सेवा संकल्प अभियान पीएम-किसान सम्मान निधि से बदली छत्रपाल सिंह की जिंदगी समय पर मिली आर्थिक सहायता से खेती हुई आसान, परिवार की जिम्मेदारियां भी हुईं सहज विकासखंड पोड़ी-उपरोड़ा के ग्राम मादन निवासी किसान श्री छत्रपाल सिंह, पिता श्री नेवरात सिंह कंवर के लिए खेती सिर्फ आजीविका का साधन नहीं, बल्कि परिवार के बेहतर भविष्य की उम्मीद है। पत्नी और दो बच्चों की जिम्मेदारी के साथ वे सीमित संसाधनों में खेती करते रहे हैं। कृषि कार्य में बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और मजदूरी जैसी जरूरतों पर समय से राशि जुटाना उनके लिए लंबे समय तक बड़ी चुनौती रहा। किसान के लिए खेती ऐसा कार्य है, जिसमें खर्च पहले करना पड़ता है और आमदनी फसल तैयार होने के बाद मिलती है। कई बार पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण श्री छत्रपाल सिंह उन्नत बीज या आवश्यक कृषि दवाइयां समय पर नहीं खरीद पाते थे। धान कटाई के समय मजदूरों के भुगतान की चिंता भी बनी रहती थी। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें कई बार उधार लेकर खेती का काम पूरा करना पड़ता था। वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव आने लगा। योजना के तहत मिलने वाली प्रति वर्ष 6 हजार रुपये की सहायता राशि तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खाते में मिलने लगी। श्री छत्रपाल सिंह बताते हैं कि राशि भले ही बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन खेती के समय जरूरत के मुताबिक सीधे खाते में मिलने वाली यह सहायता उनके लिए बेहद उपयोगी साबित हुई। वे बताते हैं कि पीएम-किसान सम्मान निधि से मिलने वाली राशि का उपयोग वे खेती की जरूरतों को पूरा करने में करते हैं। खरीफ मौसम में उन्नत बीज खरीदने, फसल में कीट एवं रोग लगने पर समय पर दवाइयां लेने तथा धान कटाई के दौरान मजदूरों का भुगतान करने में इस राशि से उन्हें काफी मदद मिलती है। इससे खेती के जरूरी काम समय पर पूरे हो पाते हैं और उत्पादन एवं फसल की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। कृषि कार्य में मिली इस आर्थिक राहत का असर परिवार की अन्य जरूरतों पर भी दिखाई देता है। अब वे बच्चों की पढ़ाई के लिए समय पर कॉपी-किताबें, कपड़े और आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध करा पा रहे हैं। आर्थिक दबाव कम होने से परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी पहले की तुलना में आसान हुआ है। श्री छत्रपाल सिंह कहते हैं कि “पहले खेती के समय पैसों की बहुत समस्या होती थी। बीज, दवाई और मजदूरी के लिए कई बार उधार लेना पड़ता था। पीएम-किसान की राशि समय पर खाते में आने से अब खेती के जरूरी खर्चों में काफी मदद मिलती है। इससे आत्मविश्वास बढ़ा है और खेती करना पहले से आसान हुआ है।” वे आगे कहते हैं कि सरकार द्वारा सहायता राशि सीधे बैंक खाते में पहुंचने से उन्हें यह भरोसा मिला है कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है। पीएम-किसान सम्मान निधि उनके लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि खेती को मजबूती देने और परिवार के भविष्य को बेहतर बनाने का माध्यम बनी है। समय पर मिलने वाली छोटी-सी आर्थिक सहायता भी किसान के लिए बड़ी राहत बन सकती है। पीएम-किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से किसानों को कृषि कार्य में आवश्यक पूंजी उपलब्ध हो रही है, जिससे वे अपनी खेती को बेहतर तरीके से संचालित करने के साथ परिवार की जिम्मेदारियों को भी अधिक सहजता से पूरा कर पा रहे हैं।
सेवा संकल्प अभियान पीएम-किसान सम्मान निधि से बदली छत्रपाल सिंह की जिंदगी समय पर मिली आर्थिक सहायता से खेती हुई आसान, परिवार की जिम्मेदारियां भी हुईं सहज विकासखंड पोड़ी-उपरोड़ा के ग्राम मादन निवासी किसान श्री छत्रपाल सिंह, पिता श्री नेवरात सिंह कंवर के लिए खेती सिर्फ आजीविका का साधन नहीं, बल्कि परिवार के बेहतर भविष्य की उम्मीद है। पत्नी और दो बच्चों की जिम्मेदारी के साथ वे सीमित संसाधनों में खेती करते रहे हैं। कृषि कार्य में बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और मजदूरी जैसी जरूरतों पर समय से राशि जुटाना उनके लिए लंबे समय तक बड़ी चुनौती रहा। किसान के लिए खेती ऐसा कार्य है, जिसमें खर्च पहले करना पड़ता है और आमदनी फसल तैयार होने के बाद मिलती है। कई बार पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण श्री छत्रपाल सिंह उन्नत बीज या आवश्यक कृषि दवाइयां समय पर नहीं खरीद पाते थे। धान कटाई के समय मजदूरों के भुगतान की चिंता भी बनी रहती थी। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें कई बार उधार लेकर खेती का काम पूरा करना पड़ता था। वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव आने लगा। योजना के तहत मिलने वाली प्रति वर्ष 6 हजार रुपये की सहायता राशि तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खाते में मिलने लगी। श्री छत्रपाल सिंह बताते हैं कि राशि भले ही बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन खेती के समय जरूरत के मुताबिक सीधे खाते में मिलने वाली यह सहायता उनके लिए बेहद उपयोगी साबित हुई। वे बताते हैं कि पीएम-किसान सम्मान निधि से मिलने वाली राशि का उपयोग वे खेती की जरूरतों को पूरा करने में करते हैं। खरीफ मौसम में उन्नत बीज खरीदने, फसल में कीट एवं रोग लगने पर समय पर दवाइयां लेने तथा धान कटाई के दौरान मजदूरों का भुगतान करने में इस राशि से उन्हें काफी मदद मिलती है। इससे खेती के जरूरी काम समय पर पूरे हो पाते हैं और उत्पादन एवं फसल की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। कृषि कार्य में मिली इस आर्थिक राहत का असर परिवार की अन्य जरूरतों पर भी दिखाई देता है। अब वे बच्चों की पढ़ाई के लिए समय पर कॉपी-किताबें, कपड़े और आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध करा पा रहे हैं। आर्थिक दबाव कम होने से परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी पहले की तुलना में आसान हुआ है। श्री छत्रपाल सिंह कहते हैं कि “पहले खेती के समय पैसों की बहुत समस्या होती थी। बीज, दवाई और मजदूरी के लिए कई बार उधार लेना पड़ता था। पीएम-किसान की राशि समय पर खाते में आने से अब खेती के जरूरी खर्चों में काफी मदद मिलती है। इससे आत्मविश्वास बढ़ा है और खेती करना पहले से आसान हुआ है।” वे आगे कहते हैं कि सरकार द्वारा सहायता राशि सीधे बैंक खाते में पहुंचने से उन्हें यह भरोसा मिला है कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है। पीएम-किसान सम्मान निधि उनके लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि खेती को मजबूती देने और परिवार के भविष्य को बेहतर बनाने का माध्यम बनी है। समय पर मिलने वाली छोटी-सी आर्थिक सहायता भी किसान के लिए बड़ी राहत बन सकती है। पीएम-किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से किसानों को कृषि कार्य में आवश्यक पूंजी उपलब्ध हो रही है, जिससे वे अपनी खेती को बेहतर तरीके से संचालित करने के साथ परिवार की जिम्मेदारियों को भी अधिक सहजता से पूरा कर पा रहे हैं।
- हाईवे पर बैठे मवेशी से टकराई स्कूटी सवार, तीन युवक घायल1
- gaay ko bachane me kadi takra gai aour vishal ganesh ji ki murti gaay ko bachane me kadi takra gai aour vishal ganesh ji ki murti track se niche giri kisi ko koi nuksan nahi hua1
- मालखरौदा के मोना वस्त्रालय में भीषण आग, लाखों रुपये के कपड़े जलकर खाक। मिशन चौक से सीपत रोड की ओर स्थित दुकान में देर रात आगजनी की घटना, पुलिस जांच में जुटी। मालखरौदा के मोना वस्त्रालय में भीषण आग, लाखों रुपये के कपड़े जलकर खाक। मिशन चौक से सीपत रोड की ओर स्थित दुकान में देर रात आगजनी की घटना, पुलिस जांच में जुटी।1
- सक्ती जिले के कटौद के भाटापारा में करंट की चपेट में आने से किसान की मौत, सक्ती जिले के कटौद के भाटापारा में करंट की चपेट में आने से किसान की मौत, सक्ती जिले के डभरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कटौद के भाटापारा में मंगलवार सुबह करीब 9 बजे बिजली के करंट की चपेट में आने से एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, गांव में गौधाम सेवा समिति गठित है, जिसके तहत 11 सदस्य बारी-बारी से गांव की गायों को चराने का कार्य करते हैं। मंगलवार को इसी क्रम में रोहित कुमार बरेठ अपने दो साथियों हेम कुमार साहू और ओम कुमार चन्द्रा के साथ गायों को चराने के लिए गए थे। इसी दौरान कुछ गायें फसल की ओर जाने लगीं। गायों को फसल में जाने से रोकने के लिए रोहित कुमार बरेठ उन्हें भगाने के लिए आगे बढ़े। बताया जा रहा है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि वहां बिजली का करंट प्रवाहित हो रहा है। जैसे ही उन्होंने गाय को रोकने का प्रयास किया, वह करंट की चपेट में आ गए। घटना की जानकारी मिलते ही उनके दोनों साथी तत्काल मौके पर पहुंचे और उन्हें करंट से अलग किया। इसके बाद परिजन रोहित कुमार बरेठ को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डभरा लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक किसान के परिवार में मातम पसरा हुआ है। वहीं, ग्रामीणों ने घटना को लेकर दुख जताते हुए उचित कार्रवाई और मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है।1
- बिलासपुर में जरूरतमंदों की सहायता जिला रेडक्रॉस सोसायटी को 5 लाख की सहयोग राशि प्रदान मानवीय सेवा में सहभागिता राइस मिल एसोसिएशन, बिलासपुर ने जरूरतमंदों की सहायता एवं। मानवीय सेवा के लिए जिला रेडक्रॉस सोसायटी को 5 लाख की सहयोग राशि प्रदान की। मंगलवार दोपहर 12 बजे मिली जानकारी अनुसार। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने इस जनहितकारी पहल के लिए एसोसिएशन का आभार व्यक्त किया।1
- कोल इंडिया की कमाई बढ़ी, रिटायर्ड कर्मियों का हक घटा? पेंशन-ग्रेच्युटी पर उठे सवाल बिलासपुर प्रेस क्लब में सेवानिवृत्त कोयला खदान मजदूर संघ ने कोल इंडिया और SECL प्रबंधन पर रिटायर्ड कर्मियों की उपेक्षा का आरोप लगाया। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने दावा किया कि 2017 के बाद SDA को पेंशन गणना से बाहर किए जाने से करीब डेढ़ लाख कर्मियों को हर माह 300 से 600 रुपये कम पेंशन मिल रही है। उन्होंने ग्रेच्युटी में अधिकारियों को 20 लाख और मजदूरों को 10 लाख रुपये तक मिलने पर भी सवाल उठाए। चिकित्सा व आवास सुविधाओं में भेदभाव का आरोप लगाते हुए संघ ने 19 सितंबर को SECL स्तरीय सम्मेलन की जानकारी दी।1
- न DJ, न आतिशबाजी...फिर भी गणपति बप्पा के स्वागत ने मचा दी घूम! आखिर पाली के बच्चों ने ऐसा क्या किया?1
- गणेश उत्सव एवं विसर्जन को लेकर कोरबा पुलिस अलर्ट,गुंडा एवं निगरानी बदमाशों को दी गई कड़ी समझाइश — कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई आगामी गणेश चतुर्थी, गणेश उत्सव एवं गणेश विसर्जन को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से कोरबा पुलिस द्वारा जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसी क्रम में आज जिले के विभिन्न थाना, चौकी एवं अनुविभाग स्तर पर CSP/SDOP एवं थाना प्रभारियों द्वारा गुंडा बदमाशों, निगरानी बदमाशों तथा पूर्व में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे व्यक्तियों की तस्दीक एवं समझाइश की गई। 👮 *गुंडा एवं निगरानी बदमाशों को स्पष्ट चेतावनी* पुलिस द्वारा लगभग 32 गुंडा बदमाश एवं 26 निगरानी बदमाशों सहित पूर्व में मारपीट, लड़ाई-झगड़ा एवं शरीर संबंधी अपराधों में संलिप्त रहे लगभग 80 व्यक्तियों को समझाइश दी गई। संबंधित व्यक्तियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि गणेश उत्सव एवं विसर्जन के दौरान वे किसी भी प्रकार के विवाद, मारपीट, उपद्रव, आपराधिक गतिविधि अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधि से पूरी तरह दूर रहें।पुलिस अधिकारियों द्वारा उन्हें कड़ी चेतावनी देते हुए कहा गया कि त्योहार की आड़ में गुंडागर्दी, दहशत फैलाने, विवाद करने अथवा किसी प्रकार का अपराध करने का प्रयास किया गया तो ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल एवं कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ⚠️ “ *त्योहार खुशी से मनाएं, कानून हाथ में लिया तो कार्रवाई तय”* पुलिस द्वारा पूर्व अपराधियों एवं असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त रहे व्यक्तियों को यह भी समझाइश दी गई कि वे अपने आचरण में सुधार रखते हुए कानून का पालन करें तथा गणेश उत्सव के दौरान शांति, सद्भाव एवं भाईचारा बनाए रखने में सहयोग करें।साथ ही संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि ऐसे व्यक्तियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध अथवा आपराधिक गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। 🛡️ *सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोरबा पुलिस पूरी तरह मुस्तैद* गणेश उत्सव एवं विसर्जन के दौरान भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, असामाजिक तत्वों पर नजर तथा कानून-व्यवस्था को लेकर कोरबा पुलिस द्वारा आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। पुलिस का उद्देश्य है कि गणेश उत्सव आस्था, अनुशासन, शांति एवं सौहार्द के वातावरण में संपन्न हो तथा श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।कोरबा पुलिस द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि गणेश उत्सव को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाएं, अफवाहों पर ध्यान न दें तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि अथवा विवाद की सूचना तत्काल पुलिस को दें।3