जिंदगी कभी-कभी बच्चों के कंधों पर उनकी उम्र से कहीं ज्यादा जिम्मेदारियां डाल देती है, जिसकी एक मार्मिक मिसाल नौवीं कक्षा की छात्रा अस्मिता तामांग ने पेश की है। अस्मिता अपने डेढ़ साल के छोटे भाई को गोद में लेकर स्कूल पहुंची, जहां शिक्षकों के पूछने पर वह अपनी भावनाएं रोक नहीं पाई और रो पड़ी। उसके आंसू देखकर वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो गए। यह दिल छू लेने वाली घटना तब सामने आई जब अस्मिता ने बताया कि कुछ समय पहले उसकी मां का निधन हो गया था। मां के जाने के बाद घर और छोटे भाई की देखभाल की सारी जिम्मेदारी अचानक उसके कंधों पर आ गई। उसके पिता परिवार का भरण-पोषण करने के लिए रोज काम पर जाते हैं, जिससे घर पर छोटे भाई की देखभाल करने वाला कोई नहीं बचता। इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद, अस्मिता ने हार नहीं मानी और अपनी पढ़ाई जारी रखने के साथ-साथ भाई का हाथ भी नहीं छोड़ा, साहस और जिम्मेदारी का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया।
जिंदगी कभी-कभी बच्चों के कंधों पर उनकी उम्र से कहीं ज्यादा जिम्मेदारियां डाल देती है, जिसकी एक मार्मिक मिसाल नौवीं कक्षा की छात्रा अस्मिता तामांग ने पेश की है। अस्मिता अपने डेढ़ साल के छोटे भाई को गोद में लेकर स्कूल पहुंची, जहां शिक्षकों के पूछने पर वह अपनी भावनाएं रोक नहीं पाई और रो पड़ी। उसके आंसू देखकर वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो गए। यह दिल छू लेने वाली घटना तब सामने आई जब अस्मिता ने बताया कि कुछ समय पहले उसकी मां का निधन हो गया था। मां के जाने के बाद घर और छोटे भाई की देखभाल की सारी जिम्मेदारी अचानक उसके कंधों पर आ गई। उसके पिता परिवार का भरण-पोषण करने के लिए रोज काम पर जाते हैं, जिससे घर पर छोटे भाई की देखभाल करने वाला कोई नहीं बचता। इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद, अस्मिता ने हार नहीं मानी और अपनी पढ़ाई जारी रखने के साथ-साथ भाई का हाथ भी नहीं छोड़ा, साहस और जिम्मेदारी का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया।
- उदयपुर जिले के वल्लभनगर में मेवाड़ के कद्दावर नेता एवं राजस्थान के पूर्व गृहमंत्री स्वर्गीय गुलाब सिंह शक्तावत की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी वल्लभनगर के कार्यकर्ताओं ने उन्हें माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यकर्ताओं ने स्वर्गीय शक्तावत द्वारा बताए गए मार्ग और सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया, साथ ही 'शक्तावत साहब अमर रहे' के गगनभेदी नारे भी लगाए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने आगामी पंचायत राज चुनावों में कांग्रेस पार्टी को विजयी बनाने का सामूहिक संकल्प भी दोहराया। मेवाड़ के जननायक स्वर्गीय गुलाब सिंह शक्तावत की जयंती पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।1
- राजसमंद जिले और प्रदेश के अन्य जिलों में आंधी-तूफान, तेज हवाओं (50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा) और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की है। एसडीएमए द्वारा जारी मौसम चेतावनी 31 मई को दोपहर 2 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिसके लिए नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और सतर्कता संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। यह चेतावनी 30 मई को जारी की गई है और 31 मई दोपहर 2:05 बजे तक प्रभावी रहेगी। जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा ने आमजन से खराब मौसम और आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने तथा सुरक्षित स्थानों पर ही रहने का आग्रह किया है। आकाशीय बिजली से बचाव के लिए घरों, कार्यालयों और अन्य भवनों के भीतर शरण लेना सबसे सुरक्षित उपाय है। उन्होंने बताया कि तूफान आने से पहले विद्युत उपकरणों को अनप्लग कर देना चाहिए और बिजली के उपकरणों, तार वाले टेलीफोन तथा चार्जर आदि का उपयोग नहीं करना चाहिए। लोगों को खिड़कियों, दरवाजों और बरामदों से दूर रहने तथा प्लंबिंग और धातु की पाइपों को छूने से बचने की सलाह दी गई है। यदि कोई व्यक्ति खुले स्थान पर हो, तो उसे तत्काल सुरक्षित आश्रय की ओर जाना चाहिए। पेड़ों के नीचे खड़े न होने, जलाशयों, तालाबों, झीलों और बहते पानी से दूर रहने, तथा बिजली के खंभों, तारों और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि सुरक्षित भवन उपलब्ध न हो, तो खुले मैदान में पैरों को साथ रखकर नीचे झुककर बैठें, लेकिन जमीन पर सपाट न लेटें। आकाशीय बिजली या गर्जन शुरू होने पर वाहन में होने पर उसके अंदर ही रहने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन ने नागरिकों को '30-30' सुरक्षा नियम अपनाने की भी सलाह दी है: यदि बिजली चमकने और गर्जन सुनाई देने के बीच का समय 30 सेकंड से कम हो, तो तुरंत सुरक्षित भवन के अंदर चले जाएं; और अंतिम गर्जन सुनाई देने के कम से कम 30 मिनट बाद ही बाहरी गतिविधियां पुनः प्रारंभ करें। इसके अतिरिक्त, जिन पेड़ों के घरों या भवनों पर गिरने की आशंका हो, उनकी समय रहते छंटाई करवा लेनी चाहिए। घरों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा के लिए सर्ज प्रोटेक्टर अथवा बिजली संरक्षण प्रणाली का उपयोग करने की सलाह दी गई है। यदि कहीं बिजली के तार, खंभे या पेड़ गिर जाएं, तो उनसे दूरी बनाए रखें और तत्काल संबंधित विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। जिला प्रशासन ने आमजन से मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी चेतावनियों पर निरंतर नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन तंत्र के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।2
- पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 20 किलो ब्राउन शुगर बरामद की है। इस अभियान के दौरान, 5 तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है।1
- एक गंभीर मामले में, पत्नी द्वारा अपने प्रेमी को पति के घर में बसाने की जिद करने पर विवाद गहरा गया। पति ने जब इस बात का विरोध किया, तो कथित तौर पर उसका सिर फोड़ दिया गया। इतना ही नहीं, पीड़ित पति को झूठे मुकदमों में फंसाने और प्रेमी के जरिए जान से मरवाने तक की धमकियां दी गईं। यदि आरोप सच हैं, तो यह केवल एक वैवाहिक विवाद नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और कानून पर सीधा हमला माना गया है। पोस्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अत्याचार चाहे किसी भी पक्ष द्वारा हो, उसका विरोध होना चाहिए, क्योंकि रिश्ते प्यार, विश्वास और सम्मान से चलते हैं, डर, हिंसा और धमकियों से नहीं। जो लोग कानून का दुरुपयोग करके निर्दोषों को डराने की कोशिश करते हैं, उन्हें यह समझने की चेतावनी दी गई है कि सच देर से ही सही, लेकिन सामने जरूर आता है और न्याय की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।1
- एसपी धर्मेंद्र सिंह यादव के निर्देश पर यातायात पुलिस ने दुर्ग की पाडन पोल पर एक विशेष अभियान चलाते हुए सख्त कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत, पुलिस ने हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को कुशलतापूर्वक संभाला। 'हेलो चित्तौड़गढ़' द्वारा जारी की गई यह खबर सभी प्रमुख डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म पर काफी वायरल हुई है।1
- चित्तौड़गढ़ जिला पुलिस ने राज्य सरकार के निर्देशानुसार संचालित "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" के तहत एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल की है। रविवार सुबह दुर्ग स्थित कालिका माता मंदिर के सामने प्राचीन जलाशय और बावड़ी परिसर में वर्षा जल संरक्षण और स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला पुलिस के अधिकारियों और पुलिस कार्मिकों ने सामूहिक श्रमदान करते हुए जलाशय और आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि अभियान के तहत बावड़ी और जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन तथा पर्यावरण संरक्षण के महत्व के संबंध में जनजागरूकता का संदेश भी दिया गया। एसपी धर्मेंद्र सिंह के निर्देशानुसार, लाइन आरआई अनिल पांडे के नेतृत्व में जिला पुलिस के कुल 60 पुलिस कार्मिकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने परिसर से कचरा और झाड़-झंखाड़ हटाकर स्वच्छता का कार्य किया। पुलिस अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि जल संरक्षण वर्तमान समय की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है और प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया गया। पुलिस अधिकारियों और कार्मिकों ने आमजन से जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने में सहयोग करने की अपील की। जिला पुलिस द्वारा आयोजित इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक सकारात्मक संदेश दिया गया, साथ ही समाज में जनभागीदारी बढ़ाने का प्रयास भी किया गया।1
- राजसमंद जिला गुरुवार रात बारिश, कड़कड़ाती बिजली और तेज हवाओं के साथ आए भीषण तूफान से दहल उठा, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह थम सा गया। रात करीब आठ बजे तूफान शुरू होते ही लोग जहां थे, वहीं रुक गए और सुरक्षित स्थानों की तलाश करने लगे। यह मौसम का बदलाव रात 8 बजे से शुरू होकर करीब 10 बजे तक लगातार जारी रहा। तेज हवाओं के कारण बाजारों में यातायात थम गया और पूरे जिलेभर में बारिश व तूफान के चलते बिजली गुल हो गई। राजसमंद के सभी इलाकों, जिसमें जिला मुख्यालय और सभी उपखंड शामिल हैं, में एक जैसे हालात देखे गए। मौसम विभाग ने शाम से ही तूफान का अलर्ट जारी किया था, जिसमें राजसमंद के लिए हाई अलर्ट भी शामिल था। लगभग सभी कंपनियों के मोबाइल पर अलार्म के साथ यह अलर्ट भेजा गया था। जिला प्रशासन ने भी जिले में तेज तूफान के साथ बारिश की संभावना जताते हुए लोगों से सावधान रहने की अपील की थी। अचानक बदले मौसम से इंसानों के साथ-साथ जानवरों में भी जोरदार हलचल देखी गई। मौसम विभाग के अनुसार, कल दोपहर तक मौसम के फिर से बिगड़ने की संभावना जताई गई है।2
- एक भावनात्मक अपील में लोगों को, खासकर पुरुषों को, रिश्तों में आई मुश्किलों या सामाजिक दबाव के कारण आत्महत्या न करने का आग्रह किया गया है। यह चेतावनी दी गई है कि पत्नी के छोड़ जाने, झूठे आरोपों का सामना करने, रिश्ता टूटने या समाज के तानों के कारण अपनी जान लेना कोई समाधान नहीं है। पोस्ट इस बात पर जोर देती है कि जिस जिंदगी को माता-पिता ने वर्षों की मेहनत से संवारा है, उसे किसी एक व्यक्ति के व्यवहार के कारण खत्म कर देना सही नहीं है। संदेश में कहा गया है कि भले ही लोग हँसें, ताने मारें, लेकिन वे तुम्हारी चिता पर केवल दो मिनट खड़े होकर अगले दिन सब भूल जाएंगे। इसलिए, किसी के चले जाने पर खुद को नहीं खोना चाहिए। जिसने साथ छोड़ा, उसे छोड़ो; जिसने धोखा दिया, उससे सबक लो, लेकिन अपनी जिंदगी से हार मत मानो। इसमें दृढ़ता से कहा गया है कि एक पुरुष की कीमत किसी रिश्ते से तय नहीं होती, बल्कि उसकी पहचान उसके संघर्ष, आत्मसम्मान और हिम्मत से बनती है। आत्महत्या को कायरता न सही, पर समाधान बिल्कुल नहीं बताया गया है। वास्तविक समाधान लड़ने, आगे बढ़ने, सफल होने और खुद को इतना मजबूत बनाने में है कि कल वही लोग मिसाल दें। पोस्ट का मूल आह्वान है कि खुद को खत्म नहीं, बल्कि खुद को साबित करना है, क्योंकि #बेटे_हैं_कोई_खिलौना_नहीं और #पुरुषों_की_जिंदगी_भी_महत्वपूर्ण_है; इसलिए #आत्महत्या_समाधान_नहीं है।1
- चित्तौड़गढ़ में टेंपो चालकों से एक मार्मिक अपील की गई है। इस अपील में उनसे आग्रह किया गया है कि वे गरीब बच्चों को किराए में राहत प्रदान करें। यह निवेदन इसलिए किया गया है क्योंकि कई बच्चे मजबूरीवश पैदल चलने को विवश हैं, जिसके कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1