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शाजापुर में 108 एंबुलेंस सेवाओं की कमी के चलते डिलीवरी के मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिले में एंबुलेंस की अनुपलब्धता के कारण प्रसव पीड़ा वाली महिलाओं को आवागमन में असुविधा हो रही है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
Mayaram Rathore
शाजापुर में 108 एंबुलेंस सेवाओं की कमी के चलते डिलीवरी के मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिले में एंबुलेंस की अनुपलब्धता के कारण प्रसव पीड़ा वाली महिलाओं को आवागमन में असुविधा हो रही है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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- दिनांक 17/06/202 को 'मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेंट' (बेरोजगारी विरोधी आंदोलन) द्वारा बढ़ती बेरोजगारी, पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई, भर्ती परीक्षाओं में व्याप्त धांधली पर रोक लगाने और रिक्त पड़े पदों पर भर्ती की मांग को लेकर राज्यभर में 'यूथ मार्च' निकाला गया। इसी क्रम में युवाओं का जत्था शाम को शाजापुर नगर पहुँचा। नगर में प्रवेश के बाद, मुख्य बाजार के आज़ाद चोक, हाट मैदान के पास महूपुरा और धोबी चौराहा पर नुक्कड़ सभाएं आयोजित की गईं। इन सभाओं का मुख्य उद्देश्य भयंकर रूप से बढ़ती बेरोजगारी, लगातार हो रहे पेपर लीक, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को रद्द करने, भर्ती परीक्षाओं में फैले भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और रिक्त पदों पर स्थायी भर्ती की मांग उठाना था, साथ ही पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग भी की गई। मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेंट के राज्य संयोजक प्रमोद नामदेव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नीट परीक्षा 2026 का पेपर लीक केंद्र सरकार और NTA की घोर लापरवाही का नतीजा है, जिसका परिणाम करोड़ों छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने NTA को कई छात्रों की आत्महत्याओं के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया। नामदेव ने बताया कि 2015 से 2026 तक कुल 148 परीक्षा घोटाले हुए हैं, 87 परीक्षाएं रद्द की गई हैं, जिससे 9 करोड़ बच्चों का भविष्य प्रभावित हुआ है, लेकिन इन 148 घोटालों में सिर्फ 1 को ही सजा मिली है। उन्होंने CBI द्वारा 17 और ED द्वारा 11 मामलों को लेने के बावजूद किसी को सजा न मिलने पर रोष व्यक्त किया और नीट, AIPMT व अन्य मेडिकल परीक्षाओं में अकेले 15 घोटालों के साथ व्यापमं, एसएससी और पटवारी परीक्षाओं में भी बड़े घोटालों का उल्लेख किया, जिन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बेरोजगारी विरोधी आंदोलन शाजापुर के प्रभारी मनोज रजक ने अपने संबोधन में इस वर्ष NEET UG के प्रश्न पत्र के बड़े पैमाने पर लीक होने पर गहरी चिंता व्यक्त की, जो कि पहले भी घटित हो चुका है। उन्होंने लगातार हो रहे बड़े पैमाने पर प्रश्न पत्र लीक होने को NTA की घोर लापरवाही और कोचिंग उद्योग के साथ मिलीभगत के बिना असंभव बताया, क्योंकि NTA सीधे केंद्र सरकार के अधीन काम करती है। रजक ने हाल ही में मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की वनरक्षक, क्षेत्ररक्षक, जेल प्रहरी और सहायक जेल अधीक्षक भर्ती परीक्षा-2026 की दूसरी पाली के रद्द होने का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सहित देशभर में भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधलीयों से छात्र-छात्राएं कई तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं, जिसमें उनका कीमती समय, दूर-दराज के सेंटरों पर आने-जाने और रुकने का अत्यधिक खर्च शामिल है, जिससे बहुत सारे युवा हताश-निराश होकर आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि तमाम भर्ती परीक्षाओं में हो रही धांधली के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही कर जवाबदेही तय की जाए व परीक्षा संचालन को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाया जाए। इन नुक्कड़ सभाओं को सुनील सेन और अजय राव ने भी संबोधित किया, जिसमें स्थानीय छात्र, युवा व आमजन शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन भारत सिंह चौहान ने किया। आंदोलन की मुख्य मांगों में NEET सहित अन्य पेपर लीक घटनाओं की उच्च-स्तरीय न्यायिक जांच, भ्रष्टाचार में शामिल NTA के उच्च पदों पर बैठे लोगों की पहचान कर उन्हें अनुकरणीय दंड देना, भविष्य में इस तरह के प्रश्न पत्र लीक न होने की गारंटी सुनिश्चित करना, NTA को समाप्त कर परीक्षाओं के आयोजन की संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार को स्वयं लेने की मांग, भर्ती परीक्षाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार पर पूर्ण अंकुश लगाने व इसके जिम्मेदार दोषियों को सख्त सजा का कानून बनाना शामिल था। इसके अतिरिक्त, मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 1.20 लाख पदों को खत्म करने की नीति रद्द करने और सभी विभागों में रिक्त पड़े पदों पर स्थायी भर्ती करने, प्रदेश सहित देशभर में सरकारी विभागों में रिक्त पड़े पदों पर स्थायी भर्ती करने तथा मध्य प्रदेश में 94 हजार सरकारी स्कूलों को बंद करने की नीति रद्द करने की भी मांग की गई। इस दौरान शौर्य और स्वाभिमान के जयकारे भी गूंजे।2
- शाजापुर में 108 एंबुलेंस सेवाओं की कमी के चलते डिलीवरी के मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिले में एंबुलेंस की अनुपलब्धता के कारण प्रसव पीड़ा वाली महिलाओं को आवागमन में असुविधा हो रही है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर, मंत्री इंदर सिंह परमार ने 'गांव चलो अभियान' में सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अभियान के दौरान, उन्होंने वरिष्ट नागरिकों का सम्मान किया और ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं का निराकरण किया। मंत्री परमार ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल की पूर्णता को लेकर अपनी बात भी रखी।1
- शाजापुर पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत के निर्देश पर, पुलिस मुख्यालय भोपाल के आदेशों का पालन करते हुए, स्थाई वारंटियों को पकड़ने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) शाजापुर अजय कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में, थाना प्रभारी मोहन बड़ोदिया अरविन्द सिंह तोमर ने अपनी टीम के साथ गौवंश के एक 13 साल पुराने मामले में 7 साल से फरार चल रहे ऑटो चालक सलीम उर्फ मिठिया (पिता हबीब खां, उम्र 40 साल, जाति मेव, निवासी ताजपुर, हाल भैरूनाला, उज्जैन) को गिरफ्तार किया है, जिस पर ₹10,000 का इनाम घोषित था। पुलिस टीम ने फरार वारंटी की तलाश में 14 और 15 जून को लगातार दो दिनों तक उज्जैन में रहकर दबिश दी। मुखबिर की सूचना और सायबर सेल की टीम की मदद से, उक्त स्थाई वारंटी को आखिरकार 15 जून 2026 को उसके घर से ही दबोच लिया गया। सलीम उर्फ मिठिया पिछले सात सालों से फरार चल रहा था और हर बार पुलिस टीम द्वारा दबिश देने पर घर से भाग जाता था। उसे काफी प्रयासों के बाद गिरफ्तार किया जा सका है। गिरफ्तारी के बाद, आज मंगलवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे मोहन बड़ोदिया थाने से उसे शाजापुर न्यायालय में पेश करने के लिए रवाना किया गया। इस सफल कार्यवाही में थाना प्रभारी मोहन बड़ोदिया अरविन्द सिंह तोमर, प्रधान आरक्षक हेमेन्द्र सिंह जादौन, आरक्षक संजय चौहान, आरक्षक शैलेन्द्र शर्मा, आरक्षक अर्जुन सिंह बागड़ी, आरक्षक राहुल कुम्भ्कार, और सायबर सेल प्रभारी प्रधान आरक्षक विकास तिवारी एवं उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- शाजापुर पुलिस द्वारा स्थाई वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मोहन बड़ोदिया पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गौवंश से जुड़े 13 साल पुराने एक मामले में 7 वर्षों से फरार चल रहे ₹10 हजार के इनामी स्थाई वारंटी सलीम उर्फ मिठिया को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक शाजापुर यशपाल सिंह राजपूत के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय व एसडीओपी शाजापुर अजय कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी मोहन बड़ोदिया अरविंद सिंह तोमर ने इस गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया था। आरोपी सलीम उर्फ मिठिया (40 वर्ष), जो ताजपुर का निवासी है और वर्तमान में उज्जैन के भैरूनाला में रह रहा था, उसकी तलाश में पुलिस टीम ने 14 और 15 जून को उज्जैन में लगातार दो दिनों तक अभियान चलाया। मुखबिर की सूचना और साइबर सेल की सहायता से आरोपी को 15 जून 2026 को उसके घर से दबोच लिया गया। पुलिस के अनुसार, यह आरोपी पिछले 7 वर्षों से पुलिस की पकड़ से बच रहा था और हर बार दबिश के दौरान फरार हो जाता था। लगातार किए गए प्रयासों और तकनीकी सहायता के बाद पुलिस को उसे गिरफ्तार करने में सफलता मिली। आरोपी को मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे मोहन बड़ोदिया थाने से शाजापुर न्यायालय में पेश करने के लिए रवाना किया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी अरविंद सिंह तोमर, प्रधान आरक्षक हेमेंद्र सिंह जादौन, आरक्षक संजय चौहान, शैलेंद्र शर्मा, अर्जुन सिंह बागड़ी, राहुल कुम्भकार तथा साइबर सेल प्रभारी विकास तिवारी और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- शाजापुर कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान भूमि सीमांकन विवाद से परेशान किसान शरद कुमार शर्मा ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने अधिकारियों और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कलेक्टर एवं एसपी पर सीधे आरोप लगाए। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने पहले किसान को समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति बिगड़ने पर उन्हें परिसर से बाहर कर दिया गया। इस घटना का एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक पुलिसकर्मी किसान को डंडा दिखाते हुए नजर आया। वीडियो सामने आने के बाद शाजापुर एसपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एएसआई महेश कुमार घुरे को निलंबित कर दिया। किसान शरद कुमार शर्मा का आरोप है कि जनसुनवाई में उनकी समस्या सुनने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें डराकर बाहर निकाल दिया गया। उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि फरियादियों को अपनी बात रखने का अवसर ही नहीं मिलेगा, तो जनसुनवाई का मूल उद्देश्य क्या रह जाएगा।1
- देवास जिला अस्पताल में मरीजों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल में भर्ती एक महिला मरीज ने आरोप लगाया है कि सुबह के नाश्ते में वितरित किए गए पोहे में मरी हुई इल्ली मिली, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में भारी नाराजगी फैल गई। इस घटना की शिकायत अस्पताल प्रबंधन से भी की गई है। सिविल लाइन निवासी स्वीटी पांचाल, जो पिछले तीन दिनों से अस्पताल में भर्ती हैं, ने बताया कि नाश्ता वितरण के दौरान पोहे में मरी हुई इल्ली देखकर मरीजों ने तुरंत आपत्ति जताई और कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी। उनका आरोप है कि शिकायत के बाद भी उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। स्वीटी पांचाल रक्त की उल्टी और नाक से रक्तस्राव की समस्या के कारण भर्ती हैं और उनके सीटी स्कैन की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बीमार मरीजों को स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलना चाहिए। इस मामले पर जिला अस्पताल के डाइटिशियन रूप नारायण सिंह राठौर ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि ऐसी शिकायत पहली बार सामने आई है, जो संभवतः मानवीय भूल का परिणाम हो सकती है। उन्होंने जांच का आश्वासन दिया और कहा कि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। घटना के बाद, मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की नियमित जांच कराने और जिम्मेदार एजेंसी पर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।1
- वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर बुधवार को शाजापुर में राजपूत समाज द्वारा एक भव्य चल समारोह निकाला गया। इस आयोजन में समाज के वरिष्ठजन, युवा, महिलाएं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, और पूरे शहर में महाराणा प्रताप के शौर्य, पराक्रम और स्वाभिमान के जयकारे गूंजते रहे। चल समारोह का शुभारंभ सुबह लगभग 11 बजे आदर्श कॉलोनी स्थित राजपूत छात्रावास से हुआ। इसके बाद रैली धोबी चौराहा पहुंची, जहां महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। श्रद्धांजलि के पश्चात, यह समारोह नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों जैसे महापुरा चौराहा, नदी रपट, धान मंडी, किला रोड, छोटा चौक, बड़ा चौक और नई सड़क से होकर गुजरा। मार्ग में कई स्थानों पर समाजजनों और नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर इस भव्य समारोह का स्वागत किया। समारोह में घोड़ों पर सवार युवा आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे, जिन्होंने पारंपरिक राजपूती वेशभूषा में महाराणा प्रताप के शौर्य और गौरव की झलक प्रस्तुत की। डीजे एवं ध्वनि यंत्रों पर बज रहे शौर्य गीतों से पूरा शहर वीरता और स्वाभिमान के रंग में रंगा नजर आया। राजपूत समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि महाराणा प्रताप का जीवन राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और त्याग का प्रतीक है, और उनकी जयंती पर आयोजित ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश देते हैं। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा।9