ऑपरेशन विश्वास, बदरपुर पुलिस ने बरामद किए करीब 300 मोबाइल, असली मालिकों को लौटाए ऑपरेशन विश्वास, बदरपुर पुलिस ने बरामद किए करीब 300 मोबाइल, असली मालिकों को लौटाए दिल्ली में मोबाइल फोन चोरी या गुम होने के बाद उसे वापस पाना लोगों के लिए अक्सर बड़ी चुनौती बन जाता है, लेकिन दक्षिण-पूर्वी जिले की बदरपुर थाना पुलिस ने ऑपरेशन विश्वास के तहत ऐसे लोगों को बड़ी राहत दी है। पुलिस ने चोरी, स्नैचिंग और गुम हुए करीब 300 मोबाइल फोन बरामद किए और अब उन्हें उनके असली मालिकों को सौंप दिया। मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। दिल्ली के बदरपुर थाने में ये तस्वीरें सिर्फ मोबाइल फोन की बरामदगी की नहीं हैं, बल्कि उन लोगों की खुशी की भी हैं, जिन्हें लंबे इंतजार के बाद उनका खोया हुआ मोबाइल वापस मिला है। दिल्ली पुलिस के ऑपरेशन विश्वास के तहत बदरपुर थाना पुलिस ने चोरी, स्नैचिंग और गुम हुए करीब 300 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस की जांच और तकनीकी निगरानी के जरिए इन मोबाइल फोन को ट्रेस किया गया। इसके बाद फोन की पहचान और जरूरी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा गया। किसी का फोन कुछ महीने पहले गायब हुआ था, तो किसी का कई साल पहले लेकिन पुलिस की कार्रवाई के बाद जब वही फोन दोबारा हाथ में आया, तो लोगों की खुशी देखने लायक थी। मनोज कुमार का मोबाइल करीब छह महीने पहले खो गया था। मोबाइल खोने के बाद उन्होंने शायद उम्मीद भी नहीं की होगी कि उनका फोन दोबारा उनके हाथ में आएगा। लेकिन बदरपुर पुलिस की कार्रवाई के बाद उनका मोबाइल उन्हें वापस मिल गया। वहीं, इस बरामदगी में एक ऐसा मामला भी सामने आया, जिसमें मोबाइल फोन साल 2022 में खोया था। अंकित के भाई का मोबाइल फोन भी काफी लंबे समय से गायब था। करीब चार साल बाद जब पुलिस ने मोबाइल बरामद कर परिवार को सौंपा, तो उनके लिए ये किसी राहत से कम नहीं था। यानी मोबाइल फोन चाहे कुछ महीने पहले खोया हो या फिर कई साल पहले पुलिस की लगातार कार्रवाई के बाद कई लोगों को उनका सामान वापस मिल सका। मोबाइल फोन आज के समय में सिर्फ बातचीत का जरिया नहीं, बल्कि लोगों की निजी जानकारी, जरूरी दस्तावेजों और कामकाज से भी जुड़ा होता है। ऐसे में मोबाइल वापस मिलने से लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ अपनी जरूरी जानकारी को लेकर भी राहत मिलती है। मोबाइल फोन सौंपे जाने के इस कार्यक्रम में दक्षिण-पूर्वी जिले के डीसीपी विनीत कुमार और एसीपी आकाश अग्रवाल मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने मोबाइल फोन पाने वाले लोगों से बातचीत भी की और उन्हें भरोसा दिलाया कि दिल्ली पुलिस लगातार ऐसे मामलों में कार्रवाई कर रही है। बाइट – आकाश अग्रवाल, ACP वहीं, डीसीपी विनीत कुमार ने कहा कि ऑपरेशन विश्वास का मकसद पुलिस और जनता के बीच विश्वास को बनाए रखना है। पुलिस का कहना है कि चोरी, स्नैचिंग या मोबाइल गुम होने के मामलों में तकनीकी माध्यमों की मदद से मोबाइल को ट्रेस करने की कोशिश लगातार की जा रही है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान सबसे खास तस्वीरें उन लोगों की रहीं, जिनके हाथ में उनका खोया हुआ मोबाइल दोबारा पहुंचा। किसी के लिए ये महज एक फोन नहीं था, बल्कि उसमें मौजूद जरूरी नंबर, तस्वीरें, दस्तावेज और दूसरी निजी जानकारी भी थी। मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों ने बदरपुर थाना पुलिस का धन्यवाद किया। लोगों का कहना था कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतने समय बाद उनका खोया हुआ फोन वापस मिल पाएगा, लेकिन पुलिस की कोशिशों से उनका मोबाइल उन्हें दोबारा मिल गया। ऑपरेशन विश्वास के तहत करीब 300 मोबाइल फोन की बरामदगी और उन्हें उनके असली मालिकों तक पहुंचाने की ये कार्रवाई पुलिस और जनता के बीच भरोसे को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर सामने आई है। मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों के चेहरों पर आई खुशी यही बताती है कि उनके लिए ये फोन वापस मिलना कितना अहम था।
ऑपरेशन विश्वास, बदरपुर पुलिस ने बरामद किए करीब 300 मोबाइल, असली मालिकों को लौटाए ऑपरेशन विश्वास, बदरपुर पुलिस ने बरामद किए करीब 300 मोबाइल, असली मालिकों को लौटाए दिल्ली में मोबाइल फोन चोरी या गुम होने के बाद उसे वापस पाना लोगों के लिए अक्सर बड़ी चुनौती बन जाता है, लेकिन दक्षिण-पूर्वी जिले की बदरपुर थाना पुलिस ने ऑपरेशन विश्वास के तहत ऐसे लोगों को बड़ी राहत दी है। पुलिस ने चोरी, स्नैचिंग और गुम हुए करीब 300 मोबाइल फोन बरामद किए और अब उन्हें उनके असली मालिकों को सौंप दिया। मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। दिल्ली के बदरपुर थाने में ये तस्वीरें सिर्फ मोबाइल फोन की बरामदगी की नहीं हैं, बल्कि उन लोगों की खुशी की भी हैं, जिन्हें लंबे इंतजार के बाद उनका खोया हुआ मोबाइल वापस मिला है। दिल्ली पुलिस के ऑपरेशन विश्वास के तहत बदरपुर थाना पुलिस ने चोरी, स्नैचिंग और गुम हुए करीब 300 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस की जांच और तकनीकी निगरानी के जरिए इन मोबाइल फोन को ट्रेस किया गया। इसके बाद फोन की पहचान और जरूरी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा गया। किसी का फोन कुछ महीने पहले गायब हुआ था, तो किसी का कई साल पहले लेकिन पुलिस की कार्रवाई के बाद जब वही फोन दोबारा हाथ में आया, तो लोगों की खुशी देखने लायक थी। मनोज कुमार का मोबाइल करीब छह महीने पहले खो गया था। मोबाइल खोने के बाद उन्होंने शायद उम्मीद भी नहीं की होगी कि उनका फोन दोबारा उनके हाथ में आएगा। लेकिन बदरपुर पुलिस की कार्रवाई के बाद उनका मोबाइल उन्हें वापस मिल गया। वहीं, इस बरामदगी में एक ऐसा मामला भी सामने आया, जिसमें मोबाइल फोन साल 2022 में खोया था। अंकित के भाई का मोबाइल फोन भी काफी लंबे समय से गायब था। करीब चार साल बाद जब पुलिस ने मोबाइल बरामद कर परिवार को सौंपा, तो उनके लिए ये किसी राहत से कम नहीं था। यानी मोबाइल फोन चाहे कुछ महीने पहले खोया हो या फिर कई साल पहले पुलिस की लगातार कार्रवाई के बाद कई लोगों को उनका सामान वापस मिल सका। मोबाइल फोन आज के समय में सिर्फ बातचीत का जरिया नहीं, बल्कि लोगों की निजी जानकारी, जरूरी दस्तावेजों और कामकाज से भी जुड़ा होता है। ऐसे में मोबाइल वापस मिलने से लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ अपनी जरूरी जानकारी को लेकर भी राहत मिलती है। मोबाइल फोन सौंपे जाने के इस कार्यक्रम में दक्षिण-पूर्वी जिले के डीसीपी विनीत कुमार और एसीपी आकाश अग्रवाल मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने मोबाइल फोन पाने वाले लोगों से बातचीत भी की और उन्हें भरोसा दिलाया कि दिल्ली पुलिस लगातार ऐसे मामलों में कार्रवाई कर रही है। बाइट – आकाश अग्रवाल, ACP वहीं, डीसीपी विनीत कुमार ने कहा कि ऑपरेशन विश्वास का मकसद पुलिस और जनता के बीच विश्वास को बनाए रखना है। पुलिस का कहना है कि चोरी, स्नैचिंग या मोबाइल गुम होने के मामलों में तकनीकी माध्यमों की मदद से मोबाइल को ट्रेस करने की कोशिश लगातार की जा रही है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान सबसे खास तस्वीरें उन लोगों की रहीं, जिनके हाथ में उनका खोया हुआ मोबाइल दोबारा पहुंचा। किसी के लिए ये महज एक फोन नहीं था, बल्कि उसमें मौजूद जरूरी नंबर, तस्वीरें, दस्तावेज और दूसरी निजी जानकारी भी थी। मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों ने बदरपुर थाना पुलिस का धन्यवाद किया। लोगों का कहना था कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतने समय बाद उनका खोया हुआ फोन वापस मिल पाएगा, लेकिन पुलिस की कोशिशों से उनका मोबाइल उन्हें दोबारा मिल गया। ऑपरेशन विश्वास के तहत करीब 300 मोबाइल फोन की बरामदगी और उन्हें उनके असली मालिकों तक पहुंचाने की ये कार्रवाई पुलिस और जनता के बीच भरोसे को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर सामने आई है। मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों के चेहरों पर आई खुशी यही बताती है कि उनके लिए ये फोन वापस मिलना कितना अहम था।
- दिल्ली द्वारका जनकपुरीभ्रष्टाचार कम करना है तो सवाल पूछिए,काम की Quality भी चेक कीजिए। 🔍 अपने आसपास हो रहे हर विकास कार्य का Work Order मांगिए, उसके मुताबिक काम की जांच कीजिए और कमी मिले तो Quality Control जांच की मांग उठाइए। जनता जागरूक होगी, सवाल पूछेगी और जवाबदेही तय करेगी—तभी सिस्टम में सुधार होगा। 🇮🇳 मेरी सभी Social Media Influencers से भी अपील है—जहां कमी दिखे, आवाज़ उठाइए और इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाइए। #QualityCheck #PublicMoney #Accountability #Transparency #FightCorruption #CitizenPower #GoodGovernance #जनताकीआवाज़ #भ्रष्टाचारकेखिलाफ #1
- ऑपरेशन विश्वास, बदरपुर पुलिस ने बरामद किए करीब 300 मोबाइल, असली मालिकों को लौटाए ऑपरेशन विश्वास, बदरपुर पुलिस ने बरामद किए करीब 300 मोबाइल, असली मालिकों को लौटाए दिल्ली में मोबाइल फोन चोरी या गुम होने के बाद उसे वापस पाना लोगों के लिए अक्सर बड़ी चुनौती बन जाता है, लेकिन दक्षिण-पूर्वी जिले की बदरपुर थाना पुलिस ने ऑपरेशन विश्वास के तहत ऐसे लोगों को बड़ी राहत दी है। पुलिस ने चोरी, स्नैचिंग और गुम हुए करीब 300 मोबाइल फोन बरामद किए और अब उन्हें उनके असली मालिकों को सौंप दिया। मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। दिल्ली के बदरपुर थाने में ये तस्वीरें सिर्फ मोबाइल फोन की बरामदगी की नहीं हैं, बल्कि उन लोगों की खुशी की भी हैं, जिन्हें लंबे इंतजार के बाद उनका खोया हुआ मोबाइल वापस मिला है। दिल्ली पुलिस के ऑपरेशन विश्वास के तहत बदरपुर थाना पुलिस ने चोरी, स्नैचिंग और गुम हुए करीब 300 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस की जांच और तकनीकी निगरानी के जरिए इन मोबाइल फोन को ट्रेस किया गया। इसके बाद फोन की पहचान और जरूरी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा गया। किसी का फोन कुछ महीने पहले गायब हुआ था, तो किसी का कई साल पहले लेकिन पुलिस की कार्रवाई के बाद जब वही फोन दोबारा हाथ में आया, तो लोगों की खुशी देखने लायक थी। मनोज कुमार का मोबाइल करीब छह महीने पहले खो गया था। मोबाइल खोने के बाद उन्होंने शायद उम्मीद भी नहीं की होगी कि उनका फोन दोबारा उनके हाथ में आएगा। लेकिन बदरपुर पुलिस की कार्रवाई के बाद उनका मोबाइल उन्हें वापस मिल गया। वहीं, इस बरामदगी में एक ऐसा मामला भी सामने आया, जिसमें मोबाइल फोन साल 2022 में खोया था। अंकित के भाई का मोबाइल फोन भी काफी लंबे समय से गायब था। करीब चार साल बाद जब पुलिस ने मोबाइल बरामद कर परिवार को सौंपा, तो उनके लिए ये किसी राहत से कम नहीं था। यानी मोबाइल फोन चाहे कुछ महीने पहले खोया हो या फिर कई साल पहले पुलिस की लगातार कार्रवाई के बाद कई लोगों को उनका सामान वापस मिल सका। मोबाइल फोन आज के समय में सिर्फ बातचीत का जरिया नहीं, बल्कि लोगों की निजी जानकारी, जरूरी दस्तावेजों और कामकाज से भी जुड़ा होता है। ऐसे में मोबाइल वापस मिलने से लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ अपनी जरूरी जानकारी को लेकर भी राहत मिलती है। मोबाइल फोन सौंपे जाने के इस कार्यक्रम में दक्षिण-पूर्वी जिले के डीसीपी विनीत कुमार और एसीपी आकाश अग्रवाल मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने मोबाइल फोन पाने वाले लोगों से बातचीत भी की और उन्हें भरोसा दिलाया कि दिल्ली पुलिस लगातार ऐसे मामलों में कार्रवाई कर रही है। बाइट – आकाश अग्रवाल, ACP वहीं, डीसीपी विनीत कुमार ने कहा कि ऑपरेशन विश्वास का मकसद पुलिस और जनता के बीच विश्वास को बनाए रखना है। पुलिस का कहना है कि चोरी, स्नैचिंग या मोबाइल गुम होने के मामलों में तकनीकी माध्यमों की मदद से मोबाइल को ट्रेस करने की कोशिश लगातार की जा रही है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान सबसे खास तस्वीरें उन लोगों की रहीं, जिनके हाथ में उनका खोया हुआ मोबाइल दोबारा पहुंचा। किसी के लिए ये महज एक फोन नहीं था, बल्कि उसमें मौजूद जरूरी नंबर, तस्वीरें, दस्तावेज और दूसरी निजी जानकारी भी थी। मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों ने बदरपुर थाना पुलिस का धन्यवाद किया। लोगों का कहना था कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतने समय बाद उनका खोया हुआ फोन वापस मिल पाएगा, लेकिन पुलिस की कोशिशों से उनका मोबाइल उन्हें दोबारा मिल गया। ऑपरेशन विश्वास के तहत करीब 300 मोबाइल फोन की बरामदगी और उन्हें उनके असली मालिकों तक पहुंचाने की ये कार्रवाई पुलिस और जनता के बीच भरोसे को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर सामने आई है। मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों के चेहरों पर आई खुशी यही बताती है कि उनके लिए ये फोन वापस मिलना कितना अहम था।1
- नमस्कार से शुरू कर विदेश मंत्री ने विश्व को बताया भारत गल्फ वार में कैसे शांति दूत बनकर उभरा। यूएन जनरल असेम्बली में दिया जयशंकर का भाषण हमेशा याद रखा जाएगा.... देखिए राजपथ न्यूज़ पर.... नमस्कार से शुरू कर विदेश मंत्री ने विश्व को बताया भारत गल्फ वार में कैसे शांति दूत बनकर उभरा। यूएन जनरल असेम्बली में दिया जयशंकर का भाषण हमेशा याद रखा जाएगा.... देखिए राजपथ न्यूज़ पर....1
- SC/ST एक्ट में मुआवजा 8.25 लाख से बढ़ाकर 30 लाख किया जाए:- सांसद चंद्रशेखर1
- कुतुब मीनार से लाडो सराय के बीच टूटी सड़क, धूल से परेशान लोग—कब होगा सड़क का निर्माण? कुतुब मीनार से लाडो सराय के बीच टूटी सड़क, धूल से परेशान लोग—कब होगा सड़क का निर्माण?1
- हरियाणा के गुरुग्राम में पुलिसकर्मी के साथ हाथापाई युवक की मौत पर हाई वोल्टेज ड्रामा हरियाणा के गुरुग्राम में एक पिकअप के द्वारा नेपाल के एक युवक की टक्कर मारकर हत्या करने का मामला सामने आया है जिसके बाद योग के परिजन शिव लस्टल में सब को लेने के लिए पहुंचे और पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हैं यह साल में जमकर हाई वोल्टेज ड्रामा के इसी दौरान एक पुलिसकर्मी वहां पूछताछ करने के लिए पहुंच गया और भीड़ और परिजनों ने उसे ही आरोपी समझ लिया इसके बाद उन्होंने पुलिसकर्मी के साथ हाथापाई की हालत को बिगड़ते हुए देखकर वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने दौड़कर पुलिसकर्मी को भीड़ और परिजनों से बचाया इस दौरान परिजनों ने पुलिस पर घटनाक्रम को अंजाम देने वाले ड्राइवर को नहीं पकड़ता और लापरवाही बरतने का आरोप भी लगाया1
- Amarnath kumar Youthicon Criminal Lawyer Power Of Advocate #LawEducation #IndianLaw #BNS2023 #LegalAdvice#AdvocateL #LawyerLife #KanoonKiJankari#BareAct #SupremeCourt #LegalAwareness#SupremeCourt #SupremeCourtOfIndia #PropertyLaw #SeniorCitizensAct #IndianLaw #LegalNews #AdvAmarnathKumar #AdvocateLife #LawKiJankari #OurBharat1
- दिव्यांगजनो का मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता दिल्ली सरकार नै किया सम्मान दिव्यांगजनो का मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता दिल्ली सरकार नै किया सम्मान1