मुख्यमंत्री के “हरे गमछे” और “जाति पूछकर एनकाउंटर” वाले बयान के बाद उपजे विवाद ने अब एक खतरनाक मोड़ ले लिया है। दानापुर से सामने आए एक वायरल वीडियो में एक टीटी द्वारा हरे गमछे पहने एक यात्री से कथित तौर पर उसकी जाति पूछकर पिटाई करने की घटना से पीरो समेत पूरे इलाके में राजनीतिक भूचाल आ गया है। शनिवार दोपहर लगभग 12 बजे यह जानकारी सामने आई कि सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में टीटी स्पष्ट रूप से यात्री से उसकी जाति पूछता है और फिर उसके साथ मारपीट करता दिखाई देता है। इस वीडियो के सामने आते ही लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और यह मुद्दा तुरंत राजनीतिक रंग ले गया। पीरो के हर चौक-चौराहे पर इस घटना को लेकर बहस छिड़ गई है, जहाँ स्थानीय लोग मुख्यमंत्री के बयान के बाद ऐसी घटनाओं को चिंताजनक और समाज में गलत संदेश देने वाला बता रहे हैं। विपक्षी दलों ने इसे लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है, आरोप लगाया है कि कानून-व्यवस्था की बड़ी बातें करने वाली सरकार के शासन में आम लोगों की सुरक्षा खतरे में है, और एक सरकारी कर्मचारी द्वारा खुलेआम जाति पूछकर पिटाई करना 'जंगलराज' से भी बदतर स्थिति है। वहीं, सत्तापक्ष के कुछ नेताओं ने पूरे सिस्टम को केवल एक वायरल वीडियो के आधार पर कटघरे में खड़ा करने को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि दोषी के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा रही है और सरकार कानून के अनुसार सख्त कदम उठाएगी। दूसरी ओर, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपी टीटी को तत्काल निलंबित कर कड़ी सजा देने की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी कर्मचारी ऐसी हिम्मत न कर सके। सूत्रों के अनुसार, रेलवे विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और संबंधित कर्मी पर कार्रवाई जारी है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने “हरे गमछे” से जुड़े विवाद को और अधिक भड़का दिया है। फिलहाल, पीरो और आसपास के इलाकों में इस मुद्दे को लेकर सियासी पारा अपने चरम पर है, और नए बयानों तथा आरोप-प्रत्यारोपों के बीच यह मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीति और भी गरमाने की संभावना है।
मुख्यमंत्री के “हरे गमछे” और “जाति पूछकर एनकाउंटर” वाले बयान के बाद उपजे विवाद ने अब एक खतरनाक मोड़ ले लिया है। दानापुर से सामने आए एक वायरल वीडियो में एक टीटी द्वारा हरे गमछे पहने एक यात्री से कथित तौर पर उसकी जाति पूछकर पिटाई करने की घटना से पीरो समेत पूरे इलाके में राजनीतिक भूचाल आ गया है। शनिवार दोपहर लगभग 12 बजे यह जानकारी सामने आई कि सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में टीटी स्पष्ट रूप से यात्री से उसकी जाति पूछता है और फिर उसके साथ मारपीट करता दिखाई देता है। इस वीडियो के सामने आते ही लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और यह मुद्दा तुरंत राजनीतिक रंग ले गया। पीरो के हर चौक-चौराहे पर इस घटना को लेकर बहस छिड़ गई है, जहाँ स्थानीय लोग मुख्यमंत्री के बयान के बाद ऐसी घटनाओं को चिंताजनक और समाज में गलत संदेश देने वाला बता रहे हैं। विपक्षी दलों ने इसे लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है, आरोप लगाया है कि कानून-व्यवस्था की बड़ी बातें करने वाली सरकार के शासन में आम लोगों की सुरक्षा खतरे में है, और एक सरकारी कर्मचारी द्वारा खुलेआम जाति पूछकर पिटाई करना 'जंगलराज' से भी बदतर स्थिति है। वहीं, सत्तापक्ष के कुछ नेताओं ने पूरे सिस्टम को केवल एक वायरल वीडियो के आधार पर कटघरे में खड़ा करने को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि दोषी के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा रही है और सरकार कानून के अनुसार सख्त कदम उठाएगी। दूसरी ओर, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपी टीटी को तत्काल निलंबित कर कड़ी सजा देने की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी कर्मचारी ऐसी हिम्मत न कर सके। सूत्रों के अनुसार, रेलवे विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और संबंधित कर्मी पर कार्रवाई जारी है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने “हरे गमछे” से जुड़े विवाद को और अधिक भड़का दिया है। फिलहाल, पीरो और आसपास के इलाकों में इस मुद्दे को लेकर सियासी पारा अपने चरम पर है, और नए बयानों तथा आरोप-प्रत्यारोपों के बीच यह मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीति और भी गरमाने की संभावना है।
- भोजपुर जिला प्रशासन ने आज, 30 मई 2026 को जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया के निर्देश पर आरा सदर अंचल में सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए एक विशेष अभियान चलाया। यह कार्रवाई आरा सदर अंचल के अंचलाधिकारी के नेतृत्व में की गई। अभियान के दौरान पुलिस लाइन क्षेत्र, जगजीवन कॉलेज परिसर के आसपास और चांदवा मोड़ सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर किए गए अतिक्रमणों को चिन्हित कर हटाने की कार्रवाई की गई। इस दौरान नगर निगम की टीम, प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे। सार्वजनिक स्थलों पर हुए अस्थायी एवं स्थायी अतिक्रमण को जेसीबी मशीन की सहायता से हटाया गया, जिससे सड़क और सार्वजनिक भूमि अतिक्रमण मुक्त हुई। अंचलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थलों पर अतिक्रमण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि इस अभियान से आमजन के आवागमन में सुविधा सुनिश्चित होगी तथा सड़क जाम एवं दुर्घटनाओं की संभावना में कमी आएगी। प्रशासन द्वारा आगे भी अतिक्रमण उन्मूलन अभियान लगातार जारी रखा जाएगा।1
- भोजपुर के आरा शहर स्थित धोबी घाट मोड़ पर द नोबेल रेस्टोरेंट एवं मिर्च मसाला रेस्टोरेंट इन दिनों अपने स्वादिष्ट व्यंजनों और शानदार सेवाओं को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। यह रेस्टोरेंट शादी-विवाह, बर्थडे पार्टी, फैमिली गेट-टुगेदर और कॉर्पोरेट मीटिंग सहित हर प्रकार के समारोहों के आयोजन के लिए एक खास ठिकाना बन चुका है। यहां ग्राहकों को एस्थेटिक फ्लेवर, ताजगी से भरपूर स्वाद और मेन्यू के अनुसार विभिन्न प्रकार के व्यंजन उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे यह परिवार और दोस्तों के साथ बेहतरीन समय बिताने तथा यादगार पल बनाने का एक आदर्श स्थान है। रेस्टोरेंट के मैनेजर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि ग्राहकों की पसंद और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाता है। वहीं, यहां आए ग्राहकों ने भी रेस्टोरेंट के स्वाद, सेवा और माहौल की जमकर सराहना की है। जनता की आवाज आरा न्यूज़ के पंकज सिंह की रिपोर्ट के अनुसार, यदि आप भी आरा में बेहतरीन स्वाद का आनंद लेना चाहते हैं, तो एक बार द नोबेल रेस्टोरेंट एवं मिर्च मसाला रेस्टोरेंट अवश्य पधारें। ऑर्डर बुक करने या विशेष जानकारी प्राप्त करने के लिए 70703 75441 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- गेमिंग के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी भोजपुर साइबर क्राइम डिपार्टमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने के लिए साइबर डीएसपी द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की गई थी।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में बिहार सरकार पर 'स्वर्ण गुंडे' पसंद करने का आरोप लगाया गया है। पोस्ट के अनुसार, जो व्यक्ति लालू को बदनाम करने में लगा है, वह असल में लालू का ही काम कर रहा है।1
- बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री और रोहतास जिले के प्रभारी मंत्री अशोक चौधरी ने हाल ही में सासाराम का दौरा किया, जहाँ उन्होंने जिलास्तरीय बीस सूत्री कार्यान्वयन समिति की बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा की और मीडिया से बातचीत करते हुए भ्रष्टाचार तथा स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई कड़े बयान दिए। भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर जोर देते हुए मंत्री चौधरी ने कहा कि रोहतास में लगातार विभिन्न विभागों के भ्रष्ट अधिकारियों पर हो रही कार्रवाई सराहनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घूस लेते रंगे हाथों पकड़े गए अधिकारियों से यह सिर्फ शुरुआत है और जनता की कमाई लूटने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, क्योंकि सरकार साफ-सुथरी व्यवस्था देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में, सासाराम सदर अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही और ड्यूटी से गायब रहने के मामले पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने रोहतास के सिविल सर्जन को अल्टीमेटम दिया। मंत्री ने चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले डॉक्टरों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मंत्री अशोक चौधरी ने पटना में राबड़ी आवास खाली करने के नोटिस पर चल रही बयानबाजी पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने साफ कहा कि राबड़ी आवास कोई निजी संपत्ति नहीं बल्कि सरकारी आवास है, जो लोकतंत्र में सत्ता बदलने पर नियमानुसार खाली करना पड़ता है। किसानों के लिए खुशखबरी देते हुए उन्होंने बताया कि आगामी सीजन के लिए खाद की किल्लत से निपटने के लिए बिहार सरकार पूरी तरह तैयार है और पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने हेतु रोडमैप तैयार कर लिया गया है, ताकि किसानों को कोई समस्या न हो।3
- औरंगाबाद जिले के हसपुरा अंचल कार्यालय में एक जनता दरबार का आयोजन किया गया। यह जनता दरबार अंचलाधिकारी (सीओ) कौशल्या कुमारी की देखरेख में हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य जमीनी विवादों का निपटारा करना था। इस आयोजन के दौरान, कुल आधा दर्जन मामलों को सफलतापूर्वक निपटाया गया, जिससे कई लंबित जमीनी विवादों का समाधान हुआ।1
- शुक्रवार की अहले सुबह करीब 6 बजे पीरो और उसके आसपास के इलाकों में अचानक आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने पूरे क्षेत्र में भयंकर तबाही मचा दी। देखते ही देखते मौसम ने ऐसा रुख बदला कि आम लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। तेज हवा के साथ हुई इस बारिश के कारण कई जगहों पर पेड़ गिर गए, जिससे सड़कें बाधित हो गईं और आवागमन पूरी तरह ठप पड़ गया। आंधी की गति इतनी तेज़ थी कि गरीबों के कच्चे घर और झोपड़ियां बुरी तरह से प्रभावित हुईं; कई परिवारों के आशियाने उजड़ गए, जिससे वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए। गांवों में जगह-जगह से टीन-छप्पर उड़ने और दीवारें गिरने की खबरें भी सामने आई हैं। इसके अलावा, बिजली व्यवस्था भी इस आंधी-बारिश की चपेट में आ गई, जिससे कई इलाकों में बिजली के खंभे और तार टूट गए और घंटों तक आपूर्ति बाधित रही, लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत राहत और सहायता की मांग की है। वहीं, प्रशासनिक टीम ने हालात का जायजा लेना शुरू कर दिया है और नुकसान का आकलन कर रही है। फिलहाल, क्षेत्र के लोग डरे-सहमे हुए हैं और उन्हें मौसम के फिर से बिगड़ने की आशंका सता रही है।1
- मुख्यमंत्री के “हरे गमछे” और “जाति पूछकर एनकाउंटर” वाले बयान के बाद उपजे विवाद ने अब एक खतरनाक मोड़ ले लिया है। दानापुर से सामने आए एक वायरल वीडियो में एक टीटी द्वारा हरे गमछे पहने एक यात्री से कथित तौर पर उसकी जाति पूछकर पिटाई करने की घटना से पीरो समेत पूरे इलाके में राजनीतिक भूचाल आ गया है। शनिवार दोपहर लगभग 12 बजे यह जानकारी सामने आई कि सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में टीटी स्पष्ट रूप से यात्री से उसकी जाति पूछता है और फिर उसके साथ मारपीट करता दिखाई देता है। इस वीडियो के सामने आते ही लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और यह मुद्दा तुरंत राजनीतिक रंग ले गया। पीरो के हर चौक-चौराहे पर इस घटना को लेकर बहस छिड़ गई है, जहाँ स्थानीय लोग मुख्यमंत्री के बयान के बाद ऐसी घटनाओं को चिंताजनक और समाज में गलत संदेश देने वाला बता रहे हैं। विपक्षी दलों ने इसे लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है, आरोप लगाया है कि कानून-व्यवस्था की बड़ी बातें करने वाली सरकार के शासन में आम लोगों की सुरक्षा खतरे में है, और एक सरकारी कर्मचारी द्वारा खुलेआम जाति पूछकर पिटाई करना 'जंगलराज' से भी बदतर स्थिति है। वहीं, सत्तापक्ष के कुछ नेताओं ने पूरे सिस्टम को केवल एक वायरल वीडियो के आधार पर कटघरे में खड़ा करने को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि दोषी के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा रही है और सरकार कानून के अनुसार सख्त कदम उठाएगी। दूसरी ओर, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपी टीटी को तत्काल निलंबित कर कड़ी सजा देने की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी कर्मचारी ऐसी हिम्मत न कर सके। सूत्रों के अनुसार, रेलवे विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और संबंधित कर्मी पर कार्रवाई जारी है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने “हरे गमछे” से जुड़े विवाद को और अधिक भड़का दिया है। फिलहाल, पीरो और आसपास के इलाकों में इस मुद्दे को लेकर सियासी पारा अपने चरम पर है, और नए बयानों तथा आरोप-प्रत्यारोपों के बीच यह मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीति और भी गरमाने की संभावना है।1