नरसिंहपुर पुलिस ने नशे के विरुद्ध अपनी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रखते हुए, करेली थाना क्षेत्र में एक स्विफ्ट कार से अवैध देशी शराब का बड़ा जखीरा जब्त किया है। पुलिस ने वाहन की तलाशी के दौरान उसमें से कुल 27 कार्टून अवैध देशी मदिरा बरामद की, जिसमें 17 कार्टून देशी मदिरा मसाला और 10 कार्टून देशी मदिरा प्लेन शामिल थी। यह कुल 1350 पाव (243 बल्क लीटर) शराब थी, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹1,40,000 बताई गई है। इस कार्रवाई में अवैध शराब के परिवहन में इस्तेमाल की गई लगभग ₹7 लाख कीमत की स्विफ्ट कार भी जब्त की गई, जिससे जब्त किए गए कुल मशरूका की कीमत लगभग ₹8.40 लाख हो गई है। इस मामले में पुलिस ने मौके से वाहन चालक डेलन मल्लाह (26 वर्ष) निवासी राम पिपरिया, थाना कोतवाली नरसिंहपुर, और मुजम्मिल उसमानी (19 वर्ष) निवासी मुशरान वन, महाजनी वार्ड नरसिंहपुर को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और नगदी राशि भी जब्त की गई है। इस पूरी कार्रवाई में थाना करेली के थाना प्रभारी निरीक्षक रत्नाकर हिंग्वे, उप निरीक्षक अनिल अजमेरिया, उप निरीक्षक विजय धुर्वे, उप निरीक्षक अनिल सिंह, सउनि. सतीश राजपूत, सउनि. नरेश आरसे, प्र.आर. गजराज, आरक्षक चेतन तंतुवाय, सचिन लोधी, राजेंद्र उइके, ब्रजेश दीक्षित, विपिन लोधी, अमित यादव, ईषनलाल वाडीवा और आरक्षक सुनील की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
नरसिंहपुर पुलिस ने नशे के विरुद्ध अपनी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रखते हुए, करेली थाना क्षेत्र में एक स्विफ्ट कार से अवैध देशी शराब का बड़ा जखीरा जब्त किया है। पुलिस ने वाहन की तलाशी के दौरान उसमें से कुल 27 कार्टून अवैध देशी मदिरा बरामद की, जिसमें 17 कार्टून देशी मदिरा मसाला और 10 कार्टून देशी मदिरा प्लेन शामिल थी। यह कुल 1350 पाव (243 बल्क लीटर) शराब थी, जिसकी अनुमानित
कीमत लगभग ₹1,40,000 बताई गई है। इस कार्रवाई में अवैध शराब के परिवहन में इस्तेमाल की गई लगभग ₹7 लाख कीमत की स्विफ्ट कार भी जब्त की गई, जिससे जब्त किए गए कुल मशरूका की कीमत लगभग ₹8.40 लाख हो गई है। इस मामले में पुलिस ने मौके से वाहन चालक डेलन मल्लाह (26 वर्ष) निवासी राम पिपरिया, थाना कोतवाली नरसिंहपुर, और मुजम्मिल उसमानी (19 वर्ष) निवासी मुशरान वन, महाजनी वार्ड नरसिंहपुर को
गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और नगदी राशि भी जब्त की गई है। इस पूरी कार्रवाई में थाना करेली के थाना प्रभारी निरीक्षक रत्नाकर हिंग्वे, उप निरीक्षक अनिल अजमेरिया, उप निरीक्षक विजय धुर्वे, उप निरीक्षक अनिल सिंह, सउनि. सतीश राजपूत, सउनि. नरेश आरसे, प्र.आर. गजराज, आरक्षक चेतन तंतुवाय, सचिन लोधी, राजेंद्र उइके, ब्रजेश दीक्षित, विपिन लोधी, अमित यादव, ईषनलाल वाडीवा और आरक्षक सुनील की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- सतना के कंपनी बाग पार्क में एक नशेड़ी युवक ने वहां लगे झूले को तोड़ दिया। यह जानकारी सामने आई है कि नगर निगम ने इस पार्क में कई झूले लगाने के लिए लाखों रुपये खर्च किए थे।1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक महिला का विवादित वीडियो पुलिस एडवाइजरी जारी होने के बावजूद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना को लेकर ब्राह्मण समाज में गहरा आक्रोश और नाराजगी देखी जा रही है।1
- मैहर नगर पालिका परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) प्रिंस अग्रवाल ने शहर की स्वच्छता और जल निकासी व्यवस्था को लेकर सक्रियता दिखाते हुए रेलवे स्टेशन क्षेत्र में एक विशेष सफाई अभियान चलाया। यह कदम बीते दिन हुई सिर्फ आधे घंटे की बारिश के बाद रेलवे स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्र में हुए गंभीर जलभराव के परिणामस्वरूप उठाया गया, जिससे यात्रियों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। इस मामले की गंभीरता को समझते हुए, सीएमओ प्रिंस अग्रवाल ने तत्काल संज्ञान लिया और आज स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। उनके नेतृत्व में चले इस विशेष सफाई अभियान के कारण, आधे घंटे की बारिश के बाद उत्पन्न हुई जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान किया जा सका।3
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर ब्राह्मण समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का दावा किया जा रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है और सोशल मीडिया पर संबंधित महिला के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग जोर पकड़ रही है। वायरल वीडियो में दिख रही महिला की पहचान दामिनी पटेल (भोली) के रूप में बताई जा रही है, जिसे अमिलकी का निवासी बताया जा रहा है। इस मामले को लेकर रीवा शहर के कुछ थाना प्रभारियों से चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने प्रारंभिक तौर पर कहा है कि वीडियो में दिखाई दे रही महिला रीवा शहर की निवासी प्रतीत नहीं होती है। हालांकि, पुलिस द्वारा अभी तक वीडियो की सत्यता और संबंधित व्यक्ति की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।1
- मैहर में अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा जिला इकाई मैहर द्वारा कटनी रोड स्थित पटेल मैरिज गार्डन (चिलौध) में आयोजित "प्रतिभा-जननी सम्मान समारोह" शिक्षा, संस्कार और मातृशक्ति के सम्मान का एक ऐतिहासिक संगम बन गया। महासभा की राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष और पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष डॉ. रश्मि सिंह की अगुवाई में आयोजित इस भव्य समारोह में हजारों लोगों की उपस्थिति ने इसे एक जनआंदोलन का रूप दे दिया। इस समारोह में सतना और मैहर जिले के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के 1759 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने वर्ष 2025-26 की 10वीं, 12वीं एवं महाविद्यालयीन परीक्षाओं में 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए थे। कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि इन बच्चों की सफलता के पीछे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली उनकी माताओं को भी मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया गया, जिससे यह आयोजन केवल प्रतिभा सम्मान तक सीमित न रहकर मातृशक्ति के सम्मान का एक प्रेरणादायी उदाहरण बन गया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. रश्मि सिंह ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र के बच्चों, विशेषकर बेटियों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी जैसे उच्च पदों पर पहुंचकर देश और समाज का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने माताओं से बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि एवं महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वेश कटियार ने समारोह को ऐतिहासिक बताते हुए प्रतिभा और मातृशक्ति को एक साथ सम्मानित करने के इस प्रयास को समाज के लिए अनुकरणीय बताया, जो युवाओं का मनोबल बढ़ाने के साथ समाज को नई दिशा देता है। विशिष्ट अतिथि एवं उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल ने छात्र-छात्राओं के साथ उनकी माताओं का सम्मान देखना अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया और डॉ. रश्मि सिंह की सोच और नेतृत्व की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। डॉ. पृथ्वीराज सिंह ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन के अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को विपरीत परिस्थितियों में भी लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया, जबकि डीएसपी वर्षा पटेल ने स्वागत भाषण देकर अतिथियों का अभिनंदन किया। समारोह में प्रो. चंदन सिंह, विकास सिंह और ए.के.एस. विश्वविद्यालय मैहर के सेंटर हेड राजू द्विवेदी ने विद्यार्थियों को करियर निर्माण, उच्च शिक्षा और भविष्य की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन भी प्रदान किया, जो कार्यक्रम का एक अतिरिक्त आकर्षण रहा। इस भव्य आयोजन में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों से समाज के राष्ट्रीय और प्रांतीय पदाधिकारी, जिनमें गिरिधर कुमायूं, चंद्रभूषण सिंह वर्मा, डॉ. हेम कुमारी कर्मी, प्रतिपाल पटेल, कुंवर सिंह, मान सिंह, अखिलेश सिंह भरहुत, अयोध्या सिंह, कोदलाल सिंह और जिला अध्यक्ष अखिलेश सिंह सलैया प्रमुख थे, उपस्थित रहे। इसके अलावा, दवाई सारथी पद्मचंद जैन सहित क्षेत्र के अनेक समाजसेवी और जनप्रतिनिधियों, जैसे बबलू सिंह सोनवारी, वीरेंद्र सिंह मगरौरा, रामकलेश सिंह बरेठी, राघवेंद्र कुमार मिश्रा, रामचरण सिंह, सूर्यकांत त्रिपाठी, चंद्रभान तिवारी, शशांक पटेल, प्रदीप पटेल, बलिराम सिंह, चंद्रभान सिंह, मान सिंह पिथौराबाद, संतोष सिंह, शिवानंद सिंह, मोहन सिंह, अमन प्रताप सिंह, पुष्पेंद्र सिंह और उदयभान सिंह की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को सफल बनाया। शिक्षा, संस्कार और नारी सम्मान के संदेश से परिपूर्ण इस ऐतिहासिक आयोजन का समापन सभी अतिथियों, विद्यार्थियों, माताओं और समाजबंधुओं के लिए भव्य प्रीतिभोज के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने इसे मातृशक्ति के सम्मान और शिक्षा के प्रसार की दिशा में एक यादगार अध्याय के रूप में दर्ज बताया।4
- उमेश चौधरी ने नगर पालिका अध्यक्ष से एक सीधा सवाल पूछा है।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर ब्राह्मण समाज को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है और सोशल मीडिया पर इस संबंधित महिला के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है। वायरल वीडियो में दिखाई दे रही महिला की पहचान दामिनी पटेल (भोली) के रूप में बताई जा रही है, जो अमिलकी की निवासी हैं। इस मामले को लेकर रीवा शहर के कुछ थाना प्रभारियों से चर्चा की गई है। पुलिस अधिकारियों ने प्रारंभिक तौर पर बताया है कि वायरल वीडियो में दिख रही महिला रीवा शहर की निवासी प्रतीत नहीं होती है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक वीडियो की सत्यता और संबंधित व्यक्ति की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।1
- आज मैहर जिले में रेल रोको आंदोलन किया गया, जहाँ ग्रामीणों का तीव्र आक्रोश स्पष्ट रूप से सामने आया। इस प्रदर्शन में भारी संख्या में लोगों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक उनकी माँगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वे इस आंदोलन को जारी रखेंगे।1