शुक्रवार की अहले सुबह करीब 6 बजे पीरो और उसके आसपास के इलाकों में अचानक आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने पूरे क्षेत्र में भयंकर तबाही मचा दी। देखते ही देखते मौसम ने ऐसा रुख बदला कि आम लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। तेज हवा के साथ हुई इस बारिश के कारण कई जगहों पर पेड़ गिर गए, जिससे सड़कें बाधित हो गईं और आवागमन पूरी तरह ठप पड़ गया। आंधी की गति इतनी तेज़ थी कि गरीबों के कच्चे घर और झोपड़ियां बुरी तरह से प्रभावित हुईं; कई परिवारों के आशियाने उजड़ गए, जिससे वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए। गांवों में जगह-जगह से टीन-छप्पर उड़ने और दीवारें गिरने की खबरें भी सामने आई हैं। इसके अलावा, बिजली व्यवस्था भी इस आंधी-बारिश की चपेट में आ गई, जिससे कई इलाकों में बिजली के खंभे और तार टूट गए और घंटों तक आपूर्ति बाधित रही, लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत राहत और सहायता की मांग की है। वहीं, प्रशासनिक टीम ने हालात का जायजा लेना शुरू कर दिया है और नुकसान का आकलन कर रही है। फिलहाल, क्षेत्र के लोग डरे-सहमे हुए हैं और उन्हें मौसम के फिर से बिगड़ने की आशंका सता रही है।
शुक्रवार की अहले सुबह करीब 6 बजे पीरो और उसके आसपास के इलाकों में अचानक आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने पूरे क्षेत्र में भयंकर तबाही मचा दी। देखते ही देखते मौसम ने ऐसा रुख बदला कि आम लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। तेज हवा के साथ हुई इस बारिश के कारण कई जगहों पर पेड़ गिर गए, जिससे सड़कें बाधित हो गईं और आवागमन पूरी तरह ठप पड़ गया। आंधी की गति इतनी तेज़ थी कि गरीबों के कच्चे घर और झोपड़ियां बुरी तरह से प्रभावित हुईं; कई परिवारों के आशियाने उजड़ गए, जिससे वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए। गांवों में जगह-जगह से टीन-छप्पर उड़ने और दीवारें गिरने की खबरें भी सामने आई हैं। इसके अलावा, बिजली व्यवस्था भी इस आंधी-बारिश की चपेट में आ गई, जिससे कई इलाकों में बिजली के खंभे और तार टूट गए और घंटों तक आपूर्ति बाधित रही, लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत राहत और सहायता की मांग की है। वहीं, प्रशासनिक टीम ने हालात का जायजा लेना शुरू कर दिया है और नुकसान का आकलन कर रही है। फिलहाल, क्षेत्र के लोग डरे-सहमे हुए हैं और उन्हें मौसम के फिर से बिगड़ने की आशंका सता रही है।
- आरा नगर निगम की स्थायी सशक्त समिति के चुनाव में विपक्षी गुट के पार्षदों ने एकतरफा जीत दर्ज कर अपनी मजबूत उपस्थिति का एहसास कराया। चुनाव परिणाम घोषित होते ही विजयी पार्षदों और उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई, जिससे नगर निगम में विपक्षी गुट का दबदबा स्थापित हो गया।1
- गुरुवार को आरा नगर निगम की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहाँ जिला समाहरणालय सभागार में शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुए सशक्त स्थायी समिति के चुनाव में महापौर गुट को करारी हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में विपक्षी गुट ने सातों सीटों पर एकतरफा जीत दर्ज करते हुए महापौर खेमे का पूरी तरह सफाया कर दिया। चुनाव परिणाम सामने आते ही जहाँ विपक्षी गुट में जश्न का माहौल बन गया, वहीं महापौर समर्थक खेमे में मायूसी छा गई।1
- छात्र संगठन आइसा ने देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों, भर्ती घोटालों, TRE-4 अभ्यर्थियों पर हो रहे दमन और बेरोजगार छात्र-युवाओं के अपमान के खिलाफ एक व्यापक राज्यव्यापी हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय लिया है। यह महत्वपूर्ण फैसला आइसा की भोजपुर जिला कमेटी की बैठक एवं प्रेस वार्ता के दौरान लिया गया, जिसका आयोजन भाकपा माले जिला कार्यालय श्रीटोला में किया गया था। इस अभियान का प्राथमिक उद्देश्य TRE 4 बहाली को सुनिश्चित कराना है। इसके साथ ही, संगठन का लक्ष्य पेपर लीक की लगातार हो रही घटनाओं और बेरोजगार युवाओं के प्रति कथित अपमान का कड़ा विरोध दर्ज कराना है। आइसा इस अभियान के माध्यम से इन गंभीर मुद्दों पर जन समर्थन जुटाकर संबंधित अधिकारियों पर दबाव बनाने की योजना बना रहा है। अभियान के तहत, भोजपुर जिले से 10 जून तक 10 हजार हस्ताक्षर एकत्र किए जाएंगे। इन हस्ताक्षरों के साथ एक ज्ञापन तैयार कर राष्ट्रपति को भेजा जाएगा, जिसमें इन मांगों पर ध्यान देने की अपील की जाएगी। इस बैठक और प्रेस वार्ता में आइसा के बिहार राज्य सचिव दीपांकर कुमार भी उपस्थित रहे और उन्होंने इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर संगठन की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए संबोधित किया।1
- अरवल जिले के भीमकुंड पर्यटक स्थल पर SDERF टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने अपनी कार्रवाई के दौरान स्थल की गहराई से एक शव को बाहर निकाला है।1
- रोहतास जिले के बिक्रमगंज अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत सूर्यपुरा प्रखंड के राघवडिहरा गांव के रितेश कुमार सिंह ने गुरुवार, 28 मई 2026 को सुबह 11 बजे भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट का पद प्राप्त किया। यह गांव के लिए गर्व का क्षण है, क्योंकि रितेश कुमार सिंह राघवडिहरा गांव के पहले कमीशंड सैन्य अधिकारी बन गए हैं। रितेश, सेवानिवृत्त सूबेदार जनार्दन सिंह और गृहिणी पुष्पा देवी के छोटे पुत्र हैं। उनके पिता ने भारतीय सेना में लगभग 30 वर्षों तक सेवा की है और 1999 के कारगिल युद्ध में भी हिस्सा लिया था। पिता की देशभक्ति और अनुशासन से प्रेरित होकर रितेश ने बचपन से ही सैन्य अधिकारी बनने का सपना देखा था और 10वीं कक्षा से ही सैन्य सेवाओं की तैयारी शुरू कर दी थी। सफलता की यह राह आसान नहीं थी, क्योंकि रितेश को सैन्य अधिकारी बनने के लिए 10 से अधिक SSB इंटरव्यू देने पड़े थे। हर असफलता के बाद उन्होंने और अधिक मेहनत की, जिसका परिणाम यह हुआ कि जून 2025 में उनका चयन भारतीय नौसेना में हुआ और आखिरकार 28 मई 2026 को उन्होंने सब लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त कर अपना सपना पूरा किया। रितेश का शैक्षणिक प्रदर्शन भी सराहनीय रहा है। उन्होंने अपनी 12वीं की पढ़ाई आर्मी पब्लिक स्कूल, इलाहाबाद से और बीएससी इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पूरी की। 2022 की CAT परीक्षा में उन्होंने 90 परसेंटाइल अंक प्राप्त किए थे और उन्हें IIM अमृतसर तथा IIM गया में प्रवेश का अवसर भी मिला था, लेकिन परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े, इस विचार के साथ उन्होंने BHU से MBA करने का निर्णय लिया। उनके बड़े भाई विकास कुमार सिंह भी बीटेक इंजीनियर हैं और वर्तमान में इंफोसिस में टीम लीडर के पद पर कार्यरत हैं। रितेश की इस उपलब्धि से गांव और क्षेत्र के लोग अत्यधिक गर्व महसूस कर रहे हैं, और उनकी सफलता आज पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई है। कमीशन के बाद माता-पिता के साथ रितेश की तस्वीर और पिता को सलामी देते हुए उनका दृश्य सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। गांव और आसपास के लोगों ने रितेश कुमार सिंह और उनके परिवार को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।4
- Post by Mantu Paswan1
- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम के गलत उच्चारण को लेकर पीरो समेत पूरे क्षेत्र में राजनीतिक भूचाल आ गया है। शुक्रवार की शाम 6:00 बजे के करीब स्थानीय स्तर पर चौक-चौराहों से लेकर सोशल मीडिया तक इस मुद्दे पर जमकर चर्चा हो रही है। जानकारी के अनुसार, एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री महात्मा गांधी का नाम सही तरीके से नहीं बोल पाए, जिसके बाद यह मामला तेजी से राजनीतिक विवाद में बदल गया। इस घटना को लेकर विपक्षी दलों ने कड़ा हमला बोला है। विपक्षी नेताओं ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि जो खुद दूसरों को "नौवीं फेल" बताकर तंज कसते हैं, वही खुद महापुरुषों का नाम सही से नहीं ले पा रहे हैं। कुछ नेताओं ने यहां तक आरोप लगाया कि यह "महापुरुषों का अपमान" है और इससे उनकी योग्यता पर भी सवाल खड़े होते हैं। यह पहला मामला नहीं है जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान या उच्चारण को लेकर विवाद हुआ हो। इससे पहले भी उनके भाषण और अंग्रेजी उच्चारण को लेकर राजनीतिक और सोशल मीडिया पर चर्चा छिड़ चुकी है।1
- बिहार के भोजपुर जिले के बखोरापुर में 31 मई 2026 को राष्ट्रीय माँ काली सांस्कृतिक महोत्सव 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह महोत्सव दोपहर 12:30 बजे से शुरू होगा, जिसमें स्व. पद्मश्री गणितज्ञ डॉ. वशिष्ठ नारायण सिंह सहित कुल 13 महान विभूतियों की प्रतिमाओं का अनावरण किया जाएगा। इस दौरान एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा।1
- देश में एक तरफ गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठ रही है, वहीं दूसरी ओर गौवंश से संबंधित नियमों को उम्र के आधार पर बनाने की चर्चा चल रही है। इन सब के बीच, जनता यह सवाल उठा रही है कि गौ माता के नाम पर केवल राजनीति हो रही है या उनका सच में संरक्षण किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर यह भी प्रश्न पूछा जा रहा है कि गौ माता का असली रक्षक कौन है और उनका असली कातिल कौन। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि गाय माता के नाम पर अब बहुत राजनीति हो चुकी है और अब सच जानने का समय आ गया है।1