भावुक क्षणों के बीच विदाई: प्राथमिक विद्यालय पाठकपुर की प्रधानाध्यापिका स्वर्णलता की सेवाओं को किया गया नमन रिपोर्टर प्रभाकर अवस्थी शिवराजपुर शिक्षा केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण की नींव है। इस आदर्श को चरितार्थ करने वाली प्राथमिक विद्यालय पाठकपुर की प्रधानाध्यापिका श्रीमती स्वर्णलता अपनी 13 वर्षों की अविस्मरणीय सेवा के पश्चात सेवानिवृत्त हो गईं। उनके सम्मान में विद्यालय परिसर में एक भव्य एवं भावपूर्ण विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें आँखों में नमी और दिल में उनके प्रति सम्मान लिए पूरा गाँव उमड़ पड़ा। 13 वर्षों का अटूट सफर और समर्पण श्रीमती स्वर्णलता ने पाठकपुर विद्यालय में अपने कार्यकाल के दौरान शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया। समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पिछले 13 वर्षों से उन्होंने न केवल बच्चों को अक्षर ज्ञान दिया, बल्कि अपनी कुशल शैक्षणिक योग्यता और ममतामयी स्वभाव से विद्यालय को एक परिवार की तरह संवारा। उनके अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल आज पूरे विकासखंड में दी जाती है।वरिष्ठ अतिथियों ने दी शुभकामनाएँ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बीआरसी (BRC) कार्यालय से पधारे कृपाशंकर यादव ने स्वर्णलता जी के योगदान की सराहना करते हुए कहा, एक शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता, उनके द्वारा जलाया गया ज्ञान का दीपक पीढ़ी दर पीढ़ी जलता रहता है।" कार्यक्रम का ओजस्वी संचालन प्रसिद्ध उद्घोषक सुबोध शुक्ला ने किया, जिन्होंने अपनी पंक्तियों के माध्यम से विदाई की बेला को और भी यादगार बना दिया। सम्मान से अभिभूत हुईं विदा ले रही शिक्षिका विदाई की इस बेला में विद्यालय के समस्त स्टाफ ने स्वर्णलता मैडम को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और उपहार भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान विद्यालय की इंचार्ज प्रधानाध्यापक ज्योति मिश्रा समेत अन्य सहयोगियों ने उनके साथ बिताए पलों को साझा किया। मैडम का मार्गदर्शन हमारे लिए एक धरोहर की तरह है। उनके जाने से विद्यालय में जो खालीपन आया है, उसे भरना कठिन होगा। वे हमारे लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगी। समस्त विद्यालय स्टाफ कार्यक्रम में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति समारोह में मुख्य रूप से शिक्षक साथी हेमलता वर्मा शैलेंद्र त्रिपाठी, वर्षा अवस्थी, रूपांजलि, रेनू वर्मा एवं गजेंद्र सिंह उपस्थित रहे। इनके साथ ही गाँव के गणमान्य नागरिक, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे,
भावुक क्षणों के बीच विदाई: प्राथमिक विद्यालय पाठकपुर की प्रधानाध्यापिका स्वर्णलता की सेवाओं को किया गया नमन रिपोर्टर प्रभाकर अवस्थी शिवराजपुर शिक्षा केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण की नींव है। इस आदर्श को चरितार्थ करने वाली प्राथमिक विद्यालय पाठकपुर की प्रधानाध्यापिका श्रीमती स्वर्णलता अपनी 13 वर्षों की अविस्मरणीय सेवा के पश्चात सेवानिवृत्त हो गईं। उनके सम्मान में विद्यालय परिसर में एक भव्य एवं भावपूर्ण विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें आँखों में नमी और दिल में उनके प्रति सम्मान लिए पूरा गाँव उमड़ पड़ा। 13 वर्षों
का अटूट सफर और समर्पण श्रीमती स्वर्णलता ने पाठकपुर विद्यालय में अपने कार्यकाल के दौरान शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया। समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पिछले 13 वर्षों से उन्होंने न केवल बच्चों को अक्षर ज्ञान दिया, बल्कि अपनी कुशल शैक्षणिक योग्यता और ममतामयी स्वभाव से विद्यालय को एक परिवार की तरह संवारा। उनके अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल आज पूरे विकासखंड में दी जाती है।वरिष्ठ अतिथियों ने दी शुभकामनाएँ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बीआरसी (BRC) कार्यालय से पधारे
कृपाशंकर यादव ने स्वर्णलता जी के योगदान की सराहना करते हुए कहा, एक शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता, उनके द्वारा जलाया गया ज्ञान का दीपक पीढ़ी दर पीढ़ी जलता रहता है।" कार्यक्रम का ओजस्वी संचालन प्रसिद्ध उद्घोषक सुबोध शुक्ला ने किया, जिन्होंने अपनी पंक्तियों के माध्यम से विदाई की बेला को और भी यादगार बना दिया। सम्मान से अभिभूत हुईं विदा ले रही शिक्षिका विदाई की इस बेला में विद्यालय के समस्त स्टाफ ने स्वर्णलता मैडम को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और उपहार भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान विद्यालय
की इंचार्ज प्रधानाध्यापक ज्योति मिश्रा समेत अन्य सहयोगियों ने उनके साथ बिताए पलों को साझा किया। मैडम का मार्गदर्शन हमारे लिए एक धरोहर की तरह है। उनके जाने से विद्यालय में जो खालीपन आया है, उसे भरना कठिन होगा। वे हमारे लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगी। समस्त विद्यालय स्टाफ कार्यक्रम में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति समारोह में मुख्य रूप से शिक्षक साथी हेमलता वर्मा शैलेंद्र त्रिपाठी, वर्षा अवस्थी, रूपांजलि, रेनू वर्मा एवं गजेंद्र सिंह उपस्थित रहे। इनके साथ ही गाँव के गणमान्य नागरिक, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे,
- रिपोर्टर प्रभाकर अवस्थी शिवराजपुर शिक्षा केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण की नींव है। इस आदर्श को चरितार्थ करने वाली प्राथमिक विद्यालय पाठकपुर की प्रधानाध्यापिका श्रीमती स्वर्णलता अपनी 13 वर्षों की अविस्मरणीय सेवा के पश्चात सेवानिवृत्त हो गईं। उनके सम्मान में विद्यालय परिसर में एक भव्य एवं भावपूर्ण विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें आँखों में नमी और दिल में उनके प्रति सम्मान लिए पूरा गाँव उमड़ पड़ा। 13 वर्षों का अटूट सफर और समर्पण श्रीमती स्वर्णलता ने पाठकपुर विद्यालय में अपने कार्यकाल के दौरान शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया। समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पिछले 13 वर्षों से उन्होंने न केवल बच्चों को अक्षर ज्ञान दिया, बल्कि अपनी कुशल शैक्षणिक योग्यता और ममतामयी स्वभाव से विद्यालय को एक परिवार की तरह संवारा। उनके अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल आज पूरे विकासखंड में दी जाती है।वरिष्ठ अतिथियों ने दी शुभकामनाएँ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बीआरसी (BRC) कार्यालय से पधारे कृपाशंकर यादव ने स्वर्णलता जी के योगदान की सराहना करते हुए कहा, एक शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता, उनके द्वारा जलाया गया ज्ञान का दीपक पीढ़ी दर पीढ़ी जलता रहता है।" कार्यक्रम का ओजस्वी संचालन प्रसिद्ध उद्घोषक सुबोध शुक्ला ने किया, जिन्होंने अपनी पंक्तियों के माध्यम से विदाई की बेला को और भी यादगार बना दिया। सम्मान से अभिभूत हुईं विदा ले रही शिक्षिका विदाई की इस बेला में विद्यालय के समस्त स्टाफ ने स्वर्णलता मैडम को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और उपहार भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान विद्यालय की इंचार्ज प्रधानाध्यापक ज्योति मिश्रा समेत अन्य सहयोगियों ने उनके साथ बिताए पलों को साझा किया। मैडम का मार्गदर्शन हमारे लिए एक धरोहर की तरह है। उनके जाने से विद्यालय में जो खालीपन आया है, उसे भरना कठिन होगा। वे हमारे लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगी। समस्त विद्यालय स्टाफ कार्यक्रम में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति समारोह में मुख्य रूप से शिक्षक साथी हेमलता वर्मा शैलेंद्र त्रिपाठी, वर्षा अवस्थी, रूपांजलि, रेनू वर्मा एवं गजेंद्र सिंह उपस्थित रहे। इनके साथ ही गाँव के गणमान्य नागरिक, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे,4
- शादी की तैयारियों के माहौल के बीच घर से लापता तीन वर्षीय मासूम बच्ची घायल अवस्था में गांव के बाहर मिली बोरे में बंद राजेंद्र सिंह धुऑंधार कन्नौज। घर में चल रही शादी समारोह की तैयारियों के बीच घर से एक तीन साल की मासूम बच्ची के अचानक लापता होने के बाद परिजनों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। पूरी रेट खोजबीन में लगे परिजनों और ग्रामीणों को लापता बच्ची का कोई सुराग नहीं लग सका तो मामले की सूचना पुलिस को दी गई। बुधवार को लापता बच्ची गांव से करीब 3 सौ मीटर दूर एक डिग्री कॉलेज के निकट झाड़ियों के बीच एक बोरे में बंद मरणासन्न अवस्था में आवागमन कर रहे ग्रामीणों को मिली। बच्ची के सर और चेहरे पर चोट के निशान मिले हैं। उपरोक्त सनसनीखेज मामले को लेकर फिलहाल पुलिस ने जांच पड़ताल का सिलसिला शुरू कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव डुडवा बुजुर्ग निवासी सानू के घर इन दिनों शादी की तैयारियां चल रही हैं। शानू के बड़े भाई की बेटी की बारात आगामी 7 अप्रैल को आनी है। परिवार के सदस्य शादी कार्यक्रम में व्यस्त थे, इसके अलावा बीते मंगलवार की सायं जब शानू की पत्नी अपने कार्य से बाजार गईं थी, तभी तीन साल की मासूम बच्ची अचानक घर से लापता हो गई। बाजार से लौटी बच्ची की मां को जब मासूम नजर नहीं आई तो अन्य परिजनों से जानकारी की गई लेकिन किसी को बच्ची को कोई खबर नहीं थी। बच्ची के लापता होने से परिजनों ने आसपास के ग्रामीणों से भी पूँछ ताँछ की लेकिन कोई पता नहीं चल सका। अनहोनी की आशंका पर परिजनों द्वारा मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को भी दी गई। बुधवार की सुबह जब गांव के ग्रामीण नित्यक्रिया हेतु खेतों की ओर निकले तो उनको किसा बच्चे के रोने कि सुगबुगाहट लगी। निकट जाकर जब ग्रामीणों ने देखा तो एक बंद बोरे से आवाज आती सुनाई दी। डरे सहमे ग्रामीणों ने जब निकट जाकर देखा और बोरे को खोला तो दंग रह गए, ग्रामीणों को उसमें मौजूद मासूम बच्ची मिली। यह वही मासूम थी जिसकी तलाश एक दिन पूर्व से गांव में लापता होने के बाद से की जा रही थी।बच्ची की हालत मरणासन्न स्थित में थी। घटनाक्रम को खबर गांव पहुंची तो बड़ी संख्या में अन्य ग्रामीणों के अलावा बच्ची के परिजन भी मौके पर पहुंचे। जानकारी पर स्थानीय पुलिस बल भी इस दौरान मौके पर पहुंच गया। पिता ने जैसे ही अपनी बच्ची को देखा तो चिपटकर गले लगा लिया वहीं मासूम भी पिता के गले से लगकर सिमट गई। इस दौरान बच्ची की हालत ठीक नहीं थी, उसके सर और चेहरे पर चोट के निशान साफ नजर आ रहे थे। बेसुध हालत में मिली बच्ची की स्थित को देख पुलिस ने उसे उपचार/डाक्टरी परीक्षण हेतु परिजनों के साथ हॉस्पिटल भेज दिया। मामले की जांच पड़ताल में जुटी पुलिस की माने तो पूरे मामले को गंभीरता से लेकर जांच पड़ताल की जा रही है। इस पर गुरसहायगंज कोतवाली प्रभारी अजय अवस्थी ने बताया कि, फिलहाल अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना मुझपुरवा चौकी प्रभारी विनोद कुमार कश्यप को सौंपी गई है। मामले कि जांच पड़ताल में सीसीटीवी कैमरों की तलाश सी भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। कथित तौर पर पता चला है कि, सीसीटीवी में एक युवक बच्ची को ले जाते हुए नजर आ रहा है। फिलहाल अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है। गांव में घटित घटना से परिजनों और ग्रामीणों में हड़कंप का माहौल साफ नजर आ रहा था। पूरे मामले में अपहरण या रंजिश या फिर किसी अनहोनी घटना को अंजाम दिया जाना क्या है घटना का सच, अभी सवालिया निशान बन हुआ है। पुलिस की जांच पड़ताल और स्पष्टीकरण के बाद ही घटनाक्रम की तस्वीर साफ हो सकेगी।1
- Post by SANJEEV GUPTA MANBADHIKAR3
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- ईरान को इंटेलिजेंस इनपुट मिला था, तेल अवीव के एक अपार्टमेंट में इंटेलिजेंस के कई बड़े अफसर मौजूद है। जिसके बाद ईरान ने अपने ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए, निशाना बिल्कुल सटीक लगाया। टारगेट हिट।1
- उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद के बीघापुर तहसील से एक आस्था से जोड़ने वाली तस्वीर सामने आई है जहां पर बक्सर में स्थित मां चंद्रिका देवी मंदिर के घाट पर रितु फाउंडेशन के संस्थापक अनुराग त्रिवेदी के द्वारा पूर्णिमा के अवसर पर तीसरी बार बनारस के तर्ज पर मां गंगा की भव्य आरती का आयोजन किया गया जिसमें भक्तों का जन सैलाब देखने को मिला है, वही पूर्णिमा के अवसर पर तीसरी बार बनारस के तक पर हो रही भाव बीमा गंगा की आरती में मुख्य अतिथि के रूप में विजय प्रताप प्रांत संगठन मंत्री विश्व हिंदू परिषद भी शामिल हुए और मंच से जनता यानी भक्तों संबोधित किया, जिसके बाद मां गंगा की भव्य आरती की गई, इसके बाद मां चंडिका देवी मंदिर के घाट पर भक्ति में माहौल बन गया वही ऋत फाउंडेशन के संस्थापक और भगवंत नगर विधानसभा से बीजेपी प्रत्याशी की दावेदारी कर रहे अनुराग त्रिवेदी ने जानकारी देते हुए क्या कुछ बताया है आपको सीधा सुनते हैं साथ में उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संदेश है हर एक युवा के लिए की युवा हिंदू समाज को संगठित करने के लिए आगे आए और आस्था को विकास से जोड़ते हुए नया मार्ग प्रदर्शित करें।2
- कन्नौज। तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने थ्री व्हीलर टेंपो में मारी टक्कर। टेंपो में चालक समेत आधा दर्जन से सवारियां घायल। स्थानीय लोगो ने रेस्क्यू कर सभी घायलों निकाला बाहर। पुलिस को दी सूचना घायलों को एम्बुलेंस की मदद भेजा अस्पताल। सिकंदरपुर चौकी क्षेत्र आशा पब्लिक स्कूल के सामने नेशनल हाइवे की घटना। घटना छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के आशा पब्लिक स्कूल के सामने नेशनल हाईवे की है जहां पर तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टेंपो में टक्कर मार कर दी और अज्ञात वाहन फरार हो गया टेंपो में सवार आधा दर्जन से ज्यादा सवारियां घायल हो गई जिसमें महिलाएं और पुरुष शामिल है टेंपो चालक संदीप मिश्रा भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू कर सभी सवारियों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को छिबरामऊ सौ सैया अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका उपचार किया जा रहा है तेज रफ्तार अज्ञात वाहन टक्कर मार कर फरार जिसकी पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।2