
ग्रामीणों का आरोप है कि जिस अधिकारी की मूल तैनाती लगभग 300 किलोमीटर दूर आनंदपुर क्षेत्र में है, उन्हें बारेसांढ़ जैसे संवेदनशील वन क्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया है।लोग सवाल उठा रहे हैं क्या इतनी दूरी से जंगल की रक्षा संभव है? क्या अवैध कटाई, शिकार और वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण हो पाएगा?बारेसांढ़ क्षेत्र जैव विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां के जंगल सिर्फ वन्यजीवों का घर नहीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों की आजीविका का आधार हैं। ग्रामीणों का कहना है कि “दूर बैठे अफसर” से जंगल और जनता दोनों असुरक्षित हैं।
*पूर्व रेंजर का तबादला बना चिंगारी* 
पूर्व रेंजर नन्द कुमार मेहता के तबादले को लेकर भी लोगों में गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके कार्यकाल में विभाग और जनता के बीच तालमेल बेहतर था।कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव में तबादला किया गया। हालांकि विभाग ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
*ज्ञापन के बाद भी चुप्पी, बढ़ा असंतोष* 
ग्रामीणों ने डीएफओ कुमार आशीष को लिखित आवेदन देकर मौजूदा अतिरिक्त प्रभार समाप्त करने और नियमित रेंजर की नियुक्ति की मांग की है।लेकिन सात दिन बीतने के बाद भी ठोस निर्णय नहीं होने से गुस्सा और भड़क उठा है। लोगों का कहना है कि “अगर प्रशासन अब भी नहीं जागा, तो हालात बेकाबू हो सकते हैं।”
*अल्टीमेटम: होगा घेराव* 
प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है—यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो वन विभाग कार्यालय का घेराव किया जाएगा। आंदोलन को जिला स्तर तक ले जाने की रणनीति भी तैयार है।बारेसांढ़ में परेवाटांड़ से उठी यह आग अब शांत होती नहीं दिख रही। प्रशासन की अगली चाल तय करेगी कि यह आंदोलन सुलझेगा या फिर बड़ा टकराव जन्म लेगा।फिलहाल एक बात साफ है—बारेसांढ़ में जंगल ही नहीं, जनभावनाएं भी धधक रही हैं।
    user_निरंजन प्रसाद
    निरंजन प्रसाद
    गारू, लातेहार, झारखंड•
    19 hrs ago
  • बड़कागांव में स्थित मेगालीथ प्राचीन जनजातीय सभ्यता की अनमोल निशानी हैं। ये विशाल पत्थर पूर्वजों की स्मृति में स्थापित किए जाते थे और आज भी स्थानीय समुदाय के लिए आस्था का केंद्र हैं। हजारों साल पुरानी ये संरचनाएँ न सिर्फ झारखंड की ऐतिहासिक पहचान को दर्शाती हैं, बल्कि पुरातत्वविदों के लिए भी शोध का महत्वपूर्ण विषय हैं।
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    बड़कागांव में स्थित मेगालीथ प्राचीन जनजातीय सभ्यता की अनमोल निशानी हैं। ये विशाल पत्थर पूर्वजों की स्मृति में स्थापित किए जाते थे और आज भी स्थानीय समुदाय के लिए आस्था का केंद्र हैं।
हजारों साल पुरानी ये संरचनाएँ न सिर्फ झारखंड की ऐतिहासिक पहचान को दर्शाती हैं, बल्कि पुरातत्वविदों के लिए भी शोध का महत्वपूर्ण विषय हैं।
    user_SB Live Hindi
    SB Live Hindi
    Local News Reporter हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    28 min ago
  • Post by Sahodar Mandal
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    Post by Sahodar Mandal
    user_Sahodar Mandal
    Sahodar Mandal
    बाराचट्टी, गया, बिहार•
    9 hrs ago
  • भाजपा समर्थित उम्मीदवार अनिल उरांव की जीत पर बोले भाजपा कार्यकर्ता #jharkhandupdates ...#viralnews #viralnewsupdate #NewsUpdate #bjpnews #jharkhandupdates #bjp #NagarNigam #viralreelsシ #PoliticalUpdate #GroundReporting #viralnews #viralvideos #pawanekka #lohardaga_updates #JharkhandNews Bharat Ka Hriday
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    भाजपा समर्थित उम्मीदवार अनिल उरांव की जीत पर बोले भाजपा कार्यकर्ता #jharkhandupdates ...#viralnews #viralnewsupdate #NewsUpdate #bjpnews #jharkhandupdates #bjp #NagarNigam #viralreelsシ #PoliticalUpdate #GroundReporting #viralnews #viralvideos #pawanekka #lohardaga_updates #JharkhandNews Bharat Ka Hriday
    user_Badri Narayan Sahu
    Badri Narayan Sahu
    रिपोर्टर किसको, लोहरदगा, झारखंड•
    1 hr ago
  • बुढ़मू : आगामी होली पर्व को लेकर बुढ़मू थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित किया गया बैठक में पर्व को शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से बैठक का आयोजन किया गया जिसका संचालन जाकिर अंसारी ने किया बैठक की अध्यक्षता खलारी डीएसपी आर एन चौधरी मौजूद रहे, उन्होंने पूरे क्षेत्र में विधि-व्यवस्था और सौहार्दपूर्ण वातावरण में पर्व को मनाने को लेकर चर्चा किया थाना प्रभारी नवीन शर्मा ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि त्योहार के दौरान अश्लील गाना बजाने और पर्व के दौरान हुड़दंग कर शांति भंग करने वाले असामाजिक तत्वों पर पुलिस की पैनी नज़र रहेगी। इस मौके पर मुख्य रूप से विधायक प्रतिनिधि गोपाल तिवारी,शमीम बडेहर, उप प्रमुख हरदेव साहू,चिकित्सा प्रभारी तारिक अनवर,समाजसेवी रत्न प्रकाश सिंह,सरफराज अहमद,सुदामा नायक,विनोद मुंडा, पंचायत के मुखिया सहित सैकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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    बुढ़मू : आगामी होली पर्व को लेकर बुढ़मू  थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित किया गया बैठक में पर्व को शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से  बैठक का आयोजन किया गया जिसका संचालन जाकिर अंसारी ने किया बैठक की अध्यक्षता खलारी डीएसपी आर एन चौधरी मौजूद रहे, उन्होंने पूरे क्षेत्र में विधि-व्यवस्था और सौहार्दपूर्ण वातावरण में पर्व को मनाने को लेकर चर्चा किया 
थाना प्रभारी नवीन शर्मा ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि त्योहार के दौरान अश्लील गाना बजाने और पर्व के दौरान हुड़दंग कर शांति भंग करने वाले असामाजिक तत्वों पर पुलिस की पैनी नज़र रहेगी। इस मौके पर मुख्य रूप से विधायक प्रतिनिधि गोपाल तिवारी,शमीम बडेहर, उप प्रमुख हरदेव साहू,चिकित्सा प्रभारी तारिक अनवर,समाजसेवी रत्न प्रकाश सिंह,सरफराज अहमद,सुदामा नायक,विनोद मुंडा, पंचायत के मुखिया सहित सैकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
    user_Amit Kr Chiku Objectionnews
    Amit Kr Chiku Objectionnews
    Local News Reporter बुरमू, रांची, झारखंड•
    5 hrs ago
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