गाजीपुर जिले के मरदह थाना क्षेत्र स्थित हैदरगंज साधन सहकारी समिति पर खाद वितरण के दौरान अराजकता और लूट का मामला सामने आया है। समिति के सचिव और उनके सहयोगी के साथ मारपीट कर 54,310 रुपये नकद और एक मोबाइल फोन छीन लिया गया। सचिव ने गांव के ही कुछ लोगों पर मारपीट और सरकारी धन छीनने का आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी है। साधन सहकारी समिति हैदरगंज के सचिव मतंग सिंह (निवासी कोड़री) ने मरदह थाने में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह अपने सहयोगी पिंटू यादव (निवासी रायपुर बाघपुर) के साथ समिति पर किसानों को खाद वितरित कर रहे थे। इसी दौरान हैदरगंज गांव के तीन नामजद व्यक्तियों सहित पांच लोग वहां पहुंचे और बिना किसी कारण के गाली-गलौज शुरू कर दी। सचिव मतंग सिंह का आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन लोगों ने उनके और उनके सहयोगी पिंटू यादव के साथ जमकर मारपीट की। हमलावरों ने खाद बिक्री के 54,310 रुपये और उनका मोबाइल फोन भी जबरन छीन लिया। इसके बाद वे जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। इस घटना से क्षेत्र के अन्य समिति कर्मचारियों में भी भय का माहौल है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई है। मरदह थानाध्यक्ष तारावती यादव ने बताया कि सचिव की ओर से प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है। पुलिस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
गाजीपुर जिले के मरदह थाना क्षेत्र स्थित हैदरगंज साधन सहकारी समिति पर खाद वितरण के दौरान अराजकता और लूट का मामला सामने आया है। समिति के सचिव और उनके सहयोगी के साथ मारपीट कर 54,310 रुपये नकद और एक मोबाइल फोन छीन लिया गया। सचिव ने गांव के ही कुछ लोगों पर मारपीट और सरकारी धन छीनने का आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी है। साधन सहकारी समिति हैदरगंज के सचिव मतंग सिंह (निवासी कोड़री) ने मरदह थाने में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह अपने सहयोगी पिंटू यादव (निवासी रायपुर बाघपुर) के साथ समिति पर किसानों को खाद वितरित कर रहे थे। इसी दौरान हैदरगंज गांव के तीन नामजद व्यक्तियों सहित पांच लोग वहां पहुंचे और बिना किसी कारण के
गाली-गलौज शुरू कर दी। सचिव मतंग सिंह का आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन लोगों ने उनके और उनके सहयोगी पिंटू यादव के साथ जमकर मारपीट की। हमलावरों ने खाद बिक्री के 54,310 रुपये और उनका मोबाइल फोन भी जबरन छीन लिया। इसके बाद वे जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। इस घटना से क्षेत्र के अन्य समिति कर्मचारियों में भी भय का माहौल है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई है। मरदह थानाध्यक्ष तारावती यादव ने बताया कि सचिव की ओर से प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है। पुलिस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
- Anand Studioकासिमाबाद, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश👌3 hrs ago
- बूढनपुर तहसील मे अधिवक्ता लोगो ने किया विरोध प्रदर्शन1
- मध्य प्रदेश | उज्जैन में विश्व हिंदू परिषद के नगर मंत्री सोहेल ठाकुर पर हमला, हालत गंभीर। वारदात के विरोध में इकट्ठा हुए हिंदू संगठनों का हंगामा। स्टैंड पर खड़ी 11 बसें तोड़ी। पुलिस ने बलपूर्वक उपद्रवियों को खदेड़ा। क्षेत्र में धारा 144 लागू। हमले में सप्पान मिर्जा, ईशान मिर्जा, शादाब, सलमान, रिजवान पर FIR हुई।1
- यह हमारे ग्राम पंचायत पतीला गौसपुर का कंपोजिट प्राथमिक विद्यालय का मामला है यहां पर ना ही ठीक सफाई है और ना किसी कमरे में खिड़की दरवाजा है क्या ऐसे ही संवारेगी सरकार हमारे बच्चों का भविष्य क्या सरकार का नारा है कि सब पढ़ो, सब बढ़ो ll आखिर इन कर्मचारियों द्वारा हमारा अपना विद्यालय कब तक लूटा जाएगा4
- Post by Saroj Paswan2
- Post by Rajeev Goswami1
- मेरठ के सुभाष बाजार में एक मुस्लिम युवक के साथ हुई बेरहमी से पिटाई इंसानियत को शर्मसार करती है। आरोप है कि सभासद गौरव ने भीड़ इकट्ठा कर हमला करवाया। क्या कानून सबके लिए बराबर नहीं होना चाहिए?1
- छत्तीसगढ़ के विष्णु देव साय वास्तविक रूप से चुने हुए मुख्यमंत्री हैं और वे आदिवासी समुदाय से आते हैं; उन्हें भाजपा का आदिवासी चेहरा भी कहा जाता है और वे 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री बने। वे राज्य के विधानसभा सदस्य हैं और भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं — “डमी मुख्यमंत्री” जैसा कोई तथ्य नहीं है। उड़ीसा के मोहन चरण मझी भी वास्तविक रूप से चुने हुए मुख्यमंत्री हैं। वे भी आदिवासी (Santhal) समुदाय से हैं और भाजपा के नेता हैं; उन्हें पार्टी ने मुख्यमंत्री पद के लिए नामित किया और वे पद पर हैं — यहाँ भी “डमी” होने जैसा कोई मान्य विवरण या आधिकारिक प्रमाण नहीं है। � दोनों ही मुख्यमंत्री अपने-अपने राज्यों में सार्वजनिक रूप से राजकीय कार्य करते हैं और सत्ता में हैं, इसलिए उन्हें “डमी” मानना सही नहीं है।1
- Post by Saroj Paswan1
- Post by Awaaz -e-Bharat1