शाजापुर में व्यापारी के साढ़े पांच लाख रुपये की मूंगफली गायब, पीड़ित ने SP से लगाई न्याय की गुहार शाजापुर में व्यापारी के साढ़े पांच लाख रुपये की मूंगफली गायब, पीड़ित ने SP से लगाई न्याय की गुहार शाजापुर। शहर के महुपुरा निवासी व्यापारी सोहेल खान ने ट्रांसपोर्टर द्वारा लाखों रुपये मूल्य का माल गायब करने और टालमटोल करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने इस संबंध में जिला पुलिस अधीक्षक (SP) शाजापुर को आवेदन देकर उचित वैधानिक कार्रवाई करने और अपना माल वापस दिलवाने की मांग की है। क्या है पूरा मामला? आवेदन के अनुसार, महुपुरा निवासी सोहेल खान (पिता सरदार खान) ने न्यू जनता रोड लाईंस नामक ट्रांसपोर्ट (मालिक शोएब), जो एचपी पेट्रोल पंप बायपास रोड शाजापुर (थाना कोतवाली) पर स्थित है, के माध्यम से राजकोट से मूंगफली मंगवाने का सौदा किया था। * माल का विवरण: राजकोट से मूंगफली के 254 कट्टे (अनुमानित कीमत ₹5,45,000/-) लाने के लिए ट्रांसपोर्टर को अधिकृत किया गया था। * भाड़ा व एडवांस: कुल भाड़ा ₹34,000/- तय हुआ था, जिसमें से ₹10,000/- का भुगतान PhonePe द्वारा एडवांस में किया गया था। * लापरवाही/धोखाधड़ी: 21 अगस्त 2026 को राजकोट में ट्रांसपोर्टर को माल सुपुर्द कर दिया गया था। आरोप है कि लंबा समय बीत जाने के बाद भी व्यापारी को उनका माल नहीं सौंपा गया और ट्रांसपोर्टर द्वारा टालमटोल की जा रही है। थाने में नहीं दर्ज हुई रिपोर्ट, SP की शरण में पहुंचे पीड़ित पीड़ित व्यापारी का कहना है कि जब वे इस मामले की शिकायत करने स्थानीय थाने पहुंचे, तो पुलिस द्वारा घटना स्थल का हवाला देकर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पीड़ित का तर्क है कि ट्रांसपोर्ट की बुकिंग शाजापुर कोतवाली क्षेत्र स्थित कार्यालय से हुई थी और एडवांस राशि भी वहीं दी गई थी, इसलिए घटना स्थल शाजापुर ही बनता है। थाने से राहत न मिलने पर व्यापारी ने SP कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर ट्रांसपोर्ट बिल्टी संलग्न की है और निष्पक्ष जांच कर माल वापस दिलाने की मांग की है।
शाजापुर में व्यापारी के साढ़े पांच लाख रुपये की मूंगफली गायब, पीड़ित ने SP से लगाई न्याय की गुहार शाजापुर में व्यापारी के साढ़े पांच लाख रुपये की मूंगफली गायब, पीड़ित ने SP से लगाई न्याय की गुहार शाजापुर। शहर के महुपुरा निवासी व्यापारी सोहेल खान ने ट्रांसपोर्टर द्वारा लाखों रुपये मूल्य का माल गायब करने और टालमटोल करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने इस संबंध में जिला पुलिस अधीक्षक (SP) शाजापुर को आवेदन देकर उचित वैधानिक कार्रवाई करने
और अपना माल वापस दिलवाने की मांग की है। क्या है पूरा मामला? आवेदन के अनुसार, महुपुरा निवासी सोहेल खान (पिता सरदार खान) ने न्यू जनता रोड लाईंस नामक ट्रांसपोर्ट (मालिक शोएब), जो एचपी पेट्रोल पंप बायपास रोड शाजापुर (थाना कोतवाली) पर स्थित है, के माध्यम से राजकोट से मूंगफली मंगवाने का सौदा किया था। * माल का विवरण: राजकोट से मूंगफली के 254 कट्टे (अनुमानित कीमत ₹5,45,000/-) लाने के लिए ट्रांसपोर्टर को अधिकृत किया गया था। * भाड़ा व एडवांस: कुल भाड़ा
₹34,000/- तय हुआ था, जिसमें से ₹10,000/- का भुगतान PhonePe द्वारा एडवांस में किया गया था। * लापरवाही/धोखाधड़ी: 21 अगस्त 2026 को राजकोट में ट्रांसपोर्टर को माल सुपुर्द कर दिया गया था। आरोप है कि लंबा समय बीत जाने के बाद भी व्यापारी को उनका माल नहीं सौंपा गया और ट्रांसपोर्टर द्वारा टालमटोल की जा रही है। थाने में नहीं दर्ज हुई रिपोर्ट, SP की शरण में पहुंचे पीड़ित पीड़ित व्यापारी का कहना है कि जब वे इस मामले की शिकायत करने
स्थानीय थाने पहुंचे, तो पुलिस द्वारा घटना स्थल का हवाला देकर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पीड़ित का तर्क है कि ट्रांसपोर्ट की बुकिंग शाजापुर कोतवाली क्षेत्र स्थित कार्यालय से हुई थी और एडवांस राशि भी वहीं दी गई थी, इसलिए घटना स्थल शाजापुर ही बनता है। थाने से राहत न मिलने पर व्यापारी ने SP कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर ट्रांसपोर्ट बिल्टी संलग्न की है और निष्पक्ष जांच कर माल वापस दिलाने की मांग की है।
- गणेश चतुर्थी पर्व को लेकर एसपी ने गणेश पंडालों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला सहित पुलिस अधिकारियों ने शहर के विभिन्न गणेश पंडालों का मंगलवार शाम 7 बजे के करीब निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान सीसीटीवी कैमरे, वॉलंटियर्स, भीड़ प्रबंधन, पार्किंग और यातायात व्यवस्था की जानकारी ली गई। पंडाल समितियों को सीसीटीवी लगाने और रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए। वहीं सुनेरा थाना क्षेत्र के पनवाड़ी सहित अन्य स्थानों पर भी गणेश पंडालों का निरीक्षण किया गया। पुलिस ने रात्रि गश्त के दौरान लगातार पंडालों की चेकिंग करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की गई है।1
- स्वामित्व रजिस्ट्री कार्य से पटवारी संवर्ग को पूर्णत पृथक रखा जाए स्वामित्व रजिस्ट्री कार्य से पटवारी संवर्ग को पूर्णत पृथक रखा जाए शाजापुर। मध्यप्रदेश पटवारी संघ जिला शाजापुर ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026” के अंतर्गत पटवारी संवर्ग को रजिस्ट्री एवं उससे जुड़े निष्पादन कार्यों से पूर्णतः पृथक रखने की मांग की है। संघ का स्पष्ट मत है कि ग्रामीण आबादी भूमि से संबंधित स्वामित्व एवं स्थानीय सत्यापन की प्रकृति सामान्य कृषि भूमि के राजस्व कार्यों से अलग है और ऐसे कार्यों में पटवारियों पर अतिरिक्त एवं व्यक्तिगत कानूनी दायित्व डालना उचित नहीं है। मंगलवार को जिलेभर में पटवारियों ने संघ के अध्यक्ष हरिओम हनोतिया के नेतृत्व में तहसील कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपे। ज्ञापन में बताया कि स्वामित्व योजना ग्रामीण नागरिकों को अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण योजना है और पटवारी संवर्ग योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में सदैव सहयोग करता रहा है। किंतु रजिस्ट्री निष्पादन, ई-केवाईसी एवं बायोमेट्रिक सत्यापन जैसे कार्यों में पटवारी को व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी बनाना उचित नहीं है, क्योंकि इन कार्यों से संबंधित प्राथमिक जानकारी एवं स्थानीय सत्यापन की जिम्मेदारी अन्य संबंधित विभागीय स्तर पर अधिक उपयुक्त रूप से निर्धारित की जा सकती है। संघ ने विशेष रूप से कहा है कि पूर्व में ग्रामीण आबादी क्षेत्र से संबंधित पट्टे, भवन निर्माण एवं नक्शा अनुमोदन आदि कार्य पंचायत स्तर से संपादित होते रहे हैं। ऐसे में स्वामित्व रजिस्ट्री के निष्पादन कार्य को भी पंचायत, ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से संपादित किया जाना अधिक उपयुक्त होगा, जिससे पटवारी संवर्ग पर अनावश्यक कानूनी एवं व्यक्तिगत दायित्व न आए। पटवारी संघ ने कहा कि फार्मर आईडी निर्माण एक सतत प्रक्रिया है तथा इसमें तकनीकी समस्याएं भी आती रहती हैं। इसके लिए पटवारियों पर मानसिक दबाव अथवा कार्रवाई किया जाना उचित नहीं है। जब तक इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी कर कार्रवाई पर रोक नहीं लगाई जाती, तब तक संघ फार्मर आईडी निर्माण के संबंध में अपना विरोध दर्ज कराएगा। साथ ही जियो-टैग आधारित गिरदावरी को व्यवहारिक रूप से कठिन बताते हुए इसे पटवारी कार्य से पृथक करने की मांग दोहराई है। पटवारी संघ ने शासन से मांग की है कि कैडर रिव्यू, पदोन्नति, समयमान वेतनमान, वेतन विसंगति एवं सेवा संबंधी लंबित समस्याओं का शीघ्र निराकरण किया जाए।1
- दतिया:सेवढ़ा में इलाज के लिए भटकती रही महिला, पांच घंटे नहीं मिली एंबुलेंस। दतिया:सेवढ़ा में इलाज के लिए भटकती रही महिला, पांच घंटे नहीं मिली एंबुलेंस। *दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक अस्पताल में बैठा रहा पति, डॉक्टरों ने दतिया रेफर किया तो एंबुलेंस के लिए तरसता रहा परिवार* सेवढ़ा/दतिया। सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे करे, लेकिन सेवढ़ा सिविल अस्पताल से सामने आया एक मामला इन दावों पर सवाल खड़े करता है। भगुआपुरा से पत्नी का इलाज कराने सेवढ़ा सिविल अस्पताल पहुंचे एक व्यक्ति का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज करने के बजाय महिला को दतिया रेफर करने की बात कही। इसके बाद जब दतिया ले जाने के लिए एंबुलेंस की जरूरत पड़ी तो परिवार को घंटों इंतजार करना पड़ा।परिजन के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे से शाम 5 बजे तक वह अस्पताल में एंबुलेंस के इंतजार में बैठा रहा, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि मरीज को तत्काल उच्च उपचार की जरूरत थी तो समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने की स्थिति में उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? *डॉक्टर ने कहा रेफर करो, एंबुलेंस ने बढ़ाई परेशानी* परिजन का आरोप है कि महिला का उपचार सेवढ़ा में नहीं किया गया और उसे दतिया रेफर करने की बात कही गई। लेकिन रेफर किए जाने के बाद भी उसे समय पर अस्पताल से बाहर ले जाने की व्यवस्था नहीं हो सकी। करीब पांच घंटे तक इंतजार ने स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। *विधायक-सांसद की भूमिका पर भी उठे सवाल* सेवढ़ा विधानसभा में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसी बीच स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता आम मरीजों की समस्याओं के बजाय दूसरे विवादों (जुए)में नजर आती है। अब बड़ा सवाल यह है कि जब सिविल अस्पताल में इलाज और रेफरल की व्यवस्था है, तो गंभीर मरीज को समय पर एंबुलेंस क्यों नहीं मिली? क्या अस्पताल प्रबंधन के पास आपात स्थिति के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है? यदि समय पर एंबुलेंस नहीं मिलती और मरीज की हालत बिगड़ती है तो जवाबदेही किसकी होगी? मामले में अस्पताल प्रबंधन और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।1
- आगर-मालवा में गणेश चतुर्थी के दौरान मांस-मछली की दुकानें खोलना तीन दुकानदारों को भारी पड़ गया...नगर पालिका ने कार्रवाई करते हुए अवैध दुकानों की गुमटियां हटा दीं... देखिए रिपोर्ट त्योहार के दौरान प्रशासन के निर्देशों की अनदेखी करना दुकानदारों पर भारी पड़ गया...तीन दुकानों की गुमटियां हटाकर प्रशासन ने साफ कर दिया कि नियमों का उलंघन करने पर कार्रवाई होगी...फिलहाल आगर-मालवा में प्रशासन का ये एक्शन चर्चा में है...1
- बापचा से खोकरा मार्ग जो जोड़ता हे जनपद से कहीं आश्वासन के बाद भी रोड में कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई1
- शाजापुर में व्यापारी के साढ़े पांच लाख रुपये की मूंगफली गायब, पीड़ित ने SP से लगाई न्याय की गुहार शाजापुर में व्यापारी के साढ़े पांच लाख रुपये की मूंगफली गायब, पीड़ित ने SP से लगाई न्याय की गुहार शाजापुर। शहर के महुपुरा निवासी व्यापारी सोहेल खान ने ट्रांसपोर्टर द्वारा लाखों रुपये मूल्य का माल गायब करने और टालमटोल करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने इस संबंध में जिला पुलिस अधीक्षक (SP) शाजापुर को आवेदन देकर उचित वैधानिक कार्रवाई करने और अपना माल वापस दिलवाने की मांग की है। क्या है पूरा मामला? आवेदन के अनुसार, महुपुरा निवासी सोहेल खान (पिता सरदार खान) ने न्यू जनता रोड लाईंस नामक ट्रांसपोर्ट (मालिक शोएब), जो एचपी पेट्रोल पंप बायपास रोड शाजापुर (थाना कोतवाली) पर स्थित है, के माध्यम से राजकोट से मूंगफली मंगवाने का सौदा किया था। * माल का विवरण: राजकोट से मूंगफली के 254 कट्टे (अनुमानित कीमत ₹5,45,000/-) लाने के लिए ट्रांसपोर्टर को अधिकृत किया गया था। * भाड़ा व एडवांस: कुल भाड़ा ₹34,000/- तय हुआ था, जिसमें से ₹10,000/- का भुगतान PhonePe द्वारा एडवांस में किया गया था। * लापरवाही/धोखाधड़ी: 21 अगस्त 2026 को राजकोट में ट्रांसपोर्टर को माल सुपुर्द कर दिया गया था। आरोप है कि लंबा समय बीत जाने के बाद भी व्यापारी को उनका माल नहीं सौंपा गया और ट्रांसपोर्टर द्वारा टालमटोल की जा रही है। थाने में नहीं दर्ज हुई रिपोर्ट, SP की शरण में पहुंचे पीड़ित पीड़ित व्यापारी का कहना है कि जब वे इस मामले की शिकायत करने स्थानीय थाने पहुंचे, तो पुलिस द्वारा घटना स्थल का हवाला देकर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पीड़ित का तर्क है कि ट्रांसपोर्ट की बुकिंग शाजापुर कोतवाली क्षेत्र स्थित कार्यालय से हुई थी और एडवांस राशि भी वहीं दी गई थी, इसलिए घटना स्थल शाजापुर ही बनता है। थाने से राहत न मिलने पर व्यापारी ने SP कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर ट्रांसपोर्ट बिल्टी संलग्न की है और निष्पक्ष जांच कर माल वापस दिलाने की मांग की है।4
- शाजापुर: मक्सी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, चोरी के संदेह में 3.02 लाख रुपये का सामान और बाइक जब्त; तीन संदिग्ध फरार शाजापुर: मक्सी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, चोरी के संदेह में 3.02 लाख रुपये का सामान और बाइक जब्त; तीन संदिग्ध फरार घटना का स्थान: मक्सी-जलालपुरा बायपास हाईवे, रेलवे ओवरब्रिज के पास, मक्सी (शाजापुर जिला). दिनांक व समय: 14 सितंबर की रात, लगभग 7:20 बजे. अधिकारियों का मार्गदर्शन: यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय और एसडीओपी बेरछा नागेंद्र सिंह के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी मदन इवणे के नेतृत्व में की गई. मुख्य विवरण: चेकिंग के दौरान भगाए संदिग्ध: मक्सी-जलालपुरा बायपास हाईवे पर वाहनों की चेकिंग के दौरान पुलिस को देखकर, बिना नंबर प्लेट की काले रंग की होंडा यूनिकॉर्न बाइक पर सवार तीन संदिग्ध अचानक वाहन मोड़कर भागे. अंधेरे का फायदा उठाकर भागे: पुलिस द्वारा पीछा किए जाने पर वे मक्सी हाईवे स्थित रेलवे ओवरब्रिज के पास बाइक छोड़कर अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए. बरामद सामान और जेवरात: लावारिस छोड़ी गई बाइक के हैंडल पर टंगे झोले से चोरी के औजार और भारी मात्रा में संदिग्ध चांदी के जेवरात मिले. जेवरात की मात्रा: कुल वजन लगभग 800 से 900 ग्राम (कीमत करीब 2 लाख रुपये), जिसमें 28 बिछिया, 17 पायल, एक छोटी चूड़ी और एक चांदी का नारियल शामिल है. अन्य सामान: एक कटर, बड़ा स्क्रूड्राइवर, लोहे का एडजेस्टेबल पाना (कीमत करीब 2,000 रुपये) और एक होंडा यूनिकॉर्न बाइक (कीमत करीब 1 लाख रुपये). कुल जब्ती: लगभग 3 लाख 2 हजार रुपये का कुल सामान जब्त किया गया है. पुलिस की कार्रवाई: पुलिस ने इस मामले में धारा 106 BNSS और धारा 305(C) BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया है. फरार चल रहे तीनों संदिग्धों की पहचान और उनकी तलाश के लिए आगे की जांच जारी है.1
- Rajkumari Sahu Death: पेट्रोल डालकर प्रेमिका को जलाया, इलाज के दौरान मौत | आरोपी गिरफ्तार Raipur Crime News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के माना थाना क्षेत्र में राजकुमारी साहू पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की सनसनीखेज घटना में बड़ा अपडेट सामने आया है। गंभीर रूप से झुलसी राजकुमारी साहू की इलाज के दौरान मेकाहारा अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने मामले में आरोपी वीरू धीवर को गिरफ्तार कर लिया है। � The Times of India +1 पुलिस के अनुसार घटना रायपुर एयरपोर्ट के पीछे, ATC परिसर के पास गेट नंबर 5 और बरोदा जाने वाले रास्ते पर हुई। प्रारंभिक जांच में राजकुमारी साहू और वीरू धीवर के बीच पुराने प्रेम संबंध की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक दोनों के बीच वर्ष 2021 से संबंध थे। � Nai Dunia +1 रिपोर्टों के अनुसार राजकुमारी गंभीर रूप से झुलस गई थीं और उन्हें इलाज के लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल यानी मेकाहारा, रायपुर में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। कुछ रिपोर्टों में उन्हें करीब 60–65 प्रतिशत झुलसा बताया गया है। � The Rural Press +1 पुलिस जांच में आरोपी द्वारा वारदात से पहले पेट्रोल की व्यवस्था करने और मोबाइल घर पर छोड़ने की बात भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने कथित तौर पर वारदात की योजना बनाई थी। � Nai Dunia इस वीडियो में जानिए: राजकुमारी साहू की मौत का पूरा घटनाक्रम, रायपुर के माना थाना क्षेत्र में क्या हुआ, पेट्रोल डालकर आग लगाने की वारदात कैसे हुई, आरोपी वीरू धीवर कौन है, पुराने प्रेम संबंध का क्या एंगल सामने आया, पुलिस जांच में क्या खुलासा हुआ और आरोपी की गिरफ्तारी कैसे हुई। BH STATE 36 NEWS पर छत्तीसगढ़, रायपुर और मध्यप्रदेश की प्रमुख खबरों के लिए जुड़े रहें।1