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👉 महुआडाबर से रणधीर सिंह के साथ जुड़े दर्जनों युवा | Jharkhand News | Santhal Pargana 👉 महुआडाबर से रणधीर सिंह के साथ जुड़े दर्जनों युवा | Jharkhand News | Santhal Pargana
गोस्वामी जी
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- 👉 महुआडाबर से रणधीर सिंह के साथ जुड़े दर्जनों युवा | Jharkhand News | Santhal Pargana 👉 महुआडाबर से रणधीर सिंह के साथ जुड़े दर्जनों युवा | Jharkhand News | Santhal Pargana1
- मसलिया थाना क्षेत्र के हारोरायडीह कामार टोला में घर के सामने खड़ी बाइक को अज्ञात असामाजिक तत्वो ने लगाई आग मसलिया थाना क्षेत्र के हारोरायडीह कामार टोला में अज्ञात असामाजिक तत्वों ने सरिता टुडू के घर के बाहर खड़ी संजय कुमार मंडल की हीरो सुपर स्प्लेंडर बाइक में आग लगा दी। दरवाजे की कुंडी बाहर से बंद कर दी गई थी। आग से बाइक पूरी तरह जल गई। भुक्तभोगी ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस छानबीन में जुटी है।1
- मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर कांग्रेस का धरना जामताड़ा न्यूज, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जामताड़ा में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। जामताड़ा के गांधी चौक स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से एकदिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष दीपिका बैसरा ने की। धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। कार्यक्रम में जामताड़ा विधायक सह झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी भी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने भी कार्यकर्ताओं के साथ नारेबाजी करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े किए और भाजपा पर भी निशाना साधा। धरना स्थल पर काफी देर तक जिंदाबाद-मुर्दाबाद के नारों के बीच सियासी माहौल गर्म रहा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर अपना विरोध जारी रखेंगे।1
- 26 से ज्यादा कच्चे मकान बारिश में क्षतिग्रस्त, अबुआ आवास से वंचित गरीब परिवारों की बढ़ी मुश्किलें जामताड़ा: जिले में 23 से 26 सितंबर तक हुई मूसलाधार बारिश ने गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले के अलग-अलग इलाकों में 26 से अधिक कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। कहीं पूरा मकान ढह गया, तो कहीं दीवार, आंगन और गुहाल गिर गए। ऐसे में कई परिवार दूसरे के घरों में शरण लेने को मजबूर हैं, तो कुछ प्लास्टिक तानकर किसी तरह गुजर-बसर कर रहे हैं। इसी बीच नाला प्रखंड के बेनागड़िया गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां गरीब परिवार बारिश में जर्जर मकान के अंदर रहने को मजबूर है और घर की जमीन से पानी रिस रहा है। परिवार का दावा है कि ग्रामसभा से नाम भेजे जाने के बावजूद अब तक पीएम या अबुआ आवास का लाभ नहीं मिला। जामताड़ा में लगातार हुई बारिश ने गरीब परिवारों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। 23 से 26 सितंबर के बीच हुई मूसलाधार बारिश में जिलेभर में 26 से अधिक कच्चे मकान क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। कई मकान पूरी तरह ढह गए, जबकि कई घरों की दीवार, आंगन और गुहाल बारिश की भेंट चढ़ गए। मकान क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रभावित परिवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती रहने की है। कई परिवार दूसरे के घरों में शरण लिए हुए हैं, तो कुछ परिवार प्लास्टिक तानकर किसी तरह रात गुजार रहे हैं। घरों के क्षतिग्रस्त होने से अनाज, कपड़े और घरेलू सामान को सुरक्षित रखना भी मुश्किल हो गया है। इसी बीच नाला प्रखंड की पांजूनिया पंचायत के बेनागड़िया गांव से एक परिवार की तस्वीर सामने आई है, जहां बारिश के दौरान घर के अंदर ही जमीन से पानी रिस रहा है। विजय राउत का परिवार आज भी जर्जर मकान में रहने को मजबूर है। घर में पानी जमा होने के बाद परिवार के लोगों को खुद पानी निकालना पड़ता है। बताया गया कि परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। परिवार में तीन बेटियां हैं और स्थायी आमदनी का कोई मजबूत जरिया नहीं है। ऐसे में जर्जर मकान में रहना परिवार के लिए हर बारिश में खतरे और परेशानी का कारण बन जाता है। परिवार की ओर से अबुआ आवास योजना का लाभ नहीं मिलने की बात कही जा रही है। पांजूनिया पंचायत की मुखिया के मुताबिक, ग्रामसभा के माध्यम से परिवार का नाम प्रस्तावित कर प्रखंड कार्यालय भेजा गया था, लेकिन अबुआ आवास की सूची में नाम नहीं आया। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में परिवार का नाम होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर परिवार आवास योजना के लिए पात्र है, तो अब तक उसे पक्का मकान क्यों नहीं मिला? ग्रामसभा से प्रस्ताव भेजे जाने के बाद भी अबुआ आवास की सूची में नाम क्यों नहीं आया? बारिश में कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने के बाद अब प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को क्या राहत मिलती है, यह भी देखने वाली बात होगी। इधर, जामताड़ा के डीडीसी असीम किस्पोट्टा ने बताया कि बारिश के दौरान जिन लोगों के कच्चे मकान गिरे हैं, उनका सभी प्रखंडों में सर्वे कराया जा रहा है। संबंधित बीडीओ अपने-अपने क्षेत्र में ऐसी घटनाओं की जानकारी जुटा रहे हैं। डीडीसी के मुताबिक, सर्वे के बाद बीडीओ की ओर से ग्रामसभा से अनुमोदित प्रस्ताव जिला स्तर पर भेजा जाएगा। इसके बाद प्राथमिकता के आधार पर पात्र परिवारों को सरकारी आवास उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। अब उम्मीद यही है कि बारिश से प्रभावित और जर्जर मकानों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों की स्थिति का प्रशासन वास्तविक रूप से आकलन करे और पात्र परिवारों तक आवास योजना का लाभ पहुंचाया जाए।1
- सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत करमाटांड़ प्रखंड में विभिन्न स्थानों पर सेवा एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित1
- Post by Mohan falhari PM mishra1
- हमारे गाँव का यह पेड़ करीब 50 साल पुराना है। लेकिन हैरानी की बात ये है कि पिछले 2 साल से इसके तने से लगातार पानी निकल रहा है। 😮💧 गाँव के लोग आज भी इसे देखकर हैरान हैं… हमारे गाँव का यह पेड़ करीब 50 साल पुराना है। लेकिन हैरानी की बात ये है कि पिछले 2 साल से इसके तने से लगातार पानी निकल रहा है। 😮💧 गाँव के लोग आज भी इसे देखकर हैरान हैं… आखिर इस पेड़ से पानी निकलने की वजह क्या है? प्रकृति का अनोखा रहस्य… या इसके पीछे कोई और कारण?1
- 👉 महुआडाबर से रणधीर सिंह के साथ जुड़े दर्जनों युवा | Jharkhand News | Santhal Pargana 👉 महुआडाबर से रणधीर सिंह के साथ जुड़े दर्जनों युवा | Jharkhand News | Santhal Pargana1