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मध्य प्रदेश के रीवा जिले में पुलिस की एडवाइजरी के बावजूद एक महिला का विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना को लेकर स्थानीय ब्राह्मण समाज में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।
रोहित कुमार पाठक
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में पुलिस की एडवाइजरी के बावजूद एक महिला का विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना को लेकर स्थानीय ब्राह्मण समाज में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।
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- मध्य प्रदेश के रीवा जिले में पुलिस की एडवाइजरी के बावजूद एक महिला का विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना को लेकर स्थानीय ब्राह्मण समाज में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।1
- एक ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, वार्ड नंबर 1 में पहुंचते ही 'स्वच्छ भारत मिशन' समाप्त होता प्रतीत होता है, जहां सड़कें कम और कचरा तथा खुले नाले अधिक दिखाई देते हैं। इस गंभीर स्थिति के कारण जनता बेहाल है, और जल निकासी की समस्या के साथ-साथ आवारा पशुओं की मौजूदगी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।1
- मैहर में हुई पहली बारिश ने नगर पालिका की मानसून तैयारियों और जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। वार्ड क्रमांक 21 में रहने वाले अशोक कुमार सोनी के घर में नाले का गंदा पानी घुस जाने से परिवार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह घटना नगर पालिका के मानसून पूर्व नालों की सफाई और आवश्यक व्यवस्थाओं के दावों की सच्चाई को उजागर करती है। सतना रोड स्थित बाबा तालाब के सामने अशोक कुमार सोनी के मकान में बारिश के दौरान नाले का दूषित पानी घुस गया, जिससे घर के आंगन और कमरों में गंदा पानी भर गया। इससे घरेलू सामान प्रभावित हुए और परिवार के सदस्यों को पानी निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नालों की समय पर सफाई न होने और जल निकासी व्यवस्था के कमजोर होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। क्षेत्रवासियों ने चिंता जताई है कि नाले का गंदा पानी घरों में भरने से न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरे भी पैदा होते हैं। दूषित पानी के संपर्क में आने से डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, हैजा, डायरिया, त्वचा रोग और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ जाती है, खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए यह स्थिति अधिक जोखिमपूर्ण हो सकती है। निवासियों ने नगर पालिका से तत्काल प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है। उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर नालों की सफाई और आवश्यक सुधार कार्य कराने की अपील की है, ताकि आगामी बारिश में लोग ऐसी समस्याओं और संभावित बीमारियों के खतरे से बच सकें। पहली ही बरसात में घरों तक पहुंचे नाले के गंदे पानी ने नगर पालिका की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, और अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कितनी तत्परता दिखाते हैं।2
- मैहर में पहली ही बारिश ने नगर पालिका की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी, जिसके दावे धुल गए। महज एक घंटे की बारिश ने वार्ड क्रमांक-1 की हालत बिगाड़ दी, जहां सड़कों पर जलभराव और गंदगी से लोगों की परेशानियां बढ़ गईं। यह विशेष रूप से चौंकाने वाली बात है क्योंकि इस वार्ड का प्रतिनिधित्व स्वयं नगर पालिका अध्यक्ष गीता संतोष सोनी करती हैं। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने और समय पर नालियों की सफाई न किए जाने के कारण वार्ड की गलियां और सड़कें पानी से लबालब भर गईं। इससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और उन्होंने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। निवासियों का आरोप है कि जब अध्यक्ष के अपने वार्ड की यह स्थिति है, तो अन्य वार्डों की हालत का अनुमान लगाना मुश्किल नहीं है। क्षेत्र के लोगों ने अब मांग की है कि नगर पालिका सिर्फ कागजी दावों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर भी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करे ताकि ऐसी बदहाली दोबारा न हो।1
- सतना जिले के जसो थाना क्षेत्र के कलावल गांव में एक युवक ने अपनी पत्नी से चल रहे पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले, युवक ने एक वीडियो बनाकर अपनी परेशानी को साझा किया था, जो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, युवक ने प्रेम विवाह किया था और वह बीते कुछ समय से लगातार पारिवारिक विवादों का सामना कर रहा था, जिसके कारण वह गहरे मानसिक तनाव में था।1
- ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर बिरसिंहपुर (सतना) के गैवीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। सुरक्षा के नाम पर मंदिर परिसर में केवल दिखावे के बैरिकेड्स लगाए गए थे, जिन पर न तो कोई कर्मचारी तैनात था और न ही मुख्य गेट के अलावा यातायात को नियंत्रित करने का कोई इंतजाम था। स्थिति तब और खराब हो गई जब राजभोग होटल के पास लगे बैरिकेड पर कोई कर्मचारी न होने के कारण बाइक सवारों का आवागमन बेरोक-टोक जारी रहा, जिससे पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास भयंकर जाम लग गया। इस गंभीर जाम और खड़ी बाइकों के कारण, हार्ट अटैक से पीड़ित एक श्रद्धालु तक एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुँच पाई और इलाज के अभाव में उसने दम तोड़ दिया। प्रशासन ने सभी वैकल्पिक रास्तों पर बैरिकेड्स लगाकर ताले तो जड़ दिए थे, लेकिन आपात स्थिति के लिए वहाँ एक भी कर्मचारी तैनात नहीं किया, जिससे श्रद्धालु भीड़ में फँसे रह गए। यह घटना यह सवाल उठाती है कि क्या प्रशासनिक तैयारियाँ सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं। एक व्यक्ति की मौत ने साबित कर दिया है कि सुरक्षा इंतजामों में बरती गई यह लापरवाही किसी की जान पर भारी पड़ सकती है। अब समय आ गया है कि प्रशासन अपनी गहरी नींद से जागे, वरना आस्था का यह महापर्व लोगों की जान का दुश्मन बन जाएगा।1
- बहुजन समाज पार्टी के दमदार कार्यकर्ता डॉ. संतोष सोनी के बयानों को सुनने का आह्वान किया गया है।1
- मां शारदा मैया के प्रातःकालीन दिव्य श्रृंगार दर्शन किए गए, जहां भक्तों ने उनकी असीम कृपा के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। इस अवसर पर एक पवित्र श्लोक का स्मरण किया गया, जिसमें कहा गया है कि देवी की कृपा से मनुष्य सभी बाधाओं से मुक्त होकर धन, धान्य और संतान से युक्त होता है, इसमें कोई संदेह नहीं। भक्तों ने अपनी अटूट आस्था प्रकट करते हुए कहा कि मां शारदा मैया की कृपा से ही उनके सभी कार्य संपन्न हो रहे हैं और उनका नाम हो रहा है। यह पूरा दर्शन और अनुभव 'जय मां शारदा भवानी', 'जय माई की' और 'जय हो माई शारदा की' के उद्घोषों के साथ समाप्त हुआ, जो मां शारदा के प्रति गहरी भक्ति और कृतज्ञता को दर्शाता है।2
- भितरवार क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल धूमेश्वर धाम में रविवार को एक दुखद हादसा हो गया, जहां डबरा से पिकनिक मनाने और दर्शन के लिए अपने तीन दोस्तों के साथ आए एक 17 वर्षीय छात्र की सिंध नदी में डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने कई घंटों के रेस्क्यू अभियान के बाद छात्र का शव नदी से बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार, डबरा निवासी ध्रुव सूर्यवंशी (17 वर्ष), जो अनुराग सूर्यवंशी के बेटे थे, अपने दोस्तों चंद्रभान उर्फ चंदू रावत, मानव और सारांश के साथ धूमेश्वर धाम मंदिर दर्शन और पिकनिक के उद्देश्य से आए थे। मंदिर परिसर के पास बह रही सिंध नदी में दर्शन से पहले ये चारों दोस्त नहाने के लिए उतरे। बताया गया है कि इनमें से किसी को भी तैरना नहीं आता था, और इसी दौरान ध्रुव गहरे पानी में चला गया तथा डूबने लगा। ध्रुव को डूबता देख उसके दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। इसके बाद वे नदी से बाहर आए और मंदिर परिसर में मौजूद लोगों को सूचना दी, जिन्होंने तुरंत भितरवार पुलिस को खबर दी। सूचना मिलने पर एसडीओपी जितेंद्र नगाइच और थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पहले स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की गई, लेकिन छात्र का पता नहीं चला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्वालियर से एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई, जिसने लगभग चार घंटे तक चले सघन सर्च ऑपरेशन के बाद छात्र का शव नदी से बरामद किया। शव मिलने के बाद परिजनों और उपस्थित लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक के पिता अनुराग सूर्यवंशी ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि ध्रुव धूमेश्वर धाम जा रहा था। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका बेटा इस साल दसवीं की परीक्षा पास कर चुका था और दो बेटियों के बाद घर का इकलौता चिराग था, जो इस दुखद हादसे का शिकार हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मर्ग कायम किया और पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। यह हादसा एक बार फिर धूमेश्वर धाम जैसे प्राचीन पर्यटन और धार्मिक स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की कमी और बरती जाने वाली लापरवाही को उजागर करता है। पाठ्यपुस्तक ने यह भी कहा कि इस जगह पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई परिवार अपने बेटे-बेटियों और बहुओं को खो चुके हैं, लेकिन प्रशासन हादसे के बाद बड़े-बड़े दावे करने के बाद 'कुंभकर्ण की नींद' सो जाता है। थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि चार दोस्त नदी में नहाने आए थे, जिसमें एक छात्र गहरे पानी में डूब गया और उसकी मृत्यु हो गई। शव बरामद कर लिया गया है, मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।1