भितरवार क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल धूमेश्वर धाम में रविवार को एक दुखद हादसा हो गया, जहां डबरा से पिकनिक मनाने और दर्शन के लिए अपने तीन दोस्तों के साथ आए एक 17 वर्षीय छात्र की सिंध नदी में डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने कई घंटों के रेस्क्यू अभियान के बाद छात्र का शव नदी से बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार, डबरा निवासी ध्रुव सूर्यवंशी (17 वर्ष), जो अनुराग सूर्यवंशी के बेटे थे, अपने दोस्तों चंद्रभान उर्फ चंदू रावत, मानव और सारांश के साथ धूमेश्वर धाम मंदिर दर्शन और पिकनिक के उद्देश्य से आए थे। मंदिर परिसर के पास बह रही सिंध नदी में दर्शन से पहले ये चारों दोस्त नहाने के लिए उतरे। बताया गया है कि इनमें से किसी को भी तैरना नहीं आता था, और इसी दौरान ध्रुव गहरे पानी में चला गया तथा डूबने लगा। ध्रुव को डूबता देख उसके दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। इसके बाद वे नदी से बाहर आए और मंदिर परिसर में मौजूद लोगों को सूचना दी, जिन्होंने तुरंत भितरवार पुलिस को खबर दी। सूचना मिलने पर एसडीओपी जितेंद्र नगाइच और थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पहले स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की गई, लेकिन छात्र का पता नहीं चला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्वालियर से एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई, जिसने लगभग चार घंटे तक चले सघन सर्च ऑपरेशन के बाद छात्र का शव नदी से बरामद किया। शव मिलने के बाद परिजनों और उपस्थित लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक के पिता अनुराग सूर्यवंशी ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि ध्रुव धूमेश्वर धाम जा रहा था। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका बेटा इस साल दसवीं की परीक्षा पास कर चुका था और दो बेटियों के बाद घर का इकलौता चिराग था, जो इस दुखद हादसे का शिकार हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मर्ग कायम किया और पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। यह हादसा एक बार फिर धूमेश्वर धाम जैसे प्राचीन पर्यटन और धार्मिक स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की कमी और बरती जाने वाली लापरवाही को उजागर करता है। पाठ्यपुस्तक ने यह भी कहा कि इस जगह पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई परिवार अपने बेटे-बेटियों और बहुओं को खो चुके हैं, लेकिन प्रशासन हादसे के बाद बड़े-बड़े दावे करने के बाद 'कुंभकर्ण की नींद' सो जाता है। थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि चार दोस्त नदी में नहाने आए थे, जिसमें एक छात्र गहरे पानी में डूब गया और उसकी मृत्यु हो गई। शव बरामद कर लिया गया है, मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
भितरवार क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल धूमेश्वर धाम में रविवार को एक दुखद हादसा हो गया, जहां डबरा से पिकनिक मनाने और दर्शन के लिए अपने तीन दोस्तों के साथ आए एक 17 वर्षीय छात्र की सिंध नदी में डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने कई घंटों के रेस्क्यू अभियान के बाद छात्र का शव नदी से बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार, डबरा निवासी ध्रुव सूर्यवंशी (17 वर्ष), जो अनुराग सूर्यवंशी के बेटे थे, अपने दोस्तों चंद्रभान उर्फ चंदू रावत, मानव और सारांश के साथ धूमेश्वर धाम मंदिर दर्शन और पिकनिक के उद्देश्य से आए थे। मंदिर परिसर के पास बह रही सिंध नदी में दर्शन से पहले ये चारों दोस्त नहाने के लिए उतरे। बताया गया है कि इनमें से किसी को भी तैरना नहीं आता था, और इसी दौरान ध्रुव गहरे पानी में चला गया तथा डूबने लगा। ध्रुव को डूबता देख उसके दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। इसके बाद वे नदी से बाहर आए और मंदिर परिसर में मौजूद लोगों को सूचना दी, जिन्होंने तुरंत भितरवार पुलिस को खबर दी। सूचना मिलने पर एसडीओपी जितेंद्र नगाइच और थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पहले स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की गई, लेकिन छात्र का पता नहीं चला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्वालियर से एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई, जिसने लगभग चार घंटे तक चले सघन सर्च ऑपरेशन के बाद छात्र का शव नदी से बरामद किया। शव मिलने के बाद परिजनों और उपस्थित लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक के पिता अनुराग सूर्यवंशी ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि ध्रुव धूमेश्वर धाम जा रहा था। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका बेटा इस साल दसवीं की परीक्षा पास कर चुका था और दो बेटियों के बाद घर का इकलौता चिराग था, जो इस दुखद हादसे का शिकार हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मर्ग कायम किया और पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। यह हादसा एक बार फिर धूमेश्वर धाम जैसे प्राचीन पर्यटन और धार्मिक स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की कमी और बरती जाने वाली लापरवाही को उजागर करता है। पाठ्यपुस्तक ने यह भी कहा कि इस जगह पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई परिवार अपने बेटे-बेटियों और बहुओं को खो चुके हैं, लेकिन प्रशासन हादसे के बाद बड़े-बड़े दावे करने के बाद 'कुंभकर्ण की नींद' सो जाता है। थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि चार दोस्त नदी में नहाने आए थे, जिसमें एक छात्र गहरे पानी में डूब गया और उसकी मृत्यु हो गई। शव बरामद कर लिया गया है, मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक महिला का विवादित वीडियो पुलिस एडवाइजरी जारी होने के बावजूद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना को लेकर ब्राह्मण समाज में गहरा आक्रोश और नाराजगी देखी जा रही है।1
- मैहर में अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा जिला इकाई मैहर द्वारा कटनी रोड स्थित पटेल मैरिज गार्डन (चिलौध) में आयोजित "प्रतिभा-जननी सम्मान समारोह" शिक्षा, संस्कार और मातृशक्ति के सम्मान का एक ऐतिहासिक संगम बन गया। महासभा की राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष और पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष डॉ. रश्मि सिंह की अगुवाई में आयोजित इस भव्य समारोह में हजारों लोगों की उपस्थिति ने इसे एक जनआंदोलन का रूप दे दिया। इस समारोह में सतना और मैहर जिले के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के 1759 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने वर्ष 2025-26 की 10वीं, 12वीं एवं महाविद्यालयीन परीक्षाओं में 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए थे। कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि इन बच्चों की सफलता के पीछे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली उनकी माताओं को भी मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया गया, जिससे यह आयोजन केवल प्रतिभा सम्मान तक सीमित न रहकर मातृशक्ति के सम्मान का एक प्रेरणादायी उदाहरण बन गया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. रश्मि सिंह ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र के बच्चों, विशेषकर बेटियों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी जैसे उच्च पदों पर पहुंचकर देश और समाज का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने माताओं से बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि एवं महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वेश कटियार ने समारोह को ऐतिहासिक बताते हुए प्रतिभा और मातृशक्ति को एक साथ सम्मानित करने के इस प्रयास को समाज के लिए अनुकरणीय बताया, जो युवाओं का मनोबल बढ़ाने के साथ समाज को नई दिशा देता है। विशिष्ट अतिथि एवं उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल ने छात्र-छात्राओं के साथ उनकी माताओं का सम्मान देखना अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया और डॉ. रश्मि सिंह की सोच और नेतृत्व की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। डॉ. पृथ्वीराज सिंह ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन के अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को विपरीत परिस्थितियों में भी लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया, जबकि डीएसपी वर्षा पटेल ने स्वागत भाषण देकर अतिथियों का अभिनंदन किया। समारोह में प्रो. चंदन सिंह, विकास सिंह और ए.के.एस. विश्वविद्यालय मैहर के सेंटर हेड राजू द्विवेदी ने विद्यार्थियों को करियर निर्माण, उच्च शिक्षा और भविष्य की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन भी प्रदान किया, जो कार्यक्रम का एक अतिरिक्त आकर्षण रहा। इस भव्य आयोजन में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों से समाज के राष्ट्रीय और प्रांतीय पदाधिकारी, जिनमें गिरिधर कुमायूं, चंद्रभूषण सिंह वर्मा, डॉ. हेम कुमारी कर्मी, प्रतिपाल पटेल, कुंवर सिंह, मान सिंह, अखिलेश सिंह भरहुत, अयोध्या सिंह, कोदलाल सिंह और जिला अध्यक्ष अखिलेश सिंह सलैया प्रमुख थे, उपस्थित रहे। इसके अलावा, दवाई सारथी पद्मचंद जैन सहित क्षेत्र के अनेक समाजसेवी और जनप्रतिनिधियों, जैसे बबलू सिंह सोनवारी, वीरेंद्र सिंह मगरौरा, रामकलेश सिंह बरेठी, राघवेंद्र कुमार मिश्रा, रामचरण सिंह, सूर्यकांत त्रिपाठी, चंद्रभान तिवारी, शशांक पटेल, प्रदीप पटेल, बलिराम सिंह, चंद्रभान सिंह, मान सिंह पिथौराबाद, संतोष सिंह, शिवानंद सिंह, मोहन सिंह, अमन प्रताप सिंह, पुष्पेंद्र सिंह और उदयभान सिंह की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को सफल बनाया। शिक्षा, संस्कार और नारी सम्मान के संदेश से परिपूर्ण इस ऐतिहासिक आयोजन का समापन सभी अतिथियों, विद्यार्थियों, माताओं और समाजबंधुओं के लिए भव्य प्रीतिभोज के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने इसे मातृशक्ति के सम्मान और शिक्षा के प्रसार की दिशा में एक यादगार अध्याय के रूप में दर्ज बताया।4
- उमेश चौधरी ने नगर पालिका अध्यक्ष से एक सीधा सवाल पूछा है।1
- सतना जिले के वीरसिंहपुर स्थित गैविनाथ शिव के दरबार में भक्तों की भक्ति का जोरदार जयकारा सुना गया। पुरुषोत्तम मास और सोमवार का दिन होने के चलते, सुबह से ही आस्था के केंद्र इस गैविनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान मंदिर का पूरा परिसर भक्तों के जयकारों से गूंज उठा।1
- मध्य प्रदेश के मैहर में वार्ड क्रमांक-1 से लेकर रेलवे स्टेशन रोड और माँ शारदा मंदिर मेला परिक्षेत्र तक जलभराव, गंदगी और कचरे के ढेर से स्थानीय लोगों की परेशानी काफी बढ़ गई है। विशेष रूप से, मंदिर मार्ग पर पिछले तीन दिनों से कचरा पड़ा होने के कारण श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश है। कई अन्य इलाकों में भी नालियों की खराब स्थिति और सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। धार्मिक नगरी की छवि को बनाए रखने के लिए नागरिकों ने नगर पालिका और संबंधित अधिकारियों से तत्काल सफाई, जल निकासी तथा अन्य व्यवस्थाओं में सुधार करने की पुरजोर मांग की है। अब यह देखना बाकी है कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर स्थिति को कब तक ठीक कर पाते हैं।1
- नरसिंहपुर पुलिस ने नशे के विरुद्ध अपनी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रखते हुए, करेली थाना क्षेत्र में एक स्विफ्ट कार से अवैध देशी शराब का बड़ा जखीरा जब्त किया है। पुलिस ने वाहन की तलाशी के दौरान उसमें से कुल 27 कार्टून अवैध देशी मदिरा बरामद की, जिसमें 17 कार्टून देशी मदिरा मसाला और 10 कार्टून देशी मदिरा प्लेन शामिल थी। यह कुल 1350 पाव (243 बल्क लीटर) शराब थी, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹1,40,000 बताई गई है। इस कार्रवाई में अवैध शराब के परिवहन में इस्तेमाल की गई लगभग ₹7 लाख कीमत की स्विफ्ट कार भी जब्त की गई, जिससे जब्त किए गए कुल मशरूका की कीमत लगभग ₹8.40 लाख हो गई है। इस मामले में पुलिस ने मौके से वाहन चालक डेलन मल्लाह (26 वर्ष) निवासी राम पिपरिया, थाना कोतवाली नरसिंहपुर, और मुजम्मिल उसमानी (19 वर्ष) निवासी मुशरान वन, महाजनी वार्ड नरसिंहपुर को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और नगदी राशि भी जब्त की गई है। इस पूरी कार्रवाई में थाना करेली के थाना प्रभारी निरीक्षक रत्नाकर हिंग्वे, उप निरीक्षक अनिल अजमेरिया, उप निरीक्षक विजय धुर्वे, उप निरीक्षक अनिल सिंह, सउनि. सतीश राजपूत, सउनि. नरेश आरसे, प्र.आर. गजराज, आरक्षक चेतन तंतुवाय, सचिन लोधी, राजेंद्र उइके, ब्रजेश दीक्षित, विपिन लोधी, अमित यादव, ईषनलाल वाडीवा और आरक्षक सुनील की महत्वपूर्ण भूमिका रही।3