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बिहार के बंशी प्रखण्ड कार्यालय द्वारा किसानों को वितरित किए गए मक्का के बीज से जुड़ी एक बड़ी समस्या सामने आई है। ग्राम बिथरा के किसान अभय पासवान द्वारा लगाए गए मक्का के खेत में जब फसल तैयार हुई तो उसमें एक भी दाना नहीं आया, जिससे किसान अत्यधिक परेशान हैं। इस मामले पर भाकपा के जिला सचिव कामरेड अरुण कुमार पासवान (अधिवक्ता) ने सरकार और कृषि विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी बीज किसानों को बर्बाद करने वाला साबित हुआ है। कामरेड पासवान ने सरकार और जिला प्रशासन से इन प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा देने की मांग की है।
Arun kumar
बिहार के बंशी प्रखण्ड कार्यालय द्वारा किसानों को वितरित किए गए मक्का के बीज से जुड़ी एक बड़ी समस्या सामने आई है। ग्राम बिथरा के किसान अभय पासवान द्वारा लगाए गए मक्का के खेत में जब फसल तैयार हुई तो उसमें एक भी दाना नहीं आया, जिससे किसान अत्यधिक परेशान हैं। इस मामले पर भाकपा के जिला सचिव कामरेड अरुण कुमार पासवान (अधिवक्ता) ने सरकार और कृषि विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी बीज किसानों को बर्बाद करने वाला साबित हुआ है। कामरेड पासवान ने सरकार और जिला प्रशासन से इन प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा देने की मांग की है।
More news from बिहार and nearby areas
- Post by Mantu Paswan1
- औरंगाबाद जिले के गोह प्रखंड मुख्यालय स्थित इफको बाजार में खाद की जमाखोरी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच प्रशासन और संबंधित विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया है कि प्रखंड में खरीफ फसल के लिए खाद की कोई कमी नहीं है, और पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है। इफको बाजार से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, गोदाम में मई 2026 के महीने में भी 5787 बैग खाद पूरी तरह सुरक्षित और उपलब्ध है, जो आगामी खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त माना गया है। किसानों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और दिग्भ्रमित न हों।1
- औरंगाबाद जिले के हसपुरा अंचल कार्यालय में एक जनता दरबार का आयोजन किया गया। यह जनता दरबार अंचलाधिकारी (सीओ) कौशल्या कुमारी की देखरेख में हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य जमीनी विवादों का निपटारा करना था। इस आयोजन के दौरान, कुल आधा दर्जन मामलों को सफलतापूर्वक निपटाया गया, जिससे कई लंबित जमीनी विवादों का समाधान हुआ।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को अपशब्द बोलते और धमकी देते हुए नजर आ रहा है। यह वीडियो बिहार की राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। लोकतंत्र में किसी भी नागरिक को विरोध प्रकट करने और सवाल उठाने का पूरा अधिकार है, लेकिन किसी को गाली-गलौज करना या धमकी देना किसी भी सूरत में सही नहीं ठहराया जा सकता। अब इस पूरे मामले में प्रशासन क्या कार्रवाई करता है, यह देखना बाकी है। इस वायरल वीडियो और घटनाक्रम पर लोगों की क्या राय है, यह भी एक अहम सवाल है।1
- पटना जिले के धनरूआ स्थित पंच शिव मंदिर में मूर्ति चोरी की एक कोशिश को ग्रामीणों की सतर्कता से नाकाम कर दिया गया। एक महिला मंदिर से संगमरमर की मूर्ति चुराकर झोले में रखकर ले जाने का प्रयास कर रही थी। ग्रामीणों को उस महिला की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उन्होंने उसे रोका और उसके झोले की तलाशी ली। तलाशी के दौरान झोले से मंदिर की बहुमूल्य मूर्ति बरामद हुई। इसके बाद, ग्रामीणों ने तुरंत महिला को पकड़कर धनरूआ थाना पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मूर्ति को सुरक्षित बरामद कर लिया है और आरोपी महिला से इस संबंध में पूछताछ की जा रही है।1
- भोजपुर जिला प्रशासन ने आज, 30 मई 2026 को जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया के निर्देश पर आरा सदर अंचल में सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए एक विशेष अभियान चलाया। यह कार्रवाई आरा सदर अंचल के अंचलाधिकारी के नेतृत्व में की गई। अभियान के दौरान पुलिस लाइन क्षेत्र, जगजीवन कॉलेज परिसर के आसपास और चांदवा मोड़ सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर किए गए अतिक्रमणों को चिन्हित कर हटाने की कार्रवाई की गई। इस दौरान नगर निगम की टीम, प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे। सार्वजनिक स्थलों पर हुए अस्थायी एवं स्थायी अतिक्रमण को जेसीबी मशीन की सहायता से हटाया गया, जिससे सड़क और सार्वजनिक भूमि अतिक्रमण मुक्त हुई। अंचलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थलों पर अतिक्रमण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि इस अभियान से आमजन के आवागमन में सुविधा सुनिश्चित होगी तथा सड़क जाम एवं दुर्घटनाओं की संभावना में कमी आएगी। प्रशासन द्वारा आगे भी अतिक्रमण उन्मूलन अभियान लगातार जारी रखा जाएगा।1
- मुख्यमंत्री के “हरे गमछे” और “जाति पूछकर एनकाउंटर” वाले बयान के बाद उपजे विवाद ने अब एक खतरनाक मोड़ ले लिया है। दानापुर से सामने आए एक वायरल वीडियो में एक टीटी द्वारा हरे गमछे पहने एक यात्री से कथित तौर पर उसकी जाति पूछकर पिटाई करने की घटना से पीरो समेत पूरे इलाके में राजनीतिक भूचाल आ गया है। शनिवार दोपहर लगभग 12 बजे यह जानकारी सामने आई कि सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में टीटी स्पष्ट रूप से यात्री से उसकी जाति पूछता है और फिर उसके साथ मारपीट करता दिखाई देता है। इस वीडियो के सामने आते ही लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और यह मुद्दा तुरंत राजनीतिक रंग ले गया। पीरो के हर चौक-चौराहे पर इस घटना को लेकर बहस छिड़ गई है, जहाँ स्थानीय लोग मुख्यमंत्री के बयान के बाद ऐसी घटनाओं को चिंताजनक और समाज में गलत संदेश देने वाला बता रहे हैं। विपक्षी दलों ने इसे लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है, आरोप लगाया है कि कानून-व्यवस्था की बड़ी बातें करने वाली सरकार के शासन में आम लोगों की सुरक्षा खतरे में है, और एक सरकारी कर्मचारी द्वारा खुलेआम जाति पूछकर पिटाई करना 'जंगलराज' से भी बदतर स्थिति है। वहीं, सत्तापक्ष के कुछ नेताओं ने पूरे सिस्टम को केवल एक वायरल वीडियो के आधार पर कटघरे में खड़ा करने को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि दोषी के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा रही है और सरकार कानून के अनुसार सख्त कदम उठाएगी। दूसरी ओर, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपी टीटी को तत्काल निलंबित कर कड़ी सजा देने की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी कर्मचारी ऐसी हिम्मत न कर सके। सूत्रों के अनुसार, रेलवे विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और संबंधित कर्मी पर कार्रवाई जारी है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने “हरे गमछे” से जुड़े विवाद को और अधिक भड़का दिया है। फिलहाल, पीरो और आसपास के इलाकों में इस मुद्दे को लेकर सियासी पारा अपने चरम पर है, और नए बयानों तथा आरोप-प्रत्यारोपों के बीच यह मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीति और भी गरमाने की संभावना है।1