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मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक महिला का विवादित वीडियो पुलिस एडवाइजरी जारी होने के बावजूद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना को लेकर ब्राह्मण समाज में गहरा आक्रोश और नाराजगी देखी जा रही है।
रोहित कुमार पाठक
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक महिला का विवादित वीडियो पुलिस एडवाइजरी जारी होने के बावजूद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना को लेकर ब्राह्मण समाज में गहरा आक्रोश और नाराजगी देखी जा रही है।
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- मध्य प्रदेश के रीवा जिले में पुलिस की एडवाइजरी के बावजूद एक महिला का विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना को लेकर स्थानीय ब्राह्मण समाज में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।1
- मां शारदा मैया के प्रातःकालीन दिव्य श्रृंगार दर्शन किए गए, जहां भक्तों ने उनकी असीम कृपा के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। इस अवसर पर एक पवित्र श्लोक का स्मरण किया गया, जिसमें कहा गया है कि देवी की कृपा से मनुष्य सभी बाधाओं से मुक्त होकर धन, धान्य और संतान से युक्त होता है, इसमें कोई संदेह नहीं। भक्तों ने अपनी अटूट आस्था प्रकट करते हुए कहा कि मां शारदा मैया की कृपा से ही उनके सभी कार्य संपन्न हो रहे हैं और उनका नाम हो रहा है। यह पूरा दर्शन और अनुभव 'जय मां शारदा भवानी', 'जय माई की' और 'जय हो माई शारदा की' के उद्घोषों के साथ समाप्त हुआ, जो मां शारदा के प्रति गहरी भक्ति और कृतज्ञता को दर्शाता है।2
- मैहर में पहली ही बारिश ने नगर पालिका की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी, जिसके दावे धुल गए। महज एक घंटे की बारिश ने वार्ड क्रमांक-1 की हालत बिगाड़ दी, जहां सड़कों पर जलभराव और गंदगी से लोगों की परेशानियां बढ़ गईं। यह विशेष रूप से चौंकाने वाली बात है क्योंकि इस वार्ड का प्रतिनिधित्व स्वयं नगर पालिका अध्यक्ष गीता संतोष सोनी करती हैं। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने और समय पर नालियों की सफाई न किए जाने के कारण वार्ड की गलियां और सड़कें पानी से लबालब भर गईं। इससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और उन्होंने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। निवासियों का आरोप है कि जब अध्यक्ष के अपने वार्ड की यह स्थिति है, तो अन्य वार्डों की हालत का अनुमान लगाना मुश्किल नहीं है। क्षेत्र के लोगों ने अब मांग की है कि नगर पालिका सिर्फ कागजी दावों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर भी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करे ताकि ऐसी बदहाली दोबारा न हो।1
- सतना जिले के जसो थाना क्षेत्र के कलावल गांव में एक युवक ने अपनी पत्नी से चल रहे पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले, युवक ने एक वीडियो बनाकर अपनी परेशानी को साझा किया था, जो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, युवक ने प्रेम विवाह किया था और वह बीते कुछ समय से लगातार पारिवारिक विवादों का सामना कर रहा था, जिसके कारण वह गहरे मानसिक तनाव में था।1
- ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर बिरसिंहपुर (सतना) के गैवीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। सुरक्षा के नाम पर मंदिर परिसर में केवल दिखावे के बैरिकेड्स लगाए गए थे, जिन पर न तो कोई कर्मचारी तैनात था और न ही मुख्य गेट के अलावा यातायात को नियंत्रित करने का कोई इंतजाम था। स्थिति तब और खराब हो गई जब राजभोग होटल के पास लगे बैरिकेड पर कोई कर्मचारी न होने के कारण बाइक सवारों का आवागमन बेरोक-टोक जारी रहा, जिससे पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास भयंकर जाम लग गया। इस गंभीर जाम और खड़ी बाइकों के कारण, हार्ट अटैक से पीड़ित एक श्रद्धालु तक एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुँच पाई और इलाज के अभाव में उसने दम तोड़ दिया। प्रशासन ने सभी वैकल्पिक रास्तों पर बैरिकेड्स लगाकर ताले तो जड़ दिए थे, लेकिन आपात स्थिति के लिए वहाँ एक भी कर्मचारी तैनात नहीं किया, जिससे श्रद्धालु भीड़ में फँसे रह गए। यह घटना यह सवाल उठाती है कि क्या प्रशासनिक तैयारियाँ सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं। एक व्यक्ति की मौत ने साबित कर दिया है कि सुरक्षा इंतजामों में बरती गई यह लापरवाही किसी की जान पर भारी पड़ सकती है। अब समय आ गया है कि प्रशासन अपनी गहरी नींद से जागे, वरना आस्था का यह महापर्व लोगों की जान का दुश्मन बन जाएगा।1
- राजस्थान के नागौर जिले के ग्राम जालसू धाम में गत 25 मई 2026 को बाबा रामदेवजी महाराज के नाम पर एक विशाल भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस भक्तिमय संध्या में डांसर दिनेश सेन बरना ने भजनों की शानदार प्रस्तुति दी, जिससे वहां मौजूद बाबा महाराज और सभी श्रद्धालु झूम उठे और कलाकारों को खूब आशीर्वाद दिया। इस आयोजन में महाराजा अशोक, डांसर दिनेश सेन बरना और जेठारा सहित कई अन्य कलाकारों ने भी अपनी कला का प्रदर्शन कर समां बांधा।1
- बहुजन समाज पार्टी के दमदार कार्यकर्ता डॉ. संतोष सोनी के बयानों को सुनने का आह्वान किया गया है।1
- मैहर कांग्रेस के भीतर इन दिनों अजब हाल देखने को मिल रहे हैं, जहाँ मैहर ब्लॉक कांग्रेस के सरलानगर मंडलम का अध्यक्ष बहुजन समाज पार्टी के एक कार्यकर्ता डॉ. संतोष सोनी को नियुक्त किए जाने को लेकर जिला अध्यक्ष धर्मेश घई और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रमेश प्रजापति की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे हैं। इस फैसले के बाद डॉ. संतोष सोनी के बयान ने इन दोनों पदाधिकारियों की कार्यशैली को हाशिए पर ला दिया है। इस घटना ने शीर्ष नेतृत्व के लिए बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या वे इन जिम्मेवारों के खिलाफ कोई कार्रवाई करेंगे या उनसे जवाब-तलब किया जाएगा। आरोप है कि मैहर में कांग्रेस के लगातार कमजोर होने की मूल वजह पार्टी के मूल कार्यकर्ताओं की अनदेखी करके अन्य दलों के लोगों से तालियाँ बजवाना है। कहा गया है कि जब तक कांग्रेस के कर्तव्यनिष्ठ कार्यकर्ताओं को अहमियत नहीं दी जाएगी, तब तक पार्टी मजबूत नहीं हो पाएगी। शीर्ष नेतृत्व को समय-समय पर जो सब्जबाग दिखाए जा रहे हैं, उसे एक बड़ा धोखा बताया गया है। पार्टी का मूल कार्यकर्ता आज भी कांग्रेस के लिए दरी बिछाने और झंडा-बैनर लगाने का काम कर रहा है, और जब तक कांग्रेस उस अंतिम व्यक्ति को नहीं जोड़ेगी, तब तक वह भारतीय जनता पार्टी का कुछ नहीं कर सकती। डॉ. संतोष सोनी, जो बहुजन समाज पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं, उन्हें मंडलम का अध्यक्ष बनाए जाने पर यह भी सवाल उठाया गया कि क्या सरलानगर क्षेत्र से कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया है कि उन्हें कार्यकर्ता नहीं मिल रहे और दूसरी पार्टियों से 'हायर' करना पड़ रहा है। डॉ. संतोष सोनी ने अपने जवाबों से यह दिखा दिया कि पार्टी के प्रति निष्ठा क्या होती है, और उन्होंने कांग्रेस के इस प्रस्ताव को मुँह पर ही ठुकरा दिया। चेतावनी दी गई है कि अगर धर्मेश घई ऐसी ही प्रतिनिधित्व करेंगे तो कांग्रेस 'टमसा पार' हो जाएगी, और सवाल पूछा गया है कि घई साहब कब तक शीर्ष नेतृत्व को धोखा देंगे और अन्य दल के लोगों से तालियाँ बजवाते रहेंगे।1
- अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद, अब तृणमूल कांग्रेस के वयोवृद्ध सांसद कल्याण बनर्जी पर जानलेवा हमला किया गया है। इस घटना के कारण राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।1