सोनभद्र के दुद्धी में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता कुलभूषण पांडे ने रविवार को अपने मल्देवा स्थित आवास पर पौधारोपण किया। इस अवसर पर उनके साथ उनकी पत्नी माधुरी पांडे, जो कंपोजिट विद्यालय दुद्धी की प्रधानाध्यापिका हैं, और पूर्व जिला मंत्री के भतीजे व अधिवक्ता दिलीप पांडे भी मौजूद रहे। इन सभी ने मिलकर संयुक्त रूप से विभिन्न किस्म के पौधे रोपे। इस आयोजन के दौरान उनके परिवार के सदस्य और स्थानीय गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे। इस पहल के बारे में बताते हुए कुलभूषण पांडे ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्थानीय स्तर पर किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी बड़ा प्रभाव डालते हैं और पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए वृक्षारोपण करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। इसी कड़ी में माधुरी पांडे ने स्कूल की ओर से विद्यार्थियों को पेड़-पौधे लगाने व उनकी रक्षा करने के लिए प्रेरित करने की बात कही, जबकि दिलीप पांडे ने भी आम जनता से सामाजिक स्तर पर इस वृक्षारोपण मुहिम में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने का आह्वान किया।
सोनभद्र के दुद्धी में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता कुलभूषण पांडे ने रविवार को अपने मल्देवा स्थित आवास पर पौधारोपण किया। इस अवसर पर उनके साथ उनकी पत्नी माधुरी पांडे, जो कंपोजिट विद्यालय दुद्धी की प्रधानाध्यापिका हैं, और पूर्व जिला मंत्री के भतीजे व अधिवक्ता दिलीप पांडे भी मौजूद रहे। इन सभी ने मिलकर संयुक्त रूप से विभिन्न
किस्म के पौधे रोपे। इस आयोजन के दौरान उनके परिवार के सदस्य और स्थानीय गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे। इस पहल के बारे में बताते हुए कुलभूषण पांडे ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्थानीय स्तर पर किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी बड़ा प्रभाव डालते हैं
और पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए वृक्षारोपण करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। इसी कड़ी में माधुरी पांडे ने स्कूल की ओर से विद्यार्थियों को पेड़-पौधे लगाने व उनकी रक्षा करने के लिए प्रेरित करने की बात कही, जबकि दिलीप पांडे ने भी आम जनता से सामाजिक स्तर पर इस वृक्षारोपण मुहिम में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने का आह्वान किया।
- सोनभद्र के चोपन थाना क्षेत्र स्थित मारकुण्डी घाटी में एक गहरी खाई से एक महिला और एक पुरुष के सड़े-गले शव मिलने से हड़कंप मच गया है। इन दोनों की शिनाख्त रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के बिच्छी गांव निवासी राहुल यादव और चंदा यादव के रूप में की गई है, जो पिछले चार दिनों से लापता चल रहे थे। घटनास्थल से एक बाइक भी बरामद की गई है। पुलिस ने काफी मशक्कत करने के बाद दोनों शवों को खाई से बाहर निकाला और कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है, जबकि इस घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।1
- Post by Pappu singh1
- सोनभद्र जिले के चोपन थाना क्षेत्र के अंतर्गत मारकुंडी खाई में एक पति-पत्नी के शव और उनकी मोटरसाइकिल बरामद हुई है। इस घटना के संबंध में सोनभद्र के अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) श्री अनिल कुमार ने बयान जारी कर जानकारी साझा की है।3
- भारत में नौकरी का झांसा देकर मजदूरों को बंधक बनाने, मजदूरी न देने और उनके क्रूर शोषण के कई गंभीर मामले सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित मांडी गांव की एक पेपर प्लेट फैक्ट्री से 12 मजदूरों को मुक्त कराया गया है। इन मजदूरों को अच्छी सैलरी का लालच देकर बुलाया गया था, जिसके बाद इनके पहचान पत्र और मोबाइल छीनकर इन्हें बंधक बना लिया गया। इन्हें भूखा रखा जाता था और बेरहमी से पीटा जाता था। इसी तरह, तेलंगाना के विभिन्न ईंट भट्टों, विशेष रूप से सिद्हौर पर छापेमारी कर ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के करीब 1,000 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया गया है, जिन्हें डरा-धमकाकर और कर्ज के जाल में फंसाकर अमानवीय परिस्थितियों में काम कराया जा रहा था। इसके अलावा पंजाब के कपूरथला में बिहार के मजदूरों को आलू के खेतों में काम करने के लिए बंधक बनाकर रखा गया था, जहां पुलिस और गैर-सरकारी संगठनों (NGO) की मदद से महिलाओं और बच्चों समेत 30 लोगों को छुड़ाया गया। कर्नाटक के मैसूर और बागलकोट में भी ईंट भट्टों पर छापेमारी के दौरान बंधुआ मजदूरी करवा रहे मालिकों को गिरफ्तार कर कई मजदूरों को आजाद कराया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश के आगरा में एक किसान द्वारा एक व्यक्ति को 8 महीने तक अपने घर में बंधक बनाकर कृषि कार्य कराने और प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। कंपनी में बीना मलिक के बारे में जानकारी और मजदूर का सुपरवाइजर, मुंशी व मैनेजर द्वारा किए जाने वाले शोषण को वीडियो के माध्यम से देखा जा सकता है।1
- झारखंड के गढ़वा में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुधीर चंद्रवंशी ने अपनी 10 डिसमिल जमीन दान कर दी है।1
- सोनभद्र के ग्राम जुगैल में रविवार, 12 जुलाई 2026 को पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से एक भव्य पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री संजय कुमार गोंड और जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने स्वयं पौधारोपण किया। दोनों ने जनपदवासियों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनका उचित संरक्षण करने का संदेश दिया। इस अवसर पर मंत्री संजय कुमार गोंड ने कहा कि पौधारोपण केवल एक अभियान नहीं है, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। उन्होंने सभी नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने और प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का आह्वान किया। वहीं, जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने हरियाली बढ़ाने के लिए जनसहभागिता को सबसे महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि लगाए गए पौधों का संरक्षण सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है, ताकि जनपद को अधिक हरित और प्रदूषणमुक्त बनाया जा सके। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों एवं ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक पौधारोपण किया। इस दौरान सभी ने पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का दृढ़ संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम में भारी उत्साह का माहौल रहा और बड़ी संख्या में लोगों ने इसमें अपनी भागीदारी दर्ज कराई।1
- सोनभद्र के चोपन थाना क्षेत्र स्थित मारकुंडी घाटी में रविवार सुबह एक नवविवाहित दंपती के सड़े-गले शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतकों की पहचान रॉबर्ट्सगंज के बिच्छी निवासी राहुल यादव (30 वर्ष) और उनकी पत्नी इंद्रावती उर्फ चंदा (24 वर्ष) के रूप में हुई है, जिनकी शादी इसी वर्ष मई के महीने में हुई थी। शवों की गंभीर स्थिति को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनों की मौत करीब 4 से 5 दिन पहले ही हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि राहुल अपनी पत्नी इंद्रावती को उसके मायके सलखन ले जा रहा था, जिसके बाद से दोनों लापता थे। रविवार सुबह स्थानीय लोगों ने मारकुंडी घाटी की गहरी खाई में दोनों शवों को देखा, जिसके बाद गुरमा पुलिस चौकी को सूचित किया गया। गुरमा चौकी प्रभारी श्रीप्रकाश ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर खाई से शवों को बाहर निकाला। अत्यधिक सड़ चुके शवों की पहचान घटनास्थल के पास मिली एक मोटरसाइकिल से की गई। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस इस मामले में सड़क दुर्घटना, आत्महत्या और अन्य सभी संभावित कोणों से जांच कर रही है। मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। इस दर्दनाक घटना की खबर मिलते ही मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों में कोहराम मच गया है और दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है।2