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झारखंड के दुमका जिले की कुसुमघाटा पंचायत में सरकारी धनराशि की बड़े पैमाने पर बर्बादी का मामला सामने आया है, जहाँ एक जलमीनार पिछले तीन माह से शो-पीस बनकर रह गया है। यह जलमीनार, जो सार्वजनिक उपयोग के लिए स्थापित किया गया था, अब तक चालू नहीं हो सका है और बेकार खड़ा है, जिससे सरकारी धन का कोई सदुपयोग नहीं हो रहा है।
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झारखंड के दुमका जिले की कुसुमघाटा पंचायत में सरकारी धनराशि की बड़े पैमाने पर बर्बादी का मामला सामने आया है, जहाँ एक जलमीनार पिछले तीन माह से शो-पीस बनकर रह गया है। यह जलमीनार, जो सार्वजनिक उपयोग के लिए स्थापित किया गया था, अब तक चालू नहीं हो सका है और बेकार खड़ा है, जिससे सरकारी धन का कोई सदुपयोग नहीं हो रहा है।
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- जामताड़ा नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड संख्या-09 न्यू टाउन में शुक्रवार रात सड़क पर मिट्टी गिराए जाने को लेकर जमकर हंगामा हुआ। सड़क पर मिट्टी फैल जाने के कारण आवागमन बाधित हो गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने इसके विरोध में प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। घटना की सूचना मिलने पर नगर पंचायत और प्रशासन की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।1
- Post by Mehtab ansari1
- धनबाद के वासेपुर में, विधायक अरुण चटर्जी को धमकी दिए जाने के बाद गैंगस्टर प्रिंस खान के खिलाफ एक बड़ा एक्शन शुरू किया गया है। शनिवार को एसएसपी प्रभात कुमार के निर्देशानुसार, डीएसपी प्रकाश सोय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने प्रिंस खान के घर पर बुलडोजर कार्रवाई की शुरुआत कर दी है।1
- कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता, प्रदेश कोऑर्डिनेटर और देवघर जिला प्रभारी मोर्चा संगठन अवधेश कुमार प्रजापति ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का 'खोल पल पट्टी' करने की बात कही है।1
- मैथन क्षेत्र के वनमेढ़ा डॉक्टर्स कॉलोनी में शुक्रवार को 551 कलशों की एक भव्य शोभायात्रा के साथ सप्ताहव्यापी श्री श्री रुद्र चंडी महायज्ञ एवं शिव, मां दुर्गा और हनुमान जी की प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का शानदार आगाज हुआ। इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय माहौल में सराबोर कर दिया, जहाँ "हर-हर महादेव", "जय माता दी" और "जय श्रीराम" के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। महोत्सव के यजमान संतोष सिंह एवं सुदेश सिंह ने वैदिक परंपरा के अनुसार आचार्यों और पुरोहितों का चंदन-तिलक एवं पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद, पारंपरिक वेशभूषा में सजी 551 महिलाओं और युवतियों ने अपने सिर पर मंगल कलश धारण कर, नंगे पांव वनमेढ़ा से गोगना स्थित छठ घाट तक एक विशाल शोभायात्रा निकाली। श्रद्धालुओं की इस लंबी कतार और धार्मिक उल्लास ने पूरे मार्ग को आस्था और भक्ति से भर दिया। गोगना छठ घाट पर विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना कर कलशों में पवित्र जल भरवाया, जिसके बाद श्रद्धालु यज्ञ स्थल पर लौटे और वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार कलश स्थापना की गई। इस पूरे आयोजन में श्रद्धा, अनुशासन और धार्मिक उत्साह का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। आयोजन समिति के अनुसार, यह महोत्सव 3 जुलाई से 10 जुलाई तक चलेगा। इन दिनों में प्रतिदिन श्री श्री रुद्र चंडी महायज्ञ, हवन-पूजन, धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, प्रवचन तथा शिव, मां दुर्गा एवं हनुमान जी की प्राण-प्रतिष्ठा से जुड़े विविध कार्यक्रम संपन्न होंगे। साथ ही, प्रतिदिन शाम 6 बजे से प्रख्यात प्रवचनकर्ता उत्तम कृष्ण शास्त्री के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा का भी विशेष आयोजन किया जाएगा। समिति ने बताया कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवास, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।2
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- दुमका जिले के मसलिया प्रखण्ड अंतर्गत दलाही स्थित नूनविल नदी का बराज इन दिनों स्थानीय युवाओं के लिए एक लोकप्रिय सेल्फी पॉइंट बन गया है, लेकिन यह शौक किसी भी समय एक बड़ी अनहोनी को न्योता दे सकता है। बलियाजोर बहु-ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत निर्मित इस बराज की फिसलन भरी दीवारों पर युवा अपनी जान जोखिम में डालकर खतरनाक सेल्फी लेते दिख रहे हैं। बराज का मनमोहक नजारा बड़ी संख्या में युवाओं को आकर्षित करता है, जो यहां पहुंचते हैं। हालांकि, बराज की मेड़ अत्यंत फिसलनदार है, जिस पर संतुलन बिगड़ने से सीधे गहरे पानी में गिरने का गंभीर खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, भले ही भीड़ समय बिताने और मछली पकड़ने के बहाने जुटती हो, लेकिन सेल्फी लेने की होड़ में सुरक्षा के सभी मानकों को ताक पर रख दिया जाता है। इस बराज की खतरनाक स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ महीने पहले ही यहां से एक अज्ञात शव बरामद हुआ था। बावजूद इसके, युवाओं की लापरवाही में कोई कमी नहीं आ रही है, और जानकारों का कहना है कि जरा सी भी चूक सीधे जान पर भारी पड़ सकती है। स्थानीय निवासियों और जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से इस स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। उनकी मांग है कि बराज क्षेत्र में चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और सुरक्षा बलों की गश्त बढ़ाई जाए, ताकि किसी बड़े हादसे को समय रहते टाला जा सके। युवाओं को भी यह समझना जरूरी है कि एक तस्वीर के लिए अपनी अनमोल जान दांव पर लगाना बुद्धिमानी नहीं है।1